शासन की नीति का लाभ उठाकर अपने मूल जनपद आए शिक्षक-शिक्षिकाओं को खुली सूची के आधार पर स्कूल आवंटित किए गए। बीएसए ने खुद बैठकर चेंबर में प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। शुरुआती दौर में सूची में मनमाफिक स्कूल पाकर शिक्षक-शिक्षिकाएं चहक उठे तो धीरे-धीरे मायूसी छाने लगी। बचे हुए स्कूलों में छंटनी करके स्कूल आवंटन प्रक्रिया में गैर जनपद से आए मास्साब शामिल हुए। गैर जनपद से आकर जिले में पत्रवली जमा कराने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं की संख्या 116 है।
यह सभी पत्रवली जमा करके प्रतिदिन बीएसए कार्यालय में हाजिरी दे रहे थे। शुक्रवार को बीएसए स्कूल आवंटन प्रक्रिया आयोजित की। वरिष्ठता के आधार पर गैर जनपद से आए शिक्षक-शिक्षिकाओं को सूची में स्कूल लॉक करने की छूट दी। सूचना पट्ट पर चश्पा सूची में नाम छांटकर शिक्षक-शिक्षिकाएं आए और स्कूल लॉक किया। बीएसए ने इसके लिए वरिष्ठ खंड शिक्षाधिकारी राकेश सचान, खंड शिक्षाधिकारी असोथर पुष्पराज सिंह और देवमई की खंड शिक्षाधिकारी को शामिल किया था। बीएसए विनय कुमार सिंह ने बताया कि गैर जनपद से आने वाले सभी 116 ने स्कूल चुन लिए हैं। दो दिन के अवकाश के बाद सोमवार को नई स्कूलों के लिए नियुक्ति पत्र कार्यालय से वितरित किए जाएंगे।
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