जागरण संवाददाता, मेरठ: शिक्षक की बेटी की टीसी को प्रतिहस्ताक्षरित करने की बजाय चक्कर कटाने व बीएसए के एमएलसी व शिक्षक नेता को गुमराह करने पर माध्यमिक शिक्षक संघ के सदस्यों ने बीएसए मोहम्मद इकबाल का घेराव किया। शिक्षकों की बीएसए से नोकझोंक हुई। उधर, बीएसए के माफी न मांगने पर शर्मा गुट ने शनिवार से बीएसए आफिस में बेमियादी धरना देने की घोषणा की है। बीएवी इंटर कालेज में गणित के शिक्षक व उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के सदस्य राजेश शर्मा ने अपनी बेटी की टीसी बीएसए कार्यालय में 10 दिन पूर्व प्रतिहस्ताक्षरित करने को दी थी। राजेश का आरोप है कि टीसी में कमियां निकालकर चक्कर कटाए जा रहे हैं। साइन करने को अवैध धन मांगा जा रहा है। इसकी शिकायत राजेश शर्मा ने शांता स्मारक इंटर कालेज में बैठक ले रहे शर्मा गुट के प्रांतीय अध्यक्ष व एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा से की। बीएसए ने किया गुमराह राजेश की शिकायत पर एमएलसी ओमप्रकाश शर्मा ने बीएसए मोहम्मद इकबाल से फोन पर बात करनी चाही तो जिला मंत्री महेश चंद शर्मा ने फोन मिलाकर दिया। बीएसए ने बात करने से इंकार कर दिया। इसके बाद संघ के जिलाध्यक्ष डा. राजेश त्यागी ने फोन किया तो बीएसए ने फोन पर बात की। बकौल शिक्षक नेता बीएसए ने फोन पर उनसे झूठ बोला कि वह इलाहाबाद से प्रयागराज एक्सप्रेस से लौट रहे हैं अभी रास्ते में है। जबकि बीएसए उस समय आफिस में थे। इसकी जानकारी पर जिलाध्यक्ष राजेश त्यागी, जिला मंत्री महेश चंद शर्मा व सीनियर बेसिक शिक्षक संघ जिलाध्यक्ष गजेंद्र वर्मा के नेतृत्व में संघ के सदस्य शांता स्मारक से बीएसए आफिस पहुंच गए। वहां हंगामा किया। इस दौरान बीएसए भी मुंह छिपाकर आफिस से निकलने लगे। संघ सदस्यों ने उन्हें घेर लिया, धक्कामुक्की भी हुई। सरकारी गाड़ी रोक ली। बीएसए ने यह कहकर मामले को दूसरा मोड़ देने की कोशिश की कि वह उन्हें नमाज पढ़ने से रोक रहे हैं। इस पर शिक्षकों ने नमाज से लौटने के बाद घेराव की घोषणा की।
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