आकांक्षी जिलों के शिक्षकों के सामान्य अंतरजनपदीय तबादले से सरकार का इंकार, केवल विशेष परिस्थितियों में मिलेगी राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा के तृतीय सत्र में पूछे गए एक तारांकित प्रश्न के उत्तर में बेसिक शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आकांक्षी जनपदों में पिछले दस वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के गृह जनपद में वर्ष 2026 के दौरान सामान्य अंतरजनपदीय स्थानांतरण पर सरकार कोई विचार नहीं कर रही है।
सरकार ने अपने उत्तर में कहा है कि बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों का पद जनपद संवर्गीय होता है, इसलिए उनके स्थानांतरण की कोई वैधानिक बाध्यता नहीं है। साथ ही, भारत सरकार द्वारा संचालित जनगणना 2026-27 के कार्यों के कारण भी 31 मार्च 2027 तक स्थानांतरण पर प्रतिबंध संबंधी निर्देश प्रभावी हैं।
हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानवीय दृष्टिकोण एवं विशेष परिस्थितियों में अंतरजनपदीय स्थानांतरण की व्यवस्था पहले से लागू है। 4 जून 2026 के शासनादेश के तहत कैंसर, डायलिसिस, दिव्यांगता, पति-पत्नी दोनों के परिषदीय शिक्षक होने अथवा अन्य विषम परिस्थितियों में मुख्यमंत्री के अनुमोदन से अंतरजनपदीय स्थानांतरण की नीति लागू की गई है। इस व्यवस्था का लाभ आकांक्षी जनपदों में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी प्राप्त कर सकते हैं।
इस प्रकार सरकार ने सामान्य तबादलों से इंकार करते हुए केवल विशेष श्रेणी के मामलों में मानवीय आधार पर राहत उपलब्ध कराने की नीति को दोहराया है।
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