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Wednesday, January 25, 2023

मदरसा बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की तिथि बढ़ी

मदरसा बोर्ड परीक्षा फार्म भरने की तिथि बढ़ी

लखनऊ : प्रदेश के मान्यता प्राप्त व अनुदानित मदरसों की वार्षिक परीक्षा के लिए फार्म भरने की अंतिम तिथि अब सात फरवरी कर दी गई है। अभी तक यह फार्म भरने की अंतिम तिथि 28 जनवरी तय थी।


उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डा. इफ्तिखार अहमद जावेद बताया कि परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि अब 4 फरवरी कर दी गयी है।

Tuesday, April 26, 2022

UP Madarsa Board Exam 2022 Dates : उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की डेटशीट जारी

UP Madarsa Board Exam 2022 Dates : उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की डेटशीट जारी

UP Madarsa Board Exam 2022 Dates : उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाएं आगामी 14 मई से शुरू होंगी। परिषद की सेकेण्ड्री, सीनियर सेकेण्ड्री, कामिल व फाजिल पाठ्यक्रमों की यह परीक्षाएं 23 मई तक चलेंगी। परिषद के रजिस्ट्रार एस.एन.पाण्डेय ने परीक्षा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इसके अनुसार सेकेण्ड्री कक्षाओं की परीक्षा पहली पाली में सुबह आठ बजे से पूर्वान्ह 11 बजे के बीच और सीनियर सेकेण्ड्री, कामिल व फाजिल की परीक्षाएं दूसरी पाली में दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे के बीच होंगी। परीक्षा का कार्यक्रम परिषद के पोर्टल पर भी उपलब्ध करवा दिया गया है।


- वर्ष 2021 में 1,23,046 परीक्षार्थियों ने फार्म भरे थे 
- 1,22,132 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे।  
- वर्ष 2020 में 1,82, 259 परीक्षार्थियों ने फार्म भरे 
- 1,41,052 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। 

परिषद से मिली जानकारी के अनुसार, इस बार की वार्षिक परीक्षा के लिए कुल 1,62, 631 परीक्षार्थियों ने फार्म भरे हैं। इनमें सर्वाधिक सेकेण्ड्री कक्षाओं के लिए 91,467, सीनियर सेकेण्ड्री के लिए 25,921, कामिल प्रथम वर्ष के लिए 13,161 ने पंजीकरण करवाया है। कामिल द्वितीय वर्ष के लिए 10,888, कामिल तृतीय वर्ष के लिए 9796, फाजिल प्रथम वर्ष के लिए 5,197 और फाजिल द्वितीय वर्ष के लिए 6,201 परीक्षार्थियों ने फार्म भरे हैं।

Tuesday, March 15, 2022

CISCE: कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं 25 अप्रैल से होंगी शुरू, आएंगे दो तरह के प्रश्न पत्र

CISCE: कक्षा 10 और 12 की परीक्षाएं 25 अप्रैल से होंगी शुरू, आएंगे दो तरह के प्रश्न पत्र

इस बार से बोर्ड दो सेमेस्टर में बोर्ड परीक्षा करा रहा है। पहला सेमेस्टर बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र पर आधारित था। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा 25 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है।


सीआईएससीई की दूसरे सेमेस्टर की बोर्ड परीक्षा में इस बार दो तरह के प्रश्न पत्र आएंगे। बोर्ड ने पहली बार यह व्यवस्था की है। छात्रों और स्कूलों में इसे लेकर किसी भी प्रकार की असमंजस की स्थिति पैदा न हो, इसलिए बोर्ड के सचिव गैरी अरथून ने दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

इस बार से बोर्ड दो सेमेस्टर में बोर्ड परीक्षा करा रहा है। पहला सेमेस्टर बहुविकल्पीय प्रश्न पत्र पर आधारित था। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा 25 अप्रैल से प्रारंभ हो रही है। कक्षा 10 और 12 दोनों की परीक्षाएं 25 अप्रैल से प्रारंभ होंगी। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा वर्णनात्मक होगी। बहुविकल्पीय नहीं होगा। कक्षा 10 और 12 दोनों की परीक्षाएं डेढ़-डेढ़ घंटे की होंगी। बोर्ड ने इस बाबत मॉडल प्रश्न पत्र भी जारी किए हैं, लेकिन इसके साथ पुराने पैटर्न का भी प्रश्न पत्र छात्रों को दिया जाएगा। 

नए पैटर्न का प्रश्न पत्र उन छात्रों को दिया जाएगा जो पहली बार दो सेमेस्टर वाली परीक्षा प्रणाली में शामिल हो रहे हैं, जबकि पुराने पैटर्न का प्रश्न पत्र उन छात्रों को दिया जाएगा जो पहले भी बोर्ड परीक्षा दे चुके हैं। या तो वे दोबारा बोर्ड परीक्षा में शामिल हो रहे होंगे। कई छात्र ऐसे भी हैं जो एक-एक विषय में बोर्ड परीक्षा देते है। ऐसे छात्रों को जो पुराने पैटर्न का प्रश्न पत्र दिया जाएगा वह तीन घंटे का होगा। बोर्ड ने इनकी भी अलग से समय सारिणी जारी कर दी है। इनकी परीक्षा भी 25 अप्रैल से शुरू होंगी।

Friday, June 25, 2021

सभी बोर्ड 31 जुलाई तक आंतरिक मूल्यांकन परिणाम करें घोषित : सुप्रीम कोर्ट

सभी बोर्ड 31 जुलाई तक आंतरिक मूल्यांकन परिणाम करें घोषित : सुप्रीम कोर्ट

 सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को राज्य शिक्षा बोर्डो को 12वीं कक्षा के आतंरिक मूल्यांकन के परिणाम 31 जुलाई तक घोषित करने का निर्देश दिया है। यह स्पष्ट कर दिया कि प्रत्येक बोर्ड स्वायत्त है और छात्रों के मूल्यांकन के लिए अपनी पद्धति बनाने के लिए स्वतंत्र भी है।




कोर्ट ने कहा कि देशभर में छात्रों के मूल्यांकन के लिए एक जैसी पद्धति बनाने के बारे में वह कोई निर्देश नहीं देगा। उसने राज्य बोर्डो से कहा कि वे पद्धति जल्द से जल्द बनाएं और इसमें गुरुवार से लेकर अगले दस दिन से अधिक विलंब नहीं होना चाहिए। जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने कहा कि प्रत्येक बोर्ड को अपनी पद्धति स्वयं विकसित करनी होगी। वे जल्द से जल्द पद्धति विकसित करें और इसमें आज से लेकर अगले दस दिन से अधिक विलंब नहीं होना चाहिए। बोर्ड 31 जुलाई 2021 तक आंतरिक मूल्यांकन के परिणाम भी घोषित करें, जो समय सीमा सीबीएसई तथा सीआइएससीई के लिए निर्धारित की गई है।

Saturday, June 12, 2021

जितने अंक मिलेंगे, उसी से करना होगा संतोष, सीबीएसई, यूपी और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों पर लागू होगा नियम

जितने अंक मिलेंगे, उसी से करना होगा संतोष, सीबीएसई, यूपी और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों पर लागू होगा नियम

सीबीएसई, यूपी और आईसीएसई बोर्ड के छात्रों को नई मूल्यांकन नीति के अनुसार जितने अंक मिलेंगे, उनको उन्हीं से संतोष करना होगा। छात्र अपने परीक्षा परिणाम की स्क्रूटनी नहीं करा पाएंगे। फिलहाल इम्प्रूवमेंट और कम्पार्टमेंट परीक्षा को लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं हैं। यदि वे अपने प्राप्त अंकों से असंतुष्ट होंगे तो उनको अगली बोर्ड परीक्षा में बैठने का अवसर दिया जाएगा। परीक्षा वर्ष 2021 ही कहलाएगा।


बोर्ड परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद यदि कोई छात्र अपने प्राप्त अंकों से संतुष्ट नहीं होता है तो स्क्रूटनी की व्यवस्था हर बोर्ड में है। लेकिन इस बार सभी बोर्डों के हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं। दोनों परीक्षा परिणाम नई मूल्यांकन नीति पर जारी किए जाएंगे। इसके लिए स्कूलों ने छात्रों के कक्षा 9 से कक्षा 12 तक स्कूल परीक्षा में प्राप्त अंक अपनी बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। शिक्षकों ने बताया कि जब परीक्षा परिणाम जारी होगा तब छात्रों में भारी असंतोष हो सकता है। हो सकता है कि वे प्राप्त अंकों से संतुष्ट न हों, लेकिन वे इस बार इसकी स्क्रूटनी नहीं करा पाएंगे। शिक्षकों ने बताया कि बोर्ड के पास इस बार छात्रों की कोई भी उत्तर पुस्तिका नहीं होगी न ही मूल्यांकन में प्राप्त अंकों के अवॉर्ड शीट। ऐसे में बोर्ड किस चीज की स्क्रूटनी करेगा। जब उत्तर पुस्तिका ही नहीं होगी तो पुनर्मूल्यांकन का सवाल ही नहीं उठता।


असंतुष्ट होने पर अगली बोर्ड परीक्षा में बैठने का विकल्प
बोर्ड परीक्षा परिणाम के बाद कंपार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा कराने का प्रावधान है। इस बार इसको लेकर स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं हैं। शिक्षकों ने बताया कि परिस्थितियां अनुकूल हुईं तो इसको लेकर दिशा निर्देश जारी किया जा सकता है। हालांकि ऐसे छात्र जो अपने अंकों से संतुष्ट नहीं होंगे वे अगली बोर्ड परीक्षा में बैठ सकते हैं। उनका परीक्षा वर्ष 2021 ही कहलाएगा। शिक्षकों ने यह भी कहा कि तब तक छात्रों के लिए काफी देर हो जाएगी। उन्हें जीवनभर औसत अंक से ही संतोष करना होगा।

Wednesday, June 2, 2021

सीबीएसई के बाद आईसीएससी ने रद्द की परीक्षा, अब यूपी बोर्ड को परीक्षा कराना पडे़गा भारी

सीबीएसई के बाद आईसीएससी ने रद्द की परीक्षा, अब यूपी बोर्ड को परीक्षा कराना पडे़गा भारी
 
प्रयागराज  : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से बारहवीं की परीक्षा को निरस्त करने के निर्णय के बाद आईसीएसई ने भी 12 वीं की परीक्षा निरस्त कर दी है। सीबीएसई, आईसीएसई के निर्णय के बाद अब यूपी बोर्ड सहित दूसरे प्रादेशिक बोर्ड को 12 वीं की परीक्षा कराना कठिन होगा।


उत्तर प्रदेश सरकार भले ही यह कह रही है कि जुलाई के दूसरे, तीसरे सप्ताह मे परीक्षा कराने का निर्णय हो सकता है। सीबीएसई और आईसीएसई की ओर से अब केंद्र सरकार के निर्देश के आधार पर परीक्षा परिणाम जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल सहित दूसरी प्रवेश परीक्षाओं को लेकर सरकार को फैसला लेने का समय मिल जाएगा।

Saturday, May 22, 2021

CBSE and State board Exams 2021 : बोर्ड परीक्षाओं को लेकर केंद्र ने 25 मई तक राज्यों से मांगे लिखित सुझाव, शिक्षा मंत्री निशंक बोले- छात्रों का भविष्य महत्वपूर्ण

सहमति : सीबीएसई की बोर्ड परीक्षा दो बार होगी, केंद्र सरकार ने बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर राज्यों के साथ की मंत्रणा, फॉर्मूले पर कई राज्य राजी

नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने सीबीएसई की 12वीं की बोर्ड परीक्षा, राज्य बोर्ड परीक्षाओं एवं प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर रविवार को राज्यों के साथ गहन मंत्रणा की रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई IINIST बैठक में केंद्र ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर दो विकल्प राज्यों के समक्ष रखे। सूत्रों का कहना है कि 75 फीसदी राज्य दूसरे विकल्प पर सहमत नजर आए जिसमें बोर्ड परीक्षाएं दो बार करने का जिक्र है। हालांकि कोई अंतिम फैसला नहीं हो पाया, लेकिन केंद्र ने राज्यों से कहा है कि वे 25 मई तक सुझाव भेजें।


शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बैठक में कहा कि 12वीं की परीक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाएं छात्रों के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण होती हैं मंत्रालय ने कहा कि परीक्षाओं के आयोजन को लेकर व्यापक सहमति बनी है लेकिन राज्यों से कहा गया है कि वह और परामर्श करके 25 मई तक अपने सुझाव दें। इसके बाद केंद्र निर्णय करेगा। सूत्रों ने कहा कि 75 फीसदी राज्य दूसरे विकल्प पर सहमत हैं।

- पहला विकल्प

1. परीक्षाएं निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कराई जाए, जो कि सीमित हैं।

2. सिर्फ 19 प्रमुख विषयों की परीक्षा हो । 

3. कम महत्वपूर्ण विषयों में प्रदर्शन का आकलन प्रमुख विषयों में किए गए प्रदर्शन के आधार पर किया जाए। 

4. परीक्षा पूर्व की गतिविधियों के लिए एक माह और परीक्षा कराने तथा नतीजे घोषित करने के लिए दो माह की जरूरत है। कंपार्टमेंट परीक्षा के लिए 30 दिन की जरूरत है। 

5. परीक्षाएं कराने का संभावित महीना अगस्त हो सकता है।

बोर्ड परीक्षा का दूसरा विकल्प ।

1. सीबीएसई बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दो बार कराई जा सकती है। 

2. जहां अनुकूल स्थितियां हों, वहां उपयुक्त तारीख से परीक्षा शुरू की जा सकती हैं। इसके बाद के बचे हुए स्थानों पर परीक्षाएं 15 दिन बाद शुरू होगी। 

3. तय तिथि पर कोरोना संबंधित कारणों से कोई परीक्षा नहीं दे पाए, तो उसे परीक्षा में बैठने का दूसरा मौका दें, प्रश्न पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे जाएंगे।


CBSE and State board Exams 2021 : बोर्ड परीक्षाओं को लेकर केंद्र ने 25 मई तक राज्यों से मांगे लिखित सुझाव, शिक्षा मंत्री निशंक बोले- छात्रों का भविष्य महत्वपूर्ण

CBSE and State board Exams 2021 : 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं और प्रवेश परीक्षाओं को लेकर आज हुई हाई-लेवल मीटिंग में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों से 25 मई तक लिखित में सुझाव मांगे हैं। 


केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने ट्वीट कर कहा कि सभी राज्यों से लिखित में अपने सुझाव 25 मई तक भेजने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि यह हाई-लेवल मीटिंग बहुत ही उपयोगी रही क्योंकि इसमें मौजूदा परिस्थियों की समीक्षा की गई है।

निशंक ने लिखा, ' मुझे पूरा भरोसा है कि हम सामूहिक निर्णय के माध्यम से जल्द ही कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं के बारे में अपना अंतिम फैसला करेंगे और छात्रों व अभिवावकों के मन में व्याप्त अनिश्चितता को दूर कर पाएंगे।'


शिक्षा मंत्री 'निशंक' ने कहा, 'छात्रों, शिक्षकों की सुरक्षा और भविष्य हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है।'

विश्व के सबसे बड़े एजुकेशन सिस्टम से जुड़े  एजुकेशन सिस्टम जुड़े मुख्यमंत्रियों, शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों को भी रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई हाई-लेवल मीटिंग में भाग लेने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धन्यवाद दिया।

आपको बता दें कि सीबीएसएसई और झारखंड सरकार की ओर से 1 जून 2021 को 12वीं परीक्षा की नई तिथियों का ऐलान किया जा सकता है। सीबीएसई ने 1 जून तक के लिए 12वीं परीक्षाओं को स्थगित करने का ऐलान किया था। वहीं झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रविवार को कहा कि छात्रों-अभिभावकों और शिक्षकों से सुझाव लेने के बाद 1 जून को 10वीं, 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर फैसला किया जा सकता है।

1.5 करोड़ छात्र देंगे 12वीं की परीक्षा-
आपको बता दें कि देशभर में राज्य बोर्डों, सीबीएसई, सीआईएसई की 12वीं परीक्षा में करीब 1.5 करोड़ छात्र-छात्राएं परीक्षा में भाग लेंगे। इनमें छत्तीसगढ़ राज्य ने 1 जून से 5 जून तक ओपन बुक परीक्षा मोर्ड से 12वीं परीक्षाएं कराने का फैसला किया है। बाकी बोर्ड भी अगले कुछ दिनों में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार फैसला लेंगे।


Board Exams 2021 : 12वीं बोर्ड परीक्षा सहित अन्य एंट्रेंस एग्जाम पर कल हो सकता है बड़ा फैसला, केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने बुलायी बैठक



Board Exams 2021: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ( Education Minister Ramesh Pokhriyal ‘Nishank)
Board Exams 2021केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक (Education Minister Ramesh Pokhriyal ‘Nishank) कल यानी कि 22 मई 2021 को कल एक मीटिंग का आयोजन करने जा रहे हैं। इस मीटिंग में 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं और अन्य एंट्रेंस एग्जाम के आयोजन पर चर्चा की जाएगी।


Board Exams 2021: केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ( Education Minister Ramesh Pokhriyal ‘Nishank) कल यानी कि 22 मई, 2021 को कल एक मीटिंग का आयोजन करने जा रहे हैं। इस मीटिंग में 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं और अन्य एंट्रेंस एग्जाम के आयोजन पर चर्चा की जाएगी। वहीं इस बैठक में देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों, शिक्षा सचिवों और राज्य परीक्षा बोर्डों के अध्यक्षों और स्टॉकहोल्डर शामिल होंगे। यह वर्चुअल मीटिंग कल दोपहर 23 मई को सुबह 11.30 बजे आयोजित की जाएगी। वहीं इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह करेंगे।

वहीं इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने एक ट्वीट भी किया है। इसके अनुसार, राज्य सरकार के सभी शिक्षा मंत्रियों और सचिवों से इस बैठक में शामिल होने और आगामी परीक्षाओं के संबंध में अपने विचार साझा करने का अनुरोध किया गया है। यह वर्चुअल मीटिंग 23 मई, 2021 को सुबह 11.30 बजे होगी।

बता दें कि इससे पहले भी देश के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल की अध्‍यक्षता में इस विषय पर एक बैठक की जा चुकी है, जिसमें रमेश पोखरियाल ने सभी राज्‍यों से सुझाव मांगे थे। इस दौरान सभी राज्यों के शिक्षा सचिवों से शामिल होने के निर्देश दिए गए थे।

Tuesday, May 18, 2021

12वीं बोर्ड परीक्षा पर फैसला एक जून को, शिक्षा मंत्री ने राज्यों से मांगे सुझाव

12वीं बोर्ड परीक्षा पर फैसला एक जून को, शिक्षा मंत्री ने राज्यों से मांगे सुझाव

नई दिल्ली : सीबीएसई समेत सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा कराने पर फैसला 1 जून को होगा। यह फैसला कोरोना के हालात की समीक्षा के आधार लिया जाएगा। केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और राज्यों के शिक्षा सचिवों की सोमवार को हुई। वर्चुअल बैठक में राज्यों से इस पर जल्द से जल्द सुझाव देने को कहा गया है।


कोरोना की दूसरी लहर के बीच निशंक ने सभी राज्यों से स्कूली शिक्षा पर बात की। उन्होंने कहा कि महामारी के दौरान शिक्षा क्षेत्र में राज्यों की पहल और भविष्य के रोडमैप पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने कहा कि कोरोना काल में राज्यों को शिक्षा के तहत 5784.05 करोड़ रुपये दिए गए। निशंक ने शिक्षा सचिवों से आग्रह किया कि बच्चों की पढ़ाई का कम से कम नुकसान हो ऐसा प्रयास करें। इसके लिए डिजिटिल मोड के अलावा शिक्षकों की कमी पूरी करने के लिए स्थानीय स्वयंसेवकों की मदद लें। राज्यों ने 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को टैबलेट व नेट कनेक्शन देने की मांग की।


24 करोड़ बच्चों की शिक्षा जारी रही

निशंक ने कहा कि इस महामारी में आपसी सहयोग के कारण ही 24 करोड़ बच्चों की शिक्षा जारी रही। शिक्षकों के कठिन परिश्रम और सुनियोजित दृष्टिकोण के चलते घर कक्षाओं में बदले और ऑनलाइन कक्षाएं जारी रहने से किसी भी छात्र का वर्ष खराब नहीं हुआ।


दूसरी लहर में लंबे समय तक बंद रह सकते हैं स्कूल

निशंक ने माना कि दूसरी लहर खतरनाक है और चुनौतियां भी बड़ी हैं। दूसरी लहर ने लंबी अवधि के लिए स्कूलों को बंद रखने को मजबूर कर दिया है। डिजिटल शिक्षा से जोड़े रखने के लिए प्रत्येक कक्षा के लिए आकर्षक डिजिटल सामग्री मुहैया करवानी होगी।


शिक्षा पर व्यापक सोच : बोर्ड परीक्षा कराने के पक्ष में हैं ज्यादातर राज्य, केंद्र का मदद का भरोसा, समग्र शिक्षा के लिए 5228 करोड़ रुपये किए जारी, अन्य शैक्षणिक गतिविधियों को भी जल्द 25 सौ करोड़ जारी करने का भरोसा


नई दिल्ली : सीबीएसई सहित राज्यों की बोर्ड परीक्षाओं को रद करने की उठ रही मांगों के बीच ज्यादातर राज्यों ने इन परीक्षाओं को अहम बताया है और इन्हें कराने का सुझाव दिया है। हालांकि इसके लिए किसी भी उपयुक्त प्रक्रिया को अपनाने पर जोर दिया है। इस बीच, राज्यों ने छात्रों की आनलाइन पढ़ाई की राह में आड़े आ रहे मोबाइल फोन, टैबलेट आदि का मुझ भी उठाया। साथ ही केंद्र से छात्रों को इसे मुहैया कराने के लिए मदद की भी मांग की। इस दौरान कुछ राज्यों ने इनोवेशन फंड से मदद का सुझाव दिया।

कोरोना संकटकाल में राज्यों ने यह सुझाव शिक्षा से जुड़े विषयों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के साथ चर्चा में दिया। इस बीच, परीक्षा के समर्थन में ओडिशा सबसे पहले आगे आया। बाद में दूसरे राज्यों ने उसका समर्थन किया। फिलहाल निशंक ने साफ किया कि जो फैसला लिया जाएगा, वह छात्रों के व्यापक हितों को देखते हुए ही लिया जाएगा। राज्यों के साथ बैठक के बाद शिक्षा मंत्रालय ने समग्र शिक्षा के तहत राज्यों को फिलहाल  5228 करोड़ की राशि जारी की है। जो आनलाइन शिक्षा, प्रशिक्षण आदि गतिविधियों पर खर्च किया जा सकता है। इस बीच केंद्र ने जल्द ही राज्यों के साथ ही समग्र शिक्षा की योजना को अंतिम रूप के लिए चर्चा की जानकारी भी दी। मंत्रालय ने राज्यों को अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के लिए भी 25 सौ करोड़ की राशि जारी करने का भरोसा दिया है। माना जा रहा है कि इस पैसे से राज्य आनलाइन | पढ़ाई से वंचित छात्रों को मोबाइल फोन या टैबलेट जैसी सुविधाएं मुहैया करा सकते है। स्कूली शिक्षा से जुड़ी संस्था असर की ओर से पिछले साल अक्टूबर में जारी रिपोर्ट के मुताबिक अभी भी करीब 40 फीसद छात्रों के पास आनलाइन पढ़ाई को कोई दूसरा संसाधन नहीं है। कोरोना काल में राज्यों के साथ हुई बैठक से फिलहाल तमिलनाडु अनुपस्थित रहा।

Friday, May 14, 2021

12वीं के बोर्ड एग्जाम्स को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई याचिका।

12th Board Exam : सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर 12वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग

कोरोना महामारी के बीच 12वीं के बोर्ड एग्जाम्स को भी 10वीं की तरह रद्द करने की मांग तेज होती जा रही है। इस बीच सुप्रीम कोर्ट में भी एक याचिका दायर कर 12वीं के बोर्ड एग्जाम्स को रद्द करने की मांग की गई है।
 
हाइलाइट्स :

12वीं के बोर्ड एग्जाम्स को रद्द करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका।

याचिकाकर्ता वकील ममता शर्मा ने 10वीं की तरह ही 12वीं के बोर्ड एग्जाम को रद्द करने की मांग की है।

शिक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने भी शुक्रवार को बताया कि सीबीएसई के 12वीं बोर्ड एग्जाम रद्द किए जा सकते हैं।



नई दिल्ली : कोरोना महामारी की स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर 12 वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने की मांग की गई है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अर्जी में कहा गया है कि केंद्र सरकार, सीबीएसई और सीआईएससीई को निर्देश दिया जाय कि वो कोरोना के मद्देनजर 12वीं का पेपर रदद् करें। साथ ही कहा गया है कि तय समयसीमा में ऑब्जेक्टिव मैथोडोलॉजी के बेसिस पर रिजल्ट घोषित किया जाए।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कोविड-19 महामारी से पैदा हुए हालात के मद्देनजर 12वीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द करने की मांग की गई है। वकील ममता शर्मा की तरफ से दायर की गई इस याचिका में 12वीं की परीक्षा रद्द करने के साथ-साथ एक निर्धारित समयसीमा के भीतर छात्रों के परिणामों को 'ऑब्जेक्टिव मेथोडोलॉजी' के आधार पर घोषित करने का आग्रह किया गया है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि पिछले महीने 14, 16 और 19 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया गया था और 10वीं की परीक्षा रद्द की गई थी जबकि 12वीं की परीक्षा को स्थगित किया गया था। याचिका में कहा गया है कि निर्देश जारी कर 12वीं का पेपर भी रद्द किया जए। सुप्रीम कोर्ट के पिछले साल के आदेश का भी हवाला दिया गया जिसमें पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं की परीक्षा रद्द कर दी थी और पहले स्टूडेंट्स ने ग्रेडिंग में जो नंबर हासिल किया था उसी आधार पर रिजल्ट घोषित करने को कहा था।

इस बीच शिक्षा मंत्रालय ने संकेत दिए हैं कि 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द हो सकती हैं। शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि सीबीएसई की तरफ से मौजूदा स्थिति की दो सप्ताह में समीक्षा की जाएगी। इसके बाद अल्टरनेटिव असेसमेंट स्कीम पर विचार किया जाएगा। हालांकि शिक्षा विभाग के सूत्रों का कहना है कि सीबीएसई की 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द किया जा सकता है। अधिकारी ने कहा कि 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर अंतिम फैसला जून में होने वाली समीक्षा बैठक के बाद ही लिया जाएगा। अधिकारी ने बताया कि परीक्षा के जल्द आयोजित होने की अभी कोई संभावना नहीं है।

Monday, April 5, 2021

बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए सीबीएसई का ई-परीक्षा पोर्टल लांच

बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए सीबीएसई का ई-परीक्षा पोर्टल लांच

सार
पोर्टल के जरिये विद्यार्थी परीक्षा से जुड़ी हर जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
परीक्षा केंद्र एवं प्रायोगिक परीक्षा केंद्र के बारे में भी मिल सकेगी जानकारी।


विस्तार
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बोर्ड परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए ई-परीक्षा पोर्टल लांच किया है। इस पोर्टल के जरिये दसवीं और बारहवीं के विद्यार्थी परीक्षा केंद्र में बदलाव सहित परीक्षा से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। 

सीबीएसई की ओर से बताया गया है कि पोर्टल का लाभ प्राप्त करने के लिए परीक्षार्थियों को स्वयं का पंजीकरण कराना होगा। हर परीक्षार्थी को यूजर आईडी, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन दिया जाएगा। इसके माध्यम से छात्र पोर्टल पर जाकर इसे खोल सकेंगे। पोर्टल पर छात्रों को परीक्षा केंद्र एवं प्रायोगिक परीक्षा केंद्र के बारे में जानकारी मिल सकेगी। इसके अलावा पोर्टल के माध्यम से परीक्षा केंद्र एवं प्रायोगिक परीक्षा के केंद्र में बदलाव किया जा सकेगा। पूरी बोर्ड परीक्षा की डेटशीट पोर्टल पर उपलब्ध होगी।

सीबीएसई की ओर से तैयार ई-परीक्षा पोर्टल पर दसवीं के छात्रों का इंटरनल असेसमेंट और बारहवीं के छात्रों के इंटरनल ग्रेड को अपलोड किया जाएगा। इस पोर्टल पर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के बारे में जानकारी रोलनंबर के अनुसार अपलोड की जाएगी। सीबीएसई के परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज के अनुसार ई-परीक्षा पोर्टल से छात्रों की परीक्षा से जुड़ी जिज्ञासा दूूर होगी।

Sunday, March 14, 2021

कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र अनिवार्य, 2021 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर परीक्षा की तैयारियां तेज

कक्ष निरीक्षकों के परिचय पत्र अनिवार्य, 2021 यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटर परीक्षाकी तैयारियां तेज


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षाएं शुरू होने में अब करीब एक माह से अधिक का समय बचा है। ऐसे में बोर्ड मुख्यालय सहित सभी जिलों में तैयारियां तेज हो गई हैं। बोर्ड सचिव का निर्देश है कि सभी जिलों में कक्ष निरीक्षकों का परिचय पत्र अनिवार्य रूप से बनाया जाए। संवेदनशील व अति संवेदनशील केंद्रों की सूची है।


ज्ञात हो कि परीक्षाएं 24 अप्रैल से प्रस्तावित हैं। बोर्ड के निर्देश पर जिलों में उत्तरपुस्तिकाएं पहुंचाने का कार्य कई दिनों से चल रहा है। वहीं, केंद्र व्यवस्थापकों से लेकर कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति भी होनी है। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वे केंद्र व्यवस्थापकों और अतिरिक्त केंद्र व्यवस्थापकों की संस्तुति मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक व बोर्ड मुख्यालय के साथ संबंधित क्षेत्रीय कार्यालयों को 30 मार्च तक भेजी जाए। जिन केंद्रों पर छात्राएं परीक्षा देंगी वहां अनिवार्य रूप से महिला कक्ष निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी।

छात्र-छात्राओं की तलाशी के लिए परीक्षा केंद्रों पर एक महिला समेत तीन सदस्यीय आंतरिक निरीक्षक दस्ता गठित होगा। किसी भी दशा में पुरुष सदस्य छात्राओं की तलाशी नहीं लेंगे। जिलों में तय संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की सूची भी तलब की है। कक्ष निरीक्षकों और कर्मचारियों के परिचय पत्र भी अनिवार्य रूप से बनाए जाने हैं। उस पर संबंधित शिक्षक व कर्मचारी और स्कूल का नाम, पदनाम, नियुक्ति तारीख, शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर आदि रहेगा। प्रधानाचार्य से प्रमाणित परिचय पत्र को डीआइओएस प्रतिहस्ताक्षरित करेंगे।

Tuesday, March 9, 2021

सीआईएससीई : 10वीं- 12वीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव, दसवीं के चार विषयों, बारहवीं के आठ विषयों की परीक्षा तिथियों में किया गया परिवर्तन

सीआईएससीई : 10वीं- 12वीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव, दसवीं के चार विषयों, बारहवीं के आठ विषयों की परीक्षा तिथियों में किया गया परिवर्तन

नई दिल्ली : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई बोर्ड) ने दसवीं-बारहवीं की कुछ विषयों की परीक्षा तिथियों में बदलाव किया है। दसवीं के चार विषयों व बारहवीं के आठ विषयों की परीक्षा तिथियों को बदला गया है। 13 से 15 मई के बीच किसी भी विषय की परीक्षा नहीं होगी। बोर्ड ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर संशोधित डेटशीट जारी कर दी है।


नई परीक्षा तिथियों के अनुसार दसवीं की 13 मई को होने वाली इकोनॉमिक्स की परीक्षा अब 04 मई को होगी। आर्ट पेपर-2 की परीक्षा 15 मई की जगह अब 22 मई को, आर्ट पेपर-3 की परीक्षा 22 मई की जगह 29 मई व आर्ट पेपर-4 की 29 मई को होने वाली परीक्षा अब 05 जून को होगी।

बारहवीं की पूर्व परीक्षा तिथियों के अनुसार 05 मई को बिजनेस स्टडी की परीक्षा होनी थी जो कि अब 18 जून को होगी। इंग्लिश पेपर-2 (लिटरेचर इन इंग्लिश) की 13 मई को होने वाली परीक्षा अब 04 मई को होगी होम साइंस पेपर-1 ( थ्योरी) की परीक्षा 15 मई की : जगह 22 मई को होगी आर्ट पेपर 5 की परीक्षा पहले 2 जून को थी, अब यह परीक्षा 5 मई को आयोजित होगी। आर्ट पेपर-4 की परीक्षा 05 जून को होनी थी जो कि अब 02 जून, हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट की परीक्षा 08 जून की जगह 05 जून को होगी बॉयोटेक्नॉलॉजी पेपर 1 (थ्योरी) की परीक्षा 10 जून की जगह 08 मई को, आर्ट पेपर-1 की परीक्षा 12 जून की जगह 12 मई को आयोजित होगी।


Tuesday, March 2, 2021

ICSE, ISC Exam 2021 dates : सीआईएससीई ने कक्षा 10, 12 परीक्षा 2021 का टाइम-टेबल किया जारी, यहां देखें

ICSE, ISC Exam 2021 dates : सीआईएससीई ने कक्षा 10, 12 परीक्षा 2021 का टाइम-टेबल किया जारी, यहां देखें

ICSE Class 10 , ISC Class 12 Exam 2021 dates : काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE, ISC) ने कक्षा 10 और 12 के बोर्ड परीक्षा 2021 का टाइम-टेबल जारी कर दिया। कक्षा 12 की परीक्षाएं 8 अप्रैल 2021 से और 10वीं की परीक्षाएं 5 मई 2021 से शुरू होंगी। आईसीएसई (Class X) और आईएससी (Class XII) की बोर्ड परीक्षा में भाग लेने वाले छात्र अब परीक्षा परीक्षा का अपना टाइम-टेबल विषयवार आईसीएसई, आईएससी की वेबसाइट www.cisce.org पर देख सकते हैं। इसके साथ ही छात्र यहां दिए डायरेक्ट लिंक से भी परीक्षा डेटशीट डाउनलोड कर सकते हैं।



परीक्षा टाइम-टेबल जारी करने के साथ ही आईसीएसई ने कोरोना महामारी को देखते हुए छात्रों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं।


5 मई से शुरू होगी  ICSE (class 10) की परीक्षा-
सीआईएससीई की ओर से जारी टाइम टेबल के अनुसार, कक्षा 10 की परीक्षाएं 5 मई 2021 से शुरू होंगी और 7 जून 2021 तक चलेंगी। 10वीं का पहला पेपर इंग्लिश लैंग्वेज पेपर-1 होगा वहीं आखिरी पेपर ग्रुप-3 इलेक्टिव विषय का होगा। वहीं आईएससी (12वीं) की परीक्षाएं 8 अप्रैल 2021 से शुरू होंगी और 16 जून तक चलेेंगी।

करीब तीन लाख बच्चे ले सकते हैं परीक्षा में भाग-
काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) हर वर्ष आईसीएसई (10वीं कक्षा- इंडियन सर्टिफिकेट ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन) और आईएससी (12वीं - इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट) परीक्षा का आयोजन करता है। इस साल भी करीब तीन लाख छात्र सीआईएससीई की बोर्ड परीक्षा में भाग ले सकते हैं।  ICSE में पिछले वर्ष 2,07,902 बच्चों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 2,06,525 पास हुए थे यानी ICSE में 99.33 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए। वहीं ISC में पिछले वर्ष 88,409 बच्चों ने परीक्षा दी थी जिसमें से 85,611 पास हुए, यानी ISC में 96.84 फीसदी स्टूडेंट्स पास हुए।

Thursday, January 28, 2021

CBSE Date Sheet 2021: 2 फरवरी को जारी होगी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट – शिक्षा मंत्री

CBSE Date Sheet 2021: 2 फरवरी को जारी होगी 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं की डेटशीट – शिक्षा मंत्री

वर्ष 2021 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है।

CBSE Date Sheet 2021 सीबीएसई द्वारा 10वीं और 12वीं का बोर्ड परीक्षाओं के लिए डेटशीट का घोषणा 2 फरवरी को की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अब से कुछ ही देर पहले दी।


नई दिल्ली : CBSE Date Sheet 2021: वर्ष 2021 की सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सीबीएसई द्वारा 10वीं और 12वीं का बोर्ड परीक्षाओं के लिए डेटशीट का घोषणा 2 फरवरी को की जाएगी। यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने अब से कुछ ही देर पहले दी। समाचार एजेंसी एएनआई के अपडेट के मुताबिक शिक्षा मंत्री ने आज, 28 जनवरी 2021 को बताया, “कक्षा 10 और कक्षा 12 के लिए परीक्षाओं का शेड्यूल केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा जल्द ही, 2 फरवरी 2021 को घोषित किया जाएगा।" बता दें कि इससे पहले शिक्षा मंत्री द्वारा सीबीएसई की सेकेंड्री और सीनियर सेकेंड्री कक्षाओं के लिए बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन 4 मई से 10 जून तक किये जाने की घोषणा की गयी थी।

सीबीएसई की वेबसाइट से कर पाएंगे डाउनलोड

बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे स्टूडेंट्स को ध्यान देना चाहिए कि बोर्ड द्वारा डेटशीट या टाइम-टेबल ऑफिशियल वेबसाइट, cbse.gov.in पर जारी किया जाएगा। सेकेंड्री के स्टूडेंट्स को सीबीएसई बोर्ड 10वीं डेटशीट 2021 या सीनियर सेकेंड्री के स्टूडेंट्स को सीबीएसई बोर्ड 12वीं डेटशीट 2021 डाउनलोड करने के लिए बोर्ड की ऑफिशयिल पर लेटेस्ट अपडेट सेक्शन में विजिट करना होगा।


सीबीएसई बोर्ड परीक्षा परिणाम 15 जुलाई तक

शिक्षा मंत्री ने इसके साथ ही, मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जानकारी दी की 10 जून तक सीबीएसई बोर्ड द्वारा दोनो ही कक्षाओं के लिए परीक्षाओं के आयोजन के बाद परिणामों की घोषणा 15 जुलाई 2021 तक कर दी जाएगी। वहीं सीबीएसई बोर्ड के प्रैक्टिकल एग्जाम को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रायोगिक परीक्षाओं का आयोजन स्कूलों द्वारा 1 मार्च 2021 से किया जाएगा।

बता दें कि आमतौर पर सीबीएसई बोर्ड से सम्बद्ध देश भर के स्कूलों में कक्षा 10 और कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं का आयोजन फरवरी और मार्च के माह के दौरान और प्रैक्टिकल एग्जाम जनवरी माह में आयोजित किये जाते थे। हालांकि, इस वर्ष कोरोना महामारी के कारण बाधित हुई फिजिकल क्लासेस जैसी शैक्षणिक गतिविधियों के चलते स्टूडेंट्स को तैयारी के लिए अधिक समय देने के उद्देश्य से परीक्षाओं के आयोजन में देरी हुई है।

Friday, December 18, 2020

ऑफलाइन होगी सीबीएसई की प्रयोगात्मक व बोर्ड परीक्षा, कोरोना गाइडलाइन के तहत केवल व्यवस्था में होगा बदलाव

CBSE 10th 12th Exam 2021 : एक कमरे में 12 छात्र देंगे सीबीएसई परीक्षा

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं और 12वीं की परीक्षा के लिए इस बार केन्द्रों की संख्या बढ़ाई जा रही है। पिछले वर्ष लखनऊ में 28 केन्द्रों पर परीक्षा हुई थी। लेकिन, इस बार करीब 40 केन्द्रों की सूची बोर्ड को भेजी गई है। इस पर अन्तिम फैसला बोर्ड के स्तर पर लिया जाएगा।


सीबीएसई के शहर समन्वयक जावेद आलम खान ने बताया कि कोरोना संक्रमण के चलते बोर्ड ने परीक्षा में सावधानी बरतने के लिए कई बदलाव किए हैं। इस बार एक कमरे में 12 या कमरा बड़ा होने पर 12-12 के अनुपात में बच्चों को बैठाया जाएगा।  

शेटशीट का इंतजार
कुछ दिनों पहले (सीबीएसई) ने 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर स्थितियां स्पष्ट की है। बोर्ड परीक्षाओं के ऑनलाइन आयोजन संबंधी अटकलों को खारिज करते हुए सीबीएसई ने स्पष्ट किया था कि बोर्ड परीक्षाएं लिखित (परीक्षा केंद्रों) ही आयोजित की जाएंगी। बोर्ड परीक्षा के आयोजन की तारीखों को लेकर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। इस संबंध में सभी हितधारकों के साथ परामर्श की प्रक्रिया अभी जारी है। परीक्षा जब और जैसे ही आयोजित की जाएगी, वह कोरोना प्रोटोकाल के साथ लिखित मोड में आयोजित होंगी। ऑनलाइन मोड में परीक्षाओं का आयोजन नहीं किया जाएगा।


प्रैक्टिकल परीक्षाओं का विकल्प तलाशा जाएगा
सीबीएसई ने बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन के साथ ही प्रैक्टिकल परीक्षाओं को लेकर भी स्थितियां स्पष्ट की हैं। सीबीएसई ने कहा है कि यदि छात्र बोर्ड परीक्षा से पहले कक्षाओं में प्रैक्टिकल परीक्षाएं नहीं दे पा रहे हैं, तो प्रैक्टिकल परीक्षाओं के विकल्पों को तलाशा जाएगा। हालांकि सीबीएसई ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि प्रैक्टिकल परीक्षाओं का विकल्प क्या हो सकता है।


ऑफलाइन होगी सीबीएसई की प्रयोगात्मक व बोर्ड परीक्षा, कोरोना गाइडलाइन के तहत केवल व्यवस्था में होगा बदलाव

लखनऊ :  केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की प्रयोगात्मक और बोर्ड परीक्षाओं के पैटर्न में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा, लेकिन व्यवस्थाएं बदली रहेंगी। कोरोना संक्रमण के चलते स्कूलों में पढ़ाई दीपावली के बाद से शुरू हो पाई। उसमें भी सभी कक्षाएं नहीं चल रहीं। ऐसे में अभिभावक और छात्र मानकर चल रहे थे कि इस बार परीक्षा के पैटर्न में बदलाव हो सकता है। ऑफलाइन के बजाय ऑनलाइन परीक्षाएं हो सकती है। छात्र यह भी मानकर चल रहे थे कि हो सकता है कि प्रयोगात्मक परीक्षाएं ही ना हो, लेकिन बोर्ड ने ऐसी सभी आशंकाओं पर विराम लगा दिया है।

बोर्ड से प्राप्त जानकारी के अनुसार व्यवस्था बदली रहेगी, लेकिन परीक्षा पैटर्न वही रहेगा। सीबीएसई के क्षेत्रीय समन्वयक डॉ. जावेद आलम खान ने बताया कि पहले प्रयोगात्मक परीक्षा होगी, जिसके बाद परीक्षाएं होंगी। प्रयोगात्मक परीक्षा पूर्व की भक्ति लैब में ही ली जाएंगी। छात्र व  अभिभावकों के मन में शंका थी कि इस बार प्रयोगात्मक नहीं होगी, लेकिन पहले की तरह परीक्षक आएंगे और प्रैक्टिकल लेंगे। इस दौरान उन्हें उसकी फोटो खींचकर तत्काल सीबीएसई की वेबसाइट पर अपडेट करना होगा इसके लिए एक हफ्ते के अंदर बोर्ड प्रैक्टिकल और बोर्ड परीक्षा के संबंध में कार्यक्रम व जानकारी उपलब्ध करा देगा। प्रैक्टिकल और बोर्ड परीक्षा दोनों को संचालित करने को लेकर एसपी भी जारी होगी।

व्यवस्था में होगा बदलाव

इस बार बोर्ड परीक्षा की व्यवस्था में बदलाव देखने को मिलेगा। बोर्ड द्वारा एसओपी जारी की जाएगी। इस बार परीक्षा कक्ष में छात्रों की संख्या आधी हो जाएगी। कंपार्टमेंट परीक्षा में इसका एक्सपेरिमेंट हो चुका है। कक्षा में सोशल डिस्टेंसिंग के तहत ज्यादा से ज्यादा 12 छात्र ही बैठाए जाएंगे। परीक्षा केंद्र पर आइसोलेशन रूम भी रहेगा ताकि यदि किसी की तबीयत खराब हो तो उसको अलग किया जा सके। ऐसे में इस बार परीक्षा केंद्रों की संख्या दोगुनी होगी।

Wednesday, July 8, 2020

16 अगस्त तक भरे जाएंगे 10वीं-12वीं के परीक्षा फॉर्म

यूपी बोर्ड की 2021 परीक्षा के लिए हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के परीक्षा फॉर्म 16 अगस्त तक और विलंब शुल्क के साथ 20 अगस्त तक भरे जाएंगे। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने मंगलवार को विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया। प्रदेशभर के 28 हजार से अधिक स्कूलों में कक्षा 10 व 12 में प्रवेश लेने व फीस जमा करने की अंतिम तिथि 5 अगस्त तय की गई है। प्रधानाचार्य छात्र-छात्राओं से प्राप्त परीक्षा शुल्क एकमुश्त 10 अगस्त तक चालान के माध्यम से कोषागार में जमा करेंगे।
परीक्षा शुल्क की सूचना और छात्र-छात्राओं के विवरण 16 अगस्त को रात 12 बजे तक बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड किए जाएंगे। प्रधानाचार्य 10 अगस्त के बाद प्रति छात्र 100 रुपया विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क कोषागार में 16 अगस्त तक जमा करेंगे। विलंब शुल्क के साथ जमा परीक्षा शुल्क की सूचना और छात्र-छात्राओं के विवरण 20 अगस्त को रात 12 बजे तक अपलोड होंगे। वेबसाइट पर अपलोड छात्र-छात्राओं के विवरण की चेकलिस्ट प्राप्त कर प्रधानाचार्य 21 से 31 अगस्त तक उसकी विधिवत जांच करेंगे।

इस दौरान वेबसाइट पर किसी प्रकार का अपडेशन प्रतिबंधित रहेगा। जांच के बाद ऑनलाइन अपलोड छात्र-छात्राओं के विवरण में यदि किसी प्रकार का संशोधन होना है तो उसे प्रधानाचार्य दोबारा वेबसाइट खोलकर 1 से 10 सितंबर को रात 12 बजे तक कर सकेंगे। सचिव ने साफ किया है कि इस दौरान नये छात्र या छात्रा का विवरण अपलोड (स्वीकार) नहीं किया जाएगा। केवल संशोधन ही स्वीकार किए जाएंगे। छात्र-छात्रा के विवरण में कोई कमी न हो इसके लिए कक्षाध्यापक एवं प्रधानाचार्य के साथ ही उनके अभिभावक भी हस्ताक्षर करेंगे। कक्षा 9 व 11 के अग्रिम पंजीकरण की तारीख भी जल्द घोषित होगी।

हाईस्कूल की फीस 500, इंटर की 600 रुपये
हाईस्कूल व इंटर के छात्र-छात्राओं को क्रमश: 500 एवं 600 रुपये परीक्षा शुल्क देना होगा। प्रति छात्र एक रुपये अंकपत्र शुल्क और 25 पैसे प्रधानाचार्यों के उपयोग के लिए देना होगा।

Friday, June 26, 2020

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द।

नई दिल्ली : विशेष संवाददाता कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है। दोनों बोर्ड ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। इस पर अदालत ने केंद्र और सीबीएसई को 12वीं की परीक्षा पर नई अधिसूचना जारी करने को कहा है। इस मामले में शुक्रवार को दोबारा सुनवाई होगी।








 हालात ठीक होने पर परीक्षा : केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा ने हलफनामा दाखिल परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। अब परीक्षाएं तब होंगी, जो वातावरण अनुकूल होगा। नई अधिसूचना जारी करें : शीर्ष अदालत ने सीबीएसई और केंद्र सरकार से कहा कि नई सूचना में आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा के बीच विकल्प का मामला भी स्पष्ट करें। साथ ही राज्य बोर्ड परीक्षाओं की वर्तमान स्थिति, परीक्षाओं की तारीख के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने शुक्रवार की सुबह तक सीबीएसई से नई अधिसूचना और हलफनामा मांगा है। वहीं, आईसीएसई बोर्ड ने बताया कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को दोबारा परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा। अभिभावकों ने दायर की याचिका कोरोना के कारण कुछ अभिभावकों ने बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने तथा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट बनाने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में परीक्षा के लिए बच्चों को भेजने से उन्हें खतरा हो सकता है।







संभावना

12वीं के लिए दो विकल्प आंतरिक मूल्यांकन : पिछली तीन परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करा सकते हैं बाद में परीक्षा : यदि कोई छात्र परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह बाद में परीक्षा दे सकता है

10वीं के लिए...

10वीं के छात्रों को पुनः परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा।

संशय यूनिवर्सिटी दाखिला : परीक्षाएं रद्द होने से डीयू समेत तमाम विश्वविद्यालयों में दाखिले को लेकर भी असमंजस बढ़ गया है। छात्र : मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिले में परेशानी बढ़ेगी। ड्रॉप लेने वाले छात्रों को भी नुकसान। प्रतियोगी परीक्षाएं : सरकार ने सीटेट रद्द कर दी है। अब जेईई मेंस, जेईई एडवांस और नीट पर भी संशय के बादल मंडराए।

29 विषयों की परीक्षा बाकी थी छात्रों की,

16 लाख से अधिक छात्रों पर फैसले का असर


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Sunday, June 21, 2020

केंद्रीय बोर्डों की बची परीक्षाओं पर 30 जून तक निर्णय ले केंद्र सरकार

केंद्रीय बोर्डों की बची परीक्षाओं पर 30 जून तक निर्णय ले केंद्र सरकार : कोर्ट


लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने केंद्रीय बलों की बची परीक्षाएं टक्कर विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर उन्हें अंक देने के आग्रह वाली जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को जनहित को ध्यान में रखकर 30 जून तक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने यह अहम आदेश राजधानी के छात्र अनुज निषाद की जनहित याचिका पर दिया। याची ने दसवीं व बारहवीं बोर्ड की बची परीक्षा कराने के सीबीएसई और आईसीएसई के निर्णय को चुनौती दी थी।





याची के अधिवक्ता केके पाल की दलील थी कि कोरोना के बढ़ रहे मरीजों के मद्देनजर परीक्षा के दौरान स्कूलों में शारीरिक दूरी बनाए रखने व मास्क आदि लगाने के दिशा निर्देशों का पूरी तरह पालन संभव नहीं है। याचिका में केंद्र सरकार समेत केंद्रीय बोर्डों ( सीबीएसई और आईसीएससीई) की माध्यमिक स्तर की बची परीक्षाएं न करवाकर विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर उन्हें अंक दिए जाने के निर्देश देने की गुजारिश की गई थी। कोर्ट ने कहा कि याचिका में उठाया गया मुद्दा विशेषज्ञों द्वारा गौर किए जाने लायक है। ऐसे में याचिका गृह मंत्रालय को संदर्भित की जाए जो प्रत्यावेदन मानी जाएगी और सक्षम अधिकारी इस मामले में समुचित निर्णय लेंगे। इस आदेश के तहत कोई निर्णय लेते समय सर्वाधिक जनहित को ध्यान में रखना होगा। कोर्ट को यह बताए जाने पर कि परीक्षाएं पहली जुलाई से होने वाली हैं, अदालत ने अपेक्षा की कि केंद्र के समुचित प्राधिकारी परीक्षा शुरू होने के पहले इस आदेश के तहत समुचित निर्णय लेंगे। कोर्ट ने केंद्र सरकार के वकील एसबी पांडेय को कहा कि वह तत्काल इस आदेश को केंद्रीय गृह मंत्रालय के संबंधित अफसर को भेजें।



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Wednesday, June 17, 2020

CISCE बोर्ड : परीक्षा ना देने का छात्रों को मिला विकल्प

सीआईसीएसई बोर्ड : परीक्षा ना देने का छात्रों को विकल्प मिला।


सीआईसीएसई बोर्ड के 10वीं और 12वीं के छात्र बची हुई बोर्ड की परीक्षा ना देने का विकल्प चुन सकते हैं। उन्हें प्री -बोर्ड या स्कूल में हुई परीक्षाओं के आधार पर अंक दिए जाएंगे।




कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर एक अभिभावक ने अदालत में परीक्षाएं रद कराने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी,जिसके जवाब में बोर्ड ने बंबई उच्च न्यायालय के समक्ष यह प्रस्ताव दाखिल किया।काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के मुख्य कार्यकारी एवं सचिव, गैरी एराथून के अनुसार छात्रों को 22 जून तक अपने संबंधित स्कूलों में इसकी जानकारी देनी होगी। लॉकडाउन के कारण कुछ परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थीं,जो अब एक से 14 जुलाई के बीच होंगी। हालांकि, कई अभिभावक उन्हें रद करने की मांग कर रहे हैं।


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Monday, June 15, 2020

बोर्ड बचे हुए विषयों की न लें परीक्षा, अभिभावकों ने की अपील

अपील : बोर्ड बचे हुए विषयों की परीक्षा न ले

नई दिल्ली : देश में लगातार कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इस बीच एक जुलाई से होने वाली सीबीएसई और सीआईसीएसई के बचे हुए विषयों की परीक्षाओं को लेकर अभिभावक चिंतित हैं। उन्होंने परीक्षा रद्द करने की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अभी तक हुई परीक्षाओं के आधार पर परिणाम घोषित किए जाएं।






अभिभावकों ने स्टूडेंट्स लाइव्स मैटर (छात्रों का जीवन मायने रखता है), लाइव्स ओवर एग्जाम (परीक्षा से बढ़कर जीवन) और कैंसल बोर्ड एग्जाम्स (बोर्ड परीक्षाएं रद्द करें) हैशटैग से ऑनलाइन अभियान शुरू किया है। चार अभिभावकों ने तो उच्चतम न्यायालय को अर्जी देकर अनुरोध किया है कि कोविड-19 के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं। एक अभिभावक निशांत अक्शर ने कहा, हमारे बच्चों की सुरक्षा कौन सुनिश्चित करेगा? एक बच्चा या परीक्षक, जो कोरोना वायरस से संक्रमित है, लेकिन उसमें लक्षण नजर नहीं आ रहे हैं, पूरी कक्षा के बच्चों को संक्रमित कर सकता है। चार घंटे तक एक ही कमरे में रहने से संक्रमण का खतरा भी बहुत ज्यादा रहेगा।

हालात खराब हो *गए तो क्या होगा



दसवीं कक्षा के एक छात्र की मां रोहिणी भूमिहार का कहना है, जरूरी सामान की कमी के अलावा, अगर हालात और खराब हो गए तो क्या होगा? बच्चे फिर से तैयारी करेंगे और अंतिम समय में परीक्षा (फिर से) रद्द हो जाएगी। हमारे बच्चों के दिमाग पर इसका क्या असर होगा? यह देखते हुए कि हालात में सुधार की गुंजाइश कम है, पंजाब, तेलंगाना और तमिलनाडु ने इस वर्ष छात्रों की 10वीं की परीक्षाएं रद्द कर दी हैं।



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