यूपी बोर्ड में हर वर्ष कम हो रहे एक लाख से ज्यादा परीक्षार्थी
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में बीते पांच वर्षों से प्रत्येक वर्ष औसतन एक लाख से ज्यादा परीक्षार्थी कम हो रहे हैं। वर्ष-2023 की परीक्षा में जहां 58,84,634 परीक्षार्थी पंजीकृत थे वहीं 2027 की परीक्षा में 52.04 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।
2027 में पांच फरवरी से होने वाली होने वाली हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा में हाईस्कूल में 27,75,741 इंटरमीडिएट में 24,28,972 पंजीकृत हुए हैं। पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर गौर करें तो इस बार परीक्षार्थियों की संख्या 6.79 लाख से ज्यादा घट गई।
वर्ष 2024 में एक साथ तकरीबन 3.59 लाख छात्र कम हो गए। वर्ष-2025 में 54,37,174 और वर्ष 2026 में एक लाख से ज्यादा कमी के साथ परीक्षार्थियों की संख्या 53,37,432 हो गई थी। छात्रों की लगातार घट रही संख्या को लेकर यूपी बोर्ड भी चिंतित है। यही कारण है कि कॉलेजों में नामांकन बढ़ाने, सस्ती किताबें उपलब्ध कराने व शत प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बिहार व मध्य प्रदेश के छात्र भी होते थे शामिल
दरअसल, यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में पहले लगातार नकल कराए जाने व पेपर आउट कराए जाने की घटनाएं सामान्य हो गई थी। ऐसे में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड जैसे राज्यों के भी तमाम छात्र यूपी बोर्ड की परीक्षा के लिए पंजीकृत होते थे और परीक्षा में शामिल होकर पास हो जाते थे। अब सरकार की सख्ती के चलते परीक्षाओं में सेंधमारी आसान नहीं है। सीसीटीवी से परीक्षा कक्ष व केंद्रों की निगरानी की जा रही है। छात्रों की लगातार हो रही कमी का एक प्रमुख कारण इसे भी माना जा रहा है।
यूपी बोर्ड में परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आई है। परीक्षाओं में सख्ती होने से भी ऐसी स्थिति होने की संभावना हो सकती है। कुछ दूसरे बोर्ड में चले जाते हैं, जिससे छात्र कम हुए हैं। - भगवती सिंह, सचिव, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद
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