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Wednesday, September 2, 2026

हाईकोर्ट ने हरदोई के बीएसए का निलंबन आदेश रद्द किया

हाईकोर्ट ने हरदोई के बीएसए का निलंबन आदेश रद्द किया

02 सितंबर 2026
लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी डा अजीत सिंह के निलबन आदेश को रद्द कर दिया। कोर्ट ने साथ ही अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा को छूट भी दी कि बीएसए का चार सप्ताह में कहीं और जगह तबादला कर सकते हैं। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने मंगलवार को यह फैसला डा अजीत सिंह की याचिका पर दिया। 

याची ने 2 जुलाई 2026 के निलंबन आदेश समेत इसके परिणामी आदेशों को चुनौती दी थी। इनके तहत याची को निलंबित करके उन्हें बेसिक शिक्षा निदेशक, यूपी, लखनऊ के दफ्तर से अटैच कर दिया गया था। याची का कहना था कि निलंबन संबंधी पूरी कार्यवाही का ताना बाना, हरदोई के जिलाधिकारी द्वारा दुर्भावना से बुना गया। जो कानून की मंशा के खिलाफ था। 

कोर्ट ने फैसले में कहा कि मामले के तथ्यों और चर्चा के मद्देनजर अदालत का मत है कि याची के खिलाफ शुरू की गई सभी कार्यवाहियां बदले की भावना से की गईं थीं। ऐसे में समिति की 20 जून 2026 की रिपोर्ट समेत परिणामी कार्यवाही रद्द किए जाने योग्य है। तदनुसार, इसे निरस्त किया जाता है। 


हरदोई के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह निलंबित, भर्ती में हेरफेर के गंभीर आरोप, जांच जारी

02 जुलाई 2026
हरदोई। शिकायतों और अनियमितताओं के जाल में फंसे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. अजित सिंह को आखिरकार शासन ने निलंबित कर दिया। बीएसए पर लगे आरोपों की जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई हुई। डॉ. अजित को बेसिक शिक्षा निदेशालय से संबद्ध कर दिया गया था। उनके खिलाफ विभागीय जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक (षष्ठ मंडल) करेंगे।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कुछ गंभीर शिकायतें जिलाधिकारी अनुनय झा को मिली थीं। इस पर उन्होंने जांच के लिए नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई थी। एसडीएम सदर, संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रमेंद्र सिंह इसमें सदस्य थे। जांच टीम ने 61 अभ्यर्थियों की नियुक्ति पत्रावली गायब होने, ईसीसीई एजुकेटर भर्ती परीक्षा में शासनादेश का पालन न करने, सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन और अन्य देयताओं से संबंधित पत्रावलियों को लंबित रखने की पुष्टि करते हुए रिपोर्ट डीएम को 20 जून को सौंपी थी।

इसी रिपोर्ट पर डीएम अनुनय झा ने बीएसए डॉ. अजित सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय जांच कराए जाने की संस्तुति की थी। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को बीएसए को निलंबित कर दिया गया। बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि निलंबन अवधि में बीएसए निदेशायल से संबद्ध रहेंगे। मामले की विस्तृत जांच संयुक्त शिक्षा निदेशक करेंगे।
 



हरदोई बीएसए के निलंबन की संस्तुति के साथ उच्च स्तरीय जांच की सिफारिश, डीएम द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं के संकेत

पदेन दायित्वों में गंभीर लापरवाही बरतने और कार्यशैली पर सवाल

23 जून 2026
हरदोई: जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डाक्टर अजित सिंह के खिलाफ रिश्वत मांगने और लेनदेन से जुड़े आरोपों की एफआईआर की पुलिस जांच जारी रहने के बीच जिलाधिकारी की ओर से गठित जांच समिति की रिपोर्ट में गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। इसी आधार पर डीएम ने बीएसए के निलंबन और शासन स्तर पर उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की संस्तुति की है।

जांच समिति, जिसमें नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार, एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्रवक्ता डाक्टर रामेंद्र सिंह शामिल थे, ने अपनी रिपोर्ट में कई गंभीर बिंदु उठाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, बीएसए पर न केवल नियुक्ति पत्र वितरण में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं, बल्कि पेंशन पत्रावलियों से जुड़े मामलों में भी 20 हजार रुपये मांगने जैसे आरोपों का उल्लेख किया गया है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि डाक्टर अजित सिंह द्वारा अपने पदेन दायित्वों का निर्वहन ठीक से नहीं किया गया। उनकी कार्यशैली और आचरण को पद एवं गरिमा के प्रतिकूल पाया गया है। समिति ने यह भी टिप्पणी की कि न्यायालय, शासन और निदेशालय के निर्देशों के मामलों में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह इस संवेदनशील पद पर रहने योग्य नहीं हैं। 

समिति ने अपने निष्कर्ष में यह भी कहा है कि जांच के दौरान सामने आए सीमित मामलों के आधार पर यह आशंका मजबूत होती है कि मृतक आश्रितों की नियुक्ति, सेवा संबंधी निलंबन-बहाली, वित्तीय स्वीकृतियों और अन्य प्रशासनिक निर्णयों में भी व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हो सकती हैं। ऐसे सभी प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा आवश्यक है। 

जांच रिपोर्ट में उच्च स्तर पर यह भी संस्तुति की गई है कि बीएसए डाक्टर अजित सिंह के पूरे कार्यकाल के दौरान लिए गए निर्णयों की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराई जाए, ताकि सभी लंबित और विवादित मामलों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। डीएम की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में इन सभी तथ्यों को गंभीर प्रशासनिक चूक और संभावित अनियमितताओं के रूप में दर्ज किया गया है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई अब शासन स्तर पर तय की जाएगी।

रची गई साजिश, आरोप फर्जीः बीएसए डाक्टर अजित सिंह पर लगे आरोपों के बारे में उनका पक्ष लेने का प्रयास किया, जिसमें सोमवार की शाम बीएसए का प्राइवेट नंबर बंद आता रहा। सीयूजी नंबर पर फोन किया तो वह उठा नहीं। पूर्व में बीएसए डाक्टर अजित सिंह से हुई वार्ता में उन्होंने रिश्वत मांगने और लेने के आरोपों को पूरी तरह से फर्जी बताया था। बीएसए डाक्टर अजित सिंह के अनुसार उन्हें प्रशासन की तरफ से पूरी साजिश कर फंसाया जा रहा है, जिसके लिए फर्जी रिपोर्ट बनाई गई है। इसमें कई लोग शामिल हैं, जोकि उन्हें किसी भी तरह से हटवाना चाहते हैं।

प्रशासन ने आरोपों को नकारा
बीएसए डाक्टर अजित सिंह द्वारा प्रशासन पर साजिश रचे जाने के आरोप में प्रशासन का कहना है कि बीएसए ने खुद अनियमितता की। फाइलों को गायब कराया। पेंशन पत्रावलियों में हस्ताक्षर नहीं किए। बिना किसी कारण के पत्रावलियों को लंबित रखा। बीएसए के लिपिकों ने ही बयान दिए हैं। अब बीएसए फंस रहे तो साजिश बता रहे हैं।



हरदोई BSA पर 5 लाख रिश्वत मांगने के आरोप पर FIR दर्ज, जानिए पूरा मामला  

20 जून 2026
हरदोई ।  बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) डॉ. अजीत सिंह पर शुक्रवार रात 5 लाख रिश्वत मांगने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। आरोप है कि अजीत सिंह ने एजुकेटर भर्ती से जुड़ी एक संस्था को ब्लैकलिस्ट करने की धमकी देकर 5 लाख रुपए की मांग की थी। संस्था अध्यक्ष ने 2 लाख रुपए ले भी लिए थे। 

हालांकि बीएसए ने आरोपों को झूठा बताया। उन्होंने कहा- डीएम अनुनय झा ने जाल बिछाकर मुझे फंसाया है। वह मुझ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे, लेकिन साबित नहीं कर पाए। 


एक दिन पहले 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के मूल दस्तावेज गायब मिले थे। डीएम अनुनय झा के निर्देश पर शुक्रवार शाम 5 बजे सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह, एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रामेंद्र सिंह की 3 सदस्यीय समिति बीएसए कार्यालय पहुंची। टीम ने घंटों तक भर्ती, नियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की।

जानिए पूरा मामला 
गोंडा के तरबगंज स्थित उज्ज्वला सेवा संस्थान के अध्यक्ष ओम प्रकाश तिवारी की शिकायत पर बीएसए डॉ. अजित सिंह के खिलाफ हरदोई में थाना कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज हुआ है। ओम प्रकाश तिवारी ने बताया- यूपी के कई जिलों में ईसीसीई (ECCE) एजुकेटर के 210 पदों पर भर्ती प्रक्रिया के लिए हमारी संस्था को अधिकृत किया गया था।

उनका दावा है कि उसने सेवायोजन पोर्टल से मिले 4,590 आवेदनों में से जिला चयन समिति द्वारा किए गए रैंडमाइजेशन के माध्यम से 630 अभ्यर्थियों का चयन संबंधी डेटा प्राप्त कर लिया था। इसके बाद आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित अधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा गया। अनुबंध के लगभग 6 महीने बाद जब उन्होंने कार्य को आगे बढ़ाने के लिए संपर्क किया तो बीएसए ने उन्हें कार्यालय बुलाया और 5 लाख रुपए रिश्वत मांगी।

आरोप है कि रुपए न देने पर संस्था को ब्लैकलिस्ट करने और जमानत राशि जब्त कराने की धमकी दी। संस्था अध्यक्ष का यह भी आरोप है कि दबाव में आकर उन्होंने 2 लाख रुपए दे दिए, लेकिन इसके बाद भी बाकी रुपए मांगे जाते रहे। लगातार प्रताड़ित किया जाता रहा।


बीएसए डॉ. अजीत सिंह ने बताया- यह जिलाधिकारी का ट्रैप है, जिसमें मुझे फंसाया गया है। वह लगातार मुझ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते थे। मैंने उनसे कहा था कि यदि कोई भ्रष्टाचार हुआ है तो उसे साबित करें। इसके बाद मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। मुझे अपशब्द कहे गए और यहां तक कहा गया कि मैं जिले में न रहूं और यहां से चला जाऊं।

एडीएम प्रफुल्ल त्रिपाठी ने भी मुझे प्रताड़ित किया। मेरे कार्यालय के दो बाबुओं को अपने यहां अटैच कर लिया गया और अपने यहां के दो बाबुओं को मेरे कार्यालय में भेज दिया गया, ताकि मेरी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके।

एजुकेटर भर्ती परीक्षा से संबंधित जो भी कार्रवाई हुई, वह जिलाधिकारी के निर्देशों पर की गई। पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन की निगरानी में संपन्न हुई। इसके बावजूद अब मुझे फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठकों में मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया गया और अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। मैं इसे बर्दाश्त नहीं कर सकता। जिलाधिकारी ने फर्म संचालक को बुलाकर मेरे खिलाफ षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज कराया है।

यदि मैंने किसी प्रकार का भ्रष्टाचार किया है तो एजुकेटर पदों पर भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ कर ली जाए। यह पता कर लिया जाए कि क्या मैंने किसी से कोई धनराशि मांगी है या किसी प्रकार की अवैध मांग की है। यह मेरे खिलाफ रची गई एक सुनियोजित साजिश है। मैं इसका कानूनी तरीके से सामना करूंगा। इस साजिश में एडीएम की भी भूमिका है। मैं पूरी तरह निर्दोष हूं।


डीएम के निर्देश पर टीम ने आकर की जांच बेसिक शिक्षा विभाग में 29 हजार शिक्षक भर्ती से संबंधित 61 शिक्षकों की मूल पत्रावलियां गायब मिली थीं। विवाद बढ़ने के बाद डीएम अनुनय झा के निर्देश पर शुक्रवार शाम 5 बजे सिटी मजिस्ट्रेट संजय सिंह, एसडीएम सदर संजय अग्रहरि और डायट प्राचार्य रामेंद्र सिंह की 3 सदस्यीय समिति बीएसए कार्यालय पहुंची। टीम ने घंटों तक भर्ती, नियुक्ति और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की गहन जांच की।

जांच के दौरान कुछ जरूरी पत्रावलियां रिकॉर्ड से गायब मिलीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भर्ती संबंधी अभिलेख रखने वाली कई अलमारियों और दो कमरों को सील कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि रिकॉर्ड की विस्तृत जांच कराई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

जांच में नहीं मिले 61 शिक्षकों के मूल अभिलेख जांच में यह भी सामने आया कि 29 हजार शिक्षक भर्ती से जुड़े 61 शिक्षकों के मूल अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इस मामले में तत्कालीन पटल प्रभारी अनुपम मिश्रा के खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। एजुकेटर भर्ती प्रक्रिया का दायित्व भी उनके पास था।

Wednesday, September 17, 2025

भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शिक्षा निदेशालय में बीएसए तलब, जानिए! विस्तार से, क्या है पूरा मामला?

भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शिक्षा निदेशालय में बीएसए तलब


हरदोई: बेसिक शिक्षा विभाग में खंड शिक्षा अधिकारियों की बातचीत के वायरल हुए ऑडियो बीएसए के लिए मुसीबत बन गए हैं। मामले को शासन नें संज्ञान में लेते हुए उच्चस्तरीय जाँच कराई जा रही है, जिसमें बीएसए को शिक्षा निदेशक नें वायरल ऑडियो के सम्बन्ध में अपना पक्ष रखने के लिए तलब किया है। 

अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल नें बीएसए हरदोई को पत्र जारी करते हुए बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी सीमा गौतम द्वारा एक शिक्षक से रिश्वत के पैसे मांगने का ऑडियो, व बीएसए के लिए बीईओ अनिल झा द्वारा सीमा गौतम से रुपये की मांग करने का दूसरा ऑडियो सामने आया है, जिसकी जाँच डीएम हरदोई के निर्देश पर सीडीओ हरदोई से कराई गई है। जाँच के बाद बीएसए की मुसीबत और बढ़ गई है, उन्हें 18 सितंबर को दोपहर 01 बजे शिक्षा निदेशक के प्रयागराज स्थित कार्यालय में तलब किया गया है।


क्या है पूरा मामला, जानिए! विस्तार से

हरदोई।  जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही साजिशों के ऑडियो वायरल हो रहे हैं। कुछ माह पहले वायरल हुए एक ऑडियों की जांच के बाद एक खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति शासन में की गई।

इसके बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी ने भी ऑडियो वायरल कर दिया। इस ऑडियो में कथित तौर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के नाम पर एक लाख रुपये की मांग दूसरे खंड शिक्षा अधिकारी कर रहे हैं। हालांकि बीएसए और खंड शिक्षा अधिकारी ने इसका खंडन किया है।

सुरसा में खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर सीमा गौतम की तैनाती थीं। लगभग तीन माह पहले कथित रूप से एक ऑडियो वायरल हुआ। दावा है कि सुरसा के एक प्राथमिक विद्यालय में तैनात मुनिंद्र कुमार के निलंबन के कई माह बाद भी न तो जांच पूरी की गई और न ही आरोप पत्र दिया गया। आरोप था कि सीमा गौतम ने दस हजार रुपये लिए थे।

काम न होने पर यही रुपये वापस मांगे जाने का ऑडियो होने का दावा था। मामला डीएम तक पहुंचा, तो उन्होंने जांच कराई। बीएसए विजय प्रताप सिंह ने अगस्त में 13 खंड शिक्षा अधिकारियों की तैनाती में फेरबदल किया। सीमा गौतम को सुरसा से हटाकर जिला मुख्यालय संबद्ध कर दिया गया। बीएसए का दावा है कि तीन दिन पहले सीमा गौतम के निलंबन की संस्तुति शासन को भेजी गई है।

दूसरी ओर बृहस्पतिवार शाम से एक ऑडियो वायरल हो गया। सीमा गौतम का दावा है कि ऑडियो में उनकी और हरियावां के खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार झा के बीच बातचीत है। सीमा गौतम का दावा है कि अनिल झा बीएसए के नाम पर उनसे एक लाख रुपये की मांग कर रहे हैं। यह मांग कंपोजिट ग्रांट से मिले बजट को लेकर की जा रही है। उनका दावा यह भी है कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से कंपोजिट ग्रांट के बजट से एक-एक लाख रुपये की वसूली अनिल कुमार झा ने बीएसए के लिए की है।


किसने क्या कहा

ऑडियो पुराना लग रहा है। इसमें कहीं भी रुपये की मांग नहीं की गई है। मेरा नाम या पदनाम इसमें कहीं नहीं आया है। किसी भी खंड शिक्षा अधिकारी से कोई वसूली नहीं की गई है।-विजय प्रताप सिंह, बीएसए 

-जिलाधिकारी महोदय ने प्रत्येक विकास खंड में एक कंपोजिट विद्यालय को मॉडल विद्यालय बनाने के लिए कहा था। इसी क्रम में खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय के रूप में सभी खंड शिक्षा अधिकारियों से बात की थी। इसी क्रम में सुरसा की तत्कालीन बीईओ सीमा गौतम से भी बात हुई थी। रुपये मांगे जाने की बात बिल्कुल गलत है।-अनिल कुमार झा, खंड शिक्षा अधिकारी, हरियावां

बीएसए ने सभी बीईओ मुख्यालय के माध्यम से प्रति ब्लॉक एक लाख रुपये की मांग की थी। जिन्होंने नहीं दिया बारी-बारी से उन सभी के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मेरे खिलाफ भी शासन को पत्र लिखा गया है। कई और साजिश कर आईजीआरएस पर भी मेरी शिकायतें कराई गईं। एडिटेड ऑडियो भी वायरल कराए गए। -सीमा गौतम, खंड शिक्षा अधिकारी, (मुख्यालय से संबद्ध)

Saturday, December 21, 2024

शिक्षक के निलंबन के मामले बीएसए हरदोई के खिलाफ जांच कर तीन महीने में रिपोर्ट करें दाखिल : हाईकोर्ट

शिक्षक के निलंबन के मामले बीएसए हरदोई के खिलाफ जांच कर तीन महीने में रिपोर्ट करें दाखिल : हाईकोर्ट

शिक्षक के निलंबन के मामले में कार्रवाई को पाया अनुचित


लखनऊ। हरदोई के एक शिक्षक के निलंबन मामले में बीएसए ने हाईकोर्ट लखनऊ के आदेश की अवहेलना करते हुए आदेश पास करने पर हाईकोर्ट ने बीएसए के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अदालत ने बीएसए के खिलाफ जांच कर तीन महीने में रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया। साथ ही जांच पूरी होने तक बीएसए को कोई जिम्मेदारी न देने के भी निर्देश दिए हैं।

न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की एकल पीठ ने राजीव कुमार मिश्रा की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई नौ अप्रैल को नियत की है।

याची के अधिवक्ता विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अदालत ने याची के खिलाफ आदेश पारित करने से पहले याची को जीवन निर्वाह भत्ता देने का आदेश दिया था। संबंधित बीएसए ने अदालत के आदेश की अवहेलना करते हुए पिछली दिनांक में फर्जी आदेश पारित कर दिया।

अदालत ने बीएसए के आदेश पर नाराजगी जताते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया है। अदालत ने बीएसए द्वारा पारित 10 अप्रैल के आदेश को भी निरस्त कर दिया है।




हरदोई बीएसए को निलंबित करने का हाईकोर्ट का आदेश, निलंबित शिक्षक को बर्खास्त करने और उसके देयकों के भुगतान के बारे में उच्च न्यायालय के अवहेलना पड़ी भारी  

हरदोई। बेसिक शिक्षा अधिकारी वीपी सिंह को मनमानी भारी पड़ गई है, उनके द्वारा निलंबित शिक्षक को टर्मिनेट करने और उसके देयकों के भुगतान के बारे में उच्च न्यायालय के दो निर्देशों की अवहेलना की गाज जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह पर गिरी है। दरअसल हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस अब्दुल मुईन ने बीएसए वीपी सिंह को निलंबित करने का शासन को आदेश दिया है। मामला बावन ब्लॉक के सधई बेहटा परिषदीय विद्यालय में तैनात रहे अध्यापक राजीव कुमार मिश्रा से जुड़ा है। 


जानकारी के अनुसार राजीव को विभाग ने निलंबित और बाद में बर्खास्त कर दिया था। राजीव विभाग की कार्यवाही और देयकों आदि के भुगतान नहीं होने का मामला उच्च न्यायालय लखनऊ ले गए थे। बताते हैं, देयकों के भुगतान को लेकर हाई कोर्ट ने दो मर्तबा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह को दिशा निर्देश जारी किए थे। लेकिन, वीपी सिंह ने हाई कोर्ट के निर्देश पर अमल नहीं किया। न्यायालय की अवमानना से क्षुब्ध जस्टिस अब्दुल मुईन ने हरदोई बीएसए को निलंबित करने का आदेश शासन को दिया है और भविष्य में कभी बीएसए जैसे महत्वपूर्ण पर से इन्हें दूर रखने के दिशा निर्देश सरकार को जारी किए हैं। 


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Tuesday, July 23, 2024

शासन ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में बीईओ को किया निलंबित

शासन ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में बीईओ को किया निलंबित


हरदोई। शासन ने गंभीर भ्रष्टाचार के आरोपों में संडीला के तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन्हें मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक अयोध्या के कार्यालय से संबद्ध किया गया है। निलंबित बीईओ इन दिनों बाराबंकी में तैनात हैं। संडीला के बीआईओ के पद पर तैनात रहे दीपेश कुमार को लेकर गंभीर गोपनीय शिकायत बीएसए को मिली थी। उन्होंने इस मामले में गोपनीय जांच कराई तो पता चला कि बीईओ दीपेश कुमार ऑफलाइन निरीक्षण  के जरिए शिक्षकों से धन उगाही करते हैं।

ब्लाक संसाधन केंद्र संडीला के लिपिक और कार्यालय सहायकों के माध्यम से अध्यापकों से कंपोजिट ग्रांट, निर्माण कार्यों, स्पोर्ट ग्रांट आदि में रुपये की मांग करते हैं। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता प्रभावी होने के बाद भी दीपेश कुमार ने बड़ी संख्या में अनुदेशकों, शिक्षामित्र और शिक्षकों को संबद्ध कर दिया।

आचार संहिता की उलझन के साथ ही निर्वाचन संबंधी कार्यों में भी दीपेश कुमार ने लापरवाही की। आईजीआरएस के प्रकरणों का भी निस्तारण नहीं किया । इसके चलते अपर शिक्षा निदेशक बेसिक कामता रामपाल ने दीपेश कुमार को निलंबित कर दिया है। दीपेश कुमार का हाल ही में जनपद से तबादला हो गया था। इन दिनों वह बाराबंकी जनपद के पूरे ढलई ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर तैनात थे।


Thursday, July 11, 2024

सुर्खियों में हरदोई की वर्तमान और पूर्व BSA का विवाद, नई BSA को विभागीय दायित्व न सौंपने पर पत्र लिख DGSE से की गई शिकायत


सुर्खियों में हरदोई की वर्तमान और पूर्व BSA का विवाद, नई BSA को विभागीय दायित्व न सौंपने पर पत्र लिख DGSE से की गई शिकायत

पूर्व बीएसए पर कार्य में बाधा डालने और अफवाह फैलाने का लगा आरोप, शासन तक पहुंचा मामला

पूर्व BSA विजय प्रताप सिंह ने नए BSA को नहीं सौंपा CUG नंबर, आवास और विभाग की गाड़ी


उत्तर प्रदेश का बेसिक शिक्षा विभाग आजकल सुर्खियों में है। पहले शिक्षकों की ऑनलाइन हजारी को लेकर तो अब अपने ही दो जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के बीच के विवाद को लेकर विभाग चर्चा में है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में तबादला नीति के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बेसिक शिक्षा अधिकारियों के तबादले किए गए हैं।


जिसके तहत हरदोई के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह का स्थानांतरण हरदोई से माध्यमिक शिक्षा निदेशालय कर दिया गया। वहीं, हरदोई में रतन कीर्ति को नई तैनाती दी गई और उन्होंने ज्वाइन किया। सरकारी नंबर और विभागीय गाड़ी नए बीएसए को नहीं दिया गया।

दरअसल, हरदोई की नई बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा डीजी बेसिक शिक्षा को पत्र लिख पूर्व बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह की शिकायत की गई। लिखा गया कि विजय सिंह द्वारा विभागीय दायित्वों को सौंपने में सहयोग नहीं किया गया।

फिलहाल शिक्षा विभाग के दो अधिकारियों के विवाद में पूरे हरदोई जिले के सभी विद्यालयों में शिक्षा प्रभावित है। शासन ने गंभीर मानते हुए विभागीय जांच गठित कर दी 


3 जुलाई को पदभार ग्रहण करने के बाद से पूर्व बीएसए विजय प्रताप सिंह और नई बीएसए रतन कीर्ति के बीच आपसी तनातनी देखने को मिल रही है। बीएसए विजय प्रताप सिंह के तबादले के बाद जनपद में एक बार चर्चा जोरों से हुई कि बीएसए विजय प्रताप सिंह ने अपना तबादला रुकवा लिया है और वही अब हरदोई के बीएसए बने रहेंगे।हालाँकि इस बाबत कोई भी शासनादेश जारी नहीं हुआ जबकि नई बीएसए रतन कीर्ति ने 3 जुलाई को पदभार ग्रहण किया और लगातार स्कूलों का निरीक्षण भी कर रही हैं।

इन सबके बीच रतन कीर्ति ने एक पत्र जारी कर तत्कालीन बीएसए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। रतन कीर्ति ने कहा कि 3 जुलाई को पदभार ग्रहण करने के बाद तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह का रवैया उनके प्रति सहयोगात्मक नहीं रहा।उनके द्वारा लगातार झूठी अफवाहें फैलाई जा रही है कि वह पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हरदोई के पद पर आसीन होने वाले हैं साथ ही उनके द्वारा सीयूजी नंबर, विभागीय गाड़ी व विभागीय आवास अब तक उनको नहीं दिया गया है। बीएसए रतन कीर्ति ने तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह पर आरोप लगाया है कि उनके द्वारा विभागीय कर्मचारियों को हिदायत दी गई है कि उन्हें किसी प्रकार से कार्यालय में कोई कार्य सुचारू रूप से न करने दिया जाए।

बीएसए रतन कीर्ति ने कहा कि वह प्रतिदिन सुबह 9:30 पर कार्यालय पहुंच जाती हैं मोबाइल न होने और लगातार तत्कालीन बीएसए के दखल से स्कूल से संबंधित कार्यों को करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इससे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है और साथ ही मानसिक पीड़ा उठानी पड़ रही है। हरदोई के बेसिक शिक्षा विभाग में दो बेसिक शिक्षा अधिकारियों के बीच चल रही खींचतान का मामला शासन तक पहुंच गया है।

जानकारी के मुताबिक बीएसए रतन कीर्ति ने शासन को तत्कालीन बीएसए विजय प्रताप सिंह की शिकायत की है जिसे शासन ने गंभीर मानते हुए विभागीय जांच गठित कर दी है। हरदोई के तत्कालीन बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह की कार्यशाली को लेकर पहले भी कई बार सवाल खड़े हो चुके हैं। 

Thursday, December 21, 2023

विभागीय छवि धूमिल करने के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित

विभागीय छवि धूमिल करने के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी निलंबित


हरदोई : बेसिक शिक्षा विभाग में विभागीय मिलीभगत से शिकायतों के नाम पर धन वसूली के आरोप में पहली बार इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है। जिलाधिकारी के पूरा मामला संज्ञान में लेने के बाद न केवल इस मामले में तत्कालीन बीईओ समेत पांच पर एफआइआर दर्ज कराई गई थी। बल्कि बीईओ को निलंबित कर उच्च स्तरीय जांच शुरू की गई है। विभाग में ऐसे मामले तो कई बार आए, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई थी। अब हुई कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है।


हरदोई : डीएम की संस्तुति और एफआईआर के बाद बीईओ निलंबित, बैठी जांच


20 दिसंबर 2023



10 दिसंबर 2023

बीईओ के खिलाफ शासन से डीएम ने की बर्खास्तगी की संस्तुति, शिक्षा विभाग में मची खलबली

संगठित गिरोह बनाकर शिक्षक व विभागीय अधिकारियों का सूचना के अधिकार के नाम पर कर रहे थे आर्थिक व मानसिक दोहन




हरदोई। डीएम ने बीईओ की बर्खास्तगी की संस्तुति शासन से की है। वहीं, अभी कई अन्य पर भी कार्रवाई हो सकती है। इस मामले के बाद शिक्षा विभाग में खलबली है।


प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग संगठित गिरोह बनाकर शिक्षक व विभागीय अधिकारियों का सूचना के अधिकार के नाम पर आर्थिक व मानसिक दोहन कर रहे है। इस पर जिलाधिकारी ने प्रथम दृष्टया तत्कालीन बीईओ बेंहदर अशोक यादव व कार्यालय लिपिक मधुर पाल का मोबाइल जमा करा लिया था और मोबाइल की साइबर सेल से जांच कराई थी।


जांच टीम ने पाया था कि बीईओ अशोक यादव, पिहानी के कुल्लही निवासी विमलेश शर्मा, सुभाष नगर निवासी अतुल कुमार सिंह, चांद बेहटा निवासी भगत बाबा तेज गिरि और आशा निवासी राम शरण गुप्ता से विभागीय सूचनाएं साक्षा करते हैं और उसी पर विभाग में वह लोग शिकायतें दर्ज कराके अधिकारियों व कर्मचारियों को ब्लैकमेल करते हैं। डीएम के निर्देश पर शहर कोतवाली में पांचों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।


इस मामले में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बीईओ अशोक यादव की बर्खास्तगी की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी ने बताया कि बीईओ के खिलाफ बर्खास्तगी की संस्तुति शासन से की गई है और पुलिस को इस मामले कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।


बीईओ व विमलेश शर्मा के बीच हुए 150 पेज की चैटिंग

जांच टीम ने पाया कि बीईओ अशोक यादव और विमलेश शर्मा के बीच व्हाट्सएप पर जो चैट की गई, उसमें बीईओ पहले जानकारी देते थे, जिस पर विमलेश शर्मा शिकायत बनाता था। इसमें बाद में बीईओ संसोधन करके वापस करते थे। वहीं, अगले दिन शिकायत सूचना के अधिकारी के रूप में विभाग में दी जाती थी। इस तरह 150 पेज की चैटिंग मिली है। इसके अलावा 32 जीवी में दोनों के बीच के वार्ता का रिकार्ड है। विमलेश ने विभाग में सूचना के अधिकार के 50, अतुल सिंह ने 60, बाबा तेज गिरी ने 30 और रामशरन ने 102 आवेदन किए हैं।


बीईओ समेत पांच पर रिपोर्ट, बर्खास्तगी की संस्तुति

हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ ही विभाग से संंबंधित गोपनीय जानकारियां बाहरी लोगों को देकर वसूली का संगठित गिरोह चलाने के आरोप में खंड शिक्षा अधिकारी समेत पांच लोगों के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। जांच समिति ने खंड शिक्षा अधिकारी की बर्खास्तगी की संस्तुति की है।


बीती पांच सितंबर को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के लेटर पैड पर आलाेक कुमार मिश्र ने डीएम एमपी सिंह और बीएसए विजय प्रताप सिंह से शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में कहा था कि पिहानी कोतवाली क्षेत्र के कुल्लही निवासी विमलेश शर्मा, शहर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी अतुल कुमार सिंह और आशा निवासी राम शरण गुप्ता एक संगठित गिरोह चलाते हैं। 


विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों की शिकायत कर आर्थिक शोषण करते हैं। बड़ी संख्या में कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़ी व्यक्तिगत जानकारियां सूचना का अधिकार के माध्यम से मांगते हैं। डीएम ने इस पत्र पर तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच समिति में एसडीएम शाहाबाद, सीओ शाहाबाद और बीएसए शामिल थे।


टीम को पता चला कि इस पूरे खेल के पीछे कुछ विभागीय लोग भी शामिल हैं। इस जानकारी पर डीएम ने बेहंदर के तत्कालीन बीईओ अशोक कुमार यादव, कनिष्ठ लिपिक मधुर पाल के मोबाइल फोन जब्त करा लिए और साइबर सेल से इसकी जांच कराई। जांच में पता चला कि अशोक कुमार यादव, विमलेश शर्मा को लगातार विभागीय जानकारियां दे रहा था। अधिकांश शिकायतें विमलेश शर्मा, भगत बाबा तेजगिरि ही तैयार करते थे। सोशल मीडिया में शिकायतों का प्रचार प्रसार कर उगाही की जाती थी।


जांच रिपोर्ट के आधार परखंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार यादव के साथ ही कुल्लही निवासी विमलेश शर्मा, सुभाष नगर निवासी अतुल कुमार सिंह, आशा निवासी राम शरण गुप्ता और चांद बेहटा निवासी भगत बाबा तेज गिरि के खिलाफ जालसाजी, भयभीत करके वसूली करने, गोपनीय दस्तावेजों को अवांछित लोगों तक पहुंचाने और दूसरों को नुकसान पहुंचाने की साजिश करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।


शिकायतें लिखते थे दो लोग, दूसरे नामों से की जाती थी शिकायत
शहर कोतवाली में दर्ज कराई एफआईआर में स्पष्ट कहा गया है कि जब अशोक कुमार यादव का मोबाइल जब्त कर जांच साइबर सेल से कराई गई तो कई महत्वपूर्ण बिंदु सामने आए। अधिकांश शिकायतें विमलेश शर्मा और भगत बाबा तेजगिरि तैयार करते थे। इन शिकायतों को तैयार करने के लिए अशोक यादव की मदद ली जाती थी। 

लोकायुक्त कार्यालय में शिकायतें मनोज कुमार द्विवेदी, उपेंद्र कुमार राजन, ब्रजेश सिंह, अमित कुमार यादव आदि नामों से की जाती थीं। इसी तरह जनसूचना अधिनियम के तहत जानकारी मांगने के लिए भी प्रश्न विमलेश और भगत बाबा तैयार करते थे, जबकि अन्य नामों से इन सूचनाओं को मांगा जाता था।


हो सकती है आजीवन कारावास तक की सजा
वरिष्ठ अधिवक्ता ओपी दीक्षित के मुताबिक जिन धाराओं में मामला दर्ज हुआ है, वे संगीन हैं। शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 की धारा पांच के तहत दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है। धारा 211 भी आरोपियों पर लगी है। इसमें सात वर्ष तक की सजा का नियम है।

Monday, October 23, 2023

गिरोह बनाकर बेसिक शिक्षकों व कर्मचारियों से धन उगाही मामले में हरदोई के डीएम ने लिया संज्ञान, जाँच कमेटी गठन कर कार्यवाही का आदेश

गिरोह बनाकर बेसिक शिक्षकों व कर्मचारियों से धन उगाही मामले में हरदोई के डीएम ने लिया संज्ञान,  जाँच कमेटी गठन कर कार्यवाही का आदेश 


जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने बेसिक शिक्षा विभाग में शिकायतें करके दबाव बनाने के बाद धन उगाही करने के मामले की जांच करने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। वहीं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारी, समस्त जिला समन्वयक, पटल सहायक, अध्यापक, अध्यापिकाओं को पत्र भेजा गया है।


इसमें बीएसए ने लिखा है कि पिहानी थाना क्षेत्र निवासी विमलेश शर्मा, हरदोई कोतवाली के सुभाष नगर निवासी अतुल सिंह, महोलिया शिवपार निवासी रामशरण आदि के संबंध में एक शिकायती पत्र मिला है। इसमें कहा गया है कि ये लोग संगठित गिरोह चला रहे हैं। भारी संख्या में आधारहीन व साक्ष्यहीन शिकायतें करके विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों का मानसिक तथा आर्थिक शोषण कर रहे हैं।


बीएसए का कहना है कि शिकायती पत्र मे कहा गया है कि इस गिरोह द्वारा बड़ी संख्या में अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों के संबंध में अनेक बिंदुओं में व्यक्तिगत तथा अन्य सूचनाएं मांगी जा रही हैं। सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से दबाव बनाकर धन उगाही की जा रही है। डीएम एमपी सिंह ने इस शिकायत पर उप जिलाधिकारी शाहाबाद, सीओ शाहाबाद व बीएसए की तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। यह कमेटी विस्तृत जांच करेगी।


बीएसए ने कहा है कि इसलिए उक्त लोगों द्वारा पटल पर जितने भी शिकायती पत्र, आईजीआरएस, सूचना अधिकार के तहत आवेदन भेजे हैं वे सभी साक्ष्यों, छाया प्रतियों के साथ लिखित रूप में दो दिन में बीएसए के समक्ष उपलब्ध कराएं। ताकि उसे जांच समिति के समक्ष प्रस्तुत करें। उचित जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।


शिक्षकों व कर्मचारियों से धन उगाही मामले में जाँच कमेटी गठन  का आदेश



तीन सदस्यीय टीम को सौंपी गई जांच

बीएसए कार्यालय में सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी का मामला

बीएसए ने बीईओ व पटल सहायकों को दिए साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश


हरदोई। बेसिक शिक्षा विभाग में संगठित होकर सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने और शिकायतों को करने में शामिल लोगों की तीन सदस्यीय टीम जांच करेगी। डीएम ने एसडीएम शाहाबाद की अध्यक्षता में टीम गठित की है। बीएसए ने सभी बीईओ को साक्ष्य उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।


बेसिक शिक्षा अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने सभी खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक व पटल सहायकों को जारी किए गए पत्र में कहा कि पिहानी के कुल्लही निवासी विमलेश शर्मा, उसके सहयोगी सुभाष नगर निवासी अतुल कुमार सिंह और ग्राम आशा निवासी राम शरण गुप्ता एक संगठित गिरोह चला रहे हैं। यह लोग आधारहीन व साक्ष्यहीन शिकायतें करके विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों की छवि खराब कर रहे हैं।


जांच के लिए डीएम की ओर से एसडीएम शाहाबाद की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। जिसमें क्षेत्राधिकारी शाहाबाद के अलावा बीएसए शामिल है। उन्होंने सभी को निर्देशित किया है कि इन लोगों की ओर से मांगी गई सूचनाओं के संबंध में किए गए आवेदन, उनको दी गई सूचनाओं, शिकायतों का विवरण व साक्ष्य दो दिन में उपलब्ध कराएं। इसमें लापरवाही करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


Sunday, October 22, 2023

अब बेसिक शिक्षक / शिक्षिकाएं फोन, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए घर बैठे अपनी शिकायत या समस्या करा सकेंगे दर्ज, हरदोई बीएसए का शिक्षक हित में उम्दा नवाचार


अब बेसिक शिक्षक / शिक्षिकाएं फोन, ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए घर बैठे अपनी शिकायत या समस्या करा सकेंगे दर्ज, हरदोई बीएसए का शिक्षक हित में उम्दा नवाचार

Friday, May 20, 2022

हरदोई में बेसिक शिक्षा का रिश्वतखोर बाबू घूस लेते गिरफ्तार, सात लाख एरियर भुगतान के लिए मांगे थे 1.40 लाख

हरदोई में बेसिक शिक्षा का रिश्वतखोर बाबू घूस लेते गिरफ्तार, सात लाख एरियर भुगतान के  लिए मांगे थे 1.40 लाख

एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार घूस लेते दबोचा


हरदोई । शिक्षक से एरियर भुगतान के लिए घूस मांगने वाले उपबेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के लिपिक जैनुल खां को गुरुवार को एंटी करप्शन टीम ने 10 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। सात लाख एरियर भुगतान के लिए 20 फीसदी यानी 1.40 लाख रुपये घूस मांगी थी।


पिहानी के संविलियन विद्यालय जाजूपुर में तैनात सहायक अध्यापक महेश कुमार 2019 में गम्भीर बीमारी के शिकार हो गए। कई महीने इलाज चला। इस अवधि का उनका सात लाख एरियर बकाया था। कई बार चक्कर लगाने पर भी सुनवाई नहीं हुई। इस पर उन्होंने लिपिक जैनुल से बात की।


उन्होंने 20 फीसदी कमीशन पर एरियर भुगतान कराने को कहा। महेश कुमार ने एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया। गुरुवार को जैनुल ने महेश को दस हजार रुपये लेकर कार्यालय आने को कहा। कार्यालय पहुंच जैसे ही 10 हजार रुपये बाबू को दिए एंटी करप्शन की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिए। सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बीएसए वीपी सिंह ने बताया कि नियमानुसार कार्रवाई होगी। 

Thursday, December 9, 2021

वित्तीय नियमों की अनदेखी कर GPF खाते से धन आहरण को स्वीकृत करने के आरोप में BSA बाराबंकी एवं BSA हरदोई से स्पष्टीकरण तलब, देखें

वित्तीय नियमों की अनदेखी कर GPF खाते से धन आहरण को स्वीकृत करने के आरोप में BSA बाराबंकी एवं BSA हरदोई से स्पष्टीकरण तलब, देखें।


 प्रदेश सरकार ने कर्मचारी के भविष्य निधि खाते में जमा राशि से अधिक राशि निकालने की स्वीकृति देने के आरोप में बाराबंकी के बेसिक शिक्षा अधिकारी अजय कुमार सिंह और हरदोई के बीएसए वीरेंद्र प्रताप सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 

बाराबंकी के बीएसए अजय कुमार सिंह ने सिद्धार्थनगर में डायट प्राचार्य एवं बीएसए पद पर तैनाती के दौरान डायट में कार्यरत कर्मचारी भरत प्रसाद को भविष्य निधि खाते में जमा राशि से अधिक राशि निकालने की स्वीकृति दी। मामले की जांच में अजय कुमार सिंह को प्रथम दृष्टया लापरवाही का दोषी माना है।

इसी प्रकार हरदोई के बीएसए वीरेंद्र कुमार सिंह ने मऊ में डायट प्राचार्य पद पर रहते हुए वहां कार्यरत भरत प्रसाद प्रधान के भविष्य निधि खाते में से जमा राशि से अधिक राशि निकालने की अनुमति दी। मामले की जांच में कोषागार निदेशक ने वीरेंद्र कुमार सिंह को लापरवाही का दोषी माना है। 

विभाग के विशेष सचिव आरबी सिंह ने अजय कुमार सिंह और वीरेंद्र कुमार सिंह को स्पष्टीकरण नोटिस जारी करते हुए 15 दिन में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए है।  विशेष सचिव ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर दोनों अधिकारियों के खिलाफ एक तरफा निर्णय लेते हुए कार्रवाई की जाएगी।





 

Tuesday, November 23, 2021

हरदोई में बीएलओ की ड्यूटी से परेशान शिक्षक ने फांसी लगाकर दी जान, चार दिसंबर को थी शादी

हरदोई में बीएलओ की ड्यूटी से परेशान शिक्षक ने फांसी लगाकर दी जान, चार दिसंबर को थी शादी


शहर के मुहल्ला सुभाषनगर में किराए के मकान में रह रहे परिषदीय विद्यालय के शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दे दी। मूल रूप से लखनऊ निवासी शिक्षक की टोडरपुर विकास खंड में तैनाती थी। घटना के पीछे बीएलओ व टीकाकरण ड्यूटी से परेशान रहना बताया गया है। शिक्षक अनिल कुमार की शादी शहर के राधानगर में तय हुई थी। चार दिसंबर को ही शादी थी



हरदोई  । शहर के मुहल्ला सुभाषनगर में किराए के मकान में रह रहे परिषदीय विद्यालय के शिक्षक ने फांसी लगाकर जान दे दी। मूल रूप से लखनऊ निवासी शिक्षक की टोडरपुर विकास खंड में तैनाती थी। घटना के पीछे बीएलओ व टीकाकरण ड्यूटी से परेशान रहना बताया गया है। हालांकि, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला और न ही ड्यूटी को लेकर कोई शिकायत की बात सामने आई है।


लखनऊ के प्रियदर्शनी कालोनी 01-277 सेक्टर बी निवासी अनिल कुमार पुत्र गोधन लाल का वर्ष 2018 शिक्षक भर्ती में चयन हुआ था और टोडरपुर विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय करावां में वह सहायक अध्यापक थे। वर्तमान में वह सुभाषनगर में किराए के मकान में अपने भाई अतुल कुमार के साथ रहते थे। अतुल कुमार भी बावन के प्राथमिक विद्यायल सौरंगपुर में सहायक अध्यापक है। 


अतुल कुमार ने बताया कि भाई अनिल कुमार बीएलओ और कोबिड टीकाकरण ड्यूटी को लेकर परेशान रहते थे। सोमवार को उन्हें शाहाबाद बीएलओ प्रशिक्षण में जाना था, लेकिन नहीं गए वह विद्यालय चला गया, जबकि उसकी पत्नी नीतू आजादनगर स्थित अपने मायके गई थी। घर पर भाई अनिल कुमार ही थे।


अतुल कुमार के अनुसार शाम को जब वह घर वापस लौटा तो कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा घटखटाने के बाद नहीं खुला तो उसने दरवाजा तोड़ दिया। दरवाजा तोड़ते देख कि उसका शव छत के कुंडे से रस्सी से लटका था। उसके होश उड़ गए। उसने पुलिस को घटना को जानकारी दी, जिसके बाद सभी मौके पर पहुंचे। अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में जान देने का कारण ड्यूटी से परेशानी बताया है। कोतवाल दीपक शुक्ला ने बताया कि अतुल कुमार का कहना है कि भाई अनिल कुमार बाइक चलाना नहीं जानते थे और तभी ड्यूटी को लेकर परेशान रहते थे। उन्होंने बताया कि किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है और न ही कोई सुसाइड नोट मिला है। 


चार दिसंबर को थी शादीः शिक्षक अनिल कुमार की शादी शहर के राधानगर में तय हुई थी। चार दिसंबर को ही शादी थी, स्वजन का कहना है कि घर में शादी की तैयारियां चल रहीं थी, किसी को क्या पता था कि इतनी बड़ी घटना हो जाएगी। अनिल कुमार के जान देने के स्वजन में कोहराम मचा है वहीं उनके साथी शिक्षक व अन्य में शोक है।

Saturday, July 17, 2021

हरदोई : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें

हरदोई : कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में चयन हेतु विज्ञप्ति जारी, देखें

Wednesday, July 7, 2021

फर्जीवाड़े पर अब तक 124 शिक्षक हो चुके बर्खास्त इस जिले में, कई और की नौकरी भी निशाने पर

फर्जीवाड़े पर अब तक 124 शिक्षक हो चुके बर्खास्त इस जिले में,  कई और की नौकरी भी निशाने पर



हरदोई  :  शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा में लगातार कार्रवाई हो रही है। बीते दिनों तीन टीचर्स को बर्खास्त किया गया है। इनमें अब भरावन विकास खंड दखिलौल की मुन्नी रानी, बिलग्राम विकास खंड के सांपखेड़ा की अंकिता वर्मा और सांडी के उच्च प्राथमिक विद्यालय के धर्मेंद्र कुमार को बर्खास्त किया गया है। 


ऐसा पहली बार नहीं है कि जिले में शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा सामने आया है। अब तक हरदोई में 124 शिक्षक-शिक्षिकाएं बर्खास्त हो चुकी हैं। कई और टीचर्स की जांच चल रही है। दोषी पाये जाने पर इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंतराव ने शिक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा से सम्बंधित जानकारी दी।


वर्ष 2011 में यूपी के परिषदीय विद्यालयों में 72,825 शिक्षकों की भर्ती हुई थी। जांच में सामने आया कि बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने फर्जी टीईटी अंकों के आधार पर नौकरी हासिल की। जांच में फर्जी पाये गये 32 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया, 2014 में 66 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। 


वर्ष 2015 में उच्च प्राथमिक विद्यालयों में विज्ञान, गणित भर्ती में भी 15 फर्जी मिले थे। आगरा विश्वविद्यालय में वर्ष 2004-05 के बीएड करने वालों की आठ शिक्षक-शिक्षिकाओं को फर्जी पाया गया। इसके बाद दोनों को बर्खास्त किया गया।

Saturday, January 30, 2021

हरदोई : पदोन्नति की स्थिति के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी

हरदोई : पदोन्नति की स्थिति  के सम्बन्ध अद्यतन अपडेट जारी


पहल पड़ी भारी : बिना आदेश चलायी जा रही मोहल्ला क्लास, छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद अधिकारियों ने साधी चुप्पी

पहल पड़ी भारी :  बिना आदेश चलायी जा रही मोहल्ला क्लास, छेड़छाड़ की घटनाओं के बाद अधिकारियों ने साधी चुप्पी


बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में इन दिनों बच्चों को नहीं बुलाया जा रहा है, ऐसे में बच्चे शिक्षा से वंचित न हो इसके लिए काफी संख्या में शिक्षकों ने बिना किसी आदेश के मोहल्ला - क्लास की शुरूआत की है। लेकिन ये पहल उनके लिए भारी पड़ रही है।


राजधानी समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में शुरू हुई इस पहल से बच्चों को तो लाभ मिल रहा है, लेकिन जब शिक्षक स्कूल से निकलकर गांव की ओर जाते हैं - उनके साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। जिसमें गुरूवार - को सीतापुर की घटना सबसे बड़ा उदाहरण बन गयी। 


जहां संधना थाना क्षेत्र में एक शिक्षिका जो मोहल्ला क्लास चलाकर बच्चों का भविष्य सवारने निकली थी, लेकिन दो लोगों न उससे छेड़छाड़ किया। इस संबंध में एफआईआर भी दर्ज की गयी है । इसी तरह से गोंडा में एक प्रकरण सामने आया इस संबंध में शिक्षिका ने बीएसए से मदद भी मांगी जिसकी कोई मदद नहीं की गयी, वहीं लखीमपुर, बांदा बलिया, देवारिया, हाथरस व हमीरपुर से महिला शिक्षकों से अभ्रदता की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, लेकिन विभाग अधिकारी इस पर चुप्पी साधे रहते हैं।

शिक्षकों ने खोला मोर्चा

आये दिन हो रही महिला शिक्षकों की घटनाओं को देखते हुए शिक्षकों ने जिम्मेदार हुक्मरानें के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस संबंध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के अध्यक्ष महेश मिश्रा ने एसपी आरपी सिंह से फोन पर बातचीत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिक्षकों की मांग है सीतापुर जैसी घटनाएं न हो इस पर पुलिस प्रशासन को भी आगे आना होगा और विभाग के अधिकारियों को भी ध्यान देना होगा।

मोहल्ला क्लास चलाने का कोई स्पष्ट आदेश नहीं

सरकारी स्कूलों के तहत गांव-गांव में मोहल्ला क्लास चलाये जाने का स्पष्ट आदेश नहीं है, लेकिन फिर भी शिक्षक अपने प्रयास से ये जोखिम उठा रहे हैं, हैरानी की बात ये ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा के नाम पर पुलिस की भी लापरवाही सामने निकल कर आती है।

"मोहल्ला क्लासें जहां-जहां भी चल रही है, उसमें ग्रामीणों को भी सहयोग करना चाहिए, बाकी शिक्षकों को कोई जबरदस्ती नहीं है।"  -बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए, लखीमपुर

बच्चे स्कूलो में बलाये जाने चाहिए,

"मोहल्ला क्लास से कुछ नहीं होने वाला है, भले ही कोरोना की सख्त गाइडलाइन का पाल करना पड़े।' -महेश मिश्रा, मंडलीय व जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ

"मोहल्ला क्लास के लिए कोई ऊपर से आदेश नहीं है, लेकिन शिक्षकों ने पहल शुरू की है तो ये" अच्छी बात है, गांव वालों को सहयोग करना चाहिए। -दिनेश कुमार, बीएसए लखनऊ

"शिक्षक अपने प्रयास से मोहल्ला क्लास चला रहे हैं, ऊपर से आदेश कोई भी नहीं है, लेकिन ये पहल सराहनीय है, इसका सम्मान होना चाहिए।" -हेमंत राव, बीएसए हरदोई

साभार - अमृत विचार

Monday, January 25, 2021

हरदोई : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के सम्बंध में कार्यमुक्ति से पहले सभी प्रक्रियाओं के पालन हेतु निर्देश जारी

हरदोई :  अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के सम्बंध में कार्यमुक्ति से पहले सभी प्रक्रियाओं के पालन हेतु निर्देश जारी। 



Monday, January 18, 2021

हरदोई : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का रखरखाव रखेंगे बा लेखाकार, बा लेखाकारों को ब्लॉकों पर भी निभानी होगी जिम्मेदारियां

हरदोई : शिक्षकों की सेवा पुस्तिकाओं का रखरखाव रखेंगे बा लेखाकार, बा लेखाकारों को ब्लॉकों पर भी निभानी होगी जिम्मेदारियां

▪️महानिदेशक ने सुझाए 17 कार्य, बीएसए को जारी किए निर्देश


हरदोई : ब्लॉकों के परिषदीय शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों से संबंधित सेवा पुस्तिकाओं के रखरखाव सहित 17 कार्यों का दायित्व कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों के लेखाकारों को सौंपा गया है। महानिदेशक ने इसको लेकर बीएसए को पत्र जारी किए हैं।


पिछले वर्ष जून में राज्य परियोजना निदेशक विजय किरन आनंद ने बा स्कूलों में कार्यरत लेखाकारों को ब्लॉकों के भी संबंधित दायित्व निपटाने के निर्देश दिए थे। उस दौरान कार्यों को लेकर संशय था। अब निदेशक स्तर से बा लेखाकार, खंड कार्यालय में कार्यालय सहायक व स्टाफ के कार्य आवंटन को लेकर दायित्व निर्धारित किए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बताया कि निदेशक स्तर से पत्र प्राप्त हो चुके हैं। खंड शिक्षा अधिकारियों को इस बारे में अवगत कराया गया है। जो दायित्व बताए गए हैं उनकी जिम्मेदारी कार्यरत लेखाकार व सहायकों की होगी। उन्होंने बताया कि लेखाकारों को शिक्षकों एवं शिक्षामित्रों से संबंधित सेवा पुस्तिकाओं व व्यक्तिगत पत्रावलियों का रखरखाव करना होगा। 

लेखा कार्यालय को वेतन फीडिंग उपलब्ध कराना, वेतन के अंतर को बिल जनरेट होने के बाद जांच करना, जीपीएफ पत्रावली का रखरखाव करना, स्थानांतरण से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव करना, मृतक शिक्षकों से संबंधित अभिलेखों का रखरखाव, मानव संपदा फीडिंग, शिक्षामित्रों व अनुदेशकों से संबंधित व्यक्तिगत पत्रावलियों का रखरखाव, शिक्षकों, शिक्षामित्रों के मानदेय बिल आदि बनाने का दायित्व सौंपा गया है। बीएसए ने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

Thursday, December 17, 2020

हरदोई : स्वेटर वितरण में धांधली, अब तक 18 हजार स्वेटर बदलवाए गए

हरदोई : स्वेटर वितरण में धांधली,  अब तक 18 हजार स्वेटर बदलवाए गए


बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से गरीब बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए मुफ्त स्वेटर वितरण की योजना पर भी भ्रष्टाचारी तंत्र ने ग्रहण लगा दिया है। सत्यापन के दौरान स्वेटरों की गुणवत्ता खराब निकल रही है। अब तक 18 हजार स्वेटर बदलवाए जा चुके हैं। भाजपा के सांसद व विधायकों ने भी इस पर नाराजगी जताई है।


हरदोई जिले के 19 विकास खंडों में 3500 से ज्यादा परिषदीय स्कूलों में पढ़ने वाले साढ़े चार लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को स्वेटर बांटे जा रहे हैं। एक स्वेटर के लिए सरकार ने 200 रुपये की धनराशि निर्धारित की है। टेंडर पाने के लिए एक निजी कंपनी ने 165 रुपये में स्वेटर देने का दावा किया। इस पर उससे चार लाख 59 हजार 39 स्वेटर खरीदने के लिए क्रय आदेश जारी कर दिया गया। वितरण के लिए आखिरी तारीख 30 नवंबर निर्धारित की गई थी, लेकिन इस अवधि में शत प्रतिशत स्वेटर नहीं बंट सके।


बेसिक शिक्षा विभाग के प्रगति आंकड़ों के अनुसार 14 दिसंबर तक जिले भर में 65 फीसदी बच्चों को ही स्वेटर बंट पाए हैं। वहीं जहां बांटे गए हैं वहां स्वेटर की क्वालिटी व वजन मानक के अनुसार न होने के मामले भी उजागर होने लगे हैं। अब तक सरकारी आंकड़ों में ही टड़ियांवा विकास खंड में 10 हजार और सण्डीला ब्लॉक क्षेत्र में लगभग 8000 स्वेटर गुणवत्ताहीन निकल चुके हैं।


सवायजपुर के भाजपा विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह के प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी का कहना है कि अधोमानक स्वेटर बांटने की शिकायतें मिली हैं। गुणवत्ताविहीन स्वेटर देना निंदनीय है। विधायक जी के साथ वह खुद स्कूलों में जाकर स्वत: निरीक्षण करेंगे। अभिभावकों से जानकारी लेंगे। खराब स्वेटर बदलवाएंगे। अनियमितता करने वालों के खिलाफ जांच व कार्रवाई कराएंगे। बीजेपी सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र सिंह ने कहा कि गरीब बच्चों को निर्धारित मानकों के अनुसार स्वेटर मिलना चाहिए। गड़बड़ी को गंभीरता से लिया गया है। सरकारी की योजना में अनियमितता करने वालों को दंडित कराया जाएगा। बीएसए, जिलाधिकारी से वार्ता कर सुधार कराएंगे।


जिला समन्वयक अमित वर्मा का कहना है कि सभी चार लाख 59 हजार 39 स्वेटरों की आपूर्ति हो चुकी है। इन्हें ब्लाकों में भेजकर बंटवाया जा रहा है। टड़ियांवा व सण्डीला में सत्यापन आख्या आने पर गुणवत्ता खराब होने की जानकारी मिली थी। इस पर दोनों जगह खराब स्वेटर वापस कर उन्हें बदलवा दिया गया है।


जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्तराव का कहना है कि गुणवत्ताहीन स्वेटर निकलने पर आपूर्ति कर्ता फर्म को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। मानकों के अनुरूप न निकलने वाले स्वेटरों को वापस कराएंगे। भुगतान में कटौती की भी कार्रवाई की जाएगी।

Sunday, November 1, 2020

हरदोई : लक्ष्य 4.59 लाख का एक भी बच्चे को नहीं मिला स्वेटर, समय पूरा, वितरण शुरू नहीं।

हरदोई : लक्ष्य 4.59 लाख का एक भी बच्चे को नहीं मिला स्वेटर, समय पूरा, वितरण शुरू नहीं।

हरदोई : बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित स्कूलों में पढ़ने वाले 4 लाख 59 हजार छात्र छात्राओं को मुफ्त ड्रेस वितरण की योजना लेटलतीफी का शिकार हो गई है। प्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में 31 अक्टूबर तक स्वेटर वितरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया था, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। तय समय सीमा बीत चुकी है लेकिन जिले में एक भी बच्चे को स्वेटर नसीब नहीं हुआ है। कागजी औपचारिकताओं को पूरी करने में हो रही देरी की वजह से बच्चों को स्वेटर के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। उधर विभाग इसी हफ्ते से स्वेटर बांटने का काम शुरू होने की बात कह रहा है।


जिले के 19 विकास खंडों में 3800 से ज्यादा स्कूल बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित हैं। कोरोना काल में इस बार बच्चे स्कूल नहीं आ रहे हैं। ऑनलाइन क्लासेज के जरिए पढ़ाई-लिखाई चल रही है। ऐसे में उम्मीद थी कि स्वेटर वितरण योजना इस बार समय से साकार होगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया के लिए कागजी औपचारिकताएं समय से पूरी करा पाने में जिम्मेदार फेल साबित हुए। अभी तक अक्टूबर के दूसरे पखवारे से स्वेटर वितरण कार्य शुरू कराने की बात कहने वाला शिक्षा विभाग अब देरी होने पर विभिन्न तरह की व्यस्तता की बातें बता रहे हैं। एक बच्चे को 200 रुपये कीमत का स्वेटर बंटना है। गुणवत्ता बेहतर बनाने व ठेकेदारी प्रथा का तिलिस्म तोड़ने के लिए जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर प्रक्रिया अपनाई गई। इसके तहत पूरे जिले में ठेका लेने वाली एक ही फर्म स्वेटर स्कूलों तक पहुंचाएगी। अभी तक जनपद स्तर पर ही स्वेटर नहीं आ सके हैं। खंड शिक्षा अधिकारी व स्कूलों के हेडटीचर से अभिभावक पूछ रहे हैं कि अबकी स्वेटर कब मिलेंगे तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं।


तीन-चार दिन में बंटने लगेंगे स्वेटर

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमन्तराव का कहना है कि 3 से 4 दिनों के अंदर मुफ्त स्वेटर वितरण की प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी। जेम पोर्टल के माध्यम से टेंडर हो गया है। संबंधित फर्म को वर्क आर्डर भी जारी कर दिया गया है। पहले 31 अक्टूबर तक की समय सीमा शासन से आई थी। अब प्रयास किया जाएगा कि नवंबर महीने में शत प्रतिशत बच्चों को स्वेटर मिल जाएं।

Monday, September 7, 2020

हरदोई : लापरवाह बीईओ से बीएसए ने किया जवाब-तलब

सुरसा ब्लॉक के लापरवाह बीईओ से जवाब-तलब

हरदोई  : बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने के लिए तैनात किए गए खंड शिक्षा अधिकारी अपने दायित्वों का पालन करने में घोर लापरवाही बरत रहे हैं। इससे बेलगाम शिक्षक व कर्मचारी मनमानी करके अव्यवस्था फैलाए हैं। इसकी एक झलक शनिवार को स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान बीएसए ने खुद देखी। नाराजगी जताई। बीईओ से स्पष्टीकरण मांगा। वहीं एक अनुचर का वेतन रोकने के निर्देश दिए।



शनिवार को सुबह 11 बजे बीएसए हेमन्तराव अचानक बीआरसी सुरसा में पहुंच गए। जमीनी हकीकत का निरीक्षण किया तो कमियां देखकर दंग रह गए। अनुचार कुसुमा देवी 21 अगस्त से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाई गईं। बीआरसी परिसर में चौतरफा गंदगी फैली मिली। छानबीन करने पर पता चला कि प्राथमिक विद्यालय एवं उच्च प्राथकिम स्कूल तुर्तीपुर, उच्च प्राथमिक स्कूल फर्दापुर, प्राथमिक विद्यालय सुरसा, प्राइमरी स्कूल ओदरा में कार्यरत अध्यापकों ने बालक व बालिकाओ को दो-दो सेट मुफ्त ड्रेस वितरण के लिए कपड़ा के संबंध में निविदा में 9 अगस्त की तिथि प्रकाशित कराई। जबकि इस दिन रविवार था।

बीएसए का कहना है कि खंड शिक्षा अभिकारी भगवान राव को निर्देश दिए गए हैं कि वे उक्त कमियों के संबंध में अपना स्पष्टीकरण समुचित साक्ष्यों के साथ तीन दिन के अंदर बीएसए कार्यालय में दें। ऐसा प्रतीत होता है कि बीईओ की लापरवाहीपूर्ण पर्यवेक्षण के कारण उपरोक्त विज्ञप्ति निविदा खोलने का दिन गलत तरीके से रविवार अंकित किया गया। ऐसा करके टेंडर के नियमों का पालन नहीं किया गया। इस मामले में अभी तक बीईओ ने कोई उचित कार्रवाई नहीं की। न ही उन्हें मामले की जानकारी दी। जिलाधिकारी को भी निरीक्षण आख्या भेजी गई है।

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