इलाहाबाद : परिषदीय स्कूल के शिक्षक स्कूल नहीं जा रहे हैं। शिक्षण व्यवस्था पटरी से उतरी हुई है। बीएसए के औचक निरीक्षण में कुछ ऐसी ही सच्चाई सामने आई है। पांच ब्लाकों के निरीक्षण के दौरान 80 शिक्षक गायब मिले। इसके साथ ही शैक्षिक गुणवत्ता में खामी मिलने पर आधा दर्जन से अधिक शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
बीएसए को शिकायत प्राप्त हो रही थी कि ब्लाक कौंधियारा, मऊआइमा, फूलपुर, हडिया, सैदाबाद क्षेत्र में संचालित प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षक व शिक्षिकाएं स्कूल नहीं जा रहे। हकीकत जानने के लिए उक्त ब्लाक के खंड शिक्षाधिकारियों से निरीक्षण कराया गया। 109 स्कूलों में 80 शिक्षक व शिक्षिकाएं अनुपस्थित मिले। सभी का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं।
इधर, प्राथमिक विद्यालय इस्माइलपुर मांडा के सहायक शिक्षक मोहम्मद फहीम, उच्च प्राथमिक स्कूल राजापुर मांडा के शंकर गिरि गोस्वामी, उच्च प्राथमिक स्कूल हंडिया की सहायक शिक्षिका सलमा बेगम, उच्च प्राथमिक स्कूल शरीफपुर हंडिया की सरीन बेगम, प्राथमिक स्कूल पीपलगांव कौड़िहार के गिरजेश कुमार, प्राथमिक स्कूल चिलबिला मांडा की शिक्षिका रिंकी त्रिपाठी के कक्षाओं की शैक्षिक गुणवत्ता कमजोर मिली। प्राथमिक स्कूल राजापुर मांडा की शिक्षिका फरजाना गनी, अनिल कुमार सिंह, सुरेश सिंह व शिक्षामित्र शीला देवी निरीक्षण अधिकारी के द्वारा पूछे गए गणित के सवालों का जवाब नहीं दे सकीं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी राजकुमार ने बताया कि स्कूल से गायब मिले शिक्षक व शिक्षिकाओं का एक दिन का वेतन काटने और जिन स्कूलों की शैक्षिक गुणवत्ता कमजोर मिली हैं, उन शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एक सप्ताह के अंदर वह जवाब नहीं देते तो उन पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। कहा कि निरीक्षण का क्रम जारी रहेगा। स्कूल से गायब मिलने वाले शिक्षकों को अब निलंबित करने की कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।
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