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Saturday, August 1, 2026

माध्यमिक विद्यालयों में होगी व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई, एक विद्यालय में दो-दो प्रशिक्षक होंगे तैनात, सप्ताह में छह घंटे मिलेगा प्रशिक्षण, शिक्षा के साथ ही कौशल विकास पर दिया जा रहा है जोर

माध्यमिक विद्यालयों में होगी व्यावसायिक शिक्षा की पढ़ाई, एक विद्यालय में दो-दो प्रशिक्षक होंगे तैनात, सप्ताह में छह घंटे मिलेगा प्रशिक्षण, शिक्षा के साथ ही कौशल विकास पर दिया जा रहा है जोर


लखनऊ । शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर अब छात्रों के लिए व्यवसायिक शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है। अब माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा भी दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक विद्यालयों में दो-दो प्रशिक्षकों की तैनाती की गई है। वह सप्ताह में छह घंटे छात्रों को प्रशिक्षण देंगे।


राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई के साथ रोजगारपरक व्यावसायिक शिक्षा भी दी जाएगी। विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा नौवीं से 12वीं के छात्र मनपसंद ट्रेड चुन सकेंगे। छात्रों को कृषि, आईटी और रिटेल सहित ट्रेडों के कौशल सिखाए जाएंगे।

व्यावसायिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में 25 छात्रों का दाखिला अनिवार्य किया गया है। सप्ताह में छह घंटे छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक विद्यालयों में दो-दो प्रशिक्षकों की तैनाती की कार्य योजना माध्यमिक शिक्षा परिषद ने तैयार की है। प्रशिक्षण में केवल किताबों की पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि व्यावहारिक जानकारी और काम करने का तरीका भी सिखाया जाएगा।

इससे विद्यार्थियों में नई तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता विकसित होगी। इससे वे आगे की पढ़ाई के साथ स्वरोजगार और कौशल आधारित कॅरिअर के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।  माध्यमिक विद्यालयों में जल्द ही व्यावसायिक प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी। दाखिला लेने वाले विद्यालयों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Sunday, June 28, 2026

प्रोजेक्ट प्रवीण में 36 हजार अभ्यर्थियों को कौशल प्रशिक्षण 15 जुलाई से

प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत माध्यमिक स्कूलों के 36103 विद्यार्थियों को मिलेगा प्रशिक्षण

15 से शुरू होंगी कक्षाएं, गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हर बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थी होंगे

आईटी, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रॉनिक्स और कृषि आदि क्षेत्रों में प्रशिक्षण

लखनऊ। प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक कौशल से जोड़ने की मुहिम तेज कर दी गई है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रोजेक्ट प्रवीण के अंतर्गत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण के लिए लक्ष्य आवंटित कर दिए हैं।


इस योजना के तहत आईटी आईटीईएस, हेल्थकेयर, अपैरल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ग्रीन जॉब और कृषि क्षेत्र में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए हर बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थी
की होंगे। इससे बच्चों को प्रयोगात्मक व व्यावहारिक ज्ञान अच्छे से मिल सकेगा। इस साल प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत कुल 36,103 प्रशिक्षणार्थियों को कौशल प्रशिक्षण देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कौशल विकास मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि केंद्र की स्थापना, पंजीकरण और बैच बनाकर 15 जुलाई तक कक्षाओं का संचालन शुरू करना होगा। बैच शुरू होने के सात दिन के अंदर सभी विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री का वितरण कर उसकी फोटो मिशन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई प्रशिक्षण प्रदाता समय पर कार्य शुरू नहीं करता है या जिला स्तर से किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


ये जिले शामिल
आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र सहित राज्य के राजकीय विद्यालयों में सूचीबद्ध प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी दी गई है। पाठ्यक्रम की अधिकतम अवधि 300 घंटे होगी।

सरकार का प्रयास है कि प्रदेश का कोई भी युवा हुनर से वंचित न रहे। प्रोजेक्ट प्रवीण के जरिये राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ ही तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में मजबूत कर रहे हैं। -कपिल देव अग्रवाल, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)




प्रोजेक्ट प्रवीण में 36 हजार अभ्यर्थियों को कौशल प्रशिक्षण 15 जुलाई से

 लखनऊ: राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 36,103 छात्र-छात्राओं को इस सत्र में रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। उप्र कौशल विकास मिशन ने 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के तहत अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण (एसटीटी) का लक्ष्य जारी किया है। सभी प्रशिक्षण संस्थानों को 15 जुलाई से हर हाल में कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशिक्षण की अवधि अधिकतम 300 घंटे होगी और हर बैच में अधिकतम 35 प्रशिक्षणार्थी ही शामिल किए जाएंगे।

प्रोजेक्ट प्रवीण के माध्यम से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को सामान्य शिक्षा के साथ तकनीकी और व्यावसायिक कौशल भी दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें। इस शैक्षणिक सत्र में आगरा, बरेली, आजमगढ़, ललितपुर, वाराणसी, रामपुर, शाहजहांपुर, जालौन और सोनभद्र समेत अन्य जिलों के राजकीय विद्यालयों में सूचीबद्ध 299 प्रशिक्षण प्रदाताओं को प्रशिक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई है। 

इसके तहत आइटी-आइटीईएस, हेल्थकेयर, इलेक्ट्रानिक्स, अपैरल, ब्यूटी एंड वेलनेस, मैनेजमेंट, ग्रीन जाब्स और एग्रीकल्चर जैसे प्रमुख क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। सीमित बैच होने से विद्यार्थियों को व्यावहारिक और प्रयोगात्मक प्रशिक्षण बेहतर ढंग से मिल सकेगा। मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी प्रशिक्षण प्रदाताओं को निर्धारित समय-सीमा का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं।

Sunday, February 8, 2026

यूपी बोर्ड के स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को पढ़ाने के लिए 60 हजार अनुदेशकों की भर्ती होगी

यूपी बोर्ड के स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा को पढ़ाने के लिए 60 हजार अनुदेशकों की भर्ती होगी


प्रयागराज। यूपी बोर्ड से जुड़े 29 हजार से अधिक स्कूलों में एक अप्रैल से शुरू हो रहे शैक्षिक सत्र 2026-27 से लगभग 60 हजार अनुदेशक रखे जाएंगे। बोर्ड ने कक्षा नौ और 11 में व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत प्रत्येक स्कूल को कम से कम दो कोर्स पढ़ाना होगा। इसके लिए प्रत्येक स्कूल को अपने संसाधनों से दो-दो अनुदेशक रखने होंगे। बोर्ड के विशेषज्ञ स्कूलों में रखे जाने वाले अनुदेशकों की अर्हता तय करेंगे। अनुदेशकों की अर्हता के संबंध में जल्द ही स्कूलों को निर्देश भेजे जाएंगे।


पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग से तैयार इन व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में वर्तमान तकनीकी जरूरतों, उद्योग जगत की अपेक्षाओं व विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को केंद्र में रखते हुए व्यवहारिक, कौशल-आधारित एवं रोजगारोन्मुखी विषयवस्तु को शामिल किया गया है। यह पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करेगा। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह के अनुसार यह कदम विद्यालयी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने, छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है।


108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू होंगे

व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कक्षा 9 और 11 के विद्यार्थियों हेतु एक साथ 108 नए व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इन कोर्सेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एयरोस्पेस, मीडिया और ऑटो सर्विस टेक्निशियन जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किया गया है।

स्कूल भौगोलिक आधार पर करेंगे विषयों का चयन

प्रत्येक स्कूल को अपनी भौगोलिक स्थिति के आधार पर कम से कम दो विषयों का चयन करना होगा। बोर्ड का उद्देश्य छात्रों को स्थानीय उद्योगों से जोड़ना है, जैसे भदोही में कालीन उद्योग से संबंधित प्रशिक्षण। संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों में 10 दिनों की अनिवार्य इंटर्नशिप का प्रावधान भी रखा गया है।


Monday, January 26, 2026

कक्षा में पढ़ाई संग कमाई की तैयारी, प्रशिक्षण लेकर 89 हजार से अधिक विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनने की राह में

कक्षा में पढ़ाई संग कमाई की तैयारी, प्रशिक्षण लेकर 89 हजार से अधिक विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनने की राह में


लखनऊ: माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई सिर्फ किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं रही। प्रदेश के राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में संचालित व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम छात्रों को पढ़ाई के साथ कमाई के लिए भी तैयार कर रहा है। सिलाई, प्लंबरिंग, आटो सर्विसिंग, डेटा एंट्री, ब्यूटी वेलनेस, डेयरी और खाद्य प्रसंस्करण जैसे रोजगारोन्मुख कार्यक्रम में प्रशिक्षण लेकर 89 हजार से अधिक विद्यार्थी आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।


 प्रदेश सरकार की यह कौशल विकास आधारित पहल माध्यमिक स्तर पर ही छात्रों को रोजगार से जुड़कर  आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत कक्षा में सैद्धांतिक पढ़ाई के साथ प्रयोगशालाओं और वर्कशाप में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षक विद्यार्थियों को वास्तविक कार्य परिस्थितियों से परिचित करा रहे हैं, जिससे वे आगे नौकरी या स्वरोजगार के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें। 


शैक्षिक सत्र 2025-26 में योजना का दायरा और बढ़ाया गया। इसमें प्रदेश के 1701 माध्यमिक विद्यालयों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ा गया है, जहां विभिन्न ट्रेड्स में प्रशिक्षण चल रहा है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डा. महेंद्र देव के अनुसार इन विद्यालयों में संचालित सभी वोकेशनल कोर्स जनवरी तक पूरे कर लिए जाएंगे। इससे पहले 2022-23 में 289, 2023-24 में 356 और 2024-25 में 208 विद्यालयों में योजना लागू हुई थी, जहां 100 प्रतिशत कोर्स सफलतापूर्वक पूरे किए, गए। 


कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को 16 ट्रेड्स और 18 जाब रोल्स में प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें सहायक राजमिस्त्री, प्लंबर, सिलाई मशीन आपरेटर, ब्यूटी थैरेपिस्ट, खाद्य एवं पेय सेवा सहायक, डेयरी कर्मी, आटो सेवा तकनीशियन, डेटा एंट्री आपरेटर, रिटेल सहायक, सुरक्षा गार्ड, ऊर्जा मीटर तकनीशियन, माइक्रो फाइनेंस सहित कई रोजगारपरक विकल्प शामिल हैं। योजना की निगरानी लाइट हाउस पोर्टल के जरिये रियल टाइम में की जा रही है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति और प्रगति पर लगातार नजर रखी जा सके।

Thursday, January 22, 2026

अटल आवासीय विद्यालय के छात्रों को भी मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, 18 आवासीय विद्यालयों के 9 से 11 के छात्रों को मिलेगा लाभ

अटल आवासीय विद्यालय के छात्रों को भी मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, 18 आवासीय विद्यालयों के 9 से 11 के छात्रों को मिलेगा लाभ

कौशल विकास मिशन की बैठक में लिया गया निर्णय


लखनऊ। प्रदेश में प्रोजेक्ट प्रवीण का विस्तार करते हुए अब अटल आवासीय विद्यालयों के छात्रों को भी कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। कौशल विकास मिशन की बुधवार को हुई बैठक में तय किया गया कि अटल आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक व कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा।


इस नई पहल के तहत सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों के कक्षा 9, 10 और 11 के छात्रों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण स्वास्थ्य सेवा, ब्यूटी एवं वेलनेस, फूड प्रोसेसिंग, आईटी एवं आईटीईएस और परिधान क्षेत्र में दिया जाएगा। हर कक्षा के 140 छात्रों का सर्वे किया जाएगा। ताकि वे अपनी पसंद के ट्रेड का चयन कर सकें। इससे उन्हें व्यक्तिगत और भविष्य की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास का रास्ता मिलेगा। 


मिशन निदेशक पुलकित खरे की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रशिक्षण की कार्य योजना, पाठ्यक्रम, प्रशिक्षकों की उपलब्धता व प्रशिक्षण की गुणवत्ता मानकों पर चर्चा की गई। बैठक में पूजा यादव, अपर मिशन निदेशक प्रिया सिंह, संयुक्त निदेशक मयंक गंगवार आदि उपस्थित थे। 

Saturday, January 17, 2026

यूपी बोर्ड सत्र 2026-27 से 9वीं और 11वीं में व्यावसायिक शिक्षा होगी अनिवार्य

सत्र 2026-27 से 9वीं और 11वीं में व्यावसायिक शिक्षा होगी अनिवार्य, यूपी बोर्ड में कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, रोजगारपरक होगी पढ़ाई



प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने विद्यालयी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। परिषद द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 एवं कक्षा 11 में व्यवसायिक शिक्षा को अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया है। इस क्रम में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, एपेरल तथा ब्यूटी एंड वेलनेस विषयों के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को विषय समितियों द्वारा अनुमोदित कर यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह को सौंप दिया है।


इन सभी ट्रेड्स के अंतर्गत जॉब रोल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा कई चरणों में बैठकें आयोजित की गईं। यह कार्य अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह, स्कंद शुक्ल के निर्देशन तथा उप-सचिव डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी के संयोजन में संपन्न हुआ। सफलतापूर्वक विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार किए गए इन पाठ्यक्रमों में वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं, उद्योग जगत की अपेक्षाओं और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को केंद्र में रखा गया है।

परिषद के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों में कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और व्यावसायिक क्षमता को बढ़ावा देगी। यह कदम विद्यालयी शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है।

यूपी बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे अन्य व्यवसायिक ट्रेड्स के पाठ्यक्रम विकसित करने का कार्य प्रगति पर है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा का लाभमिल सके।

इन पाठ्यक्रमों के निर्माण में केंद्रीय व्यवसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग के साथ-साथ विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें संजीव कुमार आर्य (वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी, राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संस्थान, नैनी), वीरेंद्र नाथ शुक्ला, डॉ. अदिति गोस्वामी, डॉ. दिलीप सिंह और डॉ. अविनाश पांडेय सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।