एसआईआर व पंचायत चुनाव में फंसे यूपी के परिषदीय शिक्षक, 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा, 27 जनवरी से निपुण मूल्यांकन
लखनऊ। सूबे के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत कई शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) और पंचायत चुनाव में लगाए जाने से बेसिक शिक्षा व्यवस्था पर संकट गहरा गया है। 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा और 27 जनवरी से निपुण मूल्यांकन की प्रक्रिया शुरू होनी है लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के चलते पढ़ाई, परीक्षा संचालन और मूल्यांकन कार्य प्रभावित होने की आशंका है।
बीते दो माह से सूबे में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। इसी बीच पंचायत चुनाव से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शिक्षकों को सौंप दी गई हैं। चुनावी कार्यों में लगे शिक्षकों के स्कूलों से दूर रहने के कारण नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। कई विद्यालयों में कक्षाएं सुचारू रूप से नहीं चल पा रही हैं।
गुरुजी पढाएंगे तो ही तो निपुण बनेंगे बच्चे, 27 जनवरी से होगा निपुण एसेसमेंट और शिक्षक एसआईआर व बीएलओ की ड्यूटी कर रहे
लखनऊ। प्राइमरी स्कूलों अधिसंख्य शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक नवम्बर से एसआईआर और पंचायत बीएलओ के काम में लगे हैं। एक शिक्षक के भरोसे किसी तरह 10 से 16 दिसम्बर की बीच अर्द्धवार्षिक परीक्षाएं हुईं। तब से अब तक सिर्फ नौ दिन स्कूल खुले हैं। शीतलहर व सर्दी के चलते 29 दिसम्बर से स्कूलों में लगातार अवकाश है। अब स्कूल 16 जनवरी को खुलेंगे।
शिक्षकों के अनुसार इस दौरान कक्षाएं नहीं चलने से बच्चों का पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ है। न ही बच्चों को निपुण एसेसमेंट के लिये भाषा व गणित की तैयारी कराई गई है। 24 जनवरी से द्वितीय सत्र परीक्षा और 27 जनवरी से निपुण एसेसमेंट कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। इसको लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है।
प्रदेश के प्राइमरी स्कूलों में पहली से पांचवी के बच्चों की हिन्दी और गणित की दक्षता जांचने के लिए निपुण एसेसमेंट इसी माह होना है। डीएलएड प्रशिक्षु 27 जनवरी से स्कूलों में जाकर बच्चों निपुण लक्ष्य ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आकलन करेंगे। लखनऊ के 1249 प्राइमरी स्कूलों में निपुण निपुण एसेसमेंट होना है।
बिना पाठ्यक्रम पूरा हुए 24 जनवरी से सत्र परीक्षा
प्राइमरी स्कूलों में 24 से 31 जनवरी के बीच द्वितीय सत्र परीक्षा होनी है। परीक्षा कार्यक्रम बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने आठ जनवरी को जारी किया था। शिक्षकों का कहना है कि अर्द्ध परीक्षा खत्म होने के बाद सिर्फ नौ दिन स्कूल खुले हैं लेकिन शिक्षकों के एसआईआर में लगे होने से पाठ्यक्रम पूरा नहीं हुआ।
"नवम्बर से अधिकांश शिक्षक एसआईआर और पंचायत बीएलओ के काम में लगे हैं। दिसम्बर में अर्धवार्षिक परीक्षा खत्म हुई। फिर अवकाश, स्कूल खुलने के बाद सत्र परीक्षा, निपुण आकलन इत्यादि, बिना बच्चों की नियमित पढ़ाई के कैसे होगा? इस विषय पर विभाग को जरूर सोचना चाहिए।
- विनय सिंह, प्रान्तीय अध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन
जाड़े की छुट्टियों के बाद आज से खुलेंगे परिषदीय स्कूल, सत्र परीक्षा व निपुण आकलन में जुटेंगे
जाड़े की छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर 24 से सत्रीय परीक्षाएं होंगी शुरू
लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय - विद्यालय जाड़े की छुट्टियों के बाद 16 जनवरी शुक्रवार से खुल रहे हैं। हालांकि प्रयागराज में 20 तक स्कूल - बंद रहेंगे। स्कूल खुलने के साथ ही - एक साथ विद्यालयों में दो महत्वपूर्ण - गतिविधियां सत्रीय परीक्षाएं व विद्यालयों का निपुण आकलन शुरू होना है। हालांकि अभी भी काफी - शिक्षक एसआईआर में फंसे हुए हैं। ऐसे में स्कूलों के लिए एक साथ दोनों काम कराना चुनौतीपूर्ण होगा।
प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक जाड़े की छुट्टियां थीं। जबकि 15 जनवरी को मकर संक्रांति का सार्वजनिक अवकाश घोषित था। इस क्रम में शुक्रवार से विद्यालय खुल रहे हैं। स्कूल खुलने के साथ ही 24 जनवरी से विद्यालयों में सत्रीय परीक्षाएं शुरू होंगी। परीक्षाएं 31 जनवरी तक आयोजित की जाएंगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से विस्तृत निर्देश जारी किया जा चुके हैं।
हालांकि इसमें यह राहत दी गई है कि परीक्षा दिसंबर तक पढ़ाए गए कोर्स के आधार पर ही आयोजित की जाएगी। इसके लिए विद्यालय स्तर पर पेपर बनाकर परीक्षा कराई जाएगी। जबकि शिक्षकों के एसआईआर के काम में फंसे होने से दिसंबर में भी काफी जगह पर बच्चों की पढ़ाई प्रभावित रही है। इसी बीच शिक्षकों के जिलों में समायोजन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।
शुक्रवार से स्कूल खुलने पर इसका भी असर देखने को मिलेगा। दूसरी तरफ 27 जनवरी से विद्यालयों का निपुण आकलन भी शुरू कर दिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने फरवरी तक सभी विद्यालयों का डीएलएड प्रशिक्षुओं के माध्यम से निपुण आंकलन कराने का विस्तृत निर्देश जारी कर रखा है। विभाग ने इसके लिए आवश्यक बजट भी जारी कर दिया है। इस तरह जाड़े की छुट्टियों के बाद खुल रहे स्कूलों में काफी हलचल रहेगी।
शीतकालीन अवकाश के बाद आज से खुलेंगे परिषदीय स्कूल, खुलते ही निपुण आकलन और सत्र परीक्षा का दौर होगा शुरू
लखनऊः शीतकालीन अवकाश के बाद शुक्रवार से प्रदेश के सभी परिषदीय विद्यालय खुलेंगे। ठंड को देखते हुए फिलहाल स्कूलों का संचालन सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक किया जाएगा। स्कूल खुलते ही शिक्षण कार्य के साथ-साथ आगामी परीक्षाओं की तैयारियों पर विशेष जोर दिया जाएगा। हालांकि कुछ जिलों में ठंड के चलते जिला प्रशासन ने अभी अवकाश घोषित किया है।
परिषदीय और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 की द्वितीय सत्रीय परीक्षा 24 जनवरी से 31 जनवरी के बीच आयोजित की जाएगी। ऐसे में विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों को परीक्षा के अनुरूप पाठ्यक्रम की पुनरावृत्ति कराई जाए और उनकी तैयारी को अंतिम रूप दिया जाए। सत्रीय परीक्षा के परिणामों के आधार पर जिन छात्र-छात्राओं का अपेक्षित परिणाम नहीं होगा, उनके लिए विशेष शिक्षण व्यवस्था की जाएगी। कक्षा स्तर पर ऐसे बच्चों की पहचान कर विषयवस्तु को सरल तरीके से दोहराया जाएगा, अतिरिक्त अभ्यास कराया जाएगा और उनकी सीखने की कमी को दूर करने पर फोकस किया जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केवल मूल्यांकन का माध्यम नहीं होगी, बल्कि इसके जरिये बच्चों की शैक्षिक स्थिति का आकलन कर गुणवत्ता सुधार की रणनीति पर काम किया जाएगा। शिक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे कक्षा में व्यक्तिगत ध्यान देते हुए कमजोर विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने का प्रयास करें।
विद्यालय खुलने के साथ ही उपस्थिति बढ़ाने, नियमित पठन-पाठन सुनिश्चित करने और बच्चों को सुरक्षित व अनुकूल वातावरण देने पर भी जोर दिया गया है। ठंड के मद्देनजर स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश भी विद्यालयों को दिए गए हैं।
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