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Saturday, January 16, 2021

यूपी बोर्ड की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जल्द

यूपी बोर्ड की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जल्द


प्रयागराज : माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की लिखित व प्रायोगिक परीक्षा का कार्यक्रम जल्द घोषित हो सकता है। बोर्ड प्रशासन को हाईस्कूल व इंटर की लिखित परीक्षा का कार्यक्रम मिलने का इंतजार है। यह घोषित होते ही वह प्रायोगिक की तारीखें जारी कर देगा। दोनों परीक्षाओं के माह भी लगभग तय हैं। बोर्ड ने पिछले साल शैक्षिक कैलेंडर में भी उसका उल्लेख किया था। 56 लाख से अधिक परीक्षार्थियों में परीक्षा तारीख को लेकर कौतूहल है।


यूपी बोर्ड आमतौर पर 10वीं व 12वीं की परीक्षाओं का कार्यक्रम कई माह पहले घोषित करता आ रहा है। 2020 की परीक्षा का एलान पहली जुलाई 2019 को ही किया था, लेकिन इस बार कोरोना के कारण पहले स्कूल खुलने में विलंब हुआ और फिर बाकी कार्यक्रम तय व घोषित होने में देर होती चली गई। 

बोर्ड के शैक्षिक कैलेंडर के अनुसार अगले माह इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षा व हाईस्कूल का आंतरिक मूल्यांकन होना है। इसकी तारीखें भी लगभग तय हैं, लेकिन लिखित परीक्षा की समय सारिणी का इंतजार किया जा रहा है, जो पंचायत चुनाव व अन्य को देखते हुए शासन स्तर पर तय होनी है। बोर्ड सचिव का कहना है कि जल्द ही परीक्षा कार्यक्रम घोषित हो सकता है।

Friday, January 15, 2021

UP Board Scholarship : कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के खातों में इस तारीख से आएगी छात्रवृत्ति

UP Board Scholarship : कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के छात्र-छात्राओं के खातों में इस तारीख से आएगी छात्रवृत्ति 

यूपी के समाज कल्याण विभाग की ओर से कक्षा 10 से ऊपर की कक्षाओं के विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के गरीब व जरूरतमंद आवेदक छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और फीस भरपाई की राशि मिलने का इंतजार जल्द ही खत्म होगा। विभाग ने 26 जनवरी से इन छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि भेजने की तैयारी कर ली है।


विभाग के सहायक निदेशक सिद्धार्थ मिश्र ने बताया कि 5 नवम्बर तक जिन छात्र-छात्राओं ने आवेदन किये थे और इनमें से जांच के बाद जिनके आवेदन सही पाए गए उनके बैंक खातों में 26 जनवरी से छात्रवृत्ति व फीस भरपाई की राशि भेजने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। 
वैसे इसकी औपचारिक शुरुआत 24 जनवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार स्थित अवध शिल्पग्राम में होने वाले यूपी दिवस के उद्घाटन के अवसर पर प्रतीक स्वरूप तीन छात्र-छात्राओं को छात्रवृ़त्ति व फीस भरपाई के चेक प्रदान करके करेंगे।

 मुख्यमंत्री आईएएस, पीसीएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जरूरतमंद गरीब छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग प्रदान करने की योजना की शुरुआत करेंगे। कार्यक्रम में इस पूरी योजना की कार्ययोजना पेश की जाएगी जिसके लिए शिक्षा विभाग और समाज कल्याण विभाग मिलकर तैयारी कर रहे हैं।

यूपी बोर्ड के कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा गंगा संरक्षण का पाठ, नमामि गंगे विभाग की पहल पर हाईस्कूल व इंटर स्तर पर होगा विषय, बोर्ड ने पाठ्यक्रम समिति को भेजा प्रस्ताव, नए शैक्षिक सत्र से होगा लागू

यूपी बोर्ड के कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा गंगा संरक्षण का पाठ,  नमामि गंगे विभाग की पहल पर हाईस्कूल व इंटर स्तर पर होगा विषय, बोर्ड ने पाठ्यक्रम समिति को भेजा प्रस्ताव, नए शैक्षिक सत्र से होगा लागू

प्रयागराज : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) छात्र-छात्राओं को गंगा संरक्षण का पाठ भी पढ़ाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट नमामि गंगे विभाग की पहल पर इसे हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर पर विषय में रूप में शामिल करने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। ऐसा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य होगा। इस पाठ्यक्रम को नए शैक्षिक सत्र में शामिल किया जाएगा।


असल में, गंगा संरक्षण व जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए जन सहभागिता जरूरी है। इसके लिए यूपी बोर्ड सबसे है। प्रदेश भर में उपयुक्त 27 हजार से अधिक संबद्ध माध्यमिक कालेजों में हर साल पचास लाख से अधिक छात्र-छात्राएं दाखिला लेते हैं। विद्यार्थियों के इस विषय की पढ़ाई और जुड़ाव का असर उनके अभिभावकों पर भी पड़ेगा। सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि गंगा संरक्षण और जल प्रदूषण की रोकथाम को पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। यूपी बोर्ड ने इसे विचार के लिए विशेषज्ञों की पाठ्यक्रम समिति के पास भेजा है। समिति की मंजूरी मिलते ही इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। छात्र-छात्राएं सीखेंगे और करेंगे सैर : छात्र छात्राएं गंगा के पवित्र जल को प्रदूषित होने से बचाने के तरीके सीखेंगे और हिमालय से बंगाल की खाड़ी तक गंगा की यात्रा भी कर सकेंगे। साथ ही गंगा स्वच्छता अभियान को युवाओं से जोड़ने और बच्चों के बीच निर्मल और अविरल गंगा की अवधारणा को फैलाने में मदद मिलेगी। इस पहल से न केवल बच्चों का ज्ञान बढ़ेगा, बल्कि गंगा स्वच्छता को भी नई गति मिलेगी।

राज्य सरकार का ग्रामीण जलापूर्ति विभाग भी तत्पर नमामि गंगे और राज्य सरकार के ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि स्कूलों में गंगा प्रदूषण से संबंधित नए पाठ्यक्रम और गतिविधियां लागू की जाएं और छात्रों के लिए गंगा स्वच्छता कार्यक्रम में हिस्सा लेना अनिवार्य भी बनाया जाए।

नए सत्र से लागू होगा पाठ्यक्रम

यूपी बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने बताया कि नमामि गंगे विभाग से निर्देश मिला है और उसे पाठ्यक्रम समिति के पास भेजा गया है। इस वर्ष कोरोना संक्रमण की वजह से 30 फीसद पाठ्यक्रम घटा है, इसलिए अभी इसे जोड़ना संभव नहीं है । नए शैक्षिक सत्र में इस विषय की पढ़ाई सभी कालेजों में कराई जाएगी।

Thursday, January 14, 2021

आगे खिसक सकती हैं यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं

आगे खिसक सकती हैं यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं

लखनऊ :  यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि इस साल आगे खिसक सकती है। आमतौर पर यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक करा दी जाती हैं, लेकिन इस बार कोरोना की वजह से परीक्षा लेट कराई जाएगी।


बोर्ड ने फरवरी के प्रथम व दूसरे सप्ताह में परीक्षा की संभावित समय सारिणी जारी की थी, लेकिन जो हालात बन रहे हैं, उस हिसाब से समय सारणी फिर खिसक सकती है। दरअसल, परीक्षा को लेकर बोर्ड परीक्षकों की सूची जारी करता है। इसके प्रपत्र वाले लिफाफे स्कूलों को पहुंचाए जाते हैं। स्कूल प्रशासन परीक्षकों से संपर्क कर प्रयोगात्मक परीक्षा कराने की तिथि तय करते हैं। यह प्रक्रिया तभी शुरू होती है जब परीक्षकों की सूची जारी होती है। स्कूलों के अनुसार इस संबंध में अभी तक कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। सीबीएसई की प्रयोगात्मक परीक्षा मार्च के प्रथम सप्ताह से होगी संभावना है कि यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षा सीबीएसई के साथ शुरू होगी बोर्ड परीक्षा मई में कराने के आसार बन रहे हैं।

बोर्ड परीक्षकों की सूची ऑनलाइन जारी करता है और उसके प्रपत्र परीक्षा कार्यालय में आते हैं, लेकिन अभी तक आए नहीं हैं। जैसे ही आएंगे स्कूलों को इसकी जानकारी उपलब्ध करा दी जाएगी। -डॉ. मुकेश कुमार सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक

अब नहीं मिलेगी कोई छूट, प्री-बोर्ड परीक्षा में बैठना होगा जरूरी

अब नहीं मिलेगी कोई छूट, प्री-बोर्ड परीक्षा में बैठना होगा जरूरी


लखनऊ : कोरोना काल में भले ही अनिवार्य उपस्थिति से छूट मिली है, लेकिन प्री-बोर्ड परीक्षा में छात्रों का बैठना जरूरी है। स्कूलों ने इसे लेकर निर्देश जारी कर दिए हैं। यूपी बोर्ड की प्री-बोर्ड परीक्षा 15 जनवरी से शुरू होगी। वहीं, सीबीएसई और आईसीएसई में कहीं प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू हो गई है तो कहीं पर 15 से बाद यह शुरू होगी। उधर, सभी केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों को इस बार एक जैसा प्रश्नपत्र दिया जा रहा है। इसे क्षेत्रीय स्तर पर तैयार किया गया है।



कोरोना काल में भले ही पढ़ाई ऑनलाइन तरीके से कराई गई हो, लेकिन कक्षा 10 और 12 के छात्रों की पढ़ाई को लेकर सभी बोर्ड और स्कूल गंभीरता दिखा रहे हैं। छात्रों की तैयारी के लिए विभिन्न कदम उठाए जा रहे हैं। साल भर की उपस्थिति से छात्रों को छोड़ दी गई है, लेकिन प्री-बोर्ड परीक्षा में उनका बैठना जरूरी कर दिया गया है। बोर्ड अधिकारियों की सहमति पर स्कूलों ने इसके निर्देश भी जारी कर दिए हैं। सभी बोर्ड कम से कम दो प्री-बोर्ड परीक्षाएं कराएंगे। सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूल तीन प्री-बोर्ड परीक्षा कराएंगे। इस परीक्षा में छात्रों का बैठना इसलिए जरूरी किया गया है, ताकि मूल्यांकन के बाद उनका आकलन किया जा सके और बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराई जा सके। स्कूल ऑफलाइन तरीके से प्री-बोर्ड परीक्षा कराने पर सहमत हैं। इससे पहले छमाही परीक्षा भी इसी तरह कराई गई थी, जिसमें करीब 90 प्रतिशत छात्रों की उपस्थिति दर्ज हुई थी।



सभी केंद्रीय विद्यालयों में एक जैसा प्रश्न पत्र

इस बार सभी केंद्रीय विद्यालयों की प्री-बोर्ड परीक्षा में छात्रों को एक जैसा प्रश्नपत्र दिया जा रहा है। यह क्षेत्रीय संभाग (लखनऊ संभाग) की ओर से तैयार किया गया है। केवी गोमती नगर के प्रधानाचार्य डॉ. सीबीपी वर्मा ने बताया कि केंद्रीय विद्यालयों में कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए दूसरी प्री-बोर्ड परीक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस बार क्षेत्रीय संभाग द्वारा प्रश्नपत्र तैयार करवाए गए हैं। लखनऊ संभाग में आने वाले सभी 55 केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों को इस बार एक जैसा प्रश्नपत्र दिया जा रहा है। इससे छात्रों की रीक्षा में एकरूपता आएगी। छात्रों की कमियां पता चल सकेंगी और मूल्यांकन बाद उनकी तैयारी और अच्छे से हो पाएगी। उन्होंने बताया कि अभी बोर्ड परीक्षा में समय है। ऐसे में तीसरी प्री-बोर्ड परीक्षा भी कराएंगे। बताया कि छात्रों को प्री-बोर्ड परीक्षा को गंभीरता से लेने और शामिल होने का निर्देश दिया गया है। यदि कोई छात्र बीमारी की वजह से अनुपस्थित रहता है तो उसे छूट दी जाएगी।

15 से यूपी बोर्ड की पहली प्री-बोर्ड परीक्षा
यूपी बोर्ड के स्कूलों में 15 जनवरी से पहली प्री-बोर्ड परीक्षा होगी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी स्कूलों को निर्देश जारी करते हुए उनसे प्री-बोर्ड परीक्षा कराने की समयसारणी भी मांगी है। कई स्कूल 15 जनवरी से तो कई गणतंत्र दिवस के बाद प्री-बोर्ड परीक्षा कराएंगे। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि दूसरी प्री-बोर्ड परीक्षा मार्च में होगी। स्कूलों को निर्देश है कि छात्रों को प्री-बोर्ड परीक्षा में शामिल करें और मूल्यांकन कर उनकी बोर्ड परीक्षा की तैयारी करवाएं।
...ताकि हो सके बोर्ड परीक्षा की तरह अनुभव
सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के स्कूलों ने भी छात्रों व उनके अभिभावकों को प्री-बोर्ड परीक्षा को गंभीरता से लेने के लिए कहा है। अनएडेड प्राइवेट स्कूल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने बताया कि स्कूलों के बीच प्री-बोर्ड परीक्षाएं ऑफलाइन कराने पर सहमति बनी है, ताकि छात्रों को बोर्ड परीक्षा की तरह अनुभव हो सके। इसके लिए सभी छात्रों को परीक्षा में बैठने का निर्देश दिया गया है।

Wednesday, January 13, 2021

पांच से 10 फरवरी के बीच शुरू हो सकती हैं यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं

पांच से 10 फरवरी के बीच शुरू हो सकती हैं यूपी बोर्ड की प्रयोगात्मक परीक्षाएं


प्रयागराज : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट 2021 की प्रयोगात्मक परीक्षाएं फरवरी के पांच से 10 फरवरी के बीच शुरू हो सकती हैं। बोर्ड की ओर से हाईस्कूल में आंतरिक मूल्यांकन लागू होने के बाद अब बोर्ड को इंटरमीडिएट के लिए ही परीक्षक नियुक्त कर प्रदेश भर में प्रयोगात्मक परीक्षाओं को समय से कराना है।


महीने भर चलने वाली प्रयोगात्मक परीक्षाओं के मार्च के दूसरे सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है। कोरोना संक्रमण के चलते बोर्ड ने प्रयोगात्मक परीक्षाओं की तिथि आगे बढ़ाया है। प्रयोगात्मक परीक्षाओं का कोर्स भी कम किया गया है।


हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की 2021 की परीक्षा में इस बार 56.03 लाख परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इसमें हाईस्कूल में 29.54 लाख एवं इंटरमीडिएट में 26.09 लाख छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल होंगे। इससे पूर्व में प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 दिसंबर से शुरू होकर जनवरी तक पूरी होती थीं।

अभी विद्यालयों में अभ्यास प्रैक्टिकल पूरे नहीं होने से यह फरवरी में कराने की तैयारी है। यूपी बोर्ड शासन की अनुमति के बाद पंचायत चुनाव के बाद अप्रैल-मई में बोर्ड परीक्षा कराने की घोषणा कर सकता है। यूपी बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में अभी तक कोर्स पूरा नहीं  हुआ है। विद्यालय भले ही प्री-बोर्ड परीक्षाएं करा रहे हैं, अभी उनके यहां कोर्स अधूरा है।