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Saturday, June 27, 2020

CBSE की मूल्यांकन स्कीम को भी शीर्ष कोर्ट ने स्वीकारा, जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीमकोर्ट की मुहर

CBSE की मूल्यांकन स्कीम को भी शीर्ष कोर्ट ने स्वीकारा, जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीमकोर्ट की मुहर।


नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ( सीबीएसई) को एक से 15 जुलाई के बीच 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाओं को रद्द करने की इजाजत दे दी है। साथ ही शीर्ष अदालत ने उस स्कीम को भी मंजूरी दे दी है, जिसके तहत छात्रों के रिजल्ट तैयार होंगे। कोरोना की स्थिति में सुधार होने पर 12वीं की बची हुई परीक्षाएं आयोजित हो सकती है, यह विकल्प छात्रों के लिए खुला रहेगा। हालांकि 10वीं के छात्रों के लिए कोई परीक्षा नहीं होगी। सीबीएसई और आईसीएसई के 10वीं और 12वीं के परिणाम 15 जुलाई तक जारी हो जाएंगे। जस्टिस एएम खानविलकर, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी और जस्टिस संजीव खन्ना की पीठ ने सीबीएसई और केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए सरकार और सीबीएसई को नई अधिसूचना जारी करने के लिए कहा। सीबीएसई ने सुनवाई के बाद नोटिफिकेशन जारी कर दिया। सुनवाई के दौरान सीबीएसई और मानव संसाधन व विकास मंत्रालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों के अंकों का मूल्यांकन उनके द्वारा दी गई परीक्षाओं के आधार पर होगा। उन्होंने कहा, छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह स्कीम तैयार की गई है उन्होंने कहा, कोरोना के हालात सुधरने पर बची हुई परीक्षाएं आयोजित कराई जा सकती है। छात्रों के पास उन परीक्षाओं में शामिल होने का विकल्प होगा। जो छात्र परीक्षा में बैठने के विकल्प को चुनेंगे, उनके लिए परीक्षाओं में प्राप्त अंक ही मान्य होंगे।




जुलाई में 10वीं व 12वीं की परीक्षा रद्द, फैसले पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर

सीबीएसई ने कहा, मूल्यांकन तरीका सीबीएसई जैसा ही साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएसई बोर्ड द्वारा भी बची हुई परीक्षाओं का आयोजन करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। आईसीएसई ने बताया कि सीबीएसई के मूल्यांकन का तरीका भी उनसे काफी मिलता जुलता है। सुप्रीम कोर्ट ने आईसीएसई को भी इस संबंध में नोटिस जारी करने के लिए कहा है। सीबीएसई और आईसीएई की ओर से यह बताया गया कि रिजल्ट 15 जुलाई को घोषित कर दिए जाएंगे।



10वीं के छात्र रिजल्ट से असंतुष्ट हुए तो दे सकते हैं परीक्षा : निशंक मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि सीबीएसई 10वीं के जो छात्र नतीजों से असंतुष्ट हैं और मानते हैं कि अगर उन्हें परीक्षा का मौका मिले तो वे बेहतर कर सकते हैं। ऐसे छात्रों को परीक्षा देने का विकल्प होगा। हालांकि, यह विकल्प उन्हीं छात्रों के लिए होगा, जिन्होंने सभी विषयों की परीक्षा नहीं दी हो।



CBSE : सर्वश्रेष्ठ अंकों के औसत के आधार पर बाकी पेपरों में मिलेंगे नम्बर।

नई दिल्ली : सीबीएसई 10वीं और 12वीं परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ अंकों के औसत के आधार पर बाकी पेपरों में नंबर मिलेंगे। या तीन से ज्यादा पेपर दे चुके छात्रों को सर्वश्रेष्ठ तीन के औसत पर बाकी विषयों में अंक मिलेंगे। वहीं, परिणाम 15 जुलाई तक जारी होंगे। सीबीएसई ने शुक्रवार को परीक्षा रद्द करने व वैकल्पिक अंकों की अधिसूचना जारी कर दी। नए फार्मूले के तहत तीन पेपर देने वालों को सर्वश्रेष्ठ दो के औसत से अंक मिलेंगे। जिनके 1 या 2 पेपर हुए हैं, उन्हें इनके अंक, आंतरिक मूल्यांकन/प्रेक्टिकल के औसत से अंक मिलेगा। एक या दो पेपर देने वाले 12वीं के कुछ भी छात्र हैं, जो दिल्ली के हैं। 12वीं के लिए वैकल्पिक परीक्षा का मौका भी मिलेगा। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने बची परीक्षाओं के मूल्यांकन योजना के ड्राफ्ट को स्वीकृति दे दी।


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CBSE : रद्द परीक्षाओं के लिए असेसमेंट स्कीम जारी

सीबीएसई : रद्द परीक्षाओं के लिए असेसमेंट स्कीम जारी

देहरादून : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई ने एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली परीक्षाएं रद्द करने के बाद शुक्रवार को असेसमेंट स्कीम जारी कर दी। इसका लाभ उन छात्रों को मिलेगा, जिनकी कई-कई विषयों की परीक्षाएं बची हुई थीं। सीबीएसई की ओर से परीक्षाएं रद्द करने के बाद अब असेसमेंट की तैयारी की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, इस योजना का लाभ ऐसे छात्रों को मिलेगा, जिनके एक या अधिक विषयों की परीक्षाएं बची हुई हैं।

केवल उन्हीं छात्रों को मिलेंगे औसत अंक, जिनकी परीक्षाएं 1-15 जुलाई के बीच होनी थी।






यह है बोर्ड की असेसमेंट स्कीम

10वीं, 12वीं के उन सभी छात्र-छात्राओं के लिए जिन्होंने अपनी सभी परीक्षाएं पूरी कर ली हैं, उनका रिजल्ट परीक्षा में उनके प्रदर्शन के आधार पर घोषित किया जाएगा।


उन सभी छात्रों के लिए जिन्होंने परीक्षाओं में तीन से अधिक विषयों के पेपर दिए हैं, उनमें से तीन कवियों में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों का औसत उन विषयों में दिया जाएगा, जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं।


उन छात्रों के लिए जो केवल तीन विषयों की परीक्षा में उपस्थित हुए हैं, उनमें से सर्वश्रेष्ठ दो में प्रदर्शन करने वाले विषयों में प्राप्त अंकों को उन विषयों में प्रदान किया जाएगा जिनकी परीक्षाएं आयोजित नहीं की गई हैं।


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फैसला : CBSE के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को आएंगे

फैसला : CBSE के 10वीं व 12वीं के परीक्षा परिणाम 15 जुलाई को आएंगे।


नई दिल्ली : सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड दसवीं-12 वीं की परीक्षाएं नहीं करवाया, अब उन परीक्षाओं की जगह छात्रों का आंतरिक मूल्यांकन होगा जिसका रिजल्ट 15 जुलाई को आ जाएगा। केंद्रीय शिक्षा बोर्ड ने शुक्रवार को शीर्ष न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। उच्चतम न्यायालय ने सीबीएसई का यह आग्रह स्वीकार कर लिया सभी याचिकाओं का निस्तारण करदिया, जिनमें जुलाई में ली जाने वाली परीक्षाओं को रद कराने की मांग की गई थी।




कक्षा 10 की कोई परीक्षा नहीं होगी : बोर्ड ने कहा है कि कक्षा दस के लिय आगे कोई परीक्षा नहीं होगी। आंतरिक मूल्यांकन योजना के तहत उनका रिजल्ट बनाया जाएगा।

12वीं के लिए परीक्षा वैकल्पिक : कक्षा 12 के बारे में शिक्षा बोर्ड ने फैसला किया है कि जिन छात्रों ने सभी परीक्षा दे दी है उनका रिजल्ट परीक्षा के आधार पर तैयार किया जाएगा। लेकिन ऐसे विषय जिनकी परीक्षा 1 से 15 जुलाई तक होनी थीं सीबीएसई उनके लिए वैकल्पिक परीक्षा की व्यवस्था करेगा लेकिन ये तभी होगा जब माहौल सही होगा।


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Friday, June 26, 2020

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार, 15 जुलाई से पहले रिजल्ट

CBSE : 12वीं का रिजल्ट चार फॉर्मूले से होगा तैयार

सीबीएसई 15 जुलाई से पहले असेसमेंट कर रिजल्ट जारी करेगा


नई दिल्ली। सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं के छात्रों का रिजल्ट तैयार करने के लिए चार सूत्रीय फॉर्मूला तैयार किया है। असेसमेंट के आधार पर तैयार किए जाने वाला रिजल्ट 15 जुलाई से पहले जारी होगा। यदि कोई छात्र असेसमेंट के रिजल्ट से असंतुष्ट होने पर बचे हुए पेपर की लिखित परीक्षा दोबारा दे सकेगा। हालांकि यह परीक्षा देश में कोरोना हालात ठीक होने पर ही आयोजित होगी।



● जिन स्ट्रीम के छात्रों के 12वीं कक्षा के सभी पेपर हो गए हैं, उनका रिजल्ट सामान्य ढंग से फॉर्मूला तैयार होगा।


● जिन छात्रों ने तीन या उससे अधिक विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का बेस्ट श्री से असेसमेंट होगा। इसमें से जिन तीन विषयों में सबसे अधिक अंक होंगे, उससे बचे हुए पेपर वाले विषयों का अंक स्कोर (कुल अंकों का जोड़ और उसे तीन से डिवाइड किया जाएगा) निकाला जाएगा।


● जिन छात्र ने तीन ही विषयों के पेपर दिए होंगे। ऐसे छात्रों का असेसमेंट बेस्ट टू (दो) से किया जाएगा। इसमें भी सबसे अधिक दो अंक लेने वाले विषयों के अंकों को जोड़ा जाएगा। इसके आधार पर बचे हुए पेपर का अंक स्कोर निकलेगा।


●  जिन छात्रों ने सिर्फ एक या दो विषयों के पेपर ही दिए होंगे। ऐसे छात्रों के रिजल्ट तैयार करने के लिए उनके इन विषयों की परफारमेंस, इंटरनल प्रैक्टिकल असेसमेंट के अंकों को जोड़कर असेसमेंट होगा। हालांकि ऐसे छात्रों की संख्या बेहद कम है और अधिकतर छात्र दिल्ली के ही हैं।

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द

निर्णय : CBSE एवं ICSE बोर्ड की 10वीं और 12वीं की बची परीक्षाएं रद्द।

नई दिल्ली : विशेष संवाददाता कोरोना के बढ़ते मामलों की वजह से सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की बची हुई परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है। दोनों बोर्ड ने गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह जानकारी दी। इस पर अदालत ने केंद्र और सीबीएसई को 12वीं की परीक्षा पर नई अधिसूचना जारी करने को कहा है। इस मामले में शुक्रवार को दोबारा सुनवाई होगी।








 हालात ठीक होने पर परीक्षा : केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि एक से 15 जुलाई तक होने वाली परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है। महाराष्ट्र, दिल्ली और ओडिशा ने हलफनामा दाखिल परीक्षा कराने में असमर्थता जताई है। अब परीक्षाएं तब होंगी, जो वातावरण अनुकूल होगा। नई अधिसूचना जारी करें : शीर्ष अदालत ने सीबीएसई और केंद्र सरकार से कहा कि नई सूचना में आंतरिक मूल्यांकन और परीक्षा के बीच विकल्प का मामला भी स्पष्ट करें। साथ ही राज्य बोर्ड परीक्षाओं की वर्तमान स्थिति, परीक्षाओं की तारीख के बारे में भी बताएं। कोर्ट ने शुक्रवार की सुबह तक सीबीएसई से नई अधिसूचना और हलफनामा मांगा है। वहीं, आईसीएसई बोर्ड ने बताया कि 10वीं और 12वीं के छात्रों को दोबारा परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा। अभिभावकों ने दायर की याचिका कोरोना के कारण कुछ अभिभावकों ने बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने तथा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर रिजल्ट बनाने की मांग करते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि बीमारी का प्रकोप बढ़ रहा है, ऐसे में परीक्षा के लिए बच्चों को भेजने से उन्हें खतरा हो सकता है।







संभावना

12वीं के लिए दो विकल्प आंतरिक मूल्यांकन : पिछली तीन परीक्षाओं के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन करा सकते हैं बाद में परीक्षा : यदि कोई छात्र परिणाम से संतुष्ट नहीं है तो वह बाद में परीक्षा दे सकता है

10वीं के लिए...

10वीं के छात्रों को पुनः परीक्षा का विकल्प नहीं मिलेगा।

संशय यूनिवर्सिटी दाखिला : परीक्षाएं रद्द होने से डीयू समेत तमाम विश्वविद्यालयों में दाखिले को लेकर भी असमंजस बढ़ गया है। छात्र : मेरिट के आधार पर कॉलेजों में दाखिले में परेशानी बढ़ेगी। ड्रॉप लेने वाले छात्रों को भी नुकसान। प्रतियोगी परीक्षाएं : सरकार ने सीटेट रद्द कर दी है। अब जेईई मेंस, जेईई एडवांस और नीट पर भी संशय के बादल मंडराए।

29 विषयों की परीक्षा बाकी थी छात्रों की,

16 लाख से अधिक छात्रों पर फैसले का असर


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Thursday, June 25, 2020

CBSE : 10वीं के गणित विज्ञान का कम हो गया कोर्स, देखें हटाए गए टॉपिक

CBSE : 10वीं के गणित विज्ञान का कम हो गया कोर्स, देखें हटाए गए टॉपिक।


प्रयागराज : कोरोना संक्रमण की वजह से लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। छात्रों की पिछड़ी पढ़ाई को पटरी पर लाने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने कोर्स कम करने का फैसला किया है।





सीबीएसई के सुझाव पर एनसीईआरटी (नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च ऐंड ट्रेनिंग) ने दसवीं के कोर्स से कुछ टॉपिक हटाने का फैसला किया। हटाए गए सिलेबस में दसवीं से हर विषय के कुछ टॉपिक और कांसेप्ट को लिया गया है। एनसीईआरटी ने कहा है कि इन चैप्टर से परीक्षा में कोई सवाल नहीं पूछे जाएंगे। स्कूलों में भी इन चैप्टर की पढ़ाई भी नहीं होगी। हटाए गए टॉपिक से बच्चों का आंतरिक मूल्यांकन होगा।


ये टॉपिक हटाए गए

सीबीएसई की ओर से दसवीं में गणित से त्रिभुज का क्षेत्रफल, शंकु के वक्र पृष्ठ को हटा दिया गया है, जबकि विज्ञान में मेटल, नॉन मेटल की फिजिकल प्रॉपर्टी, लाइट में टिंडल एफेक्ट को कोर्स से हटाया गया है। टिंडल एफेक्ट बच्चे आठवीं में पढ़ चुके हैं, इस कारण से इसे हटाया जा रहा है। इसके अलावा ऊर्जा के स्रोत एवं प्राकृतिक संसाधनों का स्थायी प्रबंधन को कोर्स से हटाया गया है। सामाजिक विज्ञान में औद्योगिकीकरण युग, प्रिंट संस्कृति और आधुनिक दुनिया का सुझाव, बोलीविया के जल युद्घ, नेपाल में लोकतंत्र के लिए आंदोलन को भी हटाया गया है। कोर्स से इन चैप्टर को हटाने के साथ एनसीईआरटी ने स्पष्ट किया है कि अब जो टॉपिक स्कूल में पढ़ाया जाएगा, उन्हीं से सवाल पूछे जाएंगे। उन्हीं के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन होगा। हटाए गए टॉपिक छात्रों को स्वयं पढ़ने होंगे, इन टॉपिक से 20 अंक का इंटर्नल असेसमेंट होगा। इसमें छात्रों को प्रोजेक्ट और असाइनमेंट बनाने होंगे।


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