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Sunday, April 7, 2024
ACP प्रत्यावेदन का करें समयबद्ध निस्तारण, माध्यमिक शिक्षा विभाग जनवरी-जुलाई में आयोजित करेगा बैठक
ACP प्रत्यावेदन का करें समयबद्ध निस्तारण, माध्यमिक शिक्षा विभाग जनवरी-जुलाई में आयोजित करेगा बैठक
लखनऊ। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को समय से एश्योरड कॅरियर प्रमोशन (एसीपी) का लाभ दिए जाए। इसे लेकर माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को निर्देश जारी किए हैं।
माध्यमिक शिक्षा के अपर शिक्षा निदेशक सुरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा है कि मंडल व जिला स्तर पर प्राप्त आवेदनों के निस्तारण के लिए जनवरी व जुलाई में दो बार निश्चित रूप से बैठकें की जाएं। कर्मचारियों के आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि प्रकरण से अलग किसी अनावश्यक कागज की मांग संबंधित कर्मचारी या प्रबंधतंत्र से न की जाए। शासनादेश के अनुसार सभी कागजों के आधार पर प्रकरण का समय से निस्तारण किया जाए।
Sunday, August 20, 2023
राजकीय शिक्षकों ने मांगा 62 वर्ष में सेवानिवृत्ति का विकल्प और एसीपी का लाभ
राजकीय शिक्षकों ने मांगा 62 वर्ष में सेवानिवृत्ति का विकल्प और एसीपी का लाभ
● एडेड माध्यमिक व वेसिक के शिक्षकों के पास है 60 या 62 वर्ष का अवसर
● राजकीय शिक्षकों को नहीं दिया जा रहा एसीपी का लाभ
प्रयागराज : अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के पास सेवानिवृत्ति को लेकर विकल्प है, लेकिन राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के पास विकल्प की सुविधा नहीं है। उन्हें 60 वर्ष की आयु पर ग्रेच्युटी लाभ के साथ सेवानिवृत्त कर दिया जाता है। राजकीय शिक्षक भी सेवानिवृत्ति को लेकर 62 वर्ष का विकल्प चाहते हैं। इसके लिए महानिदेशक (डीजी) स्कूली शिक्षा विजय किरन आनंद को पत्र भेजा गया है।
डीजी को भेजे पत्र में राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पाण्डेय एवं प्रांतीय महामंत्री सत्यशंकर मिश्र ने बताया कि एडेड माध्यमिक के शिक्षकों की तरह बेसिक शिक्षा के शिक्षकों के पास भी विकल्प भरने की सुविधा है कि वह 60 वर्ष की आयु पर ग्रेच्युटी लाभ के साथ सेवानिवृत्ति चाहते हैं या 62 वर्ष की आयु पर।
62 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति होने पर ग्रेच्युटी का लाभ नहीं दिया जाता । इसके विपरीत राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के एलटी, प्रवक्ता, प्रधानाध्यापक एवं प्रधानाचार्यों को 60 वर्ष की आयु पर सेवानिवृत्ति दी जाती है। मांग की गई है उन्हें भी विकल्प का अवसर दिया जाए कि वह ग्रेच्युटी के साथ 60 वर्ष में सेवानिवृत्ति या बिना ग्रेच्युटी लाभ के 62 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति चुन सकें।
यह भी बताया है कि राजकीय शिक्षकों को राज्य कर्मचारी नहीं माना गया है और न ही उन्हें एश्योर्ड करियर प्रमोशन (एसीपी) का लाभ दिया जा रहा है। मांग की गई है कि समानता के अधिकार के तहत उन्हें भी विकल्प की सुविधा दी जाए।
Thursday, January 26, 2023
Thursday, December 15, 2022

बेसिक शिक्षा विभाग के समूह ख के 24 अधिकारियों को सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (ACP) का लाभ
बेसिक शिक्षा विभाग के समूह ख के 24 अधिकारियों को सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (ACP) का लाभ, देखें आदेश
लखनऊ : बेसिक शिक्षा विभाग के समूह ख के 24 अधिकारियों को सुनिश्चित कैरियर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ दिया गया है। नियुक्त होने की तारीख से 10 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने पर पहली और 16 वर्ष बाद दूसरी एसीपी दी जाती है।
इसमें तीन अधिकारी तिलक सिंह राजपूत, शेफाली प्रताप व जीवेंद्र सिंह ऐरी ऐसे हैं, जिन्हें 23 साल की सेवा पूरी होने पर पहली व दूसरी दोनों एसीपी दी गई हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव महेंद्र प्रताप भारती की ओर से एसीपी दिए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
Wednesday, November 11, 2020

राजकीय माध्यमिक शिक्षकों ने उठाई एसीपी की मांग
राजकीय माध्यमिक शिक्षकों ने उठाई एसीपी की मांग
लखनऊ : राजकीय हाईस्कूल व इंटर कॉलेजों के शिक्षकों ने सरकार से सुनिश्चित करियर प्रोन्नयन (एसीपी) का लाभ दिए जाने की मांग की है। माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला की अध्यक्षता में योजना भवन के सभागार में राजकीय शिक्षक संघ व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पदाधिकारियों के साथ बैठक में विभिन्न मुद्दों पर सहमति जताई गई और जल्द निर्णय का आश्वासन दिया गया।
बैठक में शिक्षकों ने कई मांगें उठाईं। राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय ने कहा कि राजकीय स्कूलों के शिक्षकों की सेवानिवृत्त आयु राज्य कर्मचारियों की भांति 60 वर्ष है, लेकिन उन्हें एसीपी का लाभ नहीं दिया जा रहा। इस पर सामने आया कि राजकीय शिक्षकों को शिक्षक, प्रशिक्षण और प्रशासनिक आधार पर वर्गीकृत करने से वेतन विसंगति उत्पन्न होगी। फिलहाल शिक्षकों को वर्गीकरण पर निर्णय लेना होगा। शिक्षकों ने वेतन विसंगति न होने की स्थिति में ही इसे स्वीकार करने पर सहमति जताई। वहीं तीन हजार नए शिक्षकों की भर्ती होने के बावजूद एक वर्ष पूर्व स्थानांतरित किए गए शिक्षकों को रिलीव न करने के मामले पर जल्द निर्णय की बात कही गई।
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