सत्र 2026-27 से 9वीं और 11वीं में व्यावसायिक शिक्षा होगी अनिवार्य, यूपी बोर्ड में कौशल आधारित शिक्षा की दिशा में बड़ा कदम, रोजगारपरक होगी पढ़ाई
प्रयागराज। माध्यमिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश (यूपी बोर्ड) ने विद्यालयी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक अहम पहल की है। परिषद द्वारा शैक्षिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 एवं कक्षा 11 में व्यवसायिक शिक्षा को अनिवार्य किए जाने का निर्णय लिया है। इस क्रम में आईटी, आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, एपेरल तथा ब्यूटी एंड वेलनेस विषयों के व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को विषय समितियों द्वारा अनुमोदित कर यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह को सौंप दिया है।
इन सभी ट्रेड्स के अंतर्गत जॉब रोल आधारित पाठ्यक्रम विकसित करने के लिए विषय विशेषज्ञों द्वारा कई चरणों में बैठकें आयोजित की गईं। यह कार्य अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह, स्कंद शुक्ल के निर्देशन तथा उप-सचिव डॉ. आनंद कुमार त्रिपाठी के संयोजन में संपन्न हुआ। सफलतापूर्वक विशेषज्ञ समिति द्वारा तैयार किए गए इन पाठ्यक्रमों में वर्तमान तकनीकी आवश्यकताओं, उद्योग जगत की अपेक्षाओं और विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता को केंद्र में रखा गया है।
परिषद के अनुसार यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो विद्यार्थियों में कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और व्यावसायिक क्षमता को बढ़ावा देगी। यह कदम विद्यालयी शिक्षा को सीधे रोजगार से जोड़ने और छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक सार्थक प्रयास माना जा रहा है।
यूपी बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि आगे अन्य व्यवसायिक ट्रेड्स के पाठ्यक्रम विकसित करने का कार्य प्रगति पर है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा का लाभमिल सके।
इन पाठ्यक्रमों के निर्माण में केंद्रीय व्यवसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल के सहयोग के साथ-साथ विभिन्न विषय विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इनमें संजीव कुमार आर्य (वरिष्ठ प्रशिक्षण अधिकारी, राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक संस्थान, नैनी), वीरेंद्र नाथ शुक्ला, डॉ. अदिति गोस्वामी, डॉ. दिलीप सिंह और डॉ. अविनाश पांडेय सहित अन्य विशेषज्ञ शामिल रहे।
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