
Thursday, October 20, 2022


पुस्तक विक्रेताओं को हाईकोर्ट ने दी राहत, गैर अनुमोदित पुस्तकें नहीं रखने के आदेश पर रोक
Wednesday, October 19, 2022

सैनिक स्कूल की प्रवेश परीक्षा 15 जनवरी को, आवेदन की प्रक्रिया शुरू

स्कूलों में जमेगा गिल्ली-डंडा का रंग - उड़ेंगे कागज के विमान, खिलौने और खेलों को स्कूली शिक्षा का हिस्सा बनाने का फैसला

क्रेडिट स्कीम अब नए कलेवर के साथ स्कूलों में भी होगी शुरू

बीएड प्रवेश : दो राउंड की कॉउंसलिंग में भी नहीं भर पाईं आधी सीटें

बच्चों को भाषा-गणित में निपुण बनाने की मुहिम, बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य के 28 जिलों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से जनजागरूकता की शुरुआत की

एप 'सरल' लेकिन बेसिक शिक्षकों के लिए साबित हुआ बेहद कठिन, सर्वर ठप होने से अपलोड नहीं कर पाए OMR
Tuesday, October 18, 2022

एडेड जूनियर शिक्षक भर्ती को पूरी कराने की मांग को लेकर सातवें दिन भी धरने पर बैठे अभ्यर्थी

उत्तर प्रदेश : MBBS का पाठ्यक्रम हिंदी में तैयार करने के लिए बनी कमेटी
Monday, October 17, 2022

निजी स्कूलों में शिक्षकों को हटाने से पहले मंजूरी जरूरी, दिल्ली हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला
Sunday, October 16, 2022

Odisha News: ओडिशा में संविदा नियुक्ति खत्म, 57 हजार कर्मचारी होंगे नियमित, मुख्यमंत्री नवीन पटनायक का बड़ा ऐलान No Contract Appointment

28 दिसंबर और 24 फरवरी को खातों में जाएगी छात्रवृत्ति

शिक्षक अंग्रेजी में देंगे लेक्चर, विद्यार्थी मातृभाषा में सुन सकेंगे लाइव अनुवाद, ट्रायल जारी

NEP : स्कूलों में बचपन अब खिलखिलाएगा, खोएगा नहीं, जानिए क्यों?

2023 में होगी 2022 की उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा UPTET
Saturday, October 15, 2022

माध्यमिक शिक्षा में महानिदेशक की नियुक्ति का विरोध शुरु, विभाग के जिम्मेदार पदों पर अफसरों को स्थायी नियुक्ति की मांग

मुरादाबाद में गैर मान्यता प्राप्त मदरसे सबसे ज्यादा, दूसरे नंबर पर बिजनौर, तीसरे पर बस्ती, प्रदेश में अब तक कुल 6502 मदरसे चिह्नित
Friday, October 14, 2022

अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल भर्ती : साल भर से परीक्षा और परिणाम, फिर संशोधित परिणाम तक ही अटकी हुई

बीएड दूसरे चरण में च्वाइस फिलिंग का आखिरी मौका आज, 15 अक्टूबर को अभ्यर्थियों को सीट अलॉट होंगी
Thursday, October 13, 2022

नवीनीकरण के नाम पर रसोइयों को निकालने के खिलाफ प्रदर्शन, रसोइयों ने प्रदर्शन कर सीएम को भेजा ज्ञापन

चार महीने से प्रधानाचार्य के पद पर तैनाती का इंतजार कर रहे 382 शिक्षक
Wednesday, October 12, 2022

मान्यता प्रकरण को लेकर निलंबित DIOS अमरकांत की हाईकोर्ट के आदेश पर हुई बहाली, आदेश जारी

बीएड काउंसिलिंग : 20 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने अपलोड किए अभिलेख, दूसरे चरण की काउंसिलिंग में छात्र ले रहे अधिक रुचि
Tuesday, October 11, 2022

यूपी बोर्ड : 28 हजार स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक 1.11 करोड़ बच्चों ने लिया दाखिला

दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला : 5वीं और 8वीं में फेल हुआ स्टूडेंट तो अगली क्लास में नहीं होगा प्रमोट Delhi Government New Promotion Policy

नवोदय विद्यालय : कक्षा 9 में प्रवेश हेतु बढ़ी आवेदन तिथि
नवोदय विद्यालय : कक्षा 9 में प्रवेश हेतु बढ़ी आवेदन तिथि
🆕 Update
नवोदय विद्यालय में 2023-24 के लिए कक्षा 9 के एडमिशन की विज्ञप्ति हुई जारी।
नवाेदय में आवेदन : नवाेदय स्कूल की नवीं कक्षा में आवेदन की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर तक, देखें विज्ञप्ति
जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 9 में रिक्त पदों पर प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर है। परीक्षा को लेकर कक्षा आठ में पढ़ रहे विद्यार्थियों से आवेदन पत्र आमंत्रित किए जाते हैं।
आवेदन पत्र 2 सितंबर से ऑनलाइन www.navodaya.gov.in या www.nvsadmissionclassnine.in साइट पर भरे जा रहे हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 अक्टूबर 2022 है। परीक्षा 11 फरवरी 2023 को होगी।
परीक्षा में सम्मिलित होने वाले विद्यार्थी का जन्म 1 मई 2008 से 30 अप्रैल 2010 (दोनों दिन सम्मिलित) के बीच होना चाहिए।

भारी वर्षा की संभावना के दृष्टिगत उच्च शिक्षण संस्थानों पर भी लागू होगा जिलाधिकारी की छुट्टी का आदेश, देखें

पांच वर्ष से कम सेवा में भी हो सकता है तबादला, सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को आपसी सहमति से निर्णय का आदेश
Monday, October 10, 2022

जानिए निजी स्कूल के शिक्षकों को क्या क्या सुविधाएं पाने का है अधिकार?

बीएड काउंसिलिंग : 22684 विद्यार्थियों को सीटें अलॉट, आज से शुरू होगी दूसरे चरण की काउंसिलिंग

यूपी : प्राइमरी स्कूलों के बच्चों की लर्निंग को स्मार्ट बनाने का योगी सरकार का दावा, 18 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास तैयार करने का लक्ष्य पर हो रहा काम
यूपी : प्राइमरी स्कूलों के बच्चों की लर्निंग को स्मार्ट बनाने का योगी सरकार का दावा, 18 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास तैयार करने का लक्ष्य पर हो रहा काम
UP Latest News योगी सरकार उत्तर प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों के बच्चों में डिजिटल लर्निंग के लिए प्रेरित कर रही है। इसके तहत इस एकेडमिक ईयर के अंत तक 18 हजार से अधिक स्मार्ट क्लास तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
UP News: लखनऊ । उत्तर प्रदेश के बच्चों की लर्निंग को स्मार्ट बनाने के लिए सरकारी स्कूलों में उन्हें स्मार्ट क्लासेज (Smart Classes) के जरिए शिक्षा प्रदान की जा रही है। डिजिटल कंटेंट के जरिए इस एकेडमिक ईयर में प्रदेश के अंदर 18 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम्स बनाने का लक्ष्य रखा गया है। बच्चों के साथ ही, शिक्षकों को भी डिजिटल लर्निंग के लिए तैयार किया जा रहा है, ताकि वो ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी गुणवत्ता को बरकरार रखते हुए बच्चों की पढ़ाई के स्तर को निखार सकें।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बेसिक शिक्षा विभाग बच्चों को पढ़ाई की शुरुआत के साथ ही स्मार्ट क्लासेज जैसे ऑनलाइन साधनों से जोड़कर डिजिटल लर्निंग के लिए प्रेरित कर रहा है। इसके लिए निपुण भारत अभियान के तहत प्राइमरी और उच्च प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए दीक्षा एप समेत कई अन्य माध्यमों को तैयार किया गया है।
उपलब्ध कराया जा रहा वीडियो
क्लासरूम में डिजिटल लर्निंग के लिए प्रदेश में बीते 6 माह में काफी काम किया गया है। इस दौरान दीक्षा एप के माध्यम से टेक्स्ट बुक और टीचिंग मैनुअल उपलब्ध कराए गए हैं। सिर्फ 6 माह में ही इसके जरिए 6500 से ज्यादा वीडियो कंटेंट के जरिए बच्चों को क्लासरूम में पढ़ाया गया है। वहीं, दीक्षा एप को टीचर ट्रेनिंग टूल के लिए बड़े पैमाने पर स्वीकार कर लिया गया है। इसके तहत 100 प्रतिशत शिक्षकों को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा चुका है।
रीड एलॉन्ग एप भी किया गया शुरू
यही नहीं, बच्चों की रीडिंग स्किल को बेहतर बनाने के लिए रीड एलॉन्ग एप tएप भी शुरू किया गया है। इस एप से अब तक प्रदेश के 10 लाख से अधिक टीचर और पेरेंट जुड़ चुके हैं। इन एप के जरिए बच्चों की पढ़ाई के स्तर, उनकी लिखने-पढ़ने की क्षमता को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बेसिक शिक्षा विभाग ने इस एकेडमिक ईयर में 18 हजार से अधिक स्मार्ट क्लासरूम तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इस मुहिम पर तेजी से काम किया जा रहा है। साथ ही, सभी प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के लिए 2 टैबलेट प्रदान करने का भी कार्य तेजी से प्रगति पर है। निपुण भारत मिशन के तहत इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि बच्चों से पहले शिक्षक ऑनलाइन शिक्षा के प्रति जागरूक हों, ताकि वो बच्चों तक इस माध्यम के जरिए विभिन्न तरह की शैक्षिक गतिविधियों को पहुंचा सकें।
निपुण भारत मिशन का उद्देश्य शिक्षकों को मौजूदा दौर की तकनीक का उपयोग कर शैक्षिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए कई सत्रों में के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जा चुका है। प्रशिक्षण पा चुके शिक्षक अपने विद्यालयों में दीक्षा एप व अन्य डिजिटल माध्यमों से शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। यही नहीं, शिक्षक संकुल के नाम से पहचाने जाने वाले नोडल शिक्षक भी माह में एक बार बैठक करके शिक्षकों को शिक्षण के बेहतर तरीकों से अवगत करा रहे हैं। इसके अलावा शिक्षकों को दीक्षा कोर्स व व्यक्तिग तौर पर भी प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल लर्निंग के स्तर को आंकने के लिए इसकी तीन स्तरों पर निगरानी भी की जा रही है। पहली स्पॉट पर जाकर, दूसरी तिमाही समीक्षा के जरिए और तीसरी थर्ड पार्टी के जरिए। निपुण भारत मॉनीटरिंग सेंटर के जरिए छात्रों के सीखने की प्रक्रिया का स्तर देखा जाता है। इसकी शुरुआत दिसंबर 2021 में गोरखपुर से हुई थी। अब यह लगभग पूरे प्रदेश में शुरू हो चुकी है। इसके अलावा निपुण तालिका, निपुण सूची और निपुण लक्ष्य के जरिए भी प्रत्येक स्कूल की निगरानी हो रही है। इसके जरिए लक्ष्य रखा गया है कि कक्षा 3 तक के छात्र अनुच्छेद को 60 शब्द प्रति मिनट के प्रवाह से पढ़ सकें और 75 प्रतिशत तक प्रश्नों को सही हल कर सकें। 2025-26 तक 100 प्रतिशत छात्रों के निपुण लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास है।
Sunday, October 9, 2022

अगले साल जुलाई से शुरू होगा डिजिटल विश्वविद्यालय

250 करोड़ से संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय जल्द संवरेगा

बीएड काउंसिलिंग : पहले चरण में छूटे विद्यार्थी अब दूसरे में ले सकेंगे हिस्सा
Saturday, October 8, 2022

कार्य पुस्तिका का भी समय पर नहीं हो सका वितरण, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा तय तिथि बीती









