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Monday, December 29, 2025

प्रदेश के 175 ब्लॉक के बेसिक शिक्षकों को अब भी चयन वेतनमान का इंतज़ार

प्रदेश के 175 ब्लॉक के बेसिक शिक्षकों को अब भी चयन वेतनमान का इंतज़ार

लखनऊ : शिक्षकों के चयन वेतनमान की प्रक्रिया एक साल पहले ऑनलाइन कर दी गई। इसके बावजूद शिक्षकों को चयन वेतनमान का इंतजार है। प्रदेश के 175 ब्लॉक ऐसे हैं, जहां किसी शिक्षक का चयन वेतनमान नहीं लगा। चयन वेतनमान के लिए महानिदेशक मोनिका रानी भी निर्देश दे चुकी हैं। फिर भी ब्लॉक स्तर पर कार्यवाही लटकी है। 

बीईओ के स्तर से प्रक्रिया लटकी है। लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, संभल, बस्ती सहित कई जिले ऐसे हैं, जहां कई ब्लॉक में अब तक शिक्षकों को चयन वेतनमान नहीं मिला लखनऊ के मलिहाबाद, सरोजनी नगर, मोहनलालगंज और नगर क्षेत्र के जोन चार के शिक्षक शिकायत भी कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।



लखनऊ, बाराबंकी समेत डेढ़ दर्जन जिलों में चयन वेतनमान देने की प्रक्रिया सुस्त, विभागीय आदेश के बाद भी सैकड़ों शिक्षकों को नहीं मिला लाभ

कई जिलों में नए बीएसए नहीं कर पा रहे हैं इसकी प्रक्रिया पूरी

लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग की सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बावजूद लखनऊ, बाराबंकी, उन्नाव, कन्नौज सहित करीब डेढ़ दर्जन जिलों में शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ अब तक नहीं मिल पाया है। यह स्थिति तब है, जब महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने हाल ही में बैठक कर इस प्रक्रिया को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए थे।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में 10 वर्ष की नियमानुसार सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाता है। दो भर्ती बैच के सैकड़ों शिक्षक इसके पात्र हैं, लेकिन कई जिलों में इसकी गति बेहद धीमी बनी हुई है। राजधानी लखनऊ में भी शिक्षक लाभ के लिए भटक रहे हैं, जबकि बाराबंकी में अब तक केवल आधा दर्जन शिक्षकों को ही इसका लाभ मिल सका है।

शिक्षक संगठनों की मांग के बाद विभाग हरकत में आया और समीक्षा बैठकों का दौर शुरू हुआ। परिणामस्वरूप 50 से अधिक जिलों में अब तक 22 हजार से ज्यादा शिक्षकों को चयन वेतनमान का लाभ मिल चुका है। हालांकि अन्य जिलों में शिक्षकों का इंतजार लंबा होता जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन जिलों में नए बीएसए तैनात हुए हैं, वहां प्रक्रिया पूरी करने में अधिक समय लग रहा है।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने 29 दिसंबर को मानव संपदा पोर्टल पर चयन वेतनमान स्वीकृति की शत-प्रतिशत प्रगति की समीक्षा बैठक भी तय की है। इस बैठक में स्कूल, शिक्षक और छात्र प्रोफाइल की पूर्ण फीडिंग तथा अन्य राज्यों से प्राप्त स्टूडेंट रिलीज रिक्वेस्ट के मामलों की भी समीक्षा की जाएगी।



बेसिक शिक्षकों के चयन वेतनमान में लापरवाही को लेकर 188 बीईओ व 39 बीएसए DGSE के रडार पर

लखनऊ। चयन वेतनमान प्रकरण में लापरवाह 188 बीईओ (खण्ड शिक्षा अधिकारी) एवं 39 बीएसए (बेसिक शिक्षा अधिकारी) सरकार की रडार पर हैं। स्कूल शिक्षा महानिदेशक की स्पष्ट चेतावनी के बाद भी लापरवाही बरतने वाले इन बीईओ एवं बीएसए के खिलाफ अब कार्रवाई तय मानी जा रही है।



बेसिक शिक्षकों के चयन वेतनमान की राह में अभी भी कई रोड़े, सर्विस बुक ऑनलाइन, फिर भी ऑफलाइन मंगवा रहे 

दो बैच के काफी शिक्षक हैं चयन वेतनमान की लाइन में

लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों के शिक्षकों को दस साल की सेवा पूरी करने पर चयन वेतनमान देने की व्यवस्था है। किंतु सैकड़ों शिक्षक पिछले कुछ महीने से इसके लिए भटक रहे हैं। हालत यह है कि 140 से अधिक विकास खंडों में अभी तक इसके लिए काम नहीं शुरू हुए हैं। कई जगह पर शिक्षकों से उनकी सर्विस बुक ऑफलाइन मांगी जा रही है।


इसकी शिकायत जब मुख्यालय में हुई तो कुछ जगह पर आदेश संशोधित किए गए हैं। वहीं, कई जगह पर सर्विस बुक अपडेट न होने की बात कही जा रही है। शिक्षकों ने बताया कि कई जिलों में पिछले तीन महीने में एक भी चयन वेतनमान का आदेश नहीं जारी हुआ है। जबकि 29334 और 72825 बैच के शिक्षकों की चयन वेतनमान के लिए लंबी लाइन है। शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने कहा कि लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई में न के बराबर शिक्षकों को इसका लाभ मिला है। इसकी वजह से हजारों शिक्षकों का ढाई से पांच हजार रुपये तक हर महीने का नुकसान हो रहा है।


वहीं, विभाग का कहना है कि काफी विकास खंडों में इसकी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। कुछ जगह पर आदेश भी जारी होने शुरू हो गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने हाल ही में इसमें रुचि न लेने वाले बीईओ व बीएसए के साथ बैठक कर कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने इस महीने के अंत तक सभी योग्य शिक्षकों को इसका लाभदेने का निर्देश दिया है। 

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