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Saturday, August 8, 2020

ऑनलाइन क्लास व्यवस्था को को निजी स्कूलों के बच्चों की हरी झंडी

ऑनलाइन क्लास व्यवस्था को को निजी स्कूलों के बच्चों की हरी झंडी 

 
लखनऊ : कोरोना काल में चल रही ऑनलाइन शिक्षण व्यवस्था का माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सर्वे कराया। इसमें राजधानी में यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आइसीएसई से संचालित निजी विद्यालयों के कक्षा नौ से 12 तक के करीब 70 हजार विद्यार्थियों ने पहले फेस में प्रतिभाग किया। इनमें 90 फीसद बच्चों ने इस व्यवस्था को हरी झंडी दे दी। यह जानकारी डीआइओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने दी।


बच्चों ने दिए ये सुझाव

शिक्षकों को नॉर्मल बोर्ड के स्थान पर स्मार्ट बोर्ड का प्रयोग करना चाहिए, नेटवर्क की समस्या दूर की जाए, भौतिक विज्ञान और गणित के कांसेप्ट स्लाइड द्वारा प्रदर्शित किए जाए, साप्ताहिक टेस्ट लिया जाए, सरकार वाईफाई की व्यवस्था मुफ्त करे, बच्चों को इंग्लिश के साथ हंिदूी में भी समझाया जाए, वीडियो कांफ्रेंसिंग की जानी चाहिए, कक्षाओं में महामारी का एक टॉपिक होना चाहिए, क्लास का समय 11 से दोपहर एक बजे तक रखा जाए।

सर्वे में 70 हजार विद्यार्थी हुए शामिल : राजधानी में यूपी बोर्ड से संचालित विद्यालयों में कक्षा नौ से 12 तक करीब दो लाख विद्यार्थी हैं। वहीं, आइसीएसई और सीबीएसई से संचालित विद्यालयों में करीब एक लाख है। सर्वे के मुताबिक, 81 फीसद विद्यार्थी टीवी के माध्यम से संचालित कक्षाओं से पढ़ाई कर रहे हैं। इसमें सबसे अधिक यूपी बोर्ड से संचालित राजकीय, एडेड और कुछ निजी विद्यालयों के विद्यार्थी हैं। जबकि, सर्वे में जो 70 हजार विद्यार्थी शामिल हुए हैं, वे अधिकतर निजी विद्यालयों के हैं।

Friday, August 7, 2020

फीस जमा न होने पर स्कूली बच्चों के नाम न काटने के शासनादेश को निजी स्कूलों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती

फीस जमा न होने पर स्कूली बच्चों के नाम न काटने के शासनादेश को निजी स्कूलों ने दी हाईकोर्ट में चुनौती

 
लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने कोरोना महामारी के दौरान फीस जमा न होने पर प्राइवेट के बच्चों का नाम न काटने के शासनादेश को चुनौती याचिका पर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। वहीं, कोर्ट ने राज्य सरकार के अपर मुख्य स्थायी अधिवक्ता एचपी की मांग पर निर्देश दिया कि 12 अगस्त को अगली सुनवाई पर किसी जिम्मेदार अफसर को रिकॉर्ड के साथ मदद के लिए पेश कराएं अन्यथा अदालत मामले की करेगी और अंतरिम राहत देने के अनुरोध पर गौर करेगी। 


न्यायमूर्ति पंकज कुमार जायसवाल करुणेश सिंह पवार को खंडपीठ ने यह आदेश एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल्स ऑफ यूपी की ओर से अतुल कुमार और एक अन्य की याचिका पर दिया। याचियों के अधिवक्ता मनीष वैश्य के मुताबिक याचिका में यूपी सरकार के जुलाई के शासनादेश को रद्द करने की भी गुजारिश की गई है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना के चलते फीस जमा न होने पर प्राइवेट के बच्चों के नाम न काटे स्कूलों

Saturday, August 1, 2020

अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने दी स्कूल फीस में सशर्त छूट, सरकारी कर्मचारी अथवा मेडिकल व्यवसाय पर नहीं मिलेगी छूट

अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने दी स्कूल फीस में सशर्त छूट, सरकारी कर्मचारी अथवा मेडिकल व्यवसाय पर नहीं मिलेगी छूट

 

लखनऊ : अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने लॉकडाउन के दौरान आर्थिक संकट का सामना करने वाले अभिभावकों को फीस 20 फीसद तक फीस माफी की घोषणा की है।


शुक्रवार को क्राइस्ट चर्च कॉलेज में बैठक का आयोजन हुआ। इसमें एसोसिएशन के अध्यक्ष ने कहा कि यह व्यवस्था सरकारी कर्मचारी अथवा मेडिकल व्यवसाय के लोगों पर लागू नहीं होगी। वहीं, सीएमएस की अध्यक्ष डॉ. गीता गांधी ने कहा कि हम बच्चों की पढ़ाई रुकने नहीं देंगे, पर इस स्थिति में अभिभावकों को भी विद्यालयों की समस्याओं को समझना चाहिए। इस दौरान अन्य विद्यालयों के प्रबंधक भी मौजूद रहे।


इन मदो में दी गई राहत : ’ फीस में 20 फीसद तक की होगी छूट ’ पुराने बच्चों से एडमिशन फीस नहीं ली जाएगी, पर दाखिला लेने वाले बच्चों से ली जाएगी ’ स्कूल बंद रहने की अवधि मेंटीनेंस चार्ज, लाइब्रेरी शुल्क नहीं ली जाएगी।


ऐसे मिलेगा फीस में 20 फीसद तक माफी का लाभ : फीस में छूट या लाभ लेने के लिए अभिभावकों को साक्ष्यों के साथ स्कूल के प्रबंधक अथवा ¨प्रसिपल से मिलकर उन्हें प्रार्थना पत्र देकर उसमें अपने व्यवसाय और आर्थिक संकट का जिक्र करना होगा। इसके बाद विद्यालय प्रबंधन अभिभावकों की आर्थिक स्थिति के अनुसार उन्हें फीस में छूट देगी। अनिल अग्रवाल ने बताया कि सक्षम अथवा अन्य अभिभावक 10 अगस्त तक अपने बच्चों की फीस जमा कर दें, नहीं तो ऑनलाइन कक्षाएं बंद कर दी जाएंगी।

Friday, July 10, 2020

लॉकडाउन में प्राइवेट स्कूल फीस माफ करने वाली याचिका पर SC ने दिया यह जवाब

लॉकडाउन में प्राइवेट स्कूल फीस माफ करने वाली याचिका पर SC ने दिया यह जवाब
   
याचिका में लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों की तीन महीने की (एक अप्रैल से जून तक की) फीस माफ करने और नियमित स्कूल शुरू होने तक फीस रेगुलेट किये जाने की मांग कोर्ट से की गई थी.


नई दिल्ली: सुप्रीमकोर्ट (Supreme Court) ने लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों की तीन महीने की फीस (School Fees) माफ करने और रेगुलेटरी तंत्र बनाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि राज्य की स्थिति अलग होती है. याचिकाकर्ता से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने के लिए कोर्ट ने कहा है. 


बताते चलें कि 8 राज्यों के अभिभावकों ने मिलकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों की तीन महीने की (एक अप्रैल से जून तक की) फीस माफ करने और नियमित स्कूल शुरू होने तक फीस रेगुलेट किये जाने की मांग की थी. शुक्रवार को कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से मना कर दिया है.  


अभिभावकों ने अपनी याचिका में फीस न देने के कारण बच्चों को स्कूल से न निकाला जाए जैसी मांग भी कोर्ट से की थी. गौरतलब है कि कोरोना महामारी के चलते हुए राष्ट्रव्यापी लाॉकडाउन जारी है. ऐसे में रोजगार बंद होने से बहुत से अभिभावक फीस देने में असमर्थ हो गए हैं. हालांकि केंद्र सरकार ने अनलॉक 2 की घोषणा करते हुए जारी बंदिशों में कुछ छूट दी है. लेकिन अभी-भी कुछ राज्य ऐसे हैं जहां कोरोना ने तांडव मचा रखा है. जिसके मद्देनजर राज्य सरकार को वापस लॉकडाउन की घोषणा की है.

Sunday, July 5, 2020

आज से खुलेंगे सभी बोर्डों के माध्यमिक स्कूल, शिक्षक एवं कर्मचारियों को स्कूल जाना अनिवार्य, विद्यार्थी नहीं आएंगे

छह जुलाई से सभी माध्यमिक शिक्षक एवं कर्मचारियों को स्कूल जाना अनिवार्य, विद्यार्थी नहीं आएंगे, 

आज से खुलेंगे सभी बोर्डों के माध्यमिक स्कूल


प्रदेश सरकार ने दिया निर्देश स्कूलों की फीस जमा कराएं अभिभावक, एकमुश्त देने में असमर्थ तो किश्तों में दे सकेंगे फीस


फीस न जमा होने पर न काटें बच्चे का नाम, ऑनलाइन क्लास से भी न रोका जाए।


इस दौरान एडमिशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी, एक समय में ज्यादा अभिभावकों को नहीं बुलाया जाएगा





कोरोना संक्रमण को लेकर लॉक डाउन से बंद चल रहे माध्यमिक विद्यालयों को शासन द्वारा छह जुलाई से खोलने का निर्णय लिया है। यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड व संस्कृत बोर्ड सहित सभी बोर्डो से संबंधित विद्यालय सोमवार से खुल जाएंगे और शिक्षक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी इन विद्यालयों में पहुंचेगे। इसके साथ ही ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो जाएगी और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ छात्र छात्राओं के एडमीशन भी किए जाएंगे। हालांकि छात्र छात्राएं अभी विद्यालय नहीं आएंगे उनकी छुट्टी रहेगी। सिर्फ ऑनलाइन पढ़ाई के साथ साथ बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया होगी। अभी तक माध्यमिक विद्यालय बन्द चल रहे थे। सोमवार से माध्यमिक विद्यालय खुल जाएंगे और सभी विद्यालयों में शिक्षक भी पहुचेंगे। 


ऑनलाइन कक्षाएं नियमित

दिशा निर्देशों में बताया गया है कि छह जुलाई से विद्यालय खुलने के बाद सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएं। 10 जुलाई से नियमित ऑनलाइन कक्षाओं का संचालन कराया जाए। सभी कक्षा अध्यापक एवं विषय अध्यापक विद्यालय में ही रह कर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित करेंगे। जिसकी मानिटरिंग जिला मुख्यालय में बने कंट्रोल रूम से की जाएगी।


लखनऊ। प्रदेश सरकार ने अभिभावकों को अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जो अभिभावक कोरोना संकट के कारण एकमुश्त फीस जमा कराने में असमर्थ हैं, वे स्कूल प्रबंधन के समक्ष किस्तों में फीस जमा कराने का प्रार्थना पत्र दें। विद्यालय प्रबंधन उस पर गंभीरता से विचार करेगा। 


माध्यमिक शिक्षा विभाग की अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने शनिवार को यह आदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों की स्कूल फीस जमा करानी होगी। हालांकि यह भी स्पष्ट किया कि फीस के अभाव में किसी भी विद्यार्थी को शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकेगा और न ही स्कूल से उसका नाम काटा जाएगा। फीस को लेकर अगर अभिभावकों को कोई शिकायत है तो वे जिला शुल्क नियामक समिति के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। 


गौरतलब है कि वित्तविहीन विद्यालयों के संगठनों ने राज्य सरकार से शिकायत की थी कि अभिभावक सरकार के आदेश का गलत अर्थ निकालते हुए फीस जमा नहीं कर रहे हैं। जबकि राज्य व केंद्र सरकार, बोर्ड, निगम, बैंक या बड़े संस्थान के कर्मचारी व अधिकारियों को नियमित रूप से वेतन मिल रहा है। वहीं, राज्य सरकार के आदेश पर वित्तविहीन विद्यालयों को अपने शिक्षकों और कर्मचारियों नियमित वेतन देना पड़ रहा है।

Wednesday, July 1, 2020

निजी स्कूलों के शिक्षक-कर्मियों के वेतन में 50 फीसद कटौती, फीस न आने से उपजे हालात, आधे वेतन पर करना होगा काम

निजी स्कूलों के  शिक्षक-कर्मियों के वेतन में 50 फीसद कटौती, फीस न आने से उपजे हालात, आधे वेतन पर करना होगा काम


लॉकडाउन से उपजे हालात का असर निजी स्कूलों के शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन पड़ेगा। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने शिक्षक कर्मचारियों के वेतन में 50 प्रतिशत कटौती के फरमान जारी किए हैं।


इसके पीछे बच्चों की फीस न जमा होने को कारण बताया जा रहा है। गौरतलब है कि पहली जुलाई से राजधानी के निजी स्कूल सिर्फ शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए ही खोले जाएंगे। वेतन आधा किये जाने और संक्रमण खतरे के बावजूद स्कूल बुलाए जाने के विरोध की आहट भी सुनाई देने लगी है। कोरोना संक्रमण के चलते 22 मार्च के बाद से स्कूल बंद चल रहे हैं। शिक्षक अपने अपने घरों से ऑनलाइन क्लासेज संचालित कर रहे थे।


एक जुलाई से शिक्षकों को बुलाया गया है। कोरोना से निपटने के लिए सभी जरूरी एहतियात अपनाए जाएंगे। -अनिल अग्रवाल, चेयरमैन, अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन