अलीगढ़ : बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों से लेकर आलाधिकारी तक नगर शिक्षा अधिकारी से परेशान हैं। अधिकारियों का कहना है कि नगर शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली नकारात्मक है। बीएसए तक उनकी कार्यप्रणाली से आजिज आ गए हैं। बीएसए का कहना है कि विभागीय कार्य तो दूर, खुद उनके आदेशों की भी अवहेलना की जा रही है। 14 अक्टूबर को नगर क्षेत्र में होने वाली ब्लॉकस्तरीय प्रतियोगिता भी नहीं कराई गई, जबकि सभी ब्लॉक में कराई जा रही हैं। इसके लिए शासन से 5600 रुपये भी जारी किए गए। नगर शिक्षा अधिकारी छोटेलाल को निर्देश दिए जा रहे हैं कि वो एक केस की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट जाएं, मगर वे धन अभाव की बात कहते हुए निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं। जबकि, उन्हें बताया गया कि कहीं भी आने-जाने के लिए भत्ता मिलता है। 1दोबारा होगा स्थानांतरण : बीएसए ने नगर शिक्षा अधिकारी का स्थानांतरण गौंडा किया था, मगर अब उनका तबादला आदेश निरस्त कर दोबारा किया जाएगा। इसका आदेश सोमवार को जारी किया जाएगा।लगातार आदेशों की अवहेलना और कार्य ठीक से न करने के चलते नगर से उनका स्थानांतरण किया जा रहा है। नगर जैसे बड़े कार्यक्षेत्र को वो ठीक से संभाल नहीं पा रहे हैं। प्रतियोगिता न कराने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। 1-धीरेंद्र कुमार, बीएसए।11प्रतियोगिता न कराने के निर्देश मैंने खुद जारी कर दिए थे। परीक्षाएं भी हैं, शिक्षक व्यस्त हैं। सुप्रीम कोर्ट जाने से मना किया, क्योंकि टीए-डीए कुछ नहीं दिया जाता, अपने खर्च से कौन जाएगा? पहले भी टीए की मांग की, लेकिन नहीं मिला। 1-छोटेलाल, नगर शिक्षा अधिकारी

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