DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बाँदा बांदा बागपत बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर लख़नऊ वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़
Showing posts with label आजमगढ़. Show all posts
Showing posts with label आजमगढ़. Show all posts

Sunday, November 23, 2025

मदरसा शिक्षक को अनियमित वेतन - पेंशन देने के मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई, ज्वाइंट डायरेक्टर समेत चार का निलंबन

मदरसा शिक्षक को अनियमित वेतन - पेंशन देने के मामले में शासन की बड़ी कार्रवाई, ज्वाइंट डायरेक्टर समेत चार का निलंबन 

लखनऊ: आजमगढ़ के तत्कालीन मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा खान को विदेश में रहने के दौरान नियम विरुद्ध वेतन, पेंशन व अन्य देयों का भुगतान किए जाने के मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई की गई है। शासन ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक शेष नाथ पांडेय, आजमगढ़ के तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक अधिकारी साहित्य निकष सिंह, प्रभात कुमार व लालमन को निलंबित किया है। वर्तमान में साहित्य निकष सिंह गाजियाबाद, प्रभात कुमार अमेठी और लालमन बरेली में तैनात हैं।


मदरसा दारूल उलूम अहिले सुन्नत मदरसा अशरफिया मिस्बाहुल उजूम, आजमगढ़ के तत्कालीन शिक्षक शमशुल हुदा खान ने 19 दिसंबर, 2013 को स्वेच्छा से भारतीय नागरिकता का परित्याग कर ब्रिटिश नागरिकता ली थी। इसके बाद भी शमशुल मदरसा प्रबंधक प्रधानाचार्य व विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से 31 जुलाई, 2017 तक अनियमित रूप से वेतन लेता रहा। अनियिमत तरीके से उसके चिकित्सा अवकाश स्वीकृत किए गए। स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के बाद सेवानिवृत्ति लाभ जीपीएफ व पेंशन प्रदान कर दी गई। 

इस मामले की जांच संयुक्त निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण ने कराई थी। मामले में एडीएम प्रशासन आजमगढ़ ने 29 जनवरी, 2022 को खान को अनियमित वेतन के रूप में दिए गए 16.59 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश जारी किया था। इसके विरोध में शमशुल हुदा खान ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। हाई कोर्ट ने एडीएम प्रशासन आजमगढ़ के रिकवरी आदेश को निरस्त कर प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति बनाने तथा समिति की रिपोर्ट के आधार पर सक्षम अधिकारी द्वारा आदेश जारी किए जाने का आदेश दिया था।

हाई कोर्ट के आदेश पर तीन सदस्यीय समिति गठित की गई थी, जिसमें आजमगढ़ के अपर जिलाधिकारी व अपर पुलिस अधीक्षक और मंडलीय उप निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण शामिल थे। समिति ने शमशुल खान को दी गई अनियमित पेंशन व वेतन की धनराशि की रिकवरी किए जाने की संस्तुति की थी। साथ ही मामले में संलिप्त अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही तथा खान के मदरसा शिक्षक रहते हुए आस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका व खाड़ी देशों के अलावा दो-तीन बार पाकिस्तान की यात्रा किए जाने की जांच एजेंसी से पड़ताल कराए जाने की सिफारिश भी की गई थी। एटीएस की वाराणसी इकाई ने भी शमशुल की विदेश यात्राओं को लेकर जांच की थी।



मदरसा शिक्षकों की उपस्थिति की गहनता से होगी जांच, शासन ने दिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों को निर्देश


लखनऊ। प्रदेश में मदरसा शिक्षकों की उपस्थिति की गहनता से जांच होगी। अनुदानित मदरसों में प्रबंधन से हर माह उपस्थिति प्रमाणपत्र लेने के बाद ही शिक्षकों का वेतन जारी होगा। ब्रिटेन में जा बसे संदिग्ध मदरसा शिक्षक शमशुल हुदा का मामला सामने आने पर शासन ने चौकसी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

उत्तर प्रदेश में 561 मदरसे सरकार से अनुदानित हैं। इनमें कुल 231806 छात्र पंजीकृत हैं। अनुदानित मदरसों में कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों की कुल संख्या क्रमशः 9889 और 8367 है। हाल ही में एटीएस की जांच में मदरसा शिक्षक शमशुल के संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन सामने आए हैं।

वह 2007 से वह ब्रिटेन में रह रहा था और 19 दिसंबर 2013 को उसने ब्रिटिश नागरिकता हासिल कर ली। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने 2007 से 2017 तक बिना उसकी सेवा पुस्तिका की जांच किए प्रति वर्ष वेतन वृद्धि की गई। इतना ही नहीं 1 अगस्त 2017 से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान करते हुए पेंशन भी स्वीकृत कर दी गई।

एटीएस की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में कई अधिकारी फंस गए हैं। साथ ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ऐसी स्थिति दुबारा उत्पन्न न होने देने के लिए कड़े कदम उठा रहा है। एक-एक शिक्षक की हाजिरी सत्यापित होगी, उसके बाद ही भुगतान होगा।

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मदरसों का औचक मुआयना करके भी देखेंगे कि जिन शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है, वे नियमित मदरसों में आ भी रहे हैं या नहीं। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के एक अधिकारी ने नाम न छापने के अनुरोध के साथ बताया कि शिक्षकों की उपस्थिति चेक करने के नियम पहले से भी थे, अब इन निर्देशों पर कड़ाई से अमल करना है। ताकि, शमशुल जैसे मामले सामने नहीं आ सके।

Wednesday, June 23, 2021

परिषदीय स्कूल खुलने पर शिक्षकों को आवश्यकतानुसार विद्यालयों में बुलाया जा सकेगा

परिषदीय स्कूल खुलने पर शिक्षकों को आवश्यकतानुसार विद्यालयों में बुलाया जा सकेगा

शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मियों की उपस्थिति का निर्णय लेगा प्रबंधन


■  यह भी देखें: संबंधित आदेश पढ़ने के लिए क्लिक करें। 👇


आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े स्कूल पहली से आठवीं तक के परिषदीय विद्यालय एक जुलाई से खुल जाएंगे लेकिन छात्र-छात्रओं के लिए बंद रहेंगे। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों को आवश्यकतानुसार विद्यालय बुलाया जाएगा। दूसरे बोर्ड से जुड़े मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शिक्षकों एवं शिक्षणोत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए प्रबंधन निर्णय लेगा।


इसका मतलब यह कि छोटे बच्चों को स्कूल जाने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। 2702 परिषदीय विद्यालय हैं जिसमें प्राथमिक विद्यालय 1737, उच्च प्राथमिक विद्यालय 484 व कंपोजिट विद्यालय 481 हैं। इनमें पुराने छात्रों की संख्या 4,11,727 हैं। कोरोना की दूसरी लहर में मार्च से ही विद्यालयों को बंद किया गया है।

डेढ़ साल से ठप है पठन-पाठन:

कोरोना के चलते बच्चों की पढ़ाई पर डेढ़ साल से बंद है। आनलाइन शिक्षा के नाम पर बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि बच्चों को लाभ मिला है लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की सुविधा से अभिभावक परेशान हैं। ऐसे में छोटे बच्चे कितना लाभ ले पा रहे हैं, इसका सहज अनुमान लगाया जा सकता है।

सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रताप सिंह बघेल की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि स्कूल खोले जाने की अवधि में 100 फीसद बच्चों का विद्यालय में नामांकन कराना होगा। मिड-डे-मील की धनराशि को छात्र-छात्रओं, अभिभावकों के बैंक खाते में समय से भेजने की व्यवस्था करनी होगी। निश्शुल्क किताबों का वितरण, मिशन प्रेरणा के कार्यों में सहयोग एवं जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के कार्यो में सहयोग करना होगा।

परिषदीय विद्यालयों के बच्चों की पढ़ाई का नुकसान न हो इसके लिए मिशन प्रेरणा के जरिए ई-पाठशाला चलाया जा रहा है। सभी प्रधानाचार्य, शिक्षक और समाज के जागरूक लोग भी जुड़े हैं।

Sunday, May 23, 2021

आजमगढ़ : मदरसों में फर्जी नियुक्ति में नपेंगे कुछ और अफसर, एसआईटी को मिले मिलीभगत के साक्ष्य, जल्द होगी पूछताछ

आजमगढ़ : मदरसों में फर्जी नियुक्ति में नपेंगे कुछ और अफसर, एसआईटी को मिले मिलीभगत के साक्ष्य, जल्द होगी पूछताछ

20 मदरसों के स्थलीय निरीक्षण में मिली है। चौंकाने वाली जानकारी

02 अफसरों को निदेशालय के प्रथम दृष्टया पाया गया है दोषी 


लखनऊ : मदरसों में अनियमित ढंग से हुई। नियुक्तियों के मामले में अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय भी जांच के घेरे में आ गया है। प्रदेश पुलिस के विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) को प्रारंभिक जांच में ही निदेशालय की मिली भगत के साक्ष्य मिले हैं। एसआईटी ने दो अफसरों को तो प्रथम दृष्ट्या दोषी भी पाया है। जल्द ही निदेशालय व मदरसा बोर्ड के कुछ अधिकारियों व कर्मचारियों ने पूछताछ हो सकती है। जांच में सामने आया है कि आजमगढ़ में एक सोसाइटी के अध्यक्ष ने अपनी बेटी को प्रधानाचार्य बना दिया और बाकी दो बेटियों को सहायक अध्यापक...।


एसआईटी को आजमगढ़ के 20 मदरसों के स्थलीय निरीक्षण तथा मदरसों एवं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी से प्राप्त अभिलेखों की जांच से चौंकाने वाली जानकारी मिली मदरसों में ऐसे शिक्षकों की नियुक्ति की गई, जिनके प्रमाणपत्र ऐसी संस्था से निर्गत थे जो न तो केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार की किसी संस्था द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। कुछ शिक्षक तो अपने पद पर नियुक्ति के अनुरूप शैक्षिक योग्यता ही नहीं रखते थे। कुछ की नियुक्ति सहायक अध्यापक आलिया के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यता फाजिल के 55 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त होने पर भी की गई। एक शिक्षक द्वारा एक अंक के ग्रेस मार्क से तृतीय श्रेणी में परीक्षा उत्तीर्ण की गई है। इसी तरह एक शिक्षक द्वारा तीन वर्ष का शिक्षण अनुभव दर्शाया गया। यह अनुभव प्रमाणपत्र जिस मदरसे से जारी किया गया वह उस समय मान्यता प्राप्त ही नहीं था ।

अपनी चारों बेटियों को बना दिया शिक्षक

एसआईटी की जांच में पता चला कि मदरसा जामिया नुरूल ओलूम मुबारकपुर आजमगढ़ में तो बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया यह मदरसा अंजूमन सिद्दीकीया जामिया नुरूल ओलूम मुबारकपुर सोसाइटी के द्वारा संचालित है। सोसाइटी के अध्यक्ष ने खुद चयन समिति का अध्यक्ष बनकर अपनी चार बेटियों में से एक तो प्रधानाचार्य तथा तीन को सहायक अध्यापक नियुक्त कर दिया। यह नियुक्तियां वर्ष 2013 से 2014 के बीच की गई हैं।




आजमगढ़ के मदरसों में फर्जी नियुक्ति : कुल 21 लोगों के खिलाफ एसआईटी ने दर्ज कराया केस, कई बड़े नाम शामिल।

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के 20 मदरसों में फर्जी नियुक्ति मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद एसआईटी ने कुल 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। इसमें कई बड़े नाम शामिल  हैं। 


आजमगढ़ के मदरसों में फर्जी नियुक्तियों के मामले में एसआईटी ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि के बाद लखनऊ स्थित एसआईटी थाने में 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। एसआईटी द्वारा लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराने की खबर मिलते ही मदरसा प्रबंधकों में हड़कंप मच गया।

जिले के 20 मदरसों में फर्जी नियुक्तियों का मामला वर्ष 2017 में प्रकाश में आया था। मदरसा प्रबंधकों द्वारा फर्जी तरीके से शिक्षकों की तैनाती दिखा कर सरकारी अनुदान का गबन किया जा रहा था। शासन ने इस प्रकरण की जांच वर्ष 2020 में एसआईटी को सौंपी थी।

जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद एसआईटी थाना लखनऊ में मदरसा जामिया नुरूल उलूम के अध्यक्ष जहीर अहमद, प्रबंधक अहमदुल्लाह समेत 21 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इसमें अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के तत्कालीन संयुक्त निदेशक शेषनाथ पांडेय, रजिस्ट्रार राहुल गुप्ता पर विभागीय कार्रवाई हो सकती है। 

जिले के जिन मदरसों की जांच हुई है उनमें मुबारकपुर के मदरसा जामिया नुरुल उलूम, मदरसा अशरफिया सिराजुल उलूम नेवादा अमिलो, अरबिया दारूतालीम सोफीपुरा, बाबुल ईल्म निस्वां, जफरपुर का मदरसा अरबिया जियाउल उलूम मंदे, बम्हौर का मदरसा मदरसतुल आलिया शेख रज्जब अली, जामिया अरबिया तनवीर उल उलूम नौशहरा, अरबिया कासिमुल मगरांवा, इस्लामिया जमीअतुल कुरैश जालंधरी समेत कुल 20 मदरसे शामिल है।

मामले में एसआईटी, लखनऊ के डीजी राजेंद्र पाल सिंह ने कहा कि  एक आरटीआई के माध्यम से आजमगढ़ व मिर्जापुर जिले के मदरसों में फर्जी नियुक्ति का खुलासा हुआ था। इसके बाद ही शासन ने एसआईटी को जांच सौंपी थी। आजमगढ़ के 20 मदरसों में फर्जीवाड़े की बात थी। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर एसआईटी थाने में कुल 21 लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।

इन लोगों पर भी हुआ है मुकदमा
फर्जीवाड़े के इस प्रकरण में इन मदरसा प्रबंधकों अख्तर अब्बास, फैजान अहमद, मोहम्मद आरिफ, गुलाम मोहम्मद, गयासुद्दीन, हाफिजुर रहमान के अलावा सहायक अध्यापक गयासुर रहमान, अब्दुल अलीम, अब्बास अली, बरकत अहमद, यासमीन अख्तर ,अरमान अहमद खान, मोहम्मद मेहंदी, साजिदा बानो तथा लिपिक शादाब अहमद, फहीम एजाज, मोहम्मद अरशद, मोहम्मद शाहनवाज और चपरासी मुश्ताक अहमद के खिलाफ नामजद एफआईआर की गई है। इस मामले में अल्पसंख्यक कल्याण निदेशालय के अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

Thursday, May 6, 2021

कोविड से ठहर गई कायाकल्प योजना, अधिकांश स्कूलों की नहीं बदली सूरत

कोविड से ठहर गई कायाकल्प योजना, अधिकांश स्कूलों की नहीं बदली सूरत


आजमगढ़। आपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों को बुनियादी सुविधाओं से लैस करना है। विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों व अन्य कार्यों पर बड़ी धनराशी खर्च की जा रही है इसके बावजूद विद्यालयों की सूरत नहीं बदली है।


कायाकल्प के नाम पर परिषदीय स्कूलों में बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है। पर धरातल पर यह नजर नहीं आ रहा है। क्षेत्र के कई स्कूल आज भी सुविधाविहीन हैं। फर्श टूटी है विद्यालयों के परिसर चहारदीवारी क्षतिग्रस्त हो गए। यह सब जिम्मेदारों की जानकारी में है मगर वह कुछ नहीं कर रहे हैं।


जिले में करीब 2702 परिषदीय विद्यालय है जिसमें 1737 प्राथमिक व 484 उच्च प्राथमिक व 481 कंपोजिट विद्यालय शामिल हैं। इनमें करीब चार लाख 11 हजार 727 बच्चे अध्ययनरत है। राज्य सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प के तहत उक्त विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं में सुधार एवं संतृप्तिकरण के आदेश दिए हैं। ग्राम प्रधान व पंचायती राज विभाग की ओर से प्रस्तावित कार्यों को पूरा किया जाना था।


तय बिंदुओं पर सुधारात्मक कार्य बेसिक शिक्षा और पंचायती राज विभाग के आपसी समन्वय से पूरे होने थे लेकिन बहुतायत ऐसे विद्यालय हैं जिसमें अभी तक कार्य ही नहीं हो सके। बीएसए अम्बरीष कुमार ने बताया कि करीब एक हजार विद्यालय ऐसे हैं जिनमें 14 बिंदुओं पर काम पूरा कर लिया गया है। बाकी के विद्यालयों में कोरोना संक्रमण के कारण सभी कार्य रुक गए हैं। जल्द ही उनमें भी कार्य पूरे कर लिए जाएंगे और स्कूल के छात्रों को आधुनिक शिक्षा और उपकरण के जरिए शिक्षित किए जाएंगे।


इन बिंदुओं पर कराया जाएगा काम
आजमगढ़। कायाकल्प योजना के तहत विद्यालयों के तय मानकों के अनुसार ब्लैक बोर्ड, छात्र संख्या के अनुरूप शौचालय और मूत्रालय का निर्माण, स्वच्छ पेयजल और मल्टीपल हैंडवॉशिंग सिस्टम, जल निकासी की सुविधा उपलब्ध करानी थी। साथ ही विद्यालय की दीवार, छत की मरम्मत, कमरों के फर्श पर टाइल्स, विद्युतीकरण कार्य, किचिन शेड का जीर्णोद्धार, फर्नीचर, चाहरदीवारी और गेट, इंटरलॉकिंग टाइल्स और अतिरिक्त कक्षा कक्ष का निर्माण, दीवारों पर पेंटिंग अन्य कार्य स्थानीय आवश्यकतानुसार कराए जाने हैं। 

विद्यालय पर लगेगा कार्यों का बोर्ड

आजमगढ़। ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों में प्रस्तावित कार्य और उन पर होने वाले खर्च का ब्यौरा ग्राम प्रधान को विद्यालय में बोर्ड पर लिखकर देना होगा। इससे आम आदमी भी जान सके कि ग्राम पंचायत विद्यालय में किस मद से कितनी राशि किस कार्य पर खर्च कर रही है। 

Saturday, May 1, 2021

पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही नीति आयोग के 9 मानकों पर स्कूलों का निरीक्षण होगा शुरू

पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी होते ही नीति आयोग के 9 मानकों पर स्कूलों का निरीक्षण होगा शुरू


आजमगढ़। ऑपरेशन कायाकल्प में चमके स्कूलों को नीति आयोग रैंकिंग से नवाजेगा। इसमें स्कूलों में कार्यों के साथ-साथ शैक्षणिक गुणवत्ता भी देखी जाएगी। चुनाव संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों में निरीक्षण शुरू होगा।


स्कूलों के लिए नीति आयोग ने नौ मानक तय किए हैं और इनकी पूरी जांच होने के बाद जिला समिति की रिपोर्ट के बाद आयोग स्कूलों को रैंक देगा। प्रदेश स्तर पर यह स्कूल रैंक के हिसाब से अपनी अलग छाप छोड़ेंगे। नीति आयोग की टीम भी जिले में स्कूलों को देखने के लिए आ सकती है। चुनाव संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्कूलों में निरीक्षण शुरू करा दिया जाएगा। 


नीति आयोग की टीम भी जिले में स्कूलों को देखने के लिए आ सकती है। शासन के आदेश पर बेसिक शिक्षा विभाग के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों को ऑपरेशन कायाकल्प के तहत चकाचक किया जा रहा है। जिले के करीब एक हजार स्कूलों में विकास संबंधित सभी सुविधाएं दुरूस्त किया जा चुका हैं।


बेसिक शिक्षा और ग्राम पंचायतों द्वारा स्कूलों में 14 बिंदुओं पर कार्य कराए हैं। स्कूलों में शौचालय, किचन, चारदीवारी, बच्चों के बैठने की व्यवस्था, रंगाई-पुताई और टायल्स बिछाने सहित अन्य सभी पूरे हो गए हैं। जिसके बाद अब नीति आयोग इन स्कूलों को शैक्षणिक गुणवत्ता और ऑपरेशन कायाकल्प में हुए कार्यों की रैंक देगा। बताया जा रहा कि जिले के सभी स्कूलों में पहले निरीक्षण होगा और फिर यह देखा जाएगा कि क्या-क्या कार्य हुए और स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता क्या है। 


पहले चरण के निरीक्षण में स्कूलों में विकास कार्य और दूसरे चरण में स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता को परखा जाएगा। इसके लिए जिला स्तरीय समिति गठित होगी और पूरी रिपोर्ट तैयार करने के बाद नीति आयोग को भेजी जाएगी। समिति द्वारा भेजी रिपोर्ट पर टीम के आधार पर आयोग के सदस्य स्कूलों का निरीक्षण करेंगे। विभाग के अनुसार स्कूलों में ऑपरेशन कायाकल्प का कार्य लगभग पूरा हो गया है। स्कूल खुलने के बाद इस पर तेजी से कार्य शुरू होगा।

Monday, April 26, 2021

कोरोना प्रभाव : बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को डिजिटल कंटेंट पहुंचाएगा बेसिक शिक्षा विभाग

कोरोना प्रभाव : बेपटरी हुई शिक्षा व्यवस्था, बच्चों को डिजिटल कंटेंट पहुंचाएगा बेसिक शिक्षा विभाग


आजमगढ़। सरकारी स्कूलों के छात्र-छात्राओं को डिजिटल कंटेंट पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की जा रही है। वर्ग, विषय और चैप्टर के आधार पर हर दिन का कंटेंट तैयार किया जा रहा है। शुरुआत में व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से अधिक से अधिक बच्चों तक डिजिटल कंटेंट पहुंचाया जाएगा।


व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए बच्चों या फिर उनके अभिभावकों के पास कंटेंट भेजे जाएंगे, जिससे बच्चे अभ्यास कर सकेंगे। बच्चों को ऑडियो और वीडियो के माध्यम से भी गणित समेत अन्य विषयों की जानकारी दी जाएगी। सरकार ने 2020 में अप्रैल के पहले सप्ताह से ही डिजिटल कंटेंट बच्चों को उपलब्ध कराना शुरू किया था। 30 फ़ीसदी बच्चों तक ही डिजिटल कंटेंट पहुंच पा रहे थे। चार लाख बच्चों तक डिजिटल कंटेंट नियमित पहुंचाने का प्रयास किया गया। हालांकि बहुतायत ऐसे बच्चे रहे जिनके पास मोबाइल तक नहीं थे।


उन्हें ऑफलाइन या फिर दूसरे माध्यम से पढ़ाने की भी तैयारी की जा रही है। डिजिटल कंटेंट के साथ-साथ सभी बच्चों के हाथों में पाठ्य पुस्तकें हो इसके लिए निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जल्द से जल्द सभी बच्चों को किताबें मिल सके इसके लिए स्कूलों तक किताब पहुंचाने की गाइडलाइन भेजी गई थी। स्कूल के शिक्षक और क्लास वार बच्चों का व्हाट्सएप ग्रुप तैयार किया जा रहा है।


विद्यालय बंद है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाया जाएगा। व्हाट्सएप ग्रुप पर बच्चों को कंटेंट उपलब्ध कराया जाएगा। ताकि वह घर पर रहकर पढ़ाई कर सके। साथ ही अन्य संसाधनों के माध्यम से बच्चों को बेहतर शिक्षा दी जाएगी। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।

Friday, April 9, 2021

इस वर्ष भी नहीं लागू होगा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, अगले आदेश तक रोका गया प्रशिक्षण कार्यक्रम

इस वर्ष भी नहीं लागू होगा एनसीईआरटी पाठ्यक्रम, अगले आदेश तक रोका गया प्रशिक्षण कार्यक्रम


आजमगढ़। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में इस वर्ष भी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) पाठ्यक्रम लागू नहीं हो सकेगा।


कोरोना संक्रमण व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण विभागीय स्तर पर तैयारी नहीं हो पाई है। विभाग की माने तो अब इसे शैक्षिक सत्र 2022-23 से लागू किया जा सकता है। इससे पहले सत्र 2021- 22 से कक्षा एक में पाठ्यक्रम लागू करने की घोषणा की गई थी।


प्रदेश सरकार ने 2018 में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू करने को कहा था। इसके बाद 2019 और 2020 में भी इसे लागू नहीं किया जा सका । गत वर्ष शासन ने कहा था कि शैक्षिक सत्र 2021 22 से 2025 26 तक कक्षा एक से आठवीं तक चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

इधर बीच कोरोना संक्रमण भी तेजी से फैल रहा है । जिसके कारण प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले आदेश तक स्थगित हो गया है। विभाग की माने तो इस वर्ष कक्षा एक में एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू नहीं हो पाएगा। कारण कि अभी प्रशिक्षण शुरू हुआ था । ऐसे में उम्मीद कम है।


एनसीईआरटी का प्रशिक्षण अभी शुरू हुआ था। बढ़ते
कोरोना संक्रमण व त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के कारण अगले आदेश तक प्रशिक्षण स्थगित कर दिया गया है। जब तक प्रशिक्षण पूरा नहीं होगा तब तक एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू हो पाना संभवन नहीं है। ऐसे में अग्रिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है। - अम्बरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी

Saturday, April 3, 2021

आजमगढ़ : शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मियों व अधिकारियों को लगेगा कोविड का टीका, सूची उपलब्ध कराने के निर्देश

आजमगढ़ : शिक्षा विभाग के शिक्षकों, कर्मियों व अधिकारियों को लगेगा कोविड का टीका, सूची उपलब्ध कराने के निर्देश


आजमगढ़। जिले के शिक्षा विभाग के अधिकारियों, कर्मियों सहित स्कूलों के शिक्षकों व शिक्षकेत्तरकर्मियों को अब कोविड का वैक्सीन लगेगा। यहां तक कि स्कूलों में खाना बनाने वाली रसोइया से लेकर शिक्षा सेवकों भी टीकाकरण किया जाएगा। इसको लेकर बीएसए ने बीईओ को निर्देश जारी किए हैं।


उन्होंने 45 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों, कर्मचारियों, रसोइया व शिक्षा सेवकों की दो दिनों के अंदर सूची उपलब्ध कराने को कहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अम्बरीष कुमार ने बताया कि सरकारी सहित निजी स्कूलों के शिक्षकों व कर्मचारियों को भी टीका लगाने के लिए सूची मांगी गई है। साथ ही बीईओ को स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों को उनके माता व पिता को कोविड टीका लेने के लिए प्रेरित करने को कहा गया वहीं शिक्षकों को भी क्षेत्र के अभिभावकों को इसके लिए जागरूक करने की पहल करने की बात कही गई।


 साथ ही स्कूल में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए शिक्षकों व बच्चों के बीच मास्क प्रयोग अनिवार्य करने को कहा गया। उन्होंने बताया कि सभी शिक्षकों, शिक्षा मित्रों व प्रधानाध्यापकों को कोविड का टीका लगाना होगा। यदि किसी प्रकार की लापरवाही बरती जाएगी तो संबंधित पर कार्रवाई की जाएगी।


वहीं जिला प्रशासन की ओर से 45 वर्ष से ऊपर की स्वयं सहायत समूह की महिलाओं के टीकाकरण कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।

Friday, March 19, 2021

SIT की रिपोर्ट में खुलासाः संपूर्णानंद विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री पर आजमगढ़ में 43 लोग बने शिक्षक

SIT की रिपोर्ट में खुलासाः संपूर्णानंद विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्री पर आजमगढ़ में 43 लोग बने शिक्षक


संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की फर्जी डिग्रियों के सहारे प्रदेश के 75 जिलों के प्राथमिक विद्यालयों में 1130 लोगों ने शिक्षक की नौकरी हासिल की है। इसमें आजमगढ़ के 43 शिक्षक फर्जी पाए गए हैं। इसका खुलासा फर्जी डिग्रियों की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट में हुआ है। उक्त शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।



फर्जी डिग्रियों का मामला सामने आने पर प्रदेश शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने 2004 से 2014 के बीच प्राथमिक विद्यालयों में चयनित उन शिक्षकों के अभिलेखों का दोबारा सत्यापन कराया, जिन्होंने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से उपाधि हासिल की है।


जिले में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय की डिग्री पर शिक्षक की नौकरी करने वाले 125 शिक्षकों का डाटा सत्यापन के लिए भेजा गया था। जिसमें से 43 शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले हैं। माना जा रहा है कि इस फर्जीवाड़े के पीछे विश्वविद्यालयों के अधिकारी और कर्मचारी भी संलिप्त हैं। जांच चल रही है दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। उक्त शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

Thursday, February 25, 2021

आजमगढ़ : जांच के लिए नहीं पहुंचे शिक्षक, दिव्यांग होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने वालों की हो रही जांच

आजमगढ़ : जांच के लिए नहीं पहुंचे शिक्षक, दिव्यांग होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने वालों की हो रही जांच


आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग से शिक्षकों की हुई भर्ती में दिव्यांग होने का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर नौकरी हासिल करने
 वालों की जांच हो रही है। मेडिकल बोर्ड ने अनुपस्थित दिव्यांग शिक्षकों को सूची जारी कर दी है। इसमें जिले के 15 दिव्यांग शिक्षक हैं।


शीर्ष कोर्ट ने उत्तर प्रदेश राज्य बनाम रविंद्र कुमार शर्मा व अन्य की विशेष अपील की सुनवाई करते हुए तीन फरवरी, 2016 को आदेश दिया कि अभ्यर्थियों की जांच मेडिकल बोर्ड गठित कर कराई जाए। शासन ने इसके अनुपालन में 13 मई, 2016 को मेडिकल बोर्ड गठित करने का आदेश दिया। यह काम करीब पांच साल बाद पूरा हुआ। जनपद के 15 शिक्षक वर्ष 2016 से 2019 तक कभी भी मेडिकल बोर्ड के कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए। मेडिकल बोर्ड ने उक्त शिक्षकों की सूची जारी कर दी है। साथ ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से जनपद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक व प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात दिव्यांग अभ्यर्थी का अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बता दें कि विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण 2007, विशेष चयन 2008 तथा सामान्य चयन 2008 में चयनित शिक्षकों की जांच हो रही है।

मेडिकल बोर्ड के समक्ष आज तक यह शिक्षक नहीं हुए उपस्थित
आजमगढ़। परिषदीय विद्यालयों में तैनात दिव्यांग शिक्षक जो वर्ष 2016 से 2019 के बीच आज तक उपस्थित न होने वाले शिक्षकों की सूची मेडिकल बोर्ड ने जारी कर दी है। कुल 204 शिक्षकों की सूची में 15 नाम आजमगढ़ जनपद में तैनात हुए शिक्षकों की है। इसमें 14 शिक्षक विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण वर्ष 2007 के और एक वर्ष 2008 का है।


विशिष्ट बीटीसी प्रशिक्षण 2007, विशेष चयन 2008 तथा सामान्य चयन 2008 में चयनित दिव्यांग शिक्षकों की जांच चल रही है। मेडिकल बोर्ड द्वारा गठित टीम के समक्ष जिले के कई शिक्षक अनुपस्थित चल रहे हैं उक्त शिक्षकों का वेतन रोका जाएगा। अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, आजमगढ़।

Tuesday, February 9, 2021

बर्खास्तगी प्रस्ताव लंबित रहते नहीं दिया जा सकता बहाली आदेश : हाईकोर्ट

बर्खास्तगी प्रस्ताव लंबित रहते नहीं दिया जा सकता बहाली आदेश : हाईकोर्ट 



इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि कालेज की प्रबंध समिति ने अध्यापक की बर्खास्तगी का प्रस्ताव पारित किया है तो इस प्रस्ताव के लंबित रहते अध्यापक की बहाली का आदेश नहीं दिया जा सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक को निलंबन आदेश का अनुमोदन देने से इंकार कर बहाली का आदेश देने का अधिकार नहीं है।


कोर्ट ने निरीक्षक को प्रबंध समिति के प्रस्ताव को दस्तावेजों सहित माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को अग्रसारित करने का निर्देश दिया है। बोर्ड को निरीक्षक के आदेश की अनदेखी कर नियमानुसार निर्णय लेने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय ने जन सेवक इंटर कालेज सलारपुर पवई ,आजमगढ़  की प्रबंध समिति की याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने प्रतिवाद किया।  


प्रबंध समिति ने कार्यवाहक प्रधानाचार्य को अनियमितता के आरोप में निलंबित कर दिया और अनुमोदन के लिए डीआईओएस को भेजा। जिसने निलंबन का अनुमोदन करने से इंकार कर कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को बहाल करने का निर्देश दिया। जिसे प्रबंध समिति ने यह कहते हुए चुनौती दी कि समिति ने कार्यवाहक प्रधानाध्यापक को बर्खास्त करने का प्रस्ताव पारित किया है। ऐसे में बहाली का आदेश देना गलत है। उसे रद्द किया जाए।

Thursday, September 17, 2020

जानिए किन जिलों में घोषित हुआ पितृ विसर्जन का अवकाश

जानिए किन जिलों में घोषित हुआ पितृ विसर्जन का अवकाश


1 जौनपुर
2 आजमगढ़
3 मीरजापुर

Wednesday, August 5, 2020

आजमगढ़ : पैनकार्ड फर्जीवाड़े में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, एसआईटी की जांच में 28 शिक्षक हुए थे चिन्हित, पांच शिक्षकों की 27 जुलाई को हो चुकी है बर्खास्तगी

आजमगढ़ : पैनकार्ड फर्जीवाड़े में दो शिक्षकों की सेवा समाप्त, एसआईटी की जांच में 28 शिक्षक हुए थे चिन्हित, पांच शिक्षकों की 27 जुलाई को हो चुकी है बर्खास्तगी।


आजमगढ़ :  एक पैन कार्ड का इस्तेमाल अलग-अलग जनपदों । में दो-दो शिक्षकों द्वारा अलग अलग खाता नंबरों के साथ प्रयोग किए जाने का प्रकरण सामने आया था। एसआईटी व एसटीएफ की जांच में इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था। जिसमें जिले के ऐसे 28 शिक्षक चिन्हित हुए थे। जिसमें पांच शिक्षकों के फर्जी होने की पुष्टि होने पर पहले ही बर्खास्तगी हो चुकी है वहीं दो और फर्जी शिक्षक चिन्हित होने पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को नियुक्ति तिथि से इनकी सेवा समाप्त कर दी और खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।


बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की नियुक्ति में लगातार फर्जीवाड़ा सामने आ रहे है। बेसिक शिक्षा विभाग के फर्जीवाड़े की जांच सरकार एसआईटी व एसटीएफ से करा रही है। इसी जांच के दौरान आईआईटी व एसटीएफ ने वेतन भुगतान के फाइलों की जांच के दौरान एक नया फर्जीवाड़ा पकड़ा। जिसमें एक ही पैन कार्ड पर दो शिक्षकों द्वारा अगल-अलग जनपदों व खाता नंबरों पर वेतन आहरित कोरोना पकड़ा गया। पूरे प्रदेश में ऐसे 192 शिक्षक चिन्हित हुए थे जिसमें 28 शिक्षक जिले के भी शामिल थे। एसआईटी ने बकायदा सूची तैयार कर बेसिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराया और फिर निदेशालय से सूचना जिलों को उपलब्ध करा दी गई। जिले के 28 शिक्षक इस फर्जीवाड़े में चिन्हित हुए थे। जिन्हें बेसिक शिक्षा विभाग ने नोटिस जारी कर सत्यापन के लिए बुलाया था। 28 में से कुल सात शिक्षकों ने अपना सत्यापन नहीं कराया।

इन्हें दो बार अलग-अलग तिथियों में नोटिस भेजी गई। अंतिम नोटिस 17 जुलाई को भेजी गई थी। जिसमें सात दिनों के अंदर मूल अभिलेखों के साथ कार्यालय पहुंच कर सत्यापन का निर्देश दिया गया था। इसके बाद भी इन सात शिक्षकों ने सत्यापन नहीं कराया। जिस पर बीएसए ने 27 जुलाई को इन पांच शिक्षकों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करने का आदेश निर्गत करने के साथ ही संबंधित खंड शिक्षाधिकारियों को रिकवरी का आदेश भी जारी कर दिया।

शेष बचे दो अन्य शिक्षकों पर मंगलवार को प्रभारी बीएसए ने कार्रवाई किया और दोनों की नियुक्ति तिथि से सेवा समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश निर्देश किया। सेवा समाप्त किए गए शिक्षकों में जय शिव प्रताप चंद हरैया ब्लाक के प्रावि शानूपुर पर तैनात थे और सर्विस बुक में अपना पता सल्लाहपुर देवरिया बताया था। वहीं दूसरे बस्ती शिक्षक अनिल कुमार अतरौलिया ब्लाक के प्रावि सिकरौरा पर तैनात थे।




पूर्व में इन शिक्षकों पर हुई है कार्रवाई

आजमगढ़ : प्रभारी बीएसए अमरनाथ राय ने बताया कि प्रावि शोधनपट्टी बिलरियागंज पर तैनात रेखा पुत्री अवधेश कुमार सिंह निवासी सिविल लाइंस आजमगढ़, प्रावि भीलमपुर महराजगंज पर तैनात राजेश कुमार पुत्र राम दुलारे निवासी ग्राम मैलानी पोस्ट खलीलाबाद जिला संत कबीर नगर, प्रावि धनसिंहपुर कोयलसा पर तैनात आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र वर्मा निवासी चांदमारी, इमिलिया जिला मऊ, प्रावि सीही सठियांव पर तैनात नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला निवासी ग्राम इमली पोस्ट रामपुर जिला गोरखपुर व प्रावि पिचरी अतरौलिया पर तैनात बांके बिहारी पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सलेमपुर, सलेमपुर देवरिया ने अपना सत्यापन नहीं कराया। ऐसी स्थिति में इन सभी को नियुक्ति तिथि से 27 जुलाई को ही बर्खास्त कर दिया गया है।

फर्जी डॉक्यूमेंट पर पाई थी परिवार की नौकरी, बर्खास्त

आजमगढ़ : जूनियर हाई स्कूल मुबारकपुर बालक पर 2018 में पुष्पा देवी पत्नी मन्नू कुमार निवासी कोपागंज जिला मऊ की बतौर परिचर मृतक आश्रित पद पर तैनाती हुई थी। पुष्पा के डॉक्युमेंटों का भी सत्यापन कराया गया तो वह फर्जी पाया गया। जिस पर प्रभारी बीएसए ने मंगलवार को पुष्पा देवी की नियुक्ति भी नियुक्ति तिथि से समाप्त करते हुए रिकवरी का आदेश जारी किया है। पुष्पा देवी के कई डॉक्यूमेंट सत्यापन में फेल पाए गए है।


 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, July 28, 2020

आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी

आजमगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के पांच शिक्षकों की सेवा समाप्त, फर्जी अभिलेख पर पाई थी नौकरी।

आजमगढ़ :  बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी कर रहे पांच सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त कर दी गई है। महानिदेशक स्कूल एवं राज्य परियोजना के आदेश पर बर्खास्त शिक्षकों से नियुक्ति से लेकर अब तक आहरित धनराशि की रिकवरी के लिए वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा और संबंधित खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।




जिन सहायक अध्यापकों की सेवा समाप्त की गई है, उसमें शिक्षा क्षेत्र कोयलसा के प्राथमिक विद्यालय धनसिंहपुर में तैनात रहे मऊ जनपद के चांदमारी इमिलिया गांव निवासी आवेश कुमार पुत्र सतीश चंद्र शर्मा, शिक्षा क्षेत्र सठियांव के प्राथमिक विद्यालय सींहीं, निवासी इमलीडीह पोस्ट बारीपुर जनपद गोरखपुर की नेहा शुक्ला पुत्री ब्रह्मानंद शुक्ला, शिक्षा क्षेत्र बिलरियागंज के प्राथमिक विद्यालय शोधनपट्टी पर तैनात सहयक अध्यापक निवासी भुवनेश्वर प्रताप सिंह, 443, सिविल लाइन आजमगढ़, शिक्षा क्षेत्र महराजगंज के प्राथमिक विद्यालय पर तैनात रहे राजेश कुमार पुत्र रामदुलारे निवासी खलीलाबाद, जनपद संतकबीरनगर एवं शिक्षा क्षेत्र अतरौलिया के प्राथमिक विद्यालय पचरी पर तैनात बांकेबिहारी लाल पुत्र किशोर प्रसाद निवासी सल्लहपुर, तहसील सलेमपुर जनपद देवरिया शामिल हैं।


जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे

शासन के निर्देश पर जांच प्रक्रिया के दौरान संबंधित शिक्षकों के अभिलेख फर्जी मिले थे। कारण बताओ नोटिस जारी की गई थी। निर्धारित मूल प्रमाणपत्रों के साथ संबंधित सहायक अध्यापक कार्यालय में उपस्थित नहीं हुए और ना ही अपना कोई प्रत्यावेदन ही दिया।इसलिए महानिदेशक के निर्देश पर इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।

-अमरनाथ राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।

 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Monday, June 15, 2020

फर्जीवाड़ा : कासगंज में 'अनामिका के बाद अब 'प्रीती' की तलाश

कासगंज में 'अनामिका के बाद अब 'प्रीती' की तलाश 


कासगंज। प्रदेश में अब फर्जी प्रीती यादव की खोज शुरू हो गई है। दो जिलों में मैनपुरी की प्रीती यादव के नाम से फर्जी शिक्षकों मिलने के बाद खलबली मच गई है। बीएसएफ अंजलि अग्रवाल ने कस्तूरबा गांधी विद्यालय के डीसी को पत्र जारी कर तलाश शुरू करने को कहा है। 


अनामिका शुक्ला के दस्तावेजों के आधार पर प्रदेश के कई जिलों में फर्जी शिक्षकों नौकरी करती रहीं। अब मैनपुरी जनपद की प्रीती यादव के दस्तावेजों पर आजमगढ़ व जौनपुर जिले के कस्तूरबा विद्यालयों में दो फर्जी शिक्षकों मिली हैं। ऐसे में अब प्रीती को लेकर भी कासगंज शिक्षा विभाग बेहद संवेदनशील है।



फर्जीवाड़ा : प्रीति यादव को बर्खास्त कर दर्ज कराया मुकदमा, कसा पुलिस जांच का शिकंजा


जौनपुर। जौनपुर व आजमगढ़ के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय मुफ्तीगंज में प्रीति यादव के नाम से फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे पूर्णकालिक शिक्षक और आजमगढ़ जनपद के पवई विकासखंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में वार्डेन के रूप में नौकरी करने वाली प्रीति यादव पुत्री लाल बहादुर सिंह यादव के खिलाफ शनिवार की रात जौनपुर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। 


बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएसए प्रवीण कुमार त्रिपाठी ने आनन-फानन में रविवार को ही उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया। इसके अलावा जौनपुर में वेतन के रूप में एक लाख 40 हजार रुपए और आजमगढ़ जनपद में डेढ़ लाख रुपए वेतन के रूप में लिए जाने के मामले में रिकवरी के लिए पुलिस की मदद से कागजी प्रपत्र तैयार कर शिकंजा कसा जा रहा है। प्रदेशस्तर पर फर्जी शिक्षकों के बड़े खुलासे के बाद जौनपुर में भी प्रीति यादव के नाम से हुए खुलासा हुआ था। इसे लेकर बेसिक शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा है।

Thursday, March 12, 2020

विशिष्ट बीटीसी बैच 2015 में फर्जी अंकपत्र पर लिया दाखिला, मामले में संलिप्त पटल प्रभारी व सहायक पटल प्रभारी की स्थायी वेतनवृद्धि रोकते हुए किया स्थानांतरण

विशिष्ट बीटीसी बैच 2015 में फर्जी अंकपत्र पर लिया दाखिला, मामले में संलिप्त पटल प्रभारी व सहायक पटल प्रभारी की स्थायी वेतनवृद्धि रोकते हुए किया स्थानांतरण।





 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Sunday, March 8, 2020

आजमगढ़ : अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर 85 शिक्षक बर्खास्त, गिरफ्तारी से बचने के लिए निलंबित बीएसए पहुंचे कोर्ट

आजमगढ़ : अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में नियुक्ति में फर्जीवाड़े पर 85 शिक्षक बर्खास्त, गिरफ्तारी से बचने के लिए निलंबित बीएसए पहुंचे कोर्ट।






 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Thursday, February 20, 2020

आजमगढ़ : एक और फर्जी डिग्रीधारक शिक्षक पर दर्ज हुई FIR, अब तक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई

आजमगढ़ : एक और फर्जी डिग्रीधारक शिक्षक पर दर्ज हुई FIR, अब तक दर्जन से अधिक शिक्षकों पर हो चुकी है कार्रवाई।







 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Tuesday, February 18, 2020

आजमगढ़ : बीईओ - प्रबंधक का ऑडियो वायरल, मान्यता के लिए एक लाख की मांग

आजमगढ़ : बीईओ - प्रबंधक का ऑडियो वायरल, मान्यता के लिए एक लाख की मांग।




 व्हाट्सप के जरिये जुड़ने के लिए क्लिक करें।

Wednesday, January 8, 2020

आजमगढ़ : 10 जनवरी 2020 तक अवकाश घोषित

आजमगढ़ : 10 जनवरी 2020 तक अवकाश घोषित