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Saturday, November 15, 2025

अब उच्च शिक्षा निदेशालय में सब कुछ होगा ऑनलाइन, बायोमेट्रिक हाजिरी भी होगी शुरू


अब उच्च शिक्षा निदेशालय में सब कुछ होगा ऑनलाइन, बायोमेट्रिक हाजिरी भी होगी शुरू 

 70 फीसदी दस्तावेज की स्कैनिंग पूरी, अन्य कार्यालयों एवं कॉलेजों में भी होगी व्यवस्था

प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय और अन्य संबंधित कार्यालयों में आने वाले दिनों में सभी काम ऑनलाइन होंगे। निदेशालय में 70 फीसदी से अधिक दस्तावेज की स्कैनिंग हो चुकी है। इन्हें ऑनलाइन भी किया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय, क्षेत्रीय कार्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों आदि में सभी काम ऑनलाइन करने का आदेश दिया गया है।

इसके तहत निदेशालय में प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अफसरों और कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें बनाकर विशेषज्ञ एजेंसी की मदद से आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं। संयुक्त निदेशक डॉ. शशी कपूर ने बताया कि निदेशालय में करीब 70 प्रतिशत दस्तावेज ऑनलाइन कर दिए गए हैं। कई काम ऑनलाइन किए जा रहे हैं। जल्द ही सभी दस्तावेज स्कैन कर लिए जाएंगे। इसके बाद सभी काम ऑनलाइन होंगे।


उच्च शिक्षा निदेशालय में सोमवार से बायोमीट्रिक उपस्थिति

प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय में सोमवार से अफसरों एवं कर्मचारियों की बायोमीट्रिक उपस्थिती दर्ज कराने की तैयारी है। सचिव उच्च शिक्षा ने पिछले दिनों समीक्षा बैठक एवं निदेशालय के निरीक्षण के दौरान यह आदेश दिया था। इसी के तहत आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। 95 फीसदी से अधिक अफसरों एवं कर्मचारियों की बायोमीट्रिक पहचान मशीन में दर्ज करा ली गई है। संयुक्त निदेशक डॉ. शशी कपूर का कहना है कि सोमवार से बायोमीट्रिक अटेंडेंस की व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए परिसर में तीन जगह मशीन लगाई जाएगी। 




उच्च शिक्षा निदेशालय में होगी बायोमीट्रिक उपस्थिति, तीन साल से डटे कर्मचारियों के बदले जाएंगे पटल

प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय और इसके अन्य कार्यालयों में अफसरों एवं कर्मचारियों की अब बायोमीट्रिक उपस्थिति होगी। अफसरों के लिए निदेशक कक्ष के पास पंचिंग मशीन लगाई जाएगी। वहीं कर्मचारियों के लिए परिसर स्थित दो अन्य भवन में मशीन लगेगी। बायोमीट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था लागू होने के बाद अफसरों एवं कर्मचारियों के रोजाना आने-जाने का समय भी दर्ज हो जाएगा। 

निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज ने बताया कि बायोमीट्रिक उपस्थिति के लिए उपकरण आदि लगाने के लिए टेंडर हो गया है। जल्द ही व्यवस्था लागू होगी। पिछले इस संबंध में पिछले दिनों समीक्षा बैठक में सचिव उच्च शिक्षा ने निर्देश दिए थे। 

 

प्रयागराज। उच्च शिक्षा निदेशालय में तीन वर्ष या अधिक समय से एक ही स्थान पर डटे कर्मचारियों के पटल बदले जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कर्मचारियों के कार्य वितरण को लेकर निदेशालय में कई तरह की विसंगतियों की बात कही जा रही है। 

खासतौर पर महिला कर्मचारियों ने उच्च शिक्षा सचिव से मुलाकात कर इसकी शिकायत की थी। डॉ. अमित भारद्वाज का कहना है कि निदेशालय में कार्यरत सभी कर्मचारियों का विवरण मांगा गया है। शासनादेश एवं सचिव के निर्देश के क्रम में कर्मचारियों के पटल परिवर्तित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया एक सप्ताह में पूरी कर ली जाएगी। 

Wednesday, September 3, 2025

बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य हुई तो कई प्राइवेट कॉलेजों की खुल जाएगी पोल, कई स्ववित्त पोषित कॉलेजों में प्रवेश के बाद सीधे परीक्षा के वक्त नजर आते हैं विद्यार्थी

बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य हुई तो कई प्राइवेट कॉलेजों की खुल जाएगी पोल, कई स्ववित्त पोषित कॉलेजों में प्रवेश के बाद सीधे परीक्षा के वक्त नजर आते हैं विद्यार्थी


प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भय्या) राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में सामूहिक नकल रोकने के लिए कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल ने विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि इससे कम उपस्थिति होने पर परीक्षा फार्म भरने और परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी।


कॉलेजों में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। कहा गया है कि यदि उपस्थिति बायोमीट्रिक प्रणाली से उपलब्ध हो तो बेहतर होगा। अगर महाविद्यालयों में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था हो जाती है तो ऐसे कॉलेजों की पोल खुल जाएगी जहां काफी संख्या में विद्यार्थी पंजीकृत हैं लेकिन उनकी उपस्थिति सिर्फ परीक्षा के समय नजर आती है।


प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और कौशाम्बी में राज्य विवि से संबद्ध 739 महाविद्यालय हैं। इनमें 28 महाविद्यालय राजकीय व एडेड हैं और बाकी 711 महाविद्यालय स्ववित्त पोषित हैं। राज्य विवि के सूत्रों का कहना है कि केवल 20 फीसदी कॉलेज ऐसे हैं, जहां 75 फीसदी उपस्थित का मानक पूरा हो रहा है। 80 फीसदी महाविद्यालयों में इसे सुनिश्चित करने की जरूरत है। ऐसे कॉलेजों में विद्यार्थियों की 75 फीसदी उपस्थिति सिर्फ कागजों में दर्ज होती है। कई स्ववित्त पोषित कॉलेजों में प्रवेश के बाद विद्यार्थी सीधे परीक्षा के वक्त नजर आते हैं। राज्यपाल के दिशा-निर्देश के बाद राज्य विवि के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने ऐसे कॉलेजों में 75 फीसदी उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए टीम गठित की गई है। टीम ने कॉलेजों का निरीक्षण भी शुरू कर दिया है।

वहीं, जानकारों का मानना है कि महाविद्यालयों में जब तक बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था अनिवार्य नहीं की जाती, तब तक सुधार नहीं होगा। विश्वविद्यालय की ओर से कॉलेजों में विद्यार्थियों को बायोमीट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।

उच्च शिक्षा निदेशालय ने भी इस बारे में कोई निर्देश नहीं दिए हैं। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमित भारद्वाज का कहना है कि स्ववित्त पोषित कॉलेजों पर निदेशालय का कोई नियंत्रण नहीं है। बायोमीट्रिक उपस्थित पर निर्णय राज्य विवि ही ले सकता है।

Sunday, April 27, 2025

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने की तैयारी

व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने की तैयारी 


लखनऊ। प्रदेश सरकार छात्रवृत्ति एवं शुल्क भरपाई योजना में गड़बड़ियां रोकने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में बायोमीट्रिक हाजिरी अनिवार्य की जाएगी। यह व्यवस्था चालू सत्र से ही लागू करने की तैयारी है। इसके दायरे में 24-27 लाख छात्र आएंगे।


प्रदेश में अनुसूचित जाति व जनजाति के विद्यार्थियों को परिवार की सालाना आय ढाई लाख रुपये तक और अन्य वर्गों के लिए सालाना आय दो लाख रुपये तक होने पर इस योजना का लाभ दिया जाता है। केंद्र सरकार ने भी योजना में बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था लागू करने के लिए कहा है। इससे वास्तविक छात्र ही योजना का लाभ ले सकेंगे।


उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार ने पहले चरण में व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। आईटीआई से लेकर बीटेक, एमबीबीएस और एमबीए के विद्यार्थी इस दायरे में आएंगे।


 हर साल 60 लाख से ज्यादा छात्र योजना का लाभ पाते हैं। इनमें 40-45 फीसदी विद्यार्थी व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के होते हैं। छात्रवृत्ति देने वाले चारों विभाग समाज कल्याण, जनजाति कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण इस योजना को एक साथ लागू करेंगे। इस संबंध में शीघ्र ही आदेश जारी होने की संभावना है।

Wednesday, October 30, 2024

बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही मिलेगी छात्रवृत्ति

बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही मिलेगी छात्रवृत्ति

प्रधानाचार्य को भी ऑनलाइन कराना होगा प्रमाणीकरण


लखनऊ । बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के बाद ही विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति मिल सकेगी। शासन के आदेश के बाद समाज कल्याण विभाग ने नियम का अनुपालन कराना शुरू कर दिया। कॉलेज लॉगिन चालू कर विद्यालय में विद्यार्थियों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण किया जा रहा है।

शासन की ओर से छात्रवृत्ति के लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर निश्चित की गई है। एक जुलाई से आवेदन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। 31 दिसंबर तक पंजीकरण करा चुके विद्यार्थियों को पांच जनवरी तक आवेदन की हार्डकापी विद्यालय में जमा करनी होगी। आवेदन में सुधार के लिए 29 जनवरी से पांच फरवरी तक मौका दिया जाएगा।


मार्च माह से छात्रवृत्ति की धनराशि जारी होना शुरू हो जाएगी। हालांकि इस बार उन्हीं विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ मिल सकेगा, जिनका बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण होगा।

बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण को अनिवार्य कर दिया गया है। फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए शासन की ओर से नया नियम जारी किया गया है। प्रमाणीकरण न होने पर विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हो जाएंगे।

बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण न होने पर आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। समाज कल्याण विभाग कार्यालय में कॉलेज के प्रधानाचार्य को भी बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा।

उसके बाद कॉलेज संचालक विद्यालय की लॉगिन के माध्यम से विद्यार्थियों का बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण करेंगे। बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण के लिए केवाईसी अनिवार्य किया गया है। नए नियम के लागू होने से फर्जीवाड़े पर लगाम लग सकेगा।

Sunday, July 14, 2024

अब माध्यमिक विद्यालयों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर सख्ती, बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही पास होंगे वेतन बिल

अब राजकीय इंटर कॉलेज के शिक्षक भी देंगे बायोमेट्रिक के जरिए हाजिरी, वेतन बिल भी इसी आधार पर होगा पास 


सूबे के बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में ऑनलाइन हाजिरी का विरोध लगातार जारी है। इस बीच माध्यमिक शिक्षा विभाग ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक मशीन के जरिए हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है।


अब माध्यमिक विद्यालयों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस पर सख्ती, बायोमीट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही पास होंगे वेतन बिल

निदेशक ने पूर्व में जारी आदेश को प्रभावी बनाने के दिए निर्देश कहा- 


लखनऊ। परिषदीय विद्यालयों में डिजिटल अटेंडेंस के विरोध के बीच सभी राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों व कर्मचारियों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसे वेतन बिल के साथ पेश करने के भी निर्देश दिए हैं। इससे अब माध्यमिक विद्यालयों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस को लेकर सख्ती होगी।

राजकीय व अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में 2022 व उससे पहले भी यह व्यवस्था लागू करने का आदेश हुआ था। कई जीआईसी, जीजीआईसी में यह व्यवस्था लागू भी हुई है, लेकिन शमीण क्षेत्र के काफी राजकीय व एडेड विद्यालयों में यह पूरी तरह लागू नहीं हो पाई है। इसे देखते हुए माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने अब सभी 2389 से अधिक राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में इसे प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। 

उन्होंने सभी डीआईओएस को पत्र भेजकर कहा है कि जारी आदेश का पालन सुनिश्चित कराएं। इस संबध में पहले भी आदेश दिए गए थे। प्रधानाध्यापक अनिवार्य रूप से शिक्षकों-कर्मचारियों के हर माह के वेतन बिल के साथ बायोमेट्रिक अटेंडेंस भी भेजेंगे। उसी आधार पर वेतन बिल पास होगा।


अधिकारियों के दफ्तरों में भी लागू हो व्यवस्था

राजकीय माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय अध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद पांडेय ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि पहले सभी विभागीय अधिकारियों के कार्यालयों, प्रधानाचार्य, उप प्रधानाचार्य की भी बायोमीट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य की जाए। क्योंकि दफ्तरों में अक्सर न अधिकारी मिलते हैं और न ही उनके कनिष्ठ और पटल सहायक। अगर पहले दफ्तरों में बायोमीट्रिक अटेंडेंस को लेकर सख्ती नहीं की गई तो राजकीय विद्यालय के शिक्षक भी आदेश का विरोध करेंगे।


राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक/शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की बायोमेट्रिक मशीन के माध्यम से उपस्थिति अनिवार्य किये जाने के संबंध में।


Thursday, June 27, 2024

मदरसों में बायोमीट्रिक हाजिरी का निर्णय शासनादेश के विपरीत, जिस शासनादेश को बनाया आधार, उससे जुड़ी योजनाएं हो चुकी हैं बंद

मदरसों में बायोमीट्रिक हाजिरी का निर्णय शासनादेश के विपरीत

शिक्षकों ने जताई नाराजगी, बोले- जिस शासनादेश को बनाया आधार, उससे जुड़ी योजनाएं हो चुकी हैं बंद


लखनऊ। मदरसों में शिक्षकों और छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बायोमीट्रिक प्रणाली से कराने के लिए आदेश को टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया ने वेतन वितरण व्यवस्था शासनादेश के विपरीत बताया। 


एसोसिएशन ने साफ किया है कि जिस शासनादेश को आधार बनाकर अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने आदेश जारी किया है, उससे संबंधित योजनाएं बंद हो चुकी हैं। इस पर सवाल उठाते हुए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को पत्र भेज कर आदेश को वापस लेने की मांग की है।


दरअसल, अल्पसंख्यक कल्याण निदेशक ने प्रदेश के सभी मदरसों में शिक्षकों और छात्र- छात्राओं की हाजिरी बायोमीट्रिक प्रणाली से कराने का आदेश जारी किया है। आदेश में प्रदेश के 560 मदरसों में शिक्षकों का वेतन बायोमीट्रिक हाजिरी के बाद जारी करने को कहा गया है। 


मदरसा शिक्षा परिषद के पूर्व सदस्य एवं टीचर्स एसोसिएशन मदारिसे अरबिया के महामंत्री हाजी दीवान साहेब जमां खां ने अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के आदेश पर नाराजगी जताते हुए अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री को भेजे गए पत्र में कहा कि विभाग की निदेशक की ओर से जारी आदेश 12 जुलाई 1990 के वेतन वितरण व्यवस्था शासनादेश के विपरीत है। 


उन्होंने कहा कि इस आदेश को केंद्र सरकार के 25 अप्रैल 2017 के गजट नोटिफिकेशन को आधार बनाकर जारी किया है जो केंद्र सरकार की ओर से संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना व अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के पर्यवेक्षण के लिए जारी हुआ था।