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Wednesday, March 26, 2025

विशेष प्रशिक्षण देकर सर्वोदय (आश्रम पद्धति) स्कूलों के शिक्षकों का कौशल निखारेगा समाज कल्याण विभाग

विशेष प्रशिक्षण देकर सर्वोदय (आश्रम पद्धति) स्कूलों के शिक्षकों का कौशल निखारेगा समाज कल्याण विभाग


 लखनऊगरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए सरकार जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के शिक्षकों के अध्यापन के कौशल को और निखारेगी। प्रतिष्ठित कान्वेंट स्कूलों की तरह इन विद्यालय में पढ़ाई के स्तर में भी सुधार किया जाएगा। इसके लिए सर्वोदय विद्यालयों में तैनात नियमित और संविदा शिक्षकों को डायट, उपाम जैसी सरकारी संस्था के अलावा प्रतियोगिताओं की तैयारी कराने वाले शिक्षण संस्थानों की मदद से प्रशिक्षित किया जाएगा । 


शिक्षकों का 15-15 दिन का ओरियंटेशन कोर्स मई और जून माह में आयोजित किया जाएगा। कोर्स के लिए समाज कल्याण विभाग ने कई संस्थानों को पत्र लिखा है। कोर्स के कार्यक्रम तय होते ही विभाग शिक्षकों की सूची तैयार करेगा।


इस सम्य प्रदेश में 100 जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय संचालित हैं। इसमें बालकों और 70 विद्यालय 30 बालिकाओं के लिए हैं। 43 विद्यालय सीबीएसई बोर्ड और 57 विद्यालय यूपी बोर्ड से संबद्ध हैं। प्रत्येक विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या 490 निर्धारित है। इस समय कुल 32,538 विद्यार्थी इन विद्यालयों में पढ़ रहे हैं। विभाग ने विद्यालयों में स्मार्ट क्लास रूम, कंप्यूटर लैब, और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं तो उपलब्ध कराई, लेकिन शिक्षकों के अध्यापन पद्धति से संतुष्ट नहीं है।

Monday, June 5, 2023

आश्रम पद्धति विद्यालयों में दूर होगी शिक्षकों की कमी

आश्रम पद्धति विद्यालयों में दूर होगी शिक्षकों की कमी


लखनऊ : प्रदेश के आश्रम पद्धति विद्यालयों में शीघ्र ही शिक्षकों की कमी दूर होगी। जून में ही इन विद्यालयों को 107 प्रवक्ता मिल जाएंगे। इसके लिए तेजी से जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। 



समाज कल्याण विभाग 94 आश्रम पद्धति विद्यालय संचालित कर रहा है। इनमें कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। साथ ही विद्यार्थियों के रहने और खाने की व्यवस्था भी स्कूल में ही होती है। सत्र 2022-23 में इनमें से जो स्कूल सीबीएसई से संबंद्ध हैं, उनका बोर्ड का रिजल्ट अपेक्षा के अनुरूप नहीं रहा।

समीक्षा के दौरान इसकी मुख्य वजह शिक्षकों की कमी मानी गई। इसलिए समाज कल्याण विभाग इस ओर खास ध्यान दे रहा है।

विभाग ने गणित, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और भौतिक विज्ञान के प्रवक्ताओं के 124 पदों के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को अधियाचन भेजा था। दिसंबर 2022 में आयोग ने 107 प्रवक्ताओं का चयन करके इस शर्त के साथ उनकी सूची भेज दी कि इनके दस्तावेजों का सत्यापन विभाग अपने स्तर से करे। दस्तावेजों के सत्यापन में देरी के कारण ये प्रवक्ता पिछले सत्र में ज्वॉइन नहीं कर पाए। प्रमुख सचिव, समाज कल्याण डॉ. हरिओम ने बताया कि चयनित प्रवक्ताओं को शीघ्र ज्वॉइनिंग कराने के लिए आवश्यक प्रक्रिया तेजी से परी की जा रही है

Wednesday, September 21, 2022

समाज कल्याण विभाग से संचालित स्कूलों का हाल, भर्ती पर रोक, एक शिक्षक पर 158 बच्चों का जिम्मा

समाज कल्याण विभाग से संचालित स्कूलों का हाल, भर्ती पर रोक, एक शिक्षक पर 158 बच्चों का जिम्मा

प्रयागराज : बेसिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त और समाज कल्याण विभाग से संचालित व अनुदानित प्रदेशभर के 489 स्कूलों में शिक्षक भर्ती पर रोक का खामियाजा छात्र-छात्राओं को भुगतना पड़ रहा है। निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के अनुसार कक्षा एक से पांच तक के स्कूलों में प्रत्येक 30 बच्चे पर एक शिक्षक होना चाहिए। लेकिन यहां एक शिक्षक पर 158 बच्चों को पढ़ाने का जिम्मा है। एकल शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षकों को हेडमास्टर, टीचर, बाबू से लेकर चपरासी तक की जिम्मेदारी उठानी पड़ रही है।


अनु सचिव शासन अशोक कुमार यादव ने 11 मई को निदेशक समाज कल्याण विभाग को पत्र लिखकर इन स्कूलों में चयन के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति भंग कर दी थी। साथ ही छात्र-शिक्षक अनुपात को तार्किक बनाने के लिए समायोजन का अनुरोध किया था। जिन स्कूलों में 30 से कम छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं उन स्कूलों के छात्रों को बेसिक शिक्षा विभाग के निकटस्थ स्कूलों में प्रवेश दिलाकर यहां कार्यरत शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में समायोजित करने को कहा था।

Sunday, July 3, 2022

मॉडल बनेंगे प्रदेश के पांच आश्रम पद्धति विद्यालय, ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए 1-1 करोड़ देगी सरकार

मॉडल बनेंगे प्रदेश के पांच आश्रम पद्धति विद्यालय, ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए 1-1 करोड़ देगी सरकार

◆ अयोध्या, गोरखपुर, रामपुर, झांसी व प्रयागराज के स्कूलों का चयन

◆ ढांचागत सुविधाओं के विकास के लिए 1-1 करोड़ देगी सरकार



प्रदेश में पांच आश्रम पद्धति विद्यालय मॉडल के रूप में विकसित किए जाएंगे। इसका खाका तैयार कर लिया गया है। इन स्कूलों में जरूरी ढांचागत सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार 1-1 करोड़ रुपये देगी। समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण की पहल पर हो रही इस कवायद के तहत कुछ फंड 'कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिविलटी (सीएसएआर)' से भी जुटाया जाएगा।

समाज कल्याण विभाग ने गोरखपुर, रामपुर, झांसी, अयोध्या और प्रयागराज के आश्रम पद्धति विद्यालयों का चयन पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को रहने खाने, ड्रेस व कॉपी-किताब की सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन व्यवस्थाएं उतनी चुस्त-दुरुस्त नहीं है, जितनी मौजूदा प्रतियोगी माहौल के हिसाब से होनी चाहिए। इन स्कूलों में सुविधाओं के विकास के लिए कॉरपोरेट समूहों से भी बात हो गई है।

पांचों स्कूलों में इस तरह बढ़ेंगी सुविधाएं

■ मानक के अनुसार पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती।

■ परिसर में इनंटरनेट के साथ स्मार्ट क्लास की व्यवस्था होगी, विद्यार्थी कंप्यूटर और प्रोजेक्टर से जुड़े स्मार्ट बोर्ड पर पढ़ाई कर सकेंगे।

■ विद्यार्थियों को बैठने के लिए सुविधाजनक कुर्सियां होंगी।

■ विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार बच्चों को विभिन्न प्रकार का पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। देश के अलग-अलग हिस्सों के व्यंजनों से भी उन्हें परिचित कराया जाएगा।

■खेल शिक्षकों की तैनाती होगी। बच्चों को कबड्डी, खो-खो, क्रिकेट, बास्केटबाल, फुटबाल, सेपकटाकरा आदि खेलों का प्रशिक्षण देने के साथ खेल किट भी दी जाएगी।

■कक्षा में पढ़ाई के साथ ही साथ होमवर्क और खेल गतिविधियों के लिए समय निश्चित होगा।

Sunday, September 26, 2021

शिक्षक भर्ती : समाज कल्याण के स्कूलों में भर्ती से प्रबंधक बाहर, अब डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी चयन कमेटी, इससे पहले प्रबंधक भी चयन समिति में होते थे शामिल

शिक्षक भर्ती : समाज कल्याण के स्कूलों में भर्ती से प्रबंधक बाहर, अब डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी चयन कमेटी, इससे पहले प्रबंधक भी चयन समिति में होते थे शामिल

● अब डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी चयन कमेटी
● इससे पहले प्रबंधक भी चयन समिति में होते थे शामिल


प्रयागराज : समाज कल्याण विभाग के स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया से प्रबंधकों को बाहर कर दिया गया है। प्रदेशभर के 571 स्कूलों में चयन के मानक बदलते हुए शासन ने जिलाधिकारी की अध्यक्षता में चयन समिति की व्यवस्था बनाई है।

22 सितंबर को प्रमुख सचिव के. रविन्द्र नायक की ओर से जारी आदेश के अनुसार भर्ती के लिए गठित चयन समिति के अध्यक्ष जिलाधिकारी या उनके नामित अधिकारी होंगे। संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, अल्पसंख्यक वर्ग का एक अधिकारी सदस्य होंगे। जबकि जिला समाज कल्याण अधिकारी को सदस्य सचिव नियुक्त किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी चयन समिति से अनुमोदित सूची निदेशक समाज कल्याण को भेजेंगे। इन पदों पर नियुक्ति के लिए शासन का अनुमोदन प्राप्त होने पर प्रबंधक एक महीने के अंदर चयनित के लिए नियुक्ति पत्र जारी करेंगे।

जिले में समाज कल्याण के 31 स्कूल

जिले में समाज कल्याण विभाग के 31 स्कूल हैं। इनमें प्रबंधक पहले बीएसए और समाज कल्याण अधिकारी से अनुमोदन लेकर नियुक्ति कर देते थे। लेन-देन के आरोप लगते थे। कुछ समय पहले एक स्कूल ने बिना बीएसए का अनुमोदन लिए शिक्षकों की भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया था।