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Monday, August 10, 2020

निरंकुश खंड शिक्षा अधिकारी, अध्यापक परेशान, शिक्षक संघ की चुप्पी भी कर रही हैरान

निरंकुश खंड शिक्षा अधिकारी, अध्यापक परेशान, शिक्षक संघ की चुप्पी भी कर रही हैरान

 
प्रकरण एक- बीएसए ने बीईओ भरावन को फर्जी अध्यापक के विरुद्ध एफआइआर दर्ज कराने का आदेश दिया। बीईओ ने न केवल उसे मानने से मना किया बल्कि बीएसए के लिए भी खरी खोटी सुनाईं। जिसका वीडियो खूब वायरल हुआ, अब जांच हो रही है।


प्रकरण दो: बीईओ हरपालपुर पर विकास खंड क्षेत्र के ही अध्यापक ने उत्पीड़न का आरोप लगाया। मामला बेसिक शिक्षा मंत्री तक पहुंचा, जिसकी जांच का आदेश दिया गया, लेकिन धीरे धीरे फाइलों में खो गया। अध्यापक शिकायत करते घूम रहा है। 


 हरदोई: खंड शिक्षा अधिकारियों की विद्यालयों पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन देखा जाए तो वही निरंकुश होते जा रहे हैं। खबर में शामिल दो मामले तो लिखापढ़ी में हैं। बीएसए के नाम पर रुपये मांगने का वायरल वीडियो बीईओ की निरंकुशता की गवाही दे रहा है और इसका खामियाजा अध्यापक भुगत रहे हैं। अध्यापकों का कहना है कि सीसीएल, प्रसूति अवकाश के तो रेट ही निर्धारित हैं। अध्यापकों को जरा जरा सा काम के लिए बीआरसी बुलाया जाता है।



 पाठ्य पुस्तकों को विद्यालयों तक पहुंचाने की धनराशि आती है, लेकिन अध्यापकों को निजी संसाधनों से किताबें ले जानी पड़ती हैं। जिले के 19 विकास खंडों में कई बीईओ सराहनीय काम कर रहे हैं, लेकिन कुछ पूरी व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा देते। निरीक्षण के नाम पर शोषण किया जाता है। बीईओ के चहेते अध्यापक स्कूल नहीं जाते, लेकिन अन्य कोई देर से पहुंचे तो कार्रवाई निश्चित।



शिक्षक संघ भी साधे बैठा चुप्पी

शिक्षकों की परेशानी के आए दिन मामले सामने आते रहते हैं। देखा जाए तो बीएसए कार्यालय से लेकर बीआरसी तक शिक्षक-शिक्षिकाएं परेशान रहते हैं और उन्हें टरकाया जाता है, लेकिन शिक्षक संघ चुप्पी साधे बैठा है। जूनियर शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष योगेश त्यागी का कहना है कि जो भी मामला सामने आता है उसे उठाया जाता है और अध्यापकों का उत्पीड़न स्वीकार नहीं किया जाएगा।  प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष व प्रांतीय कोषाध्यक्ष शिवशंकर पांडेय का कहना है कि संघ अध्यापकों के साथ है। 


बीईओ की जहां भी लापरवाही सामने आती है। कार्रवाई होती, उन्हें नोटिस जारी किया जाता है। किसी भी अध्यापक को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। अगर कोई परेशानी है तो विद्यालय के समय के बाद अध्यापक उन्हें मिलकर या फोन कर अपनी परेशानी बता सकता है। जो बीईओ निरंकुशता कर रहे हैं, उन पर भी कार्रवाई हो रही है। -हेमंतराव, बीएसए

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