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Wednesday, April 14, 2021

CBSE के बाद क्या यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी टलेंगी? जानें क्या बोले डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा

कोरोना की मार : टल सकती है यूपी बोर्ड की परीक्षा, तैयारियों में जुटे 19 में से 17 अधिकारी संक्रमित


सार
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को बताया कि परीक्षा की तैयारियों से जुड़े 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं। इनके स्वस्थ होने के बाद परीक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

विस्तार
प्रदेश में बढ़ते संक्रमण के चलते आठ मई से होने वाली माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल व इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा टल सकती है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को बताया कि परीक्षा की तैयारियों से जुड़े 19 में से 17 अधिकारी कोरोना संक्रमित हो गए हैं और अस्पताल में भर्ती हैं।

इनके स्वस्थ होने के बाद परीक्षा को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा। उसके बाद मुख्यमंत्री से मार्गदर्शन में अंतिम निर्णय करेंगे। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार हाईस्कूल की परीक्षा 8 से 25 मई तक और इंटरमीडिएट की 8 से 28 मई तक संचालित होनी है।




CBSE के बाद क्या यूपी बोर्ड की परीक्षाएं भी टलेंगी? जानें क्या बोले डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा

उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने कहा है कि यूपी बोर्ड की तारीखों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों व अधिकारियों को निर्देश दिया है कि हर मंत्री अपने प्रभार वाले जिलों की मॉनिटरिंग करेगा। मंत्री लगातार वहां के जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के साथ संपर्क में रहेंगे। अभी आठ मई से यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा होनी है। उन्होंने कहा कि कोरोना पीक का आकलन समय-समय पर किया जा रहा है। हमारे 19 अधिकारी जो बोर्ड परीक्षाओं से संबंधित हैं, इनमें से 17 अधिकारी संक्रमित हैं।


सभी के ठीक व स्वस्थ होने के बाद हम आपस में चर्चा करके मुख्यमंत्री से संवाद करेंगे। इसके बाद ही कुछ निर्णय लिया जाएगा।  सीबीएसई बोर्ड में 10 से 15 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। यूपी बोर्ड दुनिया का सबसे बड़ा बोर्ड है जिसमें 55-56 लाख विद्यार्थी बैठते हैं। परीक्षा की तैयारियों की मॉनिटरिंग चल रही थी। मुख्यमंत्री खुद परीक्षा की तैयारियों की मॉनिटरिंग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर हमने दो हजार बेड बढ़ाने का निर्णय लिया। एक हजार वेंटीलेटर बाहर से मंगाए। एम्बुलेंस बढ़ाई, चिकित्सा के संबंध में दवाइयों की जरूरत पूरी की है। हमारी जनता से भी अपेक्षा हैं कि हम अपने स्वास्थ्य के रक्षक खुद हैं। इसलिए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करें। 

मुख्यमंत्री कोरोना संक्रमित लेकिन सक्रिय
डा दिनेश शर्मा ने जानकारी दी है कि मैंने मुख्यमंत्री से फोन पर बात की है। मुख्यमंत्री के गले में खराश है, हल्का जुकाम भी है और थोड़ा बुखार भी। लेकिन वह सक्रिय हैं। मंत्रियों को निर्देश दिया है कि वे अपने जिलों की व्यवस्था से जुड़े लोगों से बात करें और लोगों के लिए व्यवस्था दुरुस्त कराएं। मुख्यमंत्री कर्मयोद्धा हैं। जिस तत्परता के साथ सुबह छह से रात बारह बजे तक काम किया है, इसका कोई दूसरा उदाहरण नहीं मिल सकता। आज भी उन्होंने चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ाने के समुचित निर्देश दिए हैं। लखनऊ में वेंटीलेटर, दवाइयां, बेड को लेकर व्यवस्था की जा रही है।

Monday, April 5, 2021

यूपी बोर्ड के 100 साल पुराने अधिनियम में संशोधन के बाद नये स्कूलों को जारी की जाएगी मान्यता

एक्ट में संशोधन के बाद देंगे नए स्कूलों को मान्यता

यूपी बोर्ड के 100 साल पुराने अधिनियम में संशोधन के बाद नये स्कूलों को जारी की जाएगी मान्यता।

प्रयागराज : यूपी बोर्ड के 100 साल पुराने अधिनियम में संशोधन के बाद नये स्कूलों को मान्यता जारी की जाएगी। संशोधन नहीं होने की वजह से ही सभी शर्तें पूरी करने एवं आवश्यक संसाधन होने के बावजूद पिछले साल 100 से अधिक नये स्कूलों को हाईस्कूलों को मान्यता नहीं दी जा सकी थी।


शासन के निर्देश पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय ने 24 अगस्त 2020 को चार कमेटियां गठित करते हुए इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 में संशोधन का प्रस्ताव मांगा था। लेकिन अब तक संशोधन नहीं हो सका है। नये स्कूलों की मान्यता को लेकर हाईकोर्ट ने मंजू अवस्थी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार के मामले में 6 नवंबर 2012 को निर्देश दिए थे।

हालांकि उसके बाद से अफसर आदेश की अनदेखी करते हुए नये स्कूलों को मान्यता देते आ रहे थे। सूत्रों के अनुसार पिछले साल शासन इसे लेकर गंभीर हो गया, यही कारण है कि नये स्कूलों को मान्यता नहीं दी गई। पहले से संचालित जिन स्कूलों ने अतिरिक्त विषय, कक्षा या 12वीं की मान्यता के लिए आवेदन किया था सिर्फ उन्हें मान्यता दी गई थी।

एक-दो दिन में जारी होगा संशोधित टाइम टेबल


यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का संशोधित कार्यक्रम एक-दो दिन में जारी होने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार बोर्ड ने संशोधित टाइम टेबल तैयार कर शासन को भेज दिया है। अगले सप्ताह किसी भी जारी हो सकता है।

परीक्षा कराना ही चुनौती, मिशन गौरव को भूला यूपी बोर्ड

परीक्षा कराना ही चुनौती, मिशन गौरव को भूला यूपी बोर्ड

प्रयागराज : यूपी बोर्ड की स्थापना के 100 साल पर होने वाले आयोजन शुरू नहीं हो सके। बोर्ड ने मिशन गौरव नाम से अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक शताब्दी वर्ष मनाने का फैसला लिया था। लेकिन कोरोना और पंचायत चुनाव के बीच परीक्षा कराना ही चुनौती साबित हो रहा है, ऐसे में मिशन गौरव के आयोजन की फिलहाल कोई तैयारी नहीं है।


शताब्दी समारोह के लिए दिसंबर के प्रथम सप्ताह में सभी संयुक्त शिक्षा निदेशकों, यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों के अपर सचिवों, उप शिक्षा निदेशकों और जिला विद्यालय निरीक्षकों को निर्देश जारी हुए थे। सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने सभी डीआईओएस से जिलों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर लब्ध प्रतिष्ठित व्यक्तियों की सूची संकलित करने के साथ ही पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा था।

शताब्दी समारोह को गति प्रदान करने के लिए प्रधानाचार्यों से संकलित क्षेत्रवार/वर्षवार सूची बोर्ड मुख्यालय को 31 दिसम्बर तक उपलब्ध कराने को कहा था लेकिन पंजीकरण ही पूरा नहीं हो सका है। यही नहीं शताब्दी वर्ष समारोह के लिए 28 दिसम्बर से 4 जनवरी के बीच ऑनलाइन लोगो और गीत प्रतियोगिता होनी थी। मंडल स्तर पर प्रत्येक श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ तीन-तीन प्रविष्टियों का चयन कर यूपी बोर्ड मुख्यालय को 9 जनवरी तक अनिवार्य रूप से भेजने को कहा गया था। लेकिन इस प्रतियोगिता के विजेता की घोषणा आज तक नहीं हो सकी।

नया पोर्टल बनेगा, परीक्षा बाद होंगे आयोजन

मिशन गौरव के लिए यूपी बोर्ड नया पोर्टल लांच करने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार लोगो और स्लोगन के लिए प्रविष्टियां फिर से मांगी जाएंगी। फिलहाल बोर्ड का पूरा स्टाफ परीक्षा तैयारियों में जुटा है। इसलिए मिशन गौरव से जुड़े कार्यक्रम परीक्षा बाद होंगे।

Saturday, April 3, 2021

आठ मई से बोर्ड परीक्षा कराने का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री की सहमति के बाद जारी होगी स्कीम

आठ मई से बोर्ड परीक्षा कराने का प्रस्ताव, मुख्यमंत्री की सहमति के बाद जारी होगी स्कीम

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 का आयोजन 8 मई से कराना प्रस्तावित है। माध्यमिक शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहमति के बाद परीक्षा की स्कीम जारी करेगा।

बोर्ड परीक्षा पहले 24 अप्रैल से 12 मई तक प्रस्तावित थी। पंचायत चुनाव के मद्देनजर परीक्षाओं को स्थगित किया गया था। विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक अब 8 मई से परीक्षा शुरू कराने का प्रस्ताव है। परीक्षाएं मई में ही संपन्न कराकर जून के अंत तक परिणाम घोषित कराने की योजना है। परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र सहित अन्य व्यवस्थाएं पहले से तैयार है। उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बताया कि मई में परीक्षा कराई जाएगी। दूसरे सप्ताह से परीक्षाएं कराने का विचार है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से विचार विमर्श के बाद परीक्षा कार्यक्रम जारी किया जाएगा।


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मई में पूरी हो जाएंगी यूपी बोर्ड की परीक्षाएं, एक-दो दिन में कार्यक्रम की हो सकती है घोषणा।

प्रदेश में पंचायत चुनाव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाओं के कार्यक्रम में बदलाव किया जा रहा है। बोर्ड की ओर से पंचायत चुनाव पूरा होते ही हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। बोर्ड की ओर से परीक्षाएं समय से पूरी हों इसके लिए बोर्ड की ओर से पूरा ध्यान दिया जा रहा है। बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं मई में पूरी करने की तैयारी कर चुका है। यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा कार्यक्रम को अंतिम रूप देने का काम चल रहा है, कार्यक्रम की घोषणा एक-दो दिन में हो जाएगी।


यूपी बोर्ड की ओर से हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षाएं पहले 24 अप्रैल से 12 मई के बीच होनी थीं, अब पंचायत चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया तीन अप्रैल शुरू होने और पूरी चुनाव प्रक्रिया दो मई तक पूरी होने के बाद सरकार ने यूपी बोर्ड परीक्षा कराने का फैसला किया है। मई के पहले हफ्ते से यूपी बोर्ड परीक्षाएं शुरू होकर मई के अंतिम सप्ताह तक पूरी हो जाएंगी। बोर्ड की ओर से पहले से जारी कार्यक्रम में जिस विषय की परीक्षा जिस क्रम में तय हुई थी, उसी क्रम बाद में भी परीक्षा कराए जाने की उम्मीद है। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट दोनों में हिंदी व प्रारंभिक हिंदी विषय की परीक्षा से ही शुरुआत हो सकती है।


बोर्ड परीक्षा में 56 लाख से अधिक परीक्षार्थी पंजीकृत

यूपी बोर्ड परीक्षा 2021 में हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की परीक्षा में कुल 56,03,813  छात्र-छात्राएं शामिल होंगे। परीक्षा में हाइस्कूल में 29,94,312 और इंटरमीडिएट में 26,09,501 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा में 31,47,793 छात्र और 24,56,020 छात्राएं पंजीकृत हैं। हाईस्कूल परीक्षा में 16,74,022 छात्र  एवं 13,20,290 छात्राएं पंजीकृत हैं। इंटरमीडिएट परीक्षा में 14,73,771 छात्र एवं 11,35,730 छात्राएं कुल मिलाकर 26,09,501 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं।

Saturday, March 27, 2021

यूपी बोर्ड ने मांगा शिक्षकों का ब्योरा, डीआईओएस से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का विवरण 10 अप्रैल तक अपडेट करने को कहा

यूपी बोर्ड ने मांगा शिक्षकों का ब्योरा, डीआईओएस से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों का विवरण 10 अप्रैल तक अपडेट करने को कहा

प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल, इंटरमीडिएट परीक्षा 2021 से पहले प्रदेश के सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) से स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों की सूची एवं शैक्षिक विवरण बोर्ड की वेबसाइट पर अपडेट करने का निर्देश दिया है। बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से जारी निर्देश में कहा गया कि प्रदेश के सभी राजकीय माध्यमिक, सहायता प्राप्त माध्यमिक, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों की सूची शैक्षिक विवरण के साथ पांच अप्रैल तक बोर्ड की वेबसाइट upmsp.edu.in पर अपडेट कर दें। बोर्ड के पास शिक्षकों का शैक्षिक विवरण होने पर उन्हें उनके विषय वाली परीक्षा से दूर रखा जा सकेगा। ऐसे में नकल की संभावना कम होगी। बोर्ड सचिव ने निर्देश दिया कि पांच अप्रैल के बाद परिषद की वेबसाइट बंद कर दी जाएगी। प्रधानाचार्यों से कहा गया कि वेबसाइट पर अपलोड शिक्षकों की सूची की प्रमाणित कॉपी सात अप्रैल तक जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में जमा कर दें। जिला विद्यालय निरीक्षकों से कहा गया कि वह विद्यालयों से मिली शिक्षकों की सूची को सत्यापित करते हुए 10 अप्रैल तक बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालयों में जमा कर दें।

Friday, March 26, 2021

यूपी बोर्ड : 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में नकल नहीं कर पाएंगे मुन्नाभाई, ऐसे हैं हाईटेक इंतजाम

यूपी बोर्ड : 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में नकल नहीं कर पाएंगे मुन्नाभाई, ऐसे हैं हाईटेक इंतजाम




खास बातें
नकल करने से रोकने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस
8,513 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी
परीक्षाओं में 56 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग लेने वाले हैं

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इस साल बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने और मुन्नाभाई प्रवृत्ति के छात्रों से पकड़ने के लिए काफी हाईटेक बंदोबस्त किए हैं। पिछली बार भी बोर्ड परीक्षा में सीसीटीवी कैमरे और वॉयस रिकॉर्डर से काफी हद तक नकल रोकने में कामयाबी मिली थी। लेकिन यूपी बोर्ड इस अब परीक्षा केंद्रों की निगरानी और हाईटेक तरीके से करने की तैयारी है।


बता दें कि इस बार उत्तर प्रदेश की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में 56 लाख से अधिक विद्यार्थी भाग लेने वाले हैं। साथ ही कोरोना महामारी के कारण इस वर्ष 8,513 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी।  बोर्ड परीक्षा में शामिल होने जा रहे 56,03,813 छात्र-छात्राओं में से 29,94,312 परीक्षार्थी हाईस्कूल से है, जबकि 26,09,501 परीक्षार्थी इंटरमीडिएट के हैं।
इन्हें नकल करने से रोकने के लिए परीक्षा कक्षों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इसकी तैयारी बोर्ड ने पिछले साल से ही कर ली थी। इस बार इसे अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कमरे में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक रहेगी। 
ऐसे में अमर उजाला ने अपनी सफलता इनीशिएटिव टीम द्वारा यूपी बोर्ड की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए एक स्पेशल क्रैश कोर्स तैयार किया है। जो बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए काफी मददगार साबित हो सकता है। यह कोर्स यूपी बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए एकदम निःशुल्क है।