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Friday, September 4, 2026

बेसिक शिक्षा के राज्य शिक्षक पुरस्कार पर कई जिलों से उठे सवाल, जिला स्तर पर सबसे कम अंक वालों को प्रदेश स्तर पर चुने जाने का आरोप

बेसिक शिक्षा के राज्य शिक्षक पुरस्कार पर कई जिलों से उठे सवाल, जिला स्तर पर सबसे कम अंक वालों को प्रदेश स्तर पर चुने जाने का आरोप 


लखनऊ । पांच सितंबर को शिक्षक दिवस है। इस अवसर पर आयोजित समारोह में राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। इससे पहले ही राज्य पुरस्कार सवालों के घेरे में आ गए हैं। कई जिलों में शिक्षकों ने शिकायत की हैं चयन में कमियां बताई हैं। सबसे ज्यादा सवाल जिला स्तर पर दिए गए अंकों और प्रदेश स्तर पर किए गए चयन में बड़े अंतर को लेकर हैं। वहीं, हेडमास्टर के अग्रसारित किए बिना पुरस्कार देने और कई बार सस्पेंड शिक्षिका का नाम पुरस्कार लिस्ट में होने जैसी शिकायतें भी हैं।


ये है प्रक्रिया : पुरस्कारों के चयन के लिए सबसे पहले जिला स्तरीय समिति शिक्षकों से जरूरी दस्तावेज लेकर तय प्रक्रिया के तहत अंक देती है। पुरस्कार के लिए जरूरी इन दस्तावेज के 80 अंक होते हैं। उसके बाद निदेशालय स्तर पर साक्षात्कार होता है और दस्तावेज की जांच होती है। निदेशालय स्तर से 20 अंक तय होते हैं। इस आधार पर 100 अंकों में जिसके अंक ज्यादा होंगे, उसे पुरस्कार के लिए चुना जाएगा।


जिसके कम अंक, उसे पुरस्कार : सबसे ज्यादा सवाल अंक देने की प्रक्रिया पर ही हैं। ललितपुर में शिक्षक नीरज द्विवेदी को जिला स्तर पर 80 में से 65 अंक मिले। अनिल कुमार को 50 और प्रीति गुप्ता को 36 अंक मिले। प्रदेश स्तर पर साक्षात्कार और समीक्षा के बाद चयन जिले में सबसे कम अंक वाली प्रीति गुप्ता का हुआ। इसी तरह महोबा में जिला स्तर पर ब्रज किशोर को 69 अंक मिले। वहीं, ओम प्रकाश तिवारी को 49 और विनोद कुमार पाठक को 39 अंक मिले। पुरस्कार की सूची आई तो उसमें 39 अंक पाने वाले विनोद कुमार पाठक का नाम आया। इस पर सवाल ये उठ रहे हैं कि जिसके जिला स्तर पर 69 और 65 अंक पाने वालों को साक्षात्कार में शून्य अंक भी दिया जाए और 39 और 36 अंक पाने वालों को पूरे 20-20 नंबर भी दे दिए जाएं तो भी कम रहेंगे।

ऐसे में उनका चयन कैसे हो गया ?

कई बार सस्पेंड शिक्षिका को पुरस्कार : बदायूं में प्राथमिक विद्यालय रिसौली की शिक्षका किरण देवी को पुरस्कार के लिए चुना गया है। उसी गांव की मेघा ने उनके बारे में अधिकारियों को शिकायत की है। कहा है कि किरण देवी तीन बार गंभीर आरोपों सस्पेंड हो चुकी हैं। ऐसे में उनको यह पुरस्कार कैसे दिया जा सकता है? बीएसए बदायूं का कहना है कि निलंबन कोई सजा नहीं होती है।


हेडमास्टर ने ही की शिकायत

लखनऊ में भी जिला स्तर पर 48 अंक पाने वाली विनीता का चयन पुरस्कार के लिए हुआ है। उससे ज्यादा अंक पाने वालो को नहीं चुना गया। इसके अलावा गोसाईगंज के प्राथमिक विद्यालय अमेठी की हेड टीचर संतोष राय ने इसकी शिकायत भी जनसुनवाई पोर्टल पर की है और एक विडियो बनाकर भी प्रसारित किया है। उनका कहना है कि उनसे हस्ताक्षर ही नहीं करवाए गए। उन्हें आशंका है कि उनकी शिक्षिका विनीता ने उनके फर्जी हस्ताक्षर किए। इस बारे में विनीता का कहना है कि हेड टीचर ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। ऐसे में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) को अधिकार होता है और उन्होंने आवेदन अग्रसारित कर दिया।

जिलों में तय मानकों के अनुसार अंक नहीं दिए गए थे। कई के पूरे दस्तावेज नहीं थे। ऐसे में निदेशालय स्तर पर समीक्षा की गई। उस आधार पर चयन किया गया है। यदि हेडमास्टर किसी व्यक्तिगत कारण से किसी का आवेदन अग्रसारित नहीं करता तो उससे बड़े सक्षम अधिकारी को यह अधिकार होता है। जिनका चयन नहीं हुए वे बेवजह जिले के अंकों के आधार पर सवाल उठा रहे हैं। - अनिल भूषण चतुर्वेदी, निदेशक-बेसिक शिक्षा

Saturday, August 29, 2026

यूपी में शिक्षकों, स्कूलों और ग्राम पंचायतों को मिलेगा बड़ा सम्मान, ₹3 लाख तक पुरस्कार जीतने का मौका, सीखो सिखाओ एवॉर्डस 2026 हेतु प्रोत्साहित किये जाने का निर्देश

यूपी में शिक्षकों, स्कूलों और ग्राम पंचायतों को मिलेगा बड़ा सम्मान, ₹3 लाख तक पुरस्कार जीतने का मौका, सीखो सिखाओ एवॉर्डस 2026 हेतु प्रोत्साहित किये जाने का निर्देश 


लखनऊ, 28 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और ब्लॉक संसाधन केंद्रों (BRC) को प्रोत्साहित करने के लिए ‘सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स 2026’ की शुरुआत की गई है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की ओर से 27 अगस्त 2026 को प्रदेश के सभी मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशकों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र जारी किया गया है।

पांच श्रेणियों में दिए जाएंगे पुरस्कार
‘सीखो सिखाओ अवॉर्ड्स 2026’ के तहत उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पांच प्रमुख श्रेणियों में सम्मानित किया जाएगा—

🔴 शिक्षक पुरस्कार – परिषदीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 8 तक के शिक्षक।
🔴 विद्यालय पुरस्कार – परिषदीय विद्यालय कक्षा 1 से 8।
🔴 ग्राम पंचायत पुरस्कार – शैक्षिक क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान देने वाली ग्राम पंचायतें।
🔴 BRC पुरस्कार – शैक्षिक सहयोग के लिए योगदान देने वाले ब्लॉक संसाधन केंद्र।
🔴 बालिका शिक्षा पुरस्कार – परिषदीय/माध्यमिक/KGBV विद्यालयों के कक्षा 6 से 12 तक के शिक्षक।


विजेताओं को मिलेगा ₹3 लाख तक का पुरस्कार
योजना के तहत विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं और उप-विजेताओं को आर्थिक पुरस्कार दिया जाएगा। शिक्षक पुरस्कार में प्रत्येक विजेता को ₹1 लाख और उप-विजेता को ₹50 हजार मिलेंगे। वहीं विद्यालय, ग्राम पंचायत और BRC पुरस्कार की प्रत्येक श्रेणी में विजेता को ₹3 लाख तथा उप-विजेता को ₹1 लाख की पुरस्कार राशि दी जाएगी। बालिका शिक्षा पुरस्कार के राज्य स्तरीय विजेता को ₹3 लाख का पुरस्कार मिलेगा।

16 विजेता और 16 उप-विजेता
विद्यालय, शिक्षक, ग्राम पंचायत और BRC की प्रत्येक श्रेणी में प्रदेश को पश्चिमी यूपी, केंद्रीय यूपी, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के चार क्षेत्रों में बांटकर चयन किया जाएगा। प्रत्येक क्षेत्र से एक विजेता और एक उप-विजेता चुना जाएगा। इस प्रकार इन चार श्रेणियों में कुल 16 विजेता और 16 उप-विजेता होंगे। इसके अतिरिक्त बालिका शिक्षा श्रेणी में प्रदेश स्तर पर एक विजेता का चयन किया जाएगा।

20 सितंबर तक आवेदन का मौका
जारी सूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया 21 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तिथि 20 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

आवेदन एवं विस्तृत जानकारी के लिए सीखो सिखाओ फाउंडेशन की वेबसाइट का उल्लेख किया गया है। विभाग ने अधिकारियों से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के शिक्षकों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों और BRC को इस पहल की जानकारी दें, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसमें भाग ले सकें।


सीखो सिखाओ एवॉर्डस 2026 हेतु प्रोत्साहित किये जाने के संबंध में।



Tuesday, August 25, 2026

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: उच्च शिक्षा और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षक सम्मानित होंगे

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026: उच्च शिक्षा और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षक सम्मानित होंगे


नई दिल्ली, 25 अगस्त। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु शिक्षक दिवस के अवसर पर 5 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) और पॉलिटेक्निक के 21 शिक्षकों/फैकल्टी सदस्यों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 प्रदान करेंगी।

शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष चयनित 21 शिक्षकों में केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों से 12, राज्य विश्वविद्यालयों से 5 तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों से 4 शिक्षक शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में शिक्षण-अधिगम की प्रभावशीलता, आउटरीच गतिविधियां, शोध एवं नवाचार तथा प्रायोजित शोध, फैकल्टी विकास कार्यक्रम और कंसल्टेंसी जैसे विभिन्न मानकों को आधार बनाया गया।


राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए इस वर्ष ऑनलाइन नामांकन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किए गए थे। इसमें स्व-नामांकन के साथ संस्थागत और सहकर्मी नामांकन की व्यवस्था भी थी। प्रारंभिक स्तर पर स्क्रीनिंग के बाद ज्यूरी की समिति द्वारा अंतिम चयन किया गया।

उल्लेखनीय है कि उच्च शिक्षण संस्थानों और पॉलिटेक्निक के शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के दायरे में वर्ष 2023 में शामिल किया गया था। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था में उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करना है।


पुरस्कार पाने वाले 21 शिक्षक एवं उनके संस्थान

  • प्रो. अवलोकिता अग्रवाल — IIT Roorkee, Uttarakhand
  • प्रो. कीर्ति चंद्र साहू — IIT Hyderabad, Telangana
  • प्रो. विनय चमौला — BITS Pilani, Rajasthan
  • डॉ. श्रीकांत गोल्लापुडी — IIT Bhubaneswar, Odisha
  • प्रो. मिथुन राधाकृष्ण — IIT Gandhinagar, Gujarat
  • प्रो. सौरव दत्ता — IISER Bhopal, Madhya Pradesh
  • प्रो. विक्रम विशाल — IIT Bombay, Maharashtra
  • प्रो. सरवैया जयराजसिंह इंद्रजीतसिंह — National Forensic Sciences University, Gandhinagar, Gujarat
  • प्रो. शंकर प्रसाद रथ — IIT Kanpur, Uttar Pradesh
  • डॉ. मनीषा निगम — Hemvati Nandan Bahuguna Garhwal University, Srinagar, Uttarakhand
  • डॉ. अमर मोहनराव ताकसांडे — Jawaharlal Nehru Medical College (JNMC), Wardha, Maharashtra
  • डॉ. अरुण बाबू — All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), Mangalagiri, Andhra Pradesh
  • डॉ. पुख्रम्बम लिलाबती देवी — Manipur University, Imphal, Manipur
  • प्रो. डॉ. आशुतोष मोहन — Institute of Management Studies, Banaras Hindu University (BHU), Varanasi
  • प्रो. अंकुरन दत्ता — Gauhati University, Guwahati, Assam
  • सुश्री शिवानी वी. — Karnataka Sanskrit University, Bengaluru
  • प्रो. राजीव चौधरी — Pt. Ravishankar Shukla University, Raipur, Chhattisgarh
  • डॉ. विश्वनाथ एच. एस. — M.E.I. Polytechnic, Bengaluru, Karnataka
  • डॉ. शशिकला एस. — PSG Polytechnic College, Coimbatore, Tamil Nadu
  • डॉ. कन्नन रथिनम — Sakthi Polytechnic College (Govt. Aided), Erode, Tamil Nadu
  • डॉ. संदीपन्न प्रल्हाद नारोटे — Government Polytechnic, Solapur, Maharashtra


Tuesday, July 14, 2026

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 17 जुलाई तक

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन अब 17 जुलाई तक

अब तक उत्तर प्रदेश से मात्र 124 शिक्षकों ने ही किया आवेदन

13 जुलाई 2026
लखनऊ। शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 10 जुलाई से बढ़ाकर 17 जुलाई कर दी है। प्रदेश में अब तक 124 शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। बेसिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों, जिला विद्यालय निरीक्षकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को अधिक से अधिक पात्र शिक्षकों और प्रधानाचार्यों से आवेदन कराने के निर्देश दिए हैं। 



ट्यूशन पढ़ाने वालों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार नहीं मिलेगा

30 जून 2026
प्रयागराज। राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार 2026 के लिए 13 जुलाई तक शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि अधिक से अधिक शिक्षकों से आवेदन कराएं।

खास बात यह है कि ट्यूशन जैसी गतिविधियों में संलिप्त शिक्षक या प्रधानाचार्य आवेदन नहीं कर सकते हैं। संविदा पर कार्यरत शिक्षक या शिक्षामित्र भी आवेदन के लिए अर्ह नहीं है। केवल न्यूनतम 10 वर्ष की सेवा वाले नियमित शिक्षक, प्रधानाध्यापक और प्रधानाचार्य पात्र है। राष्ट्रीय अध्यापक पुरस्कार पोर्टल http://nationalawardstoteachers.education.gov.in पर पंजीकरण की अंतिम तिथि 10 जुलाई और सबमिट करने की आखिरी तारीख 13 जुलाई है। आवेदक को आवेदन पत्र के साथ एक ऑनलाइन पोर्टफोलियो अपलोड करना है, जिसमें आवश्यक अभिलेख, टूल्स, एक्टिविटी रिपोर्ट, फील्ड विजिट, फोटो, ऑडियो या वीडियो आदि सम्मिलित होंगे।



राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार को लेकर शिक्षकों की बेरुखी से बढ़ी शिक्षा विभाग की परेशानी, 13 जुलाई तक आनलाइन आवेदन का मौका, जिले में कराना होगा 25 आवेदन

शिक्षकों को प्रेरित कर अधिक से अधिक आवेदन कराने में जुटा विभाग

लखनऊ । राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 के लिए आनलाइन स्व-नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन आवेदन की रफ्तार धीमी होने से विभागीय अधिकरियों की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे में शिक्षा निदेशालय ने पात्र शिक्षकों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक आनलाइन आवेदन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। 


इस वर्ष शिक्षा मंत्रालय ने यूपी को दो हजार नामांकन का लक्ष्य दिया है। इस हिसाब से जिले में कमसे कम 25 शिक्षकों को आवेदन करने  होंगे। विभाग की तरफ से इसके लिए संबंधित अधिकारियों से अपने-अपने क्षेत्र के दो से तीन उत्कृष्ट शिक्षकों की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पोर्टल पर आवेदन कराने और तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने को कहा गया है। शिक्षा निदेशालय के अनुसार 25 जून तक प्रदेश भर में केवल 24 शिक्षकों ने पंजीकरण कराया था, जबकि अंतिम रूप से एक भी आवेदन जमा नहीं हुआ था। 

बड़ी संख्या में जिले ऐसे हैं, जहां अब तक एक भी नामांकन नहीं हुआ है।  इसी के मद्देनजर यहां आवेदन संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए पात्र शिक्षक 10 जुलाई तक आनलाइन स्व-नामांकन कर सकते हैं, जबकि 13 जुलाई तक आवेदन अंतिम रूप से सबमिट करना होगा।


Friday, June 19, 2026

राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम

स्वच्छ व हरित विद्यालयों की राष्ट्रीय सूची में छाए यूपी के परिषदीय विद्यालय,  बेसिक शिक्षा विभाग के 9 स्कूलों ने बनाई पहचान

19 जून 2026
लखनऊ। उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा विभाग के लिए गौरव का विषय है कि विभाग द्वारा संचालित नौ परिषदीय विद्यालयों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान दर्ज कराई है। विभिन्न शैक्षिक मानकों, नवाचारों, सामुदायिक सहभागिता, विद्यालयी वातावरण और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के आधार पर तैयार राष्ट्रीय सूची में इन विद्यालयों को स्थान मिला है। इस उपलब्धि को प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक बदलाव और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। 

राष्ट्रीय सूची में शामिल विद्यालयों में जनपद संभल का प्राथमिक विद्यालय इटायला माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चौखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गढ़छपा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), रायबरेली का प्राथमिक विद्यालय दौलरा, महाराजगंज (रैंक 51), बदायूं का कम्पोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36), सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55), श्रावस्ती की केजीबीवी हरिहरपुर रानी (रैंक 9) तथा जालौन की केजीबीवी कोंच (रैंक 14) शामिल हैं।

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह सफलता निपुण भारत मिशन, पीएमश्री विद्यालयों की पहल, बेहतर अधिगम परिणाम, डिजिटल नवाचार तथा विद्यालयों में विकसित सकारात्मक शैक्षिक वातावरण का प्रतिफल है। प्रदेश सरकार द्वारा विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं, स्मार्ट कक्षाओं, पुस्तकालयों और शिक्षण-अधिगम प्रक्रियाओं को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिनका असर अब राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देने लगा है। 

शिक्षा जगत से जुड़े लोगों ने इसे परिषदीय विद्यालयों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों की सामूहिक सफलता बताया है। माना जा रहा है कि इन विद्यालयों की उपलब्धियां अन्य विद्यालयों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेंगी और प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण बुनियादी शिक्षा को नई दिशा देंगी।



राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छ व हरित विद्यालयों की रैंकिंग जारी, यूपी के 11 स्कूलों में छह परिषदीय दो केजीबीवी, दो अन्य श्रेणी और एक निजी विद्यालय को मिला स्थान, देखें नाम 

17 जून 2026
लखनऊ। केंद्रीय स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित स्वच्छ व हरित विद्यालय रेटिंग (एसएचवीआर) 2025-26 में यूपी के 11 विद्यालयों को जगह मिली है। इनमें 6 परिषदीय विद्यालय और 2 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त रैंकिंग में दो अन्य श्रेणी के विद्यालय और एक निजी विद्यालय को भी जगह मिली है।


प्रदेश के बेसिक विद्यालयों ने स्वच्छता, हरित परिसर और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर यह उपलब्धि पाई है। साथ ही देश भर के निजी स्कूलों को भी कड़ी टक्कर दी है। प्रतियोगिता के तहत राज्य स्तर पर चयनित शीर्ष 20 विद्यालयों को राष्ट्रीय स्तर के मूल्यांकन के लिए भेजा गया था। इनमें से 11 विद्यालयों ने राष्ट्रीय सूची में स्थान बनाया।

प्रतियोगिता में देशभर से कुल 191 विद्यालयों का चयन किया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 20 विद्यालयों को जल्द सम्मानित करने का निर्णय लिया है। ताकि अन्य विद्यालय भी स्वच्छता और हरित परिसर के क्षेत्र में प्रेरणा ले सकें।

अपर निदेशक बेसिक श्याम किशोर तिवारी ने कहा कि यह सफलता प्रदेश के शिक्षकों, विद्यार्थियों, विद्यालय प्रबंधन समितियों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। विद्यालयों में स्वच्छता, हरियाली और आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।


राष्ट्रीय रैंकिंग में इन विद्यालयों को मिली जगह

संभल का प्राथमिक विद्यालय इटालिया माफी (रैंक 12), पीलीभीत का प्राथमिक विद्यालय चोखापुर (रैंक 25), चित्रकूट का पीएमश्री कन्या गंछापा (रैंक 27), बरेली का प्राथमिक विद्यालय सहजनी (रैंक 29), बदायूं का कंपोजिट विद्यालय आमगांव (रैंक 36) और सहारनपुर का उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबदौला (रैंक 55) शामिल है। वहीं, श्रावस्ती का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय हरिहरपुर रानी (रैंक 9) व जालौन का कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय कोंच (रैंक 14) को भी जगह मिली है। रैंकिंग में प्रयागराज का एयरफोर्स स्कूल मनौरी (रैंक 31) और वाराणसी का जवाहर नवोदय विद्यालय, गजोखर (रैंक 46) भी है। वहीं, निजी विद्यालय श्रेणी में मेरठ के दयावती मोदी अकादमी-1 (रैंक 4) ने स्थान पाया है।


परिषदीय विद्यालयों में हो रहा संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल :

एसएचवीआर रेटिंग में विद्यालयों का मूल्यांकन स्वच्छता, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता, अपशिष्ट प्रबंधन, हरित परिसर और सामुदायिक सहभागिता जैसे मानकों पर किया गया है। इनमें परिषदीय विद्यालयों ने संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल और जनभागीदारी के बल पर उत्कृष्ट परिणाम हासिल किया है। इन विद्यालयों में स्वच्छता अभियान, पौधरोपण, जल संरक्षण और कायाकल्प जैसी पहल का सकारात्मक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर दिखा है। इससे विभाग भी उत्साहित है।

Saturday, June 13, 2026

इंडिया बेस्ट टीचर अवार्ड के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 31 जुलाई, शिव नादर फाउंडेशन ऑक्सफोर्ड विवि के साथ मिलकर देगा अवार्ड

इंडिया बेस्ट टीचर अवार्ड के लिए आवेदन शुरू, अंतिम तिथि 31 जुलाई, शिव नादर फाउंडेशन ऑक्सफोर्ड विवि के साथ मिलकर देगा अवार्ड

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने आवेदन बढ़ाने के दिए निर्देश


लखनऊ। शिव नादर फाउंडेशन और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय का सेड बिजनेस स्कूल मिलकर इंडिया बेस्ट टीचर अवार्ड देगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। सभी राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित की गई है। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के शिक्षकों से अधिक आवेदन के लिए सभी जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को पत्र भेजा है। विभाग के संयुक्त निदेशक विवेक नौटियाल ने यह जानकारी दी। पुरस्कार आठ श्रेणियों में प्रदान किया जाएगा। इनमें व्यवसाय अध्ययन, उद्यमशीलता, कंप्यूटर विज्ञान, अंग्रेजी, पर्यावरणीय विज्ञान, भूगोल, गणित और भौतिक विज्ञान शामिल हैं। आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक नियमित शिक्षकों का नामांकन कर सकते हैं। वे अधिकतम दो श्रेष्ठ शिक्षकों को नामांकित कर सकेंगे।


चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। चयनित शिक्षकों को सेड बिजनेस स्कूल में एक हफ्ते के व्यक्तिगत कार्यक्रम के लिए छात्रवृत्ति मिलेगी। यह कार्यक्रम शिक्षा और वैश्विक शिक्षाशास्त्र के नेतृत्व पर केंद्रित होगा। विजेता 16 शिक्षकों को शिक्षण कौशल सुधारने के लिए पांच-छह सप्ताह का ऑनलाइन शिक्षण कार्यक्रम भी मिलेगा। डीआईओएस को निर्देश दिए गए हैं कि वे शिक्षकों को व्हाट्सएप समूह और ईमेल से 31 जुलाई तक आवेदन करने के लिए प्रेरित करें।