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Tuesday, June 30, 2020

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को 01 जुलाई 2020 से खोलने से पूर्व सेनेटाइज किए जाने एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के सम्बन्ध में डीएम ने जारी किया आदेश

फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को 01 जुलाई 2020 से खोलने से पूर्व सेनेटाइज किए जाने एवं अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को पूर्ण कराने के सम्बन्ध में डीएम ने जारी किया आदेश।






फतेहपुर : मनरेगा से स्कूलों में कराएं जाए कार्य, डीएम ने आपरेशन कायाकल्प समेत कई बिंदुओं पर लिए अहम फैसले।

फतेहपुर : रविवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में ऑपरेशन कायाकल्प समेत कई बिन्दुओं पर अहम फैसले लिए गए। डीएम ने साफ कर दिया कि ऑपरेशन कायाकल्प में गंभीरता दिखाई जाए और निर्धारित समय में कार्य को पूरा किया जाए। मनरेगा के अन्तर्गत भी अनेक कार्य विद्यालयों में कराए जा सकते हैं। इसके अलावा पेयजल, वृक्षारोपण समेत अन्य बिन्दुओं पर भी मंथन किया गया। डीएम संजीव सिंह ने बैठक के दौरान कहा कि परिषदीय स्कूलों में मनरेगा के जरिए वाटर हार्वेस्टिंग, बाउन्ड्री वाल, शौचालय व मिट्टी की पुराई जैसे कार्य कराए जा सकते हैं। प्रवासी मजदूरों कोशामिल करते हुए यह कार्य शीघ्र ही कराए जाएं। जिससे मानसून के दौरान स्कूलों में जलभराव की समस्या न हो तथा जल संरक्षण की मुहिम को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में अवैध कब्जे हैं उनकी शिकायत एंटी भू माफिया पोर्टल में की जाए। जिससे इनका संज्ञान लेकर परावर्तन की कार्रवाई कराई जा सके। कहा गया कि ग्राम प्रधान व पंचायत सचिव के साथ समन्वय स्थापित कर पेयजल, रनिंग वाटर, शौचालय, फ्लोर टाइल्स, टाइलिंग इन टॉयलेट, हैंड वाशिंग यूनिट, इलेक्ट्रिक फिटिंग, इलेक्ट्रिक कनेक्शन, पेटिंग, रैम्प जैसे अनेक कार्य कराए जाएं। बैठक में बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि नवीन कामों में प्रत्येक कक्षा कक्ष में रैम्प होना अनिवार्य किया गया है। इसे देखते हुए स्कूलों में हर कमरे के सामने रैम्प निर्मित कराया जाए।


ठेकेदार का नाम नोट किया जाए :  अफसरों ने कहा कि जिन स्कूलों में हैंडपंप रिबोर किए गए हैं या होने वाले हैं, उसकी सूचना विद्यालय की पत्र व्यवहार पंजिका में ठेकेदार के नाम पता, मोबाइल नंबर व तिथि के साथ अंकित की जाए। जिससे रिबोर करने वाले ठेकेदार को कमी आने पर बुलाया जा सके।




फतेहपुर : परिषदीय विद्यालयों को कराया जाएगा सेनेटाइज, डीएम ने दिए निर्देश।

बेसिक शिक्षा विभाग के अधीन स्थापित किए गए परिषदीय स्कूलों को सेनेटाइज कराया जाएगा। रविवार को डीएम की अध्यक्षता में हुई विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान डीएम ने यह निर्देश दिए। स्कूलों को ब्लीचिंग पाउडर के घोलसे सेनेटाइज कराया जाएगा जिससे स्कूल परिसर सुरक्षित व स्वच्छ हो सकें।







 इससे पहले प्राथमिक शिक्षक संघ ने जिले के सभी प्राथमिक स्कूलों को सेनेटाइज कराने की मांग की थी। प्रवासी मजदूरों के जिले में आगमन के दौरान परिषदीय स्कूलों को क्वारंटीन सेण्टर के रूप में प्रयोग किए जाने से संघ अपने शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर चिंतित था। शिक्षकों का कहना था कि चंकी अधिकांश स्थानों को सेनेटाइज कराया गया है इसलिए परिषदीय स्कूलों को भी सेनेटाइज कराया जाए। इन दिनों विभागीय कार्य से शिक्षकों को अपने स्कूल जाना पड़ता है। सेनेटाइजेशन न होने के कारण शिक्षकों में भय बना रहता है। शिक्षकों व संघ की मांग को देखते हुए जिला प्रशासन ने तय किया है कि जिन स्कूलों में क्वारंटीन सेण्टर बनाए गए थे उन्हें अनिवार्य रूप से सेनेटाइज कराया जाएगा। सेनेटाइज कराने के बाद ही शिक्षण कार्य कराया जाएगा।



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Friday, June 26, 2020

एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


एडेड माध्यमिक : नियुक्ति देने वालों पर लटकी कार्रवाई की तलवार


प्रयागराज : एडेड माध्यमिक कालेजों की शिक्षक नियुक्ति में हेराफेरी करने वाले अब निशाने पर हैं। शासन के निर्देश पर मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को आख्या के साथ तलब किया जा चुका है। सभी से पूछा गया है कि शिक्षक पद का अधियाचन यदि चयन बोर्ड नहीं भेजा गया तो दोषी अधिकारी का नाम क्या है? और उसकी वर्तमान में तैनाती कहां है? इस सवाल से साफ है कि नियुक्ति में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। बस जांच पूरा होने का इंतजार है।



असल में, सुप्रीम कोर्ट ने संजय सिंह व अन्य बनाम उप्र व अन्य सहित सिविल अपीलों पर 28 फरवरी 2020 को आदेश दिया है। शासन अशासकीय सहायताप्राप्त कालेजों में नियुक्ति पाने वालों की चयन प्रक्रिया जांच रहा है कि वह सही है या नहीं। शासन स्तर पर तय हुआ कि उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड सचिव पिछले वर्षो में मिले अधियाचन की रिपोर्ट देंगी। अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक जिलों से भेजें अधियाचन व चयन प्रक्रिया की जांच करेंगे।


प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय में अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व डीआइओएस को तलब करके जांच शुरू कर दी है।


इस तरह की मांगी आख्या : जिले का नाम, शिक्षक का नाम व पदनाम, विद्यालय, कब से संबद्ध, रिक्त पद किस विषय का था पूर्व में कार्यरत शिक्षक का नाम, भेजे अधियाचन का पत्रंक व दिनांक, यदि अधियाचन नहीं भेजा दोषी अधिकारी का नाम व वर्तमान तैनाती स्थान, अधियाचन की प्रति चयनित अभ्यर्थी को मिली या नहीं, नियुक्ति की तारीख।


नियुक्ति प्रक्रिया : दो बहुप्रसारित समाचार पत्र में विज्ञापन, चयन समिति का गठन, अर्हता, गुणांक निर्धारण। संस्था ने डीआइओएस को प्रकरण कब संदíभत किया था, वेतन भुगतान व अन्य विवरण

Thursday, June 18, 2020

एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सांठगांठ से नियुक्तियां

एडेड माध्यमिक कॉलेजों में सांठगांठ से नियुक्तियां!


शिक्षकों की नियुक्तियां सिर्फ सत्यापन में हेराफेरी करके ही नहीं हुई,बल्कि चयन में सांठगांठ का खेल खूब फूला फला है। प्रदेश के एडेड माध्यमिक कालेजों में ऐसे शिक्षक बड़ी संख्या में तैनात हैं, जिनका अधियाचन (रिक्त पद का ब्योरा) चयन संस्था को सही से भेजा ही नहीं गया। इतना ही नहीं अफसरों ने चयन प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना खेत पद के सापेक्ष तैनाती दे दी । 


शासन के आदेश पर ऐसे शिक्षकों की खोज की जा ही है। जल्द ही ऐसे जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआइओएस) कार्रवाई के दायरे में होंगे, जिन्होंने आंख मूंदकर नियुक्तियां बांटी हैं। अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक कालेजों में प्रधानाचार्य, प्रवक्ता व प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक के ख्ति पद पर चयन करने का जिम्मा उप्र माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को है। नियम है कि संबंधित संस्था से अधिवाचन मंगाकर डीआरएस चयन संस्था को भेजो। 



कालेजों का प्रबंधतंत्र चयनित की जगह चाहते शिक्षकों कार्यभार ग्रहण कराया हा है। डीआइओएस से सांठगांठ कर उसकी मुराद पूरी होती रही है। ऐसे शिक्षकों का विनियमितीकरण सकारें करती ही हैं। इस बार भी शीर्ष कोट में संजय सिंह व अन्य बनाम मप्र राज्य से संबद्ध सिविल अपीलों में मांग की गई थी कि शिक्षकों का विनियमितीकरण किया जाए।