नई दिल्ली । मानव संसाधन विकास मंत्रालय शहरों के बड़े व प्रतिष्ठित स्कूलों व गांवों के स्कूलों के बीच एक छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम पर काम कर रहा है जिसका उद्देश्य गांवों में पढ़ाई के स्तर को बेहतर करना है। समझा जाता है कि मंत्रालय पहले ही केंद्रीय विद्यालय संगठन और सीबीएसई जैसे संगठनों से इच्छुक स्कूलों की सूची मांग चुका है ताकि शुरुआती चरण में करीब 100 ग्रामीण एवं शहरी स्कूलों को साथ जोड़ा जा सके। स्मृति ईरानी के नेतृत्व वाले मंत्रालय ने भी राज्य सरकार से छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम के लिए कुछ शहरी एवं ग्रामीण स्कूलों की पहचान करने के लिए कहा और वह दिल्ली, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल जैसे कुछ राज्यों में पायलट परियोजनाएं शुरू करने की योजना बना रहा है। योजना के तहत ग्रामीण स्कूलों के छात्र एक हफ्ते के लिए शहरी इलाकों के स्कूलों में जाएंगे जबकि शहरी स्कूलों के छात्र इतने ही समय के लिए ग्रामीण स्कूलों में जाएंगे। दोनों तरह के संस्थान परियोजना का कार्यान्वयन कर सकते हैं। (शेष पेज-2 पर)
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