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Thursday, March 26, 2026

विभागीय लापरवाही से चयन वेतनमान की लड़ाई भूख हड़ताल तक आई, छह माह बाद भी नहीं लगा चयन वेतनमान

विभागीय लापरवाही से चयन वेतनमान की लड़ाई भूख हड़ताल तक आई, छह माह बाद भी नहीं लगा चयन वेतनमान

एक अप्रैल को जिलाधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करेंगे शिक्षक


लखनऊ।   बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही से शिक्षकों का चयनित वेतनमान छह माह बीत जाने के बाद भी नहीं लगा है। जिससे शिक्षकों में आक्रोश है और सामूहिक भूख हड़ताल करने की तैयारी कर रहे हैं। शिक्षकों की 10 वर्ष की सेवा के उपरांत चयन वेतनमान का लाभ दिया जाना है। जबकि निर्धारित तिथि के 6 माह बीत जाने के बाद भी चयन वेतनमान के लिए शिक्षक भटकने को विवश हैं। हालांकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा अधिकांश शिक्षकों का चयन स्वीकृत किया जा चुका है, लेकिन वित्त एवं लेखाधिकारी स्तर से रुचि नहीं ली जा रही है। कई शिक्षक संगठनों ने ज्ञापन देकर आंदोलन की चेतावनी दी है।


लखनऊ के शिक्षक हरिशंकर राठौर ने बताया कि मेरा चयन वेतनमान अक्टूबर 2025 में लगना था जिसके लिए ब्लॉक से लेकर जिले तक कई बार आग्रह किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सहयोग करते हुए 19 जनवरी को मेरा चयन वेतनमान स्वीकृत आदेश जारी किया। आशा थी कि जनवरी में चयन वेतनमान लग जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद तीन बार वित्त एवं लेखा अधिकारी से निवेदन किया लेकिन सिर्फ आश्वासन ही प्राप्त हुआ। राठौर ने कहा कि यदि मार्च माह में मेरा कई जिलों में चयन वेतनमान पर अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।  चयन वेतनमान नहीं लगा तो चयन वेतनमान लंबित होने से दुखी होकर 1 अप्रैल से कार्यालय जिलाधिकारी पर भूख हड़ताल के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि जिले में सैकड़ों शिक्षकों का चयन वेतनमान सितंबर माह से आज तक लंबित है। विभिन्न विकासखंडों से एक दर्जन से अधिक प्रकरणों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा आदेश निर्गत होने के बाद भी भुगतान नहीं हो पाया है। शिक्षकों का कहना है कि वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय द्वारा तकनीकी आपत्तियों के आधार पर प्रकरणों को रोका जा रहा है।


राजधानी में पूर्व में एक शिक्षक द्वारा आत्मदाह करने की घटना हो चुकी है। ये स्थितियां अधिकारियों की घोर लापरवाही को दर्शाता है जो की अति निंदनीय है। - सुशील कुमार पांडे, अध्यक्ष उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ

Sunday, March 1, 2026

छुट्टी, वेतनमान सब ऑनलाइन, फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग के काम पेंडिंग, ऑनलाइन सिस्टम तो लागू कर दिया, लेकिन महीनों तक लटकाए रहते हैं जिला और ब्लॉक स्तर के अफसर

छुट्टी, वेतनमान सब ऑनलाइन, फिर भी बेसिक शिक्षा विभाग के काम पेंडिंग,  ऑनलाइन सिस्टम तो लागू कर दिया, लेकिन महीनों तक लटकाए रहते हैं जिला और ब्लॉक स्तर के अफसर


केस-1
बाराबंकी के हरख ब्लॉक में शिक्षकों की छुट्टियों के 84 आवेदन पेडिग है। उन्होंने ऑनलाइन आवेदन किया, लेकिन बीईओ कार्यालय से अप्रूव नहीं हुए है। पूरे जिले में सभी 15 ब्लॉक और नगर क्षेत्र मिलाकर 804 आवेदन पेंडिंग है।

केस-2
करीब छह महीने पहले शिक्षकों को फडामेंटल लिट्रेसी ऐड न्युमिरेसी का प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण के लिए उनको 750 रुपये भत्ता दिया जाना था। यह भत्ता भी ऑनलाइन उनके खाते मे आना था, लेकिन अब तक नही आया।

ये दो उदाहरण शिक्षा विभाग में ऑनलाइन कामों की रफ्तार का आइना है। इसके अलावा भी कई काम ऐसे हैं जो ऑनलाइन होते हैं और पेंडेंसी खत्म होने के साथ ही काम की रफ्तार बढ़ने के दावे किए जाते हैं। हकीकत ये है कि सामान्य भत्तों से लेकर एनओसी और छुट्टियों का अप्रूवल तक लंबे समय तक फंसा रहता है। व्यवस्था ऑनलाइन होने के बावजूद शिक्षकों को विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। ऐसे में रिश्वत की मांग तक के आरोप लगते हैं।


छुट्टियां लटकाने पर चेतावनीः छुट्टियों के अप्रूवल की ही बात करें तो सीसीएल, अर्जित अवकाश, आकस्मिक अवकाश, चिकित्सीय अवकास सहित सभी तरह की छुट्टियां ऑनलाइन ही अप्रूव की जाती हैं। बाराबंकी का मामला तो इसलिए सामने आ गया कि वहां के बीएसए ने खुद सभी बीएसए को पत्र लिखा। इसमें उन्होंने लिखा है कि काफी अधिक मात्रा में छुट्टियों के आवेदन लंबित हैं। साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि है कि तत्काल इनको अग्रसारित करें, अन्यथा की स्थिति में समस्त जिम्मेदारी आपकी होगी। शिक्षकों का आरोप है कि हर जिले में यही हाल है।

चयन वेतनमान लंबितः चयन वेतनमान भी ऑनलाइन लगना होता है, लेकिन नवंबर से अब तक ज्यादातर जिलों में अभी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। शिक्षक चयन वेतनमान के इंतजार में हैं। इसको लेकर राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, यूनाइटेड टीचर्स असोसिएशन सहित कई शिक्षक संगठनों ने अधिकारियों से शिकायत की। डीजी से लेकर कई जिलों के बीएसए तक ने इस पर पत्र लिखकर चयन वेतनमान की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश भी दिए, लेकिन उसके बावजूद ब्लॉक स्तर के अधिकारी इसको लटकाए हुए हैं। शिक्षकों की शिकायत है कि इसके लिए भी शिक्षकों से तीन हजार रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक की मांग की जाती है।


'जिम्मेदारी तय हो'

शिक्षको का आरोप है कि विभाग ने ऑनलाइन व्यवस्था तो कर दी, लेकिन अफसरों और कर्मचारियों के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया, ऑफलाइन जितने ही लंबे समय तक काम लटके रहते है। प्राथमिक शिक्षक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुशील कुमार सिंह का कहना है कि ऑनलाइन व्यवस्था के बावजूद शिक्षको को कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते हैं। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक असोसिएशन के अध्यक्ष विनय कुमार सिंह कहते है कि अफसरों का रवैया नहीं बदलेगा, तब तक ऑनलाइन व्यवस्था का कोई फायदा नहीं। उच्च अधिकारियों को पेडिंग कामों की लगातार समीक्षा करनी चाहिए और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।


ये काम ऑनलाइन

जीपीएफ से अडवास भुगतान, सभी प्रकार की एनओसी, चयन वेतनमान, प्रोन्नत वेतनमान, नया वेतन भुगतान, नोटिस का स्पष्टीकरण, मानव संपदा पोर्टल पर सशेधन, वेतन वैरिएशन पर संशोधन, अन्य सशोधन ऑनलाइन किए जाने की व्यवस्था विभाग ने की है।


जो भी ऑनलाइन काम होने है, वे बिना विलंब के तुरंत होने चाहिए। इस बारे में लगातार निर्देश दिए जा रहे है। इसकी समीक्षा भी की जाती है। चयन वेतनमान शिक्षकों को समय पर मिले, इसकी लगातार समीक्षा करके निर्देश भी दिए जा रहे हैं। - मोनिका रानी, डीजी-स्कूल शिक्षा


(साभार : नवभारत टाइम्स)

Monday, December 29, 2025

प्रदेश के 175 ब्लॉक के बेसिक शिक्षकों को अब भी चयन वेतनमान का इंतज़ार

प्रदेश के 175 ब्लॉक के बेसिक शिक्षकों को अब भी चयन वेतनमान का इंतज़ार

लखनऊ : शिक्षकों के चयन वेतनमान की प्रक्रिया एक साल पहले ऑनलाइन कर दी गई। इसके बावजूद शिक्षकों को चयन वेतनमान का इंतजार है। प्रदेश के 175 ब्लॉक ऐसे हैं, जहां किसी शिक्षक का चयन वेतनमान नहीं लगा। चयन वेतनमान के लिए महानिदेशक मोनिका रानी भी निर्देश दे चुकी हैं। फिर भी ब्लॉक स्तर पर कार्यवाही लटकी है। 

बीईओ के स्तर से प्रक्रिया लटकी है। लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, संभल, बस्ती सहित कई जिले ऐसे हैं, जहां कई ब्लॉक में अब तक शिक्षकों को चयन वेतनमान नहीं मिला लखनऊ के मलिहाबाद, सरोजनी नगर, मोहनलालगंज और नगर क्षेत्र के जोन चार के शिक्षक शिकायत भी कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।



लखनऊ, बाराबंकी समेत डेढ़ दर्जन जिलों में चयन वेतनमान देने की प्रक्रिया सुस्त, विभागीय आदेश के बाद भी सैकड़ों शिक्षकों को नहीं मिला लाभ

कई जिलों में नए बीएसए नहीं कर पा रहे हैं इसकी प्रक्रिया पूरी

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, कन्नौज सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। यह स्थिति तब है, जब महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने हाल ही में बैठक कर इस प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए थे।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 10 वर्ष की नियमानुसार सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाता है। दो भर्ती बैच के सैकड़ों शिक्षक इसके पात्र हैं, लेकिन कई जिलों में इसकी गति बेहद धीमी बनी हुई है। राजधानी लखनऊ में भी शिक्षक लाभ के लिए भटक रहे हैं, जबकि बाराबंकी में अब तक केवल आधा दर्जन शिक्षकों को ही इसका लाभ मिल सका है।

शिक्षक संगठनों की मांग के बाद विभाग हरकत में आया और समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हुआ। परिणामस्वरूप 50 से अधिक जिलों में अब तक 22 हजार से ज्यादा शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ मिल चुका है। हालांकि अन्य जिलों में शिक्षकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन जिलों में नए बीएसए तैनात हुए हैं, वहां प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लग रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 29 दिसंबर को मानव संपदा पोर्टल पर चयन वेतनमान स्वीकृति की शत-प्रतिशत प्रगति की समीक्षा बैठक भी तय की है। इस बैठक में स्कूल, शिक्षक और छात्र प्रोफाइल की पूर्ण फीडिंग तथा अन्य राज्यों से प्राप्त स्टूडेंट रिलीज रिक्वेस्ट के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।



बेसिक शिक्षकों के चयन वेतनमान में लापरवाही को लेकर 188 बीईओ व 39 बीएसए DGSE के रडार पर

लखनऊ। चयन वेतनमान प्रकरण में लापरवाह 188 बीईओ (खण्ड शिक्षा अधिकारी) एवं 39 बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) सरकार की रडार पर हैं। स्कूल शिक्षा महानिदेशक की स्पष्ट चेतावनी के बाद भी लापरवाही बरतने वाले इन बीईओ एवं बीएसए के खिलाफ अब कार्रवाई तय मानी जा रही है।



बेसिक शिक्षकों के चयन वेतनमान की राह में अभी भी कई रोड़े, सर्विस बुक ऑनलाइन, फिर भी ऑफलाइन मंगवा रहे 

दो बैच के काफी शिक्षक हैं चयन वेतनमान की लाइन में

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को दस साल की सेवा पूरी करने पर चयन वेतनमान देने की व्यवस्था है। किंतु सैकड़ों शिक्षक पिछले कुछ महीने से इसके लिए भटक रहे हैं। हालत यह है कि 140 से अधिक विकास खंडों में अभी तक इसके लिए काम नहीं शुरू हुए हैं। कई जगह पर शिक्षकों से उनकी सर्विस बुक ऑफलाइन मांगी जा रही है।


इसकी शिकायत जब मुख्यालय में हुई तो कुछ जगह पर आदेश संशोधित किए गए हैं। वहीं, कई जगह पर सर्विस बुक अपडेट न होने की बात कही जा रही है। शिक्षकों ने बताया कि कई जिलों में पिछले तीन महीने में एक भी चयन वेतनमान का आदेश नहीं जारी हुआ है। जबकि 29334 और 72825 बैच के शिक्षकों की चयन वेतनमान के लिए लंबी लाइन है। शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने कहा कि लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई में न के बराबर शिक्षकों को इसका लाभ मिला है। इसकी वजह से हजारों शिक्षकों का ढाई से पांच हजार रुपये तक हर महीने का नुकसान हो रहा है।


वहीं, विभाग का कहना है कि काफी विकास खंडों में इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कुछ जगह पर आदेश भी जारी होने शुरू हो गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने हाल ही में इसमें रुचि न लेने वाले बीईओ व बीएसए के साथ बैठक कर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस महीने के अंत तक सभी योग्य शिक्षकों को इसका लाभदेने का निर्देश दिया है। 

Saturday, December 13, 2025

मानव संपदा पोर्टल पर मॉड्यूल खुला, कई बदलावों के बाद बेसिक शिक्षकों को चयन वेतनमान जल्द मिलने की उम्मीद

मानव संपदा पोर्टल पर मॉड्यूल खुला, कई बदलावों के बाद बेसिक शिक्षकों को चयन वेतनमान जल्द मिलने की उम्मीद


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के सेवा संबंधी मामलों को पारदर्शी तरीके से निस्तारित करने के लिए मानव संपदा पोर्टल शुक्रवार को फिर से शुरू कर दिया गया। पोर्टल के तकनीकी अपडेट की वजह से यह पिछले 25 दिनों से बंद था, जिससे हजारों शिक्षक प्रभावित हुए थे।

पोर्टल बंद रहने के कारण 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके लगभग 55 से 60 हजार शिक्षक चयन वेतनमान के लाभ से अभी तक वंचित थे। अब पोर्टल खुलने के बाद प्रक्रिया फिर से शुरू हो सकेगी।

वर्तमान में खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) स्तर पर केवल प्राथमिक सहायक अध्यापकों की सूची ही दिखाई दे रही है। इससे पहले बीईओ और बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) स्तर पर जो काम पूरा हुआ था, वह अब शून्य हो गया है। अधिकारियों को नई सूची दोबारा तैयार करनी होगी।

शिक्षकों का कहना है कि 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले सभी शिक्षकों का चयन वेतनमान पोर्टल पर तुरंत चढ़ाया जाए और जल्द भुगतान किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके। पोर्टल पहले की अपेक्षा अब अधिक सरल बताया जा रहा है, जिससे प्रक्रियाएं तेज होने की उम्मीद है।




चयनवेतन अपडेट

1. जिन जनपदों में किसी भी कार्यालय के L1 या L2 पर कोई आवदेन लम्बित था, सभी को निरस्त कर दिया गया है।

2. पोर्टल नए कलेवर एवं सुधारों के साथ तैयार हुआ है ।

3. सर्वप्रथम AT प्राइमरी के डेटा पर टेस्टिंग के विकल्प दिए गए हैं।

4. वर्तमान प्रक्रिया में इफेक्टिव आर्डर डेट की व्यवस्था जोड़ी गयी है।

5. किसी भी एक्टिविटी से पहले सम्बंधित कैडर के सभी कार्मिकों की e-सेवापुस्तिका अद्यावधिक किया जाना अनिवार्य होगा।

6. जल्द ही अन्य कैडर खोले जाएंगे।

7. पोर्टल पर गतवर्ष से लंबित पात्रों (HT PS/AT UPS) के लिए अभी विकल्प अनुपलब्ध हैं।

8. कोई त्रुटिपूर्ण/तैयार किया गया डेटा/लिस्ट/बैच आज रात्रि में वाशआउट कर दिया जाएगा।

9. जनपदीय उन्मुखीकरण के साथ चयनवेतन प्रक्रिया को मिलेगी नई रफ़्तार।

10. आदेश डिजिटल रूप में होंगे जारी।

Monday, July 7, 2025

मांग : पदोन्नति से इन्कार करने वाले शिक्षकों को दें चयन वेतनमान

मांग : पदोन्नति से इन्कार करने वाले शिक्षकों को दें चयन वेतनमान


लखनऊ। प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने मांग की है कि बेसिक शिक्षा विभाग से पदोन्नति से इन्कार करने वाले परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाए। 

एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने विभाग के अपर मुख्य सचिव व बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव से कहा है कि शिक्षकों को 10 वर्ष के अंदर पदोन्नति का अवसर मिलने व पदोन्नति से इन्कार करने पर स्वेच्छा से चयन वेतनमान मिलना चाहिए। किंतु जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा चयन वेतनमान का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इसे लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं। 


Wednesday, May 14, 2025

ऑनलाइन प्रक्रिया की दिक्कतों के चलते बेसिक शिक्षकों को ऑफलाइन चयन वेतनमान स्वीकृत करने की PSPSA की मांग

ऑनलाइन प्रक्रिया की दिक्कतों के चलते बेसिक शिक्षकों को ऑफलाइन चयन वेतनमान स्वीकृत करने की PSPSA की मांग


लखनऊ। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के परस्पर तबादलों की तरह ही उनकी चयन वेतनमान की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो रही है। इसे लेकर शिक्षकों में नाराजगी है। शिक्षकों ने महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा को ज्ञापन भेजकर इसकी प्रक्रिया समय से पूरा कराने की मांग की है।

प्राथमिक शिक्षक प्रशिक्षित स्नातक एसोसिएशन ने महानिदेशक को भेजे पत्र में कहा है कि एक जनवरी 2025 से एक ही पद पर 10 साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों की ऑनलाइन मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से चयन वेतनमान स्वीकृत करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसमें विभिन्न स्तर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद बीएसए चयन वेतनमान स्वीकृत करेंगे।

एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष विनय कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रक्रिया में लाभार्थी शिक्षक को अपने स्तर से कोई भी प्रक्रिया नहीं करनी है। इसके लिए पोर्टल पर कोई विकल्प भी नहीं है। वह केवल स्टेटस देख सकता है। उन्होंने बताया कि लगभग चार महीने बाद भी कुछ जगहों पर पहले चरण की ही प्रक्रिया पूरी नहीं की गई है। न ही इस संबंध में जानकारी दी गई है। कुछ शिक्षकों का इनीशियल कैडर अभी तक अपडेट नहीं किया गया है। इसके कारण भी प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है। ऐसे में उन्होंने लंबित चयन वेतनमान की प्रक्रिया पहले की भांति ऑफलाइन स्वीकृत करने के लिए निर्देश जारी करने की मांग की है। 


Tuesday, March 4, 2025

ऑनलाइन व्यवस्था के बाद भी 91 हजार बेसिक शिक्षकों के चयन और प्रोन्नत वेतनमान लटके

ऑनलाइन व्यवस्था के बाद भी 91 हजार बेसिक शिक्षकों के चयन और प्रोन्नत वेतनमान लटके


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों के लगभग 91 हजार शिक्षकों को चयन वेतनमान व प्रोन्नत वेतनमान की सुविधा नहीं मिल पा रही है। यह तब है जब जनवरी से मानव संपदा पोर्टल पर वेतनमान से संबंधित माड्यूल उपलब्ध कराया गया है। आनलाइन व्यवस्था होने के बावजूद शिक्षक इसके लिए चक्कर काट रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) शिक्षकों के वेतनमान से संबंधित प्रकरणों को लटकाए हुए हैं। ऐसे में अब स्कूली शिक्षा महानिदेशालय की ओर से लंबित प्रकरणों का ब्योरा मांगा गया है।


परिषदीय विद्यालयों में 10 वर्ष की सेवा पूरी करने पर शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाता है। दिसंबर 2024 तक 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले 53 हजार शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाना है। वहीं 20 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले करीब 38 हजार शिक्षक ऐसे हैं, जो प्रोन्नत वेतनमान के लिए शिक्षा विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं। 


आफलाइन व्यवस्था इसलिए बंद की गई थी कि शिक्षकों का बेवजह शोषण न हो। आनलाइन व पारदर्शी व्यवस्था किए जाने के बावजूद प्रदेश स्तर पर चयन व प्रोन्नत वेतनमान की सूची फाइनल नहीं हो पाई है। नियमानुसार सभी बीईओ को अपने-अपने ब्लाक के पात्र शिक्षकों की सूची मानव संपदा पोर्टल के चयन व प्रोन्नत वेतनमान के माड्यूल में आनलाइन अपलोड करनी है। फिर आनलाइन माध्यम से ही बीएसए इसे आगे लेखा विभाग को बढ़ाएंगे। जो कार्य जनवरी में हो जाना चाहिए था वह मार्च शुरू होने के बावजूद लटका हुआ है। 


उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव कहते हैं कि आनलाइन व्यवस्था के बावजूद शिक्षकों को बेवजह दौड़ाया व परेशान किया जा रहा है।

Sunday, June 20, 2021

चयन वेतनमान निर्धारण करने की लंबित समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु सांसद व शिक्षक विधायक ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र

चयन वेतनमान निर्धारण करने की लंबित समस्या के शीघ्र निस्तारण हेतु सांसद व शिक्षक विधायक ने वित्त नियंत्रक को लिखा पत्र







Saturday, March 6, 2021

परिषदीय शिक्षकों के चयन वेतनमान निर्धारण में वार्षिक वेतनवृद्धि की तिथि परिवर्तन द्वारा उतपन्न हो रही विसंगति के सम्बन्ध में PSPSA का पत्र

परिषदीय शिक्षकों के चयन वेतनमान निर्धारण में वार्षिक वेतनवृद्धि की तिथि परिवर्तन द्वारा उतपन्न हो रही विसंगति के सम्बन्ध में PSPSA का पत्र







Friday, November 20, 2020

फतेहपुर : चयन वेतनमान स्वीकृत आदेश दिनांक 19 नवम्बर 2020 जारी, देखें सूची

फतेहपुर : चयन वेतनमान स्वीकृत आदेश दिनांक 19 नवम्बर 2020 जारी, देखें सूची।