जागरण संवाददाता, सम्भल : बुनियादी शिक्षा में अंधेरगर्दी की इंतहा की जा रही है। बोर्ड परीक्षाओं की तर्ज पर परिषदीय परीक्षाओं को सम्पन्न कराने का दावा करने वाले अफसरों ने ही जनपद में एक दिन पहले पर्चा आउट होने के बाद भी परीक्षा कराई। विभागीय लापरवाही पर पर्दा डालने के लिए पेपर दूसरे जनपद से आउट होने के बात कहने का दावा कर दिया। सरकार द्वारा शिक्षा के स्तर को सुधारने के भले ही कितने भी प्रयास किए जा रहे हों, लेकिन सरकारी मुलाजिम ही इन्हें पतीला लगा रहे हैं। नींव कही जाने वाली प्राथमिक शिक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। बता दें कि गुरुवार को जनपद के असमौली ब्लाक के एक प्राथमिक स्कूल में विज्ञान की परीक्षा देने के लिए बच्चे पहुंचे थे। इसके स्थान पर बच्चों को संस्कृत का पेपर दे दिया गया। जैसे बच्चों ने शिक्षकों को बताया तो खलबली मच गई थी। आनन-फानन में पर्चा वापस लेकर दूसरा पर्चा दिया गया था। अंधेरगर्दी की इंतहा यह है कि इसी आउट पर्चे से शुक्रवार को परीक्षा भी करा ली गई। उधर, अफसर विभागीय गलती पर पर्दा डालने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं। कल बीएसए ने अमरोहा से पर्चा आउट होने की बात कही थी।आज पेपर का बंडल खोलते हुए हर एनपीआरसी केन्द्र पर वीडियोग्राफी कराई गई है। जिसकी रिपोर्ट शनिवार तक आएगी। अगर इसके बाद कहीं भी लापरवाही पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की गई।-बीएन यादव, एडीएम।11पेपर कही दूसरे जनपद से आउट हुआ है। ऐसे में परीक्षा कराई गई है। इसके बाद भी इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अगर कोई दोषी पाया जाता है तो कार्रवाई की जाएगी। -प्रेमचंद यादव, बीएसए।आउट पेपर की परीक्षा देते कक्षा पांच के बच्चे।
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