जुलूस रोकने पर गेट के बाहर अफरातफरी
20 सूत्रीय मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन के बाद
परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने पैदल मार्च निकालकर टॉउन हॉल, अम्बेडकर
तिराहा, जिला परिषद होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के अन्दर
हिन्दू संगठनों के चल रहे धरना को लेकर पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर
दिया गया था। इसको लेकर जब प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष ठाकुर दास
यादव के नेतृत्व में हजारों शिक्षक शिक्षिकाओं की भीड़ को आरआरएफ व गेट पर
तैनात पुलिस फोर्स ने गेट पर ही रोक लिया। हजारों शिक्षकों के जुलूस को गेट
पर रोकने से कुछ देर के लिए वहां अफरा तफरी मच गई। इस पर शिक्षकों की भीड़
को सीओ सिटी डॉ. जंगबहादुर सिंह व सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना ने समझा
बुझाकर गेट के पास ही ज्ञापन लेकर शांत किया। प्रांतीय आह्वान पर जिले के
समस्त 1750 स्कूलों के शिक्षक शिक्षिकाएं अलग अलग संगठनों के साथ बुधवार को
आयोजित धरना प्रदर्शन के आंदोलन में शामिल हुए। इसमें प्राथमिक शिक्षक संघ
नेतृत्व में माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय अध्यक्ष गिरेंद्र सिंह
कुशवाह, ठाकुर लाल सिंह, वेलफेयर टीचर के सुंदर शास्त्री, आफताब आलम,
वित्तविहीन शिक्षक के दीपक पाठक, अजय सिंहाल, प्राथमिक शिक्षक संघ के
जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया, ठाकुर दास यादव, डॉ. स्वयंप्रभा दुबे,
इंद्रपाल गुजर्र, राकेश शुक्ला, नीरज श्रीवास्तव, शैलेंद्र निरंजन सहित
प्राथमिक शिक्षकों के समस्त संगठनों के हजारों शिक्षक शिक्षिकाओं ने
प्रतिभाग करके अपनी एकता व एकजुटता की मिशाल प्रस्तुत करते हुए आयोजन को
सफल बनाया।
उरई। 20 सूत्रीय
मांगों को लेकर प्रदेशीय आह्वान पर उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के
तत्वावधान में जिले के सभी प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक
शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय के बाहर बुधवार को विशाल धरना प्रदर्शन
किया। इसके बाद बीएसए कार्यालय से हजारों की संख्या में मौजूद शिक्षकों ने
पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन
सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के
अनुसार प्रांतीय आह्वान पर जिले के समस्त परिषदीय विद्यालयों के हजारों
शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया व
ठाकुर दास यादव के नेतृत्व में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर
विशाल धरना प्रदर्शन किया। 20 सूत्रीय मांगों में शिक्षकों सबसे पहली मांग
है कि 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना से आच्छादित
किया जाए। साथ ही गृह जनपद अथवा अन्य जनपदों में अर्न्तजनपदीय स्थानांतरण
चाहने वाले लगभग 18 हजार शिक्षकों के आवेदन पत्र परिषद कार्यालय में लम्बित
हैं। अत: अर्न्तजनपदीय स्थानांतरण शीघ्र किए जाएं। बेसिक शिक्षा परिषद के
नियंत्रणाधीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को ग्रेड वेतन 4600 व 4800
पानी की तिथि से न्यूनतम मूल वेतन क्रमश: 17140 व 18150 निर्धारित किया
जाए। स्कूलों में बुधवार को दूध वितरण के आदेश तो दिए गए लेकिन कनवजर्न
कॉस्ट में कोई वृद्धि नहीं हुई। इसलिए दूध वितरण का आदेश निरस्त किया जाए।
पहले की भांति क्रीड़ा एवं स्काउटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित करने के लिए धन
आवंटित किया जाए। ड्रेस वितरण में हो रही गड़बड़ी रोकने के लिए विद्यालय
प्रबंध समिति छात्रों की संख्या व उनके साइज के अनुसार रेडीमेड यूनिफॉर्म
क्रय कर सकें। मृतक शिक्षक के आश्रित को उसकी योग्यतानुसार नौकरी प्रदान की
जाए। शिक्षिकाओं को बाल्य देखभाल अवकाश दिया जाए। खण्ड शिक्षा अधिकारियों
के 50 फीसदी पदों पर बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में कार्यरत
शिक्षकों की पदोन्नति की जाए। सामूहिक बीमा में वृद्धि की जाए। नगरीय
क्षेत्रों में शिक्षकों की भर्ती की जाए। राज्यकर्मियों की भांति शिक्षकों
को भी नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। एसएमएस व्यवस्था समाप्त
की जाए। धरना के बाद शिक्षक शिक्षिकाओं ने बीएसए कार्यालय से जुलूस की शक्ल
में शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को
सम्बोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट पीके सक्सेना को सौंपा। इस मौके पर
जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह भाटिया, जिला मंत्री संजय दुबे, रामराजा द्विवेदी,
दिनेश नामदेव, हरीसिंह राजपूत, नरेश निरंजन, युद्धवीर कंथरिया, अनुराग
मिश्र, योगेंद्र जादौन मौजूद रहे। वहीं दूसरे नेतृत्व में जिलाध्यक्ष ठाकुर
दास यादव, जिला मंत्री शैलेंद्र सोनी, राघवेंद्र श्रीवास्तव, प्रताप भानु
यादव, डॉ. स्वयंप्रभा दुबे, व्यंजना सिंह, वंदना श्रीवास्तव, आलोक रहे।

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