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Saturday, April 17, 2021

प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित, आइसीएसई ने भी टालीं बोर्ड परीक्षाएं

प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित, आइसीएसई ने भी टालीं बोर्ड परीक्षाएं


लखनऊ: सीबीएसई व यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं के बाद अब प्रदेश के सभी शिक्षा बोर्डो की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री ने 15 अप्रैल को यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित करने का निर्देश दिया था। उसी क्रम में शासन ने प्रदेश के अन्य बोर्डो की हर प्रकार की परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी हैं। आइसीएसई बोर्ड, माध्यमिक संस्कृत शिक्षा बोर्ड व मदरसा बोर्ड में गृह व आंतरिक परीक्षाएं भी अब नहीं हो सकेंगी।


आइसीएसई ने भी टालीं बोर्ड परीक्षाएं : आइसीएसई ने भी चार मई से प्रस्तावित 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। इनकी नई तारीखों का एलान स्थिति की समीक्षा के बाद जून के पहले हफ्ते में किया जाएगा। आइसीएसई के सचिव गैरी अराथून ने बताया कि 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बाद में कराई जाएंगी। वहीं 10वीं के छात्रों को बाद में परीक्षा में बैठने या न बैठने का विकल्प मिलेगा।


मांग : बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लागू करें ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प

मांग : बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए लागू करें ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प


प्रयागराज कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रदेश सरकार ने दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित करदी हैं। परीक्षाएं स्थगित करने के निर्णय से परेशान अभिभावकों, शिक्षकों, प्रधानाचार्यों एवं छात्रों ने ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प देने की मांग की है। परीक्षार्थियों की मांग है कि जिस प्रकार इलाहाबाद विश्वविद्यालय सहित दूसरे संस्थान अपनी कॉपी देकर छात्रों को परीक्षा में शामिल कर रहे हैं, उसी तरीके से सीबीएसई और यूपी बोर्ड भी बच्चों की ऑनलाइन कॉपी जमा करने की व्यवस्था कर परीक्षा करा सकते हैं। 


ऑनलाइन परीक्षा में जिन छात्रों को कॉपी जमा करने में समस्या हो उसके लिए क्षेत्र के किसी विद्यालय को नोडल सेंटर बनाकर ऑनलाइन कॉपी जमा करने की व्यवस्था की जा सकती है। ऑनलाइन विकल्प के तौर पर छात्रों को ई-मेल पर कॉपी जमा करने की सुविधा दी जा सकती है। ऐसे में छात्रों का कुछ मूल्यांकन तो हो सकेगा। पूरे सालभर पढ़ाई करने के बाद जब छात्रों का परीक्षा से मूल्यांकन होगा तो उन्हें अपने बारे में पता चलेगा राजकीय इंटर कॉलेज के डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी का कहना है कि जब ऑफलाइन परीक्षा का विकल्प न हो तो छात्रों का मूल्यांकन ऑनलाइन किया जाए। 


छात्रों को कॉपी देकर उसे ऑनलाइन जमा करने की व्यवस्था करके परीक्षा कराई जा सकती है। अभिभावक डॉ. लक्ष्मण चतुर्वेदी का कहना है कि अब ऑनलाइन परीक्षा ही एकमात्र विकल्प है। इसे सीबीएसई एवं यूपी बोर्ड दोनों को अपनाना चाहिए। काउंसलर डॉ. मनु भट्ट का कहना है कि परीक्षा रद्द नहीं करनी चाहिए। दसवीं के छात्रों का ऑनलाइन असेसमेंट करके उन्हें नंबर देने चाहिए। बारहवीं के अंक कॅरियर में निर्णायक होते हैं, ऐसे में परीक्षा जरूरी है। छात्रों के लिए बोर्ड की वेबसाइट पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाएं। छात्रों से कॉपी में उत्तर लिखवाकर उसका मूल्यांकन कराया जाए।

Friday, April 16, 2021

यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों को प्रमोट करने का आधार नहीं तो इसके आसार भी नहीं

यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों को प्रमोट करने का आधार नहीं तो  आसार भी नहीं


 लखनऊ: यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों को प्रमोट करने के आसार नहीं हैं। बोर्ड प्रशासन इस पर मंथन जरूर कर रहा है, लेकिन उसे फिलहाल ऐसा कोई आधार नहीं मिल रहा जिस पर वह छात्र-छात्रओं को अगली कक्षा में प्रोन्नत कर सके।


ज्ञात हो कि बुधवार को सीबीएसई ने चार मई से होने वाली हाईस्कूल व इंटर परीक्षाओं के संबंध में बड़ा निर्णय लिया। हाईस्कूल की परीक्षा रद हो गई, उनके परीक्षार्थी अगली कक्षा में प्रमोट होंगे। वहीं, इंटर के संबंध में एक जून को निर्णय लिया जाएगा। भले ही इन दिनों सीबीएसई व यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लगभग समान हो गया है लेकिन, दोनों की परीक्षा प्रणाली में बड़ा अंतर है। 


सीबीएसई में जहां मासिक टेस्ट के अलावा छमाही व वार्षिक परीक्षा का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन है। इससे केंद्रीय बोर्ड छात्र-छात्रओं के प्रदर्शन के आधार पर हाईस्कूल में प्रमोट आसानी से कर सकता है। इसके उलट यूपी बोर्ड में कक्षा नौ तक का रिकॉर्ड बोर्ड मुख्यालय पर नहीं भेजा जाता, मासिक टेस्ट होते नहीं और छमाही का रिजल्ट भी सभी स्कूल नहीं देते। इधर प्री बोर्ड यानी हाईस्कूल व इंटर परीक्षा से पहले स्कूल स्तर की परीक्षा कराने पर जोर दिया गया। इस बार फरवरी में इम्तिहान हुए भी हैं लेकिन, उसका रिकॉर्ड भी बोर्ड के पास नहीं है। 


यूपी बोर्ड में अधिकांश कालेज वित्तविहीन हैं, जबकि राजकीय व अशासकीय कालेज एक तिहाई ही हैं। अब यदि बोर्ड जिलों से नौवीं और प्री बोर्ड का रिकॉर्ड मांगे तो स्थिति असहज हो सकती है। सीबीएसई के निर्णय के बाद से इस ओर मंथन जरूर हुआ, लेकिन प्रमोट करने का निर्णय का आधार नहीं मिल रहा।

Thursday, April 15, 2021

UP Board 10th 12th Exam 2021 : यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं भी 20 मई तक स्थगित

UP Board 10th 12th Exam 2021 : यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटर की परीक्षाएं भी 20 मई तक स्थगित


UP Board 10th 12th Exam 2021: कोरोना संक्रमण को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने हाईस्कूल और इंटर की बोर्ड परीक्षाएं 20 मई तक स्थगित कर दी हैं। यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं भी 15 मई तक टाल दी गई हैं। रुहेलखण्ड यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में फैसला लिया गया है।



इससे पहले उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने बुधवार को कहा था कि यूपी बोर्ड की तारीखों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना पीक का आकलन समय-समय पर किया जा रहा है। हमारे 19 अधिकारी जो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं, इनमें से 17 अधिकारी संक्रमित हैं। 


हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं एक साथ 8 मई से शुरू होनी थीं। 10वीं की परीक्षा 12 कार्य दिवसों में सम्पन्न होकर 25 मई को समाप्त होनी थी जबकि 12वीं की परीक्षा 15 कार्य दिवसों में सम्पन्न होकर 28 मई को समाप्त होनी थी। लेकिन अब बोर्ड हालात की समीक्षा करने के बाद नया टाइम टेबल जारी करेगा।

■ 2021 की परीक्षा के लिए पंजीकृत छात्र छात्राएं
★ हाईस्कूल 
● 1674022 बालक
● 1320290 बालिकाएं
● योग 2994312 

★ इंटरमीडिएट
● 1473771 बालक
● 1135730 बालिकाएं
● योग - 2609501

महायोग: 5603813


यूपी बोर्ड से पहले सीबीएसई, छत्‍तीसगढ़ बोर्ड, पंजाब बोर्ड, राजस्थान बोर्ड, महाराष्ट्र बोर्ड, एमपी बोर्ड भी कोरोना के कारण अपनी परीक्षाएं स्थगित कर चुके हैं। सीबीएसई ने 10वीं की परीक्षा रद्द कर इंटरनल असेसमेंट के आधार पर रिजल्ट निकालने का फैसला किया है।

Wednesday, April 14, 2021

यूपी बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

यूपी बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाये जाने के सम्बन्ध में आदेश जारी

यूपी बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी करने वालों को प्राथमिकता पर लगेगी वैक्सीन


कोरोना के बढ़ते संक्रमण के कारण सीबीएसई ने भले ही अपनी परीक्षाएं टाल दी हैं लेकिन यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियां बदस्तूर चल रही है। हालांकि परीक्षा में शामिल हो रहे 56 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं और शिक्षकों की सुरक्षा को देखते हुए शासन ने शिक्षकों व कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर टीका लगवाने के आदेश दिए हैं।


विशेष सचिव शासन उदयभानु त्रिपाठी ने सभी डीएम, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, सचिव यूपी बोर्ड, संयुक्त शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को मंगलवार को आदेश भेजा है कि बोर्ड परीक्षाओं में ड्यूटी करने वाले एवं आयु के अनुसार वैक्सीनेशन के लिए पात्र शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को टीकाकरण उत्सव के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर वैक्सीन लगवाई जाए।


सचिव यूपी बोर्ड दिव्यकांत शुक्ल का कहना है कि शासन से आदेश मिले हैं, उसके अनुपालन में परीक्षा में ड्यूटी करने वाले शिक्षकों व कर्मचारियों को टीका लगवाने के इंतजाम किए जा रहे हैं। जिले के अफसरों को इस संबंध में आदेश भेजे जा रहे हैं।


Monday, April 12, 2021

UP Board Exam 2021: परीक्षा से पहले यूपी बोर्ड का तोहफा, नंबर देने में नहीं होगी कंजूसी, स्टेप मार्किंग के जरिये मिलेंगे उदारता से नम्बर

UP Board Exam 2021: परीक्षा से पहले यूपी बोर्ड का तोहफा, नंबर देने में नहीं होगी कंजूसी, स्टेप मार्किंग के जरिये मिलेंगे उदारता से नम्बर

मेहनत का मिलेगा पूरा फल, स्टैप मार्किंग पर रहेगा जोर


UP Board Exam 2021 विद्यार्थियों को एक और राहत देने की तैयारी। मेहनत का मिलेगा पूरा फल स्टैप मार्किंग पर रहेगा जोर। बोर्ड इसके लिए सीबीएसई के प्रशिक्षकों से जिले के मूल्यांकन केंद्र उप नियंत्रकों को आनलाइन मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण दिला चुका है


आगरा । कोरोना संक्रमण बढ़ने के साथ इसका खौफ भी लगातार बढ़ रहा है। वहीं पंचायत चुनाव के कारण उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा पहले ही टल चुकी है, जो अब आठ मई से शुरू होगी। बोर्ड ने इसका संशोधित कार्यक्रम भी जारी कर दिया है। इसके साथ ही बोर्ड ने विद्यार्थियों को एक और राहत देते हुए उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन में उदारता बरतते हुए नंबर देने की अपील परीक्षकों से की है।


बोर्ड इसके लिए सीबीएसई के प्रशिक्षकों से जिले के मूल्यांकन केंद्र उप नियंत्रकों को आनलाइन मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण दिला चुका है, जो अन्य प्रधानाचार्यों को प्रशिक्षित करेंगे, ताकी प्रधानाचार्य अपने शिक्षकों को समय से प्रशिक्षित कर लें। ऐसे में बोर्ड ने दोबारा बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच परीक्षकों से अपील की है कि वह इस बार उत्तर पुस्तिका मूल्यांकन के पुराने ढर्रे को बदलकर विद्यार्थियों को उदारता के साथ अंक देने की सोच मन में रखें।


प्रशिक्षण में विशेषज्ञ प्रधानाचार्यों को निर्देश मिले हैं कि अन्य बोर्ड के विद्यार्थी हिंदी जैसे विषय में 90, 95 और 100 तक अंक पाते हैं। जबकि यूपी बोर्ड के विद्यार्थी हिंदी भाषी क्षेत्र से होने पर भी मुश्किल 60 अंक ही ला पाते हैं। ऐसे में उनकी उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन में विशेष ध्यान दिया जाए, ताकी उनका अंक फीसद न प्रभावित हो।


● - अंक देने में परीक्षक उदारता बरतें।

● - स्टेप मार्किंग पर ध्यान दें।

● - उत्तर देखकर विद्यार्थी के बौद्धिक स्तर का आंकलन कर अंक दें।

● - छोटे उत्तर में यदि सभी तथ्य समाहित हैं, तो उस पर गौर करें।

● - उत्तर पुस्तिका व अवार्ड ब्लैंक में अंकों की भिन्नता न हो।

● - उपप्रधान परीक्षक खासतौर से उत्तर पुस्तिका व अवार्ड ब्लैंक की रेंडम जांच करें।

● - कुल अंकों का मूल्यांकन करने के बाद एक बार मिलान जरूर करें।

● - अंकों में ओवरराइटिंग से बचें, पूर्णांक के अनुसार ही अंक दें।

यूपी बोर्ड परीक्षा में इस बार मुश्किल हालात को देखते हुए स्टैप मार्किंग के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए मूल्यांकन केंद्रों को निर्देश दिए जाएंगे।