तीन सालों से वेतन से काटी गई फंड की रकम मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदेश पर मुख्यमंत्री के सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा ने प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा को जांच करने के आदेश दिए हैं। मामले की प्राथमिक शिक्षक संघ ने शिकायत की थी। जिले के उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने आठ अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री अरुण जेटली से शिकायत की थी। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों को शासन के आदेश के बाद भी कभी पहली तारीख को वेतन नहीं मिलता है। वेतन विलंब न हो। इसके लिए आनलाइन व्यवस्था चार साल पहले की गई थी। इसके बावजूद शिक्षक नेताओं को अपना वेतन पाने के लिए धरना-प्रदर्शन करना पड़ता है। सेवानिवृत्त शिक्षकों को फंड के चेक नहीं दिया जा रहा है। चेक ट्रेजरी में पड़े हुए हैं। यह कहा जा रहा है कि फंड के खातों में पैसा ही नहीं है। शिक्षकों के फंड से ऋण देने में चक्कर लगाते लगाते चप्पलें घिस जाती है। वित्त एवं लेखा विभाग से ट्रेजरी तक काफी चक्कर लगाने पड़ते हैं। फिर भी समय से फंड से ऋण नहीं मिल पाता है। चार साल से शिक्षकों के वेतन से काटी गई फंड की रकम की लेखा पर्ची नहीं दी गई। इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेश शासन को मामले की जांच कर वित्त एवं लेखा व कोषागार के अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं, जिस पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सचिव पार्थसारथी सेन शर्मा ने प्रमुख सचिव वित्त व प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा से जांच रिपोर्ट तल की है। मुख्यमंत्री के सचिव ने शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दया शंकर, मंत्री उमेश गंगवार, जिला कोषाध्यक्ष पवन कुमार सिन्हा को कार्रवाई की जानकारी दे दी गई है।
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