पेंशन के लिए जूनियर शिक्षक मुखर
कलेक्ट्रेट में धरना देकर भरी हुंकार,
प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा
अमर उजाला ब्यूरो
बहराइच। पेंशन व अन्य लंबित समस्याओं की मांग को लेकर शुक्रवार को जिले के जूनियर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट में धरना देकर हुंकार भरी। इसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित चार सूत्री ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। शिक्षकों के प्रदर्शन के चलते जूनियर विद्यालय में ताले लटकते रहे। शिक्षण कार्य प्रभावित रहा।
उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के बैनर तले जिले के जूनियर विद्यालयों के शिक्षक कलेक्ट्रेट में इकट्ठा हुए। जिलाध्यक्ष मकबूल अहमद खां की अगुवाई में सभी ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। इसके बाद धरना शुरू किया गया। जिलाध्यक्ष मकबूल अहमद ने कहा कि जिले के जूनियर विद्यालय के शिक्षकों की निरंतर अनदेखी की जा रही है। कई बार समस्याओं के मामले में अधिकारियों को अवगत कराया गया लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
मुख्य अतिथि मंडल अध्यक्ष विद्याविलास पाठक ने कहा कि जिला स्तर से शुरू हुआ संघर्ष जंतर मंतर दिल्ली में पहुंचेगा। 26 फरवरी को देश भर के जूनियर शिक्षक अपने हक और अधिकार की आवाज उठाएंगे। संचालन कर रहे जिला महामंत्री छविलाल शुक्ल ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों को नई पेंशन नीति से जोड़ा है। यह शिक्षकों के साथ विश्वासघात है। धरने को वसी अहमद खां, ओमप्रकाश शुक्ला, बृजेश कुमार, सलीम, राधेश्याम, सिराजुद्दीन न्यूटन, रामसिंह आजाद, जनकराज सिंह, अहमद उल्ला खां, रीता कनौजिया, सरवरी बेगम ने भी संबोधित करते हुए विधान परिषद सदस्य के निर्वाचन में चुनाव लड़ने का अधिकार प्रदान करने, अनुदेशकों को 20 हजार मासिक मानदेय प्रदान करने, शिक्षकों के सम्मान सुविधाएं देने व मृतक आश्रितों के पद पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति पुन: शुरू करने की आवाज उठाई।
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