Friday, May 30, 2025
Saturday, January 25, 2025

मूल विद्यालय में ज्वाइन करने के सचिव और बीएसए के आदेश निरस्त, पदोन्नति के मामले में हाईकोर्ट ने आदेशों को माना गलत, देखें कोर्ट ऑर्डर
2015 में प्रधानाध्यापक, उच्च प्राथमिक विद्यालय के पद पर पदोन्नति के प्रति सचिव महोदय, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के आदेश 09/12/2024 और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महोदय, बुलंदशहर के आदेश 10/12/2024 को माननीय उच्च न्यायालय, प्रयागराज ने स्थगित किया। देखें स्टे आर्डर
Saturday, October 19, 2024
स्थानांतरण के खिलाफ याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा–अपनी पसंद के स्थल पर तैनाती का अधिकार नहीं है, स्थानांतरण सेवा का हिस्सा
Friday, May 12, 2023
Thursday, August 18, 2022

बीएसए और बीजेपी जिलाध्यक्ष के मध्य विवाद की जांच करेंगे सीडीओ, अभद्रता और जान से मारने का लगाया था आरोप
Wednesday, June 15, 2022
Thursday, June 24, 2021

शिक्षिका को धमकाने और अभद्र व्यवहार पर खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित, पहले भी रहा विवादों से नाता
Sunday, January 31, 2021
Friday, August 14, 2020

बुलंदशहर में वायरल मारपीट की घटना पर बेसिक शिक्षा मंत्री का कड़ा रुख, घटना में शामिल BEO व शिक्षक को तत्काल निलंबित कर विभागीय जांच कराने का दिया निर्देश
Thursday, December 5, 2019
Sunday, June 9, 2019
Wednesday, May 1, 2019
Friday, December 28, 2018
Tuesday, August 28, 2018
Wednesday, August 22, 2018
Friday, July 6, 2018
Friday, June 15, 2018
Friday, May 18, 2018
Monday, May 7, 2018

बुलंदशहर : बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही से बच्चे व अभिभावक परेशान, परीक्षा 11 विषयों की और परिणाम सिर्फ नौ का
बेसिक शिक्षा विभाग की कारगुजारी आए दिन सामने आती रहती हैं। अब एक नया मामला सामने आया है। दरअसल, विभाग ने बीते मार्च में संपन्न हुई परीक्षाएं 11 विषय की कराई हैं और परिणाम पत्र में नौ विषय दर्शाकर अपने काम की इतिश्री कर दी। इस तरह के प्रमाण पत्र जब क्षेत्र में बच्चों को वितरित किए गए तो चर्चा का विषय बन गए। अभिभावक बेसिक शिक्षा विभाग पर सवाल उठा रहे हैं।
बीते मार्च माह में बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय स्कूलों में कुल 11 विषयों की परीक्षा संपन्न कराई थी। 31 मार्च को परीक्षाफल वितरित करके विभाग ने नया सत्र शुरू कर दिया। कुछ अभिभावकों ने अपने बच्चों का प्रमाण पत्र देखा तो वह चकित रह गए। प्रमाण पत्र में मात्र नौ विषयों के नंबर अंकित किए गए हैं, जबकि विद्यार्थियों ने परीक्षा कुल 11 विषयों की दी है। इसमें से विज्ञान और खेल एवं व्यायाम विषय गायब कर दिए गए। कुछ अभिभावकों ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की यह कारगुजारी पहली बार नहीं हुई है। बीते 2016-17 के सत्र में भी खेल एवं स्वास्थ्य विषय गायब कर दिया गया था।
ऐसे हुआ खुलासा
ऊंचागांव क्षेत्र के कुछ अभिभावकों कक्षा आठ पास कर चुके अपने बच्चों को अन्य स्कूल में प्रवेश दिलाने गए। प्रमाण पत्र से विज्ञान विषय गायब देख संबंधित विद्यालय ने प्रवेश लेने से इन्कार कर दिया। बात फैली तो चर्चा का विषय बन गई। इसके बाद क्षेत्र के कई लोग खंड शिक्षा अधिकारी ऊंचागांव से मिलने पहुंचे, लेकिन वह कार्यालय में नहीं मिली। कार्यालय से पता चला कि उन पर स्याना ब्लाक का अतिरिक्त चार्ज होने के कारण सप्ताह में एक या दो बार ही आती हैं। बेसिक शिक्षा विभाग की इस लापरवाही का खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। प्रमाण पत्रों को फर्जी बताकर कक्षा आठ पास करके आए विद्यार्थियों को अन्य स्कूल प्रवेश नहीं दे रहे हैं।

















