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Friday, June 19, 2026

यूपी बोर्ड की वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए संस्थागत परीक्षार्थियों के आवेदन, शुल्क जमा करने तथा ऑनलाइन विवरण अपलोड करने की विस्तृत समय-सारिणी जारी

यूपी बोर्ड की वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए संस्थागत परीक्षार्थियों के आवेदन, शुल्क जमा करने तथा ऑनलाइन विवरण अपलोड करने की विस्तृत समय-सारिणी जारी


प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (UPMSP) ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए संस्थागत परीक्षार्थियों के आवेदन, शुल्क जमा करने तथा ऑनलाइन विवरण अपलोड करने की विस्तृत समय-सारिणी जारी कर दी है। परिषद सचिव द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्धारित तिथियों के भीतर छात्रों का पंजीकरण एवं परीक्षा संबंधी कार्यवाही पूर्ण करनी होगी।

विज्ञप्ति के अनुसार कक्षा 10 एवं 12 में अध्ययनरत छात्रों के प्रवेश एवं परीक्षा शुल्क प्राप्त करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद विद्यालयों को छात्रों से प्राप्त शुल्क को 10 अगस्त 2026 तक एकमुश्त चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करना होगा।

विद्यालयों द्वारा छात्रों के शैक्षिक विवरण एवं परीक्षा शुल्क संबंधी सूचना परिषद की वेबसाइट upmsp.edu.in पर 16 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन अपलोड की जाएगी। विलंब की स्थिति में प्रति छात्र 100 रुपये विलंब शुल्क के साथ भी आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, जिसकी अंतिम तिथि 16 अगस्त 2026 निर्धारित है।

परिषद ने 21 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक छात्रों के विवरणों की जांच (चेकलिस्ट सत्यापन) की अवधि निर्धारित की है। यदि किसी छात्र के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि, विषय या अन्य विवरण में त्रुटि पाई जाती है तो उसका संशोधन 1 सितंबर से 10 सितंबर 2026 तक किया जा सकेगा।

विज्ञप्ति में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संस्थागत छात्रों की अंतिम फोटोयुक्त नामावली एवं संबंधित अभिलेखों को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 30 सितंबर 2026 तक जमा करना अनिवार्य होगा।

🔴 प्रमुख तिथियां एक नजर में

◾प्रवेश एवं परीक्षा शुल्क प्राप्त करने की अंतिम तिथि – 5 अगस्त 2026

◾शुल्क कोषागार में जमा करने की अंतिम तिथि – 10 अगस्त 2026

◾ऑनलाइन विवरण अपलोड करने की अंतिम तिथि – 16 अगस्त 2026

◾चेकलिस्ट सत्यापन अवधि – 21 से 31 अगस्त 2026

◾त्रुटि संशोधन अवधि – 1 से 10 सितंबर 2026

◾फोटोयुक्त नामावली जमा करने की अंतिम तिथि – 30 सितंबर 2026


परीक्षा शुल्क भी घोषित

परिषद ने वर्ष 2027 की परीक्षाओं के लिए हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के संस्थागत तथा व्यक्तिगत परीक्षार्थियों का परीक्षा शुल्क भी निर्धारित कर दिया है। संस्थागत हाईस्कूल परीक्षार्थियों के लिए शुल्क 500 रुपये, जबकि संस्थागत इंटरमीडिएट परीक्षार्थियों के लिए 600 रुपये निर्धारित किया गया है। व्यक्तिगत परीक्षार्थियों के लिए शुल्क अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार निर्धारित रहेगा।

परिषद ने सभी प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों के शैक्षिक विवरण पूरी तरह सत्यापित कर ही वेबसाइट पर अपलोड किए जाएं, क्योंकि किसी भी त्रुटि के लिए संबंधित विद्यालय प्रशासन उत्तरदायी होगा। इससे वर्ष 2027 की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी बनाने में सहायता मिलेगी।


Sunday, April 26, 2026

RTE के तहत प्रवेश के लिए मैनुअल आवेदन भी स्वीकार किए जाएं : हाईकोर्ट

RTE के तहत प्रवेश के लिए मैनुअल आवेदन भी स्वीकार किए जाएं : हाईकोर्ट

प्रयागराज । इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 (आरटीई एक्ट) का उद्देश्य सभी बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देना है, खासकर कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को। केवल आनलाइन आवेदन की बाध्यता से इस उद्देश्य पर प्रतिकूल असर पड़ेगा। सरकार के आदेश में स्पष्ट है कि अभिभावक आनलाइन आवेदन नहीं कर पाते तो बीएसए को मैनुअल आवेदन स्वीकार कर उसे आगे बढ़ाना होगा। यह टिप्पणी न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने ख्वाजा शमशाद अहमद की याचिका स्वीकार करते हुए की है। कोर्ट ने बीएसए प्रयागराज को आदेश दिया है कि याची के आवेदन को एक सप्ताह के भीतर क्रियान्वित करें। साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को सुधारने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) अपनाए और सभी जिलों के बीएसए को यह आदेश लागू करने के लिए निर्देशित किया जाए।

याची ख्वाजा शमशाद अहमद ने बेटे ख्वाजा अशर के नर्सरी में प्रवेश के लिए आवेदन किया था, लेकिन तकनीकी कारणों से आनलाइन आवेदन नहीं कर पाए। इसके बाद उन्होंने बीएसए प्रयागराज के कार्यालय में मैनुअल आवेदन किया, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। इस पर यह याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने कहा, आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12 (1) (सी) के तहत प्रवेश दिलाने के लिए केवल आनलाइन आवेदन अनिवार्य नहीं किया जा सकता। 

अभिभावक किसी कारणवश आनलाइन आवेदन नहीं कर पाते तो उनका आफलाइन आवेदन भी स्वीकार किया जाना चाहिए और संबंधित अधिकारी का दायित्व है कि वह उसे प्रक्रिया में शामिल करे। राज्य सरकार की ओर से तर्क दिया गया कि अब पूरी प्रक्रिया आनलाइन है, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया।



शिक्षा के अधिकार के तहत ऑफलाइन आवेदन स्वीकार करने का आदेश, 
हाईकोर्ट ने कहा- निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए नहीं हो सकती सिर्फ ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता


प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन की अनिवार्यता नहीं हो सकती। कोर्ट ने कहा कि यदि वंचित वर्ग के अभिभावक तकनीक के अभाव में ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थ हैं तो उनका मैन्युअल (ऑफलाइन) आवेदन स्वीकार करना बेसिक शिक्षा अधिकारी का कर्तव्य है।


यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने प्रयागराज के बालक ख्वाजा अशर की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है। याचिकाकर्ता के पिता ने ऑनलाइन फॉर्म भरने में असमर्थता जताते हुए मैन्युअल आवेदन दिया था, जिसे अधिकारियों ने यह कहते हुए स्वीकार करने से इन्कार कर दिया कि अब केवल ऑनलाइन प्रक्रिया ही मान्य है। इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई।

कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि केवल ऑनलाइन पोर्टल का सहारा लेना संविधान के अनुच्छेद 21-ए और शिक्षा के अधिकार कानून की मूल भावना के विपरीत है। यह गरीब और कम पढ़े-लिखे परिवारों को उनके अधिकारों से वंचित कर सकता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि सत्र 2024-25 और 2025-26 के दौरान हजारों बच्चों ने स्कूल आवंटित होने के बावजूद प्रवेश नहीं लिया।

साथ ही कई स्कूलों में 25 प्रतिशत कोटे के मुकाबले केवल एक या दो बच्चों को ही प्रवेश दिया गया, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह उन अभिभावकों के लिए एक एसओपी तैयार करे जो ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, ताकि उन्हें बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के माध्यम से सुविधा मिल सके। अदालत ने प्रयागराज के बेसिक शिक्षा अधिकारी को एक सप्ताह के भीतर याचिकाकर्ता के आवेदन पर कार्रवाई करने का आदेश देते हुए याचिका को स्वीकार कर लिया है। 

Saturday, March 21, 2026

KVS admission 2026: बालवाटिका और कक्षा 1 में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कैसे होगा चयन, ऐसे करना होगा अप्लाई

KVS admission 2026: बालवाटिका और कक्षा 1 में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू, जानें कैसे होगा चयन, ऐसे करना होगा अप्लाई

🔴 आवेदन हेतु वेबसाइट : https://admission.kvs.gov.in/


नई दिल्ली। हर साल की तरह इस बार भी लाखों माता-पिता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए अच्छे स्कूल की तलाश में हैं और इसी बीच केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) ने  2026-27 सेशन के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी है. 20 मार्च से ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुका है और अब अभिभावक अपने बच्चों के लिए आवेदन कर सकते हैं. केंद्रीय विद्यालय देश के सबसे भरोसेमंद सरकारी स्कूलों में गिने जाते हैं, जहां पढ़ाई के साथ अनुशासन और अच्छा माहौल मिलता है, यही वजह है कि यहां एडमिशन के लिए हर साल बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं.


इस बार भी कक्षा 1 और बाल वाटिका में एडमिशन पूरी तरह ऑनलाइन होगा. अभिभावकों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा और आवेदन की अंतिम तारीख 2 अप्रैल 2026 तय की गई है. अधिकारियों ने सलाह दी है कि आखिरी समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन पूरा कर लें.


क्या है सिस्टम?
कक्षा 1 में एडमिशन के लिए किसी भी तरह की लिखित परीक्षा या इंटरव्यू नहीं लिया जाता, बल्कि बच्चों का चयन लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है. यानी किस बच्चे का नाम आएगा, यह तय प्रक्रिया और किस्मत दोनों पर निर्भर करता है. लॉटरी के बाद जिन बच्चों का नाम सूची में आता है, उन्हें अपने संबंधित केंद्रीय विद्यालय में जरूरी दस्तावेज जमा करने होते हैं और फीस भरने के बाद उनका एडमिशन पक्का हो जाता है.


उम्र क्या होनी चाहिए?
एडमिशन के लिए बच्चे की उम्र भी तय की गई है. 31 मार्च 2026 तक बच्चे की उम्र कम से कम 6 साल और ज्यादा से ज्यादा 8 साल होनी चाहिए, जबकि 1 अप्रैल को जन्मे बच्चों को भी इसमें शामिल किया जाएगा. विशेष जरूरत वाले बच्चों को उम्र में कुछ छूट भी दी जाती है.


ये है जरूरी डेट्स
जरूरी तारीखों की बात करें तो रजिस्ट्रेशन 20 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा. पहली चयन सूची 8 या 9 अप्रैल को जारी की जाएगी, जबकि दूसरी और तीसरी सूची क्रमशः 16 और 21 अप्रैल को जारी हो सकती है, अगर सीटें खाली रहती हैं.


रिजर्वेशन सिस्टम?
केंद्रीय विद्यालयों में आरक्षण की व्यवस्था भी लागू होती है ताकि हर वर्ग के बच्चों को मौका मिल सके. 25 प्रतिशत सीटें आरटीई के तहत, 15 प्रतिशत एससी, 7.5 प्रतिशत एसटी, 27 प्रतिशत ओबीसी और 3 प्रतिशत सीटें विशेष जरूरत वाले बच्चों के लिए तय की गई हैं.


कैसे भर सकते हैं फॉर्म
अभिभावकों को वेबसाइट पर जाकर “Admission 2026” सेक्शन में रजिस्ट्रेशन करना होगा, फिर बच्चे और अपने बारे में जानकारी भरनी होगी, जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे और अंत में फॉर्म सबमिट करके उसकी कॉपी रखनी होगी

Saturday, June 14, 2025

शिक्षकों के हजारों पद दबा ले गए अधिकारी, ऑनलाइन सूची में सिर्फ 150 पद खाली दिखाई दे रहे, शिक्षकों का कोड अमान्य, समस्याओं के चलते नहीं कर पा रहे आवेदन, आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग

शिक्षकों का कोड अमान्य,  समस्याओं के चलते नहीं कर पा रहे आवेदन, आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग 

प्रयागराज । प्रदेश के 4517 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों, प्रवक्ता और सहायक अध्यापकों के स्थानान्तरण के लिए ऑनलाइन आवेदन को लेकर कई तरह की समस्या हो रही है। सैकड़ों शिक्षकों का मानव संपदा पोर्टल कोड या मोबाइल नंबर अमान्य बता रहा है। 

इन शिक्षकों ने बकायदा ई-मेल करके अपर शिक्षा माध्यमिक सुरेन्द्र कुमार तिवारी को समस्या से अवगत कराते हुए आवेदन की अंतिम तिथि 14 जून को बढ़ाने का अनुरोध किया है। माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि ऑनलाइन स्थानान्तरण के नाम पर शिक्षकों के साथ मजाक किया जा रहा है। आवेदन के लिए अतिरिक्त समय देते हुए वेबसाइट की तकनीकी समस्याएं तत्काल दूर की जाएं।


पोर्टल विधुर भरांक नहीं : श्री गांधी ग्रामोद्योग इंटर कॉलेज भरोसा झांसी के हिंदी शिक्षक सुनील कुमार की पत्नी का 11 सितंबर 2024 को प्रसव के दौरान निधन हो गया था। वह झांसी में रहकर तीन बच्चों की देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। आवेदन के पोर्टल पर विधुर भारांक नहीं दिख रहा है, जिससे उनके आवेदन में समस्या आ रही है डीएवी इंटर कॉलेज बिलासपुर रामपु के शिक्षक नीरज गंगवार की शिकाय है कि ऑनलाइन आवेदन पारस्परिक स्थानान्तरण का विकल नहीं दिख रहा है।


केस 1 
मोतीलाल नेहरू मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज लखनऊ की शिक्षिका ममता सेजवार, बरला इंटर कॉलेज बरला मुजफ्फरनगर के सहायक अध्यापक सेवा सदन, सेठ हरचरण दास गर्ल्स इंटर कॉलेज हाथरस के संस्कृत शिक्षक संतोष सिंह, राजा प्रताप विक्रम शाह इंटर कॉलेज सिंगाही खीरी के शिक्षक कृष् अवतार द्विवेदी, श्री नेहरू स्मारक भगवानदास इंटर कॉलेज मैड हाथरसा का मानव संपदा कोड और मोबाइल नंबर अमान्य बता रहा है।

केस 2 
जनता इंटर कॉलेज पुरसौली हरदोई के विज्ञान शिक्षक मनोज कुमार का वर्ग पोर्टल पर ओबीसी दिखा रहा है, जबकि उनका चयन सामान्य वर्ग में हुआ है। कल्पना इंटर कॉलेज दिलावरपुर मड़ियाहूं जौनपुर विजय सिंह यादव का पोर्टल पर वर्ग सामान्य दिख रहा है, जबकि वह ओबीसी वर्ग के हैं।




शिक्षकों के हजारों पद दबा ले गए अधिकारी, ऑनलाइन सूची में सिर्फ 150 पद खाली दिखाई दे रहे, प्रदेश भर में शिक्षकों-प्रधानाचार्यों के 28,535 पद हैं रिक्त

4512 प्रधानावायों के 40 फीसदी पद खाली

संबद्ध प्राइमरी में 1600 से अधिक पद हैं रिक्त, 586 दिख रहे


प्रयागराज । प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के ऑनलाइन स्थानान्तरण के लिए हजारों रिक्त पदों की सूचना प्रबंधकों और अफसरों ने पोर्टल पर अपलोड नहीं की। शिक्षा निदेशालय की ओर से पिछले साल शासन को भेजी गई सूचना के मुताबिक इन कॉलेजों में सहायक अध्यापकों या प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) के स्वीकृत 70803 पदों में से 20999 और प्रवक्ता के स्वीकृत 22220 पदों में से 4703 खाली हैं। प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापकों के 4512 पदों में से महज 1679 पद भरे हुए हैं और आधे से अधिक 2833 खाली हैं।


इस प्रकार शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के कुल 28,535 पद रिक्त हैं। इनमें से तीन साल पहले विज्ञापित टीजीटी पीजीटी के 4163 पदों को हटा दें और ऑफलाइन तबादले के लिए चार हजार पदों पर अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी होना मान लिया जाए तो भी 20 हजार से अधिक पदों का विकल्प शिक्षकों को ऑनलाइन आवेदन लिए मिलना चाहिए। हालांकि प्रबंधकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों ने शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के कुल 6104 पद ही पोर्टल पर प्रदर्शित किए हैं। शहरी क्षेत्र के अधिकांश स्कूलों के प्रबंधकों ने रिक्त पदों की सूचना नहीं भेजी है, ताकि ऑफलाइन तबादले की एनओसी के नाम पर कमाई कर सकें।

माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि प्रदेश के लगभग साढ़े चार हजार एडेड माध्यमिक विद्यालयों में से 40 से 50 प्रतिशत में प्रधानाचार्य के पद रिक्त हैं, किंतु ऑनलाइन में केवल डेढ़ सौ विद्यालय प्रदर्शित हो रहे हैं। प्रयागराज के 181 विद्यालयों में से केवल दो विद्यालय के प्रधानाचार्य का पद रिक्त दिखाया गया है। प्रधानाचार्य के ये सभी पद प्रबंधकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों ने रोक लिया है


बस्ती में सर्वाधिक 314, सोनभद्र में सबसे कम छह पद रिक्त

प्रयागराज। एडेड कॉलेज के शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के ऑनलाइन स्थानान्तरण के लिए पोर्टल पर 6104 रिक्त पद प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें बस्ती में सर्वाधिक 314 जबकि सोनभद्र में सबसे कम छह पद दिखाई पड़ रहे हैं। अलीगढ़ में 239, गोरखपुर 202, मेरठ 200 और देवरिया 198 पद तबादले के लिए खोले गए हैं। अधिकांश पद उन स्कूलों के दिखाए गए हैं जो सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित हैं और जहां कोई शिक्षक जाना नहीं चाहता।




मांग : ऑनलाइन आवेदन में खोला जाए पारस्परिक स्थानांतरण का विकल्प

11 जून 2025
लखनऊ । अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षक ऑनलाइन तबादला में पारस्परिक स्थानांतरण की व्यवस्था नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी है। उप्र. माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) ने माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेन्द्र देव को पत्र भेजकर ऑनलाइन आवेदन के साथ पारस्परिक तबादले का विकल्प खोले जाने की मांग उठायी है। 


एकजुट संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा और महामंत्री राजीव यादव का कहना है कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के ऑनलाइन स्थानांतरण प्रक्रिया 10 जून से शुरू हुई है। ऑन लाइन में आवेदन में पारस्परिक तबादले का विकल्प नहीं होने से शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। जबकि सात जून को जारी शासनदेश में पारस्परिक तबादले को वरीयता देने की बात कही गई है। 


शिक्षकों ने आपस में अपना-अपना पारस्परिक खोज चुके हैं, लेकिन वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन में पारस्परिक स्थानांतरण का कोई विकल्प नहीं खुल रहा है। इससे शिक्षक आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। निदेश्का से मांग है कि ऑनलाइन आवेदन में पारस्परिक स्थानांतरण का विकल्प खोला जाए।




स्थानांतरण प्रक्रिया में फंसे एडेड कालेजों के शिक्षक, तबादले के लिए 14 जून तक चलेगी आनलाइन आवेदन प्रक्रिया

शिक्षक संगठनों ने की आफलाइन आवेदन की तिथि बढ़ाने की मांग


लखनऊ : प्रदेश के 4512 सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए स्थानांतरण की आनलाइन आवेदन प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है, जो 14 जून तक चलेगी। हालांकि, बड़ी संख्या में ऐसे शिक्षक भी हैं जो आवेदन की प्रक्रिया में फंस गए हैं, क्योंकि उन्होंने पहले आफलाइन आवेदन किया था और उनकी फाइलें अभी तक संबंधित कार्यालयों में लंबित हैं।

दरअसल, शिक्षा विभाग ने आनलाइन प्रक्रिया से पहले सात जून तक आफलाइन आवेदन करने का विकल्प भी दिया था। बहुत से शिक्षकों ने अपने वर्तमान विद्यालय से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेकर इच्छित विद्यालय में भी एनओसी के लिए आवेदन कर दिया था, लेकिन सात और आठ जून को अवकाश होने और समय की कमी के कारण उनकी फाइलें मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक या जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से निदेशालय तक नहीं पहुंच पाईं। 


इस वजह से अब वे शिक्षक आनलाइन आवेदन भी नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि एक विद्यालय से पहले ही एनओसी प्राप्त कर चुके हैं। इस स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा ने शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डा. महेंद्र देव और अपर निदेशक सुरेन्द्र तिवारी से मुलाकात कर मांग की कि जिन शिक्षकों की पत्रावलियां अभी तक लंबित हैं, उनके हित में आफलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ाया जाए।

 संघ ने यह मांग भी दोहराई कि उन शिक्षकों के पुरानी पेंशन योजना का लाभ जल्द दिया जाए, जिनका चयन एक अप्रैल 2005 से पहले विज्ञापित पदों पर हुआ था।

इधर, शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आफलाइन और आनलाइन दोनों माध्यम से आवेदन करने वाले शिक्षकों की स्थानांतरण सूची एक साथ ही जारी की जाएगी इसके साथ ही अपर शिक्षा निदेशक सुरेन्द्र तिवारी ने बताया कि अगले साल से स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिय केवल आनलाइन होगी। आफलाइन का विकल्प नहीं दिया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

Thursday, January 30, 2025

CBSE Single Girl Child Scholarship: सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की लास्ट डेट बढ़ी, अब 8 फरवरी तक करें अप्लाई

CBSE Single Girl Child Scholarship: सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की लास्ट डेट बढ़ी, अब 8 फरवरी तक करें अप्लाई


28 जनवरी 2025
CBSE Scholarship 2025: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है. अब छात्राएं इसके लिए 8 फरवरी तक रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं. पहले अप्लाई करने की लास्ट डेट 10 जनवरी थी.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए अप्लाई करने की लास्ट डेट को आगे बढ़ा दिया है. अब इसके लिए 8 फरवरी तक आवेदन किए जा सकते हैं. रजिस्ट्रेशन सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर करना होगा. इस संबंध में बोर्ड ने नोटिस जारी किया है.

स्कूलों को आवेदन की सत्यापन प्रक्रिया 15 फरवरी 2025 तक पूरी करनी होगी. पहले आवेदन की अंतिम तिथि 10 जनवरी थी, लेकिन इसे बढ़ाकर 8 फरवरी कर दिया गया है. इस स्कॉलरशिप योजना के तहत, वे छात्राएं जो अपनी माता-पिता की एकमात्र संतान हैं और जिन्होंने कक्षा 10वीं की परीक्षा में कम से कम 70% अंक प्राप्त किए हैं, उन्हें हर महीने 1000 रुपये मिलते हैं. यह स्कॉलरशिप दो साल तक दी जाती है.


स्कॉलरशिप के लिए योग्यता व शर्तें
यह स्कॉलरशिप मेरिट के आधार पर दी जाती है, जो कि CBSE कक्षा 10वीं की परीक्षा के परिणामों पर आधारित होती है. इसके लिए छात्रा को कक्षा 10वीं में कम से कम 70% अंक प्राप्त होने चाहिए और वह वर्तमान में कक्षा 11वीं या 12वीं में पढ़ाई कर रही हो. साथ ही छात्रा का ट्यूशन शुल्क कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए प्रति माह 2500 रुपए से अधिक नहीं होना चाहिए.

कितनी होनी चाहिए पारीवारिक आय?
यह स्कॉलरशिप सीबीएसई बोर्ड में पढ़ने वाले केवल भारतीय छात्राओं के लिए है. इसके अलावा केवल वे छात्राएं पात्र हैं, जिन्होंने 2024 में कक्षा 10वीं की परीक्षा पास की है और उनके परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपए तक होनी चाहिए. इस स्कॉलरशिप के दौरान छात्रा को स्कूल या अन्य संस्थाओं द्वारा अतिरिक्त छूट मिल सकती है.

अगर छात्रा कक्षा 11वीं में सफलतापूर्वक पास करती है, तो स्कॉलरशिप को एक और साल के लिए नवीनीकरण (renewal) मिलेगा, जिसके लिए उसे कम से कम 50% अंक लाने होंगे. अगर छात्रा विषय बदलती है, स्कूल बदलती है या पढ़ाई बीच में छोड़ देती है, तो स्कॉलरशिप के नवीनीकरण के लिए पहले बोर्ड से अनुमति लेनी होगी. इसके अलावा, स्कॉलरशिप का नवीनीकरण छात्रा के अच्छे आचरण और नियमित उपस्थिति पर भी निर्भर करेगा.

इन छात्रों के लिए ट्यूशन शुल्क की सीमा निर्धारित की गई है. कक्षा 11वीं और 12वीं के लिए शैक्षिक वर्ष में उनका ट्यूशन शुल्क प्रति माह 2,500 रुपए से ज्यादा नहीं होना चाहिए. NRI (नॉन-रेजिडेंट इंडियन) छात्रों के लिए ट्यूशन शुल्क की सीमा 6,000 रुपए प्रति माह है.




CBSE Single Girl Child Scholarship 2024 के लिए अब 10 जनवरी तक करें आवेदन, सीबीएसई ने बढ़ाई अंतिम तिथि 


🔴 आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर करें आवेदन
🔴 10 जनवरी, 2025 तक है अप्लाई करने का मौका
🔴 पहले 23 दिसंबर, 2024 थी आवेदन की अंतिम तिथि

27 दिसंबर 2024
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप 2024 के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। नई तिथि के अनुसार, अब छात्राएं इस छात्रवृत्ति के लिए 10 जनवरी, 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। सीबीएसई बोर्ड ने आवेदन करने के साथ वर्ष 2023 के लिए भी नवीनीकरण की लास्ट डेट को आगे दस जनवरी, 2025 ही कर दिया है।

इसलिए, जिन छात्राओं को आवेदन करना है और जिन्हें इस स्कॉलरशिप के लिए रिन्यूअल करना है, वे दोनों ही ऐसा कर सकते हैं। अप्लाई करने के लिए स्टूडेंट्स को आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाकर आवेदन करना होगा। साथ ही, स्कूलों द्वारा इस छात्रवृत्ति आवेदन का सत्यापन करने के लिए 17 जनवरी, 2025 निर्धारित की गई है। बता दें कि इससे पहले आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 दिसंबर, 2025 थी।


CBSE Single Child Scholarship 2024 Eligibility Criteria: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए ये मांगा है एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाली छात्राओं को दसवीं कक्षा में की परीक्षा में 60% या अधिक अंक प्राप्त करना होंगे। साथ ही सीबीएसई से संबंद्ध स्कूलों में कक्षा 12 या 11 में अध्ययनरत होना आवश्यक है। साथ ही एनआरआई आवेदक भी इस स्कॉलरशिप के लिए पात्र हैं। हालांकि, इनके लिए ट्यूशन फीस अधिकतम 6,000 रुपये प्रति माह होनी चाहिए।


CBSE Single Child Scholarship 2024: सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन 

सीबीएसई सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्राओं को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in पर जाना होगा। अब, होमपेज पर 'सिंगल गर्ल चाइल्ड स्कॉलरशिप X-2024 REG' पर क्लिक करें और फिर एप्लिकेशन लिंक पर क्लिक करें। अब यह चुनें कि नया आवेदन जमा करना है या फिर साल 2023 के आवेदन पत्र को नवीनीकरण करना करना है।आवेदन पत्र भरें, संबंधित डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और आवेदन सबमिट करने से पहले एक बार क्रॉस चेक करें। इसके बाद भविष्य के संदर्भ के लिए आवेदन पत्र डाउनलोड करें और प्रिंट कर लें।

इसके इतर बात करें तो सीबीएसई बोर्ड की ओर से दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं 15 फरवरी, 2025 से शुरू हो रही हैं। परीक्षा के लिए हाल ही में टाइमटेबल जारी किया जा चुका है। वहीं, अब परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जल्द ही उपलब्ध करा दिए जाएंगे। ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।



24 नवंबर 2024
CBSE "सिंगल गर्ल चाइल्ड छात्रवृत्ति योजना" अंतर्गत 23 दिसम्बर तक मांगे गए नए और नवीनीकरण हेतु आवेदन, देखें नोटिफिकेशन और जारी विस्तृत निर्देश 


🔴 आवेदन लिंक


Wednesday, January 29, 2025

एआरपी पदों पर कार्यरत शिक्षकों को थोड़ी राहत, हाईकोर्ट ने कहा, विज्ञापन जारी करने से पहले प्रत्यावेदनों पर लें निर्णय, देखें कोर्ट ऑर्डर

एआरपी पदों पर कार्यरत शिक्षकों को थोड़ी राहत, हाईकोर्ट ने कहा, विज्ञापन जारी करने से पहले प्रत्यावेदनों पर लें निर्णय


लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के मामले में बेसिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव को आदेश दिया कि एआरपी पद पर पूर्व में कार्यरत शिक्षकों के पुनः आवेदन करने हेतु प्रत्यावेदनों पर जल्द निर्णय लें। न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन की एकल पीठ ने यह आदेश सुशील कुमार द्विवेदी, विवेक तिवारी व अन्य कर्मियों की याचिका पर दिया।

याचियों की ओर से कहा गया कि 10 अक्तूबर 2024 को शासनादेश जारी कर तीन साल से कार्यरत लगभग चार हजार एआरपी को आगे होने वाली परीक्षा में शामिल होने से रोका गया है, जोकि कानून की मंशा के खिलाफ है। कोर्ट ने मामले में याचियों को तीन दिन में प्रत्यावेदन देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि एआरपी पदों के लिए नया विज्ञापन जारी करने से पहले, विभाग को वर्तमान कर्मचारियों के प्रत्यावेदनों पर निर्णय लेना होगा। 

कोर्ट ऑर्डर 👇 







ARP : पूर्व में कार्यरत एआरपी की नए आवेदन हेतु आवेदन करने की अनुमति देने हेतु हाईकोर्ट में दायर याचिका खारिज, 

मामला तीन दिनों के अंदर संबंधित उच्च अधिकारी के पास प्रस्तुत करने और संबंधित द्वारा विधि अनुसार निर्णय लेने का आदेश   

23 जनवरी 2025

कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मामला तीन दिनों के अंदर संबंधित उच्च अधिकारी के पास प्रस्तुत किया जाए। अधिकारी को कानून के अनुसार, पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा। कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि उनकी किसी भी टिप्पणी का निर्णय पर सीधा प्रभाव न पड़े।


कोर्ट आदेश का अर्थ निम्नलिखित है:


🔴 कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार के बेसिक शिक्षा विभाग के Additional Chief Secretary/Principal Secretary (मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव) को निर्देश दिया है कि वे संबंधित मामले में तीन दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करें।  

🔴 इसके बाद, जवाबदेह अधिकारी (Respondent No. 1) को एक सप्ताह के भीतर मामले का निर्णय लेना होगा।

🔴 निर्णय लेने के दौरान, संबंधित अधिकारी को कानून के अनुसार कार्य करना होगा।  

🔴 कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्णय लेने में इस आदेश में की गई टिप्पणियों का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। यानी निर्णय स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से लिया जाना चाहिए, न कि कोर्ट की किसी विशेष टिप्पणी से प्रभावित होकर।  


कोर्ट ने निर्देश दिया है कि मामला तीन दिनों के अंदर संबंधित उच्च अधिकारी के पास प्रस्तुत किया जाए। अधिकारी को कानून के अनुसार, पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से एक सप्ताह के भीतर निर्णय लेना होगा। कोर्ट ने यह सुनिश्चित किया है कि उनकी किसी भी टिप्पणी का निर्णय पर सीधा प्रभाव न पड़े।


🔵 कोर्ट ऑर्डर 👇