जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि सिंह ने कहा कि हौसला पोषण मिशन सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है। जिसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं व कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है। परंतु अभी भी ग्राम प्रधान व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लापरवाही से कहीं-कहीं पौष्टिक भोजन की शुरूआत नहीं हो पाई है। अगर लापरवाही दूर नहीं की गई तो जिम्मेदारों के विरूद्ध कार्रवाई होगी। श्री सिंह शनिवार को सुकरौली स्थित ब्लाक सभागार में विकास खंड के ग्राम प्रधानों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के एक बैठक को संबोधित कर रहे थे। कहा कि हौसला पोषण योजना के तहत गांव गांव में ग्राम प्रधान व कार्यकर्ताओं के संयुक्त खाते में धन भेज दिया गया है। परंतु कई जगह अभी बरतन ही नहीं खरीदे गये। अगर दो दिन के अंदर पौष्टिक भोजन देने की प्रक्रिया नहीं शुरू हुई तो ठीक नहीं है। बताया कि योजना के तहत महिलाओं व1 कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से सप्ताह में छ: दिन पका पकाया पौष्टिक आहार, भोजन के साथ रोज एक मौसमी फल प्रत्येक बच्चे को हर माह पांच सौ ग्राम तक शुद्ध देशी घी खाने में दिया जाना है। वहीं केंद्र पर महिलाओं व बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी सलाह भी दी जा रही है। इस मौके पर मुख्य सेविका माधुरी श्रीवास्तव, अंजू भारती, उर्मिला गुप्ता, सिंधु श्रीवास्तव सहित ग्राम प्रधान व आंगनबाडी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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