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Friday, September 29, 2017

चंदौली : बगैर मान्यता के चल रहे सभी विद्यालय होंगे बन्द, छात्र उपस्थिति एवं शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार पर टिका है शिक्षकों का भविष्य - बीएसए

जागरण संवाददाता, चंदौली : दैनिक जागरण के प्रश्न प्रहर कार्यक्रम में गुरुवार को जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भोलेंद्र प्रताप सिंह ने सवालों के जवाब दिए। उन्होंने एक छात्र को आइआइटी और बीटेक आदि की तैयारी के बारे में विधिवत जानकारी दी वहीं बेसिक शिक्षा में चल रहे सुधारों के बारे में अन्य प्रश्न कर्ताओं को बताया। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा के सुधार में जो कदम उठाए गए हैं वह अद्वितीय है। अब कोई शिक्षक यह कहकर नहीं बचेगा कि बच्चे विद्यालय नहीं आते हैं। यदि बच्चे विद्यालय नहीं आते हैं तो उस अध्यापक को प्रयास कर बच्चे को विद्यालय लाना होगा। क्योंकि अध्यापक का भविष्य भी अब छात्र उपस्थिति और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार पर टिका है। उन्होंने बगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों को पूरी तरह से बंद करने की बात कही वहीं जो शिक्षक विद्यालय नहीं जा रहे हैं उनकी जांच कर कठोर कार्रवाई के लिए कहा। बीएसए से लोगों ने सवाल किए और उन्होंने सवालों का कुछ इस तरह दिया जवाब।

सवाल : अरुण यादव, बसौली नौगढ़ निवासी ने कहा प्राइमरी विद्यालयों में अध्यापक कक्षाओं में ही इंटरनेट चलाते हैं। बगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों पर रोक लगेगी। शिक्षा का स्तर उठाने का क्या प्रयास हो रहा है। अभिभावक बच्चों को स्कूल नहीं भेजते, आपके स्तर से क्या कार्रवाई होगी। जवाब : उनके संज्ञान में ये बातें आईं हैं कि कुछ अध्यापक विद्यालय में नेट चलाते हैं। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ आदेश जारी किया गया है। ऐसे लोगों की सूचना देने के लिए लोगों से कहा गया। वहीं एनपीआरसी, बीआरसी, बीएसए, डीएम, सीडीओ आदि स्तर से बराबर जांच होती है और कार्रवाई भी हो रही है। कहा शिक्षकों का काम पठन पाठन का है और उन्हें शैक्षिक गुणवत्ता बनानी है। बगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों पर कार्रवाई हो रही है। मौजूदा समय में छात्रों की जो ड्रेस है वह किसी कानवेंट से कम नहीं है। शिक्षक भी पर्याप्त हैं, अब अभिभावकों का यह फर्ज बनता है कि उन्हें तैयार कर समय से विद्यालय भेजें। शिक्षकों का स्थानांतरण अब लाइन लाइन व्यवस्था से है, इसलिए इसमें गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है।

सवाल : अविनाश सिंह, दुर्गापुर सकलडीहा निवासी ने कहा वह 11वीं मैथ से कर रहा है, इंजीनियरिंग करना चाहता है। इसके लिए क्या करें। जवाब : 12वीं के बाद यूपीटीयू या आइआइटी की तैयारी करें। इसके लिए सेल्फ या कोचिंग ही माध्यम है। वैसे इंटर अपीयरिंग वर्ष में भी आवेदन कर सकते हैं। इसकी परीक्षा मात्र दो बार ही दे सकते हैं। इसलिए सोच समझकर तैयारी करें। भौतिकी, रसायन और गणित के ही प्रवेश परीक्षा में प्रश्न आते हैं।

सवाल : रमेश यादव, भदलपुर, चंदौली निवासी ने कहा तीन वर्षों से विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक हैं पर इसके बाद भी अभिभावक कानवेंट स्कूल में अपने बच्चों को भेजते हैं। जवाब : बेसिक शिक्षा में शिक्षा का स्तर बढ़ा है। तभी तो नामांकन बढ़ हैं। वहीं विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक भी हैं। ऐसे में अभिभावक पूरी तरह से हम पर भरोसा करके अपने बच्चों को स्कूल भेजें। उनके बच्चों को कानवेंट से भी अच्छी शिक्षा विद्यालय में दी जाएगी। कहा एमडीएम मेन्यू के अनुसार बंट रहा है। विद्यालयों की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। इसलिए अभिभावकों को बच्चों को भेजना चाहिए।

सवाल : राजू चौहान, सहदुल्लापुर चकिया निवासी कक्षा से आठ तक के चल रहे गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों का पर क्या कार्रवाई हुई है। जवाब : ब्लाक वार बगैर मान्यता के चल रहे विद्यालयों की सूची तैयार है। उन्हें नोटिस भेजी जा चुकी है। कुछ विद्यालय बंद भी करा दिए गए हैं। पर शासन का निर्देश है कि बगैर मान्यता के विद्यालय नहीं चलने चाहिए।

सवाल : सद्दाम खां इलिया निवासी परिषदीय विद्यालयों में शैक्षिक व्यवस्था बेहतर बनाने के क्या प्रयास हैं। जवाब : विद्यालयों में पर्याप्त अध्यापक हैं। आधुनिक कोर्स है। ट्रेंड शिक्षक बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वहीं सरकार ने छात्रों का शैक्षिक स्तर बढ़ाने का जो टारगेट दिया है, उससे तो सभी अध्यापक चाहेंगे कि उनकी भी तरक्की हो। जो अध्यापक पठन-पाठन पर ध्यान नहीं देगा उसकी तरक्की रुकेगी।

सवाल : एमके सिंह, चकिया निवासी ने कहा शहाबगंज के छित्तमपुर और अरजीकला में शिक्षक समय पर नहीं आते हैं। क्या कार्रवाई करेंगे। जवाब : इन शिक्षकों की दो दिन में जांच होगी और कठोर कार्रवाई की जाएगी। स्पष्ट किया जो विद्यालय में समय से नहीं पहुंचेगा और पठन-पाठन में रुचि नहीं लेगा उसके खिलाफ संबंधित बीईओ कार्रवाई करेंगे। उक्त दोनों गांवों का मामला वे स्वयं देखेंगे।

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