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Monday, June 1, 2026

CBSE ने माना-ऑनलाइन मार्किंग पोर्टल में हुई चूक, खामियां करेंगे दूर, बोर्ड ने पहले दावों को किया था खारिज, अब कहा-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ले रहे आईआईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मदद

CBSE ने माना-ऑनलाइन मार्किंग पोर्टल में हुई चूक, खामियां करेंगे दूर, बोर्ड ने पहले दावों को किया था खारिज, अब कहा-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ले रहे आईआईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मदद



नई दिल्ली। लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के मानसिक उत्पीड़न के बाद आखिरकार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में चूक स्वीकार कर ली है। ओएसएम पोर्टल दो बार हैक होने के बाद सीबीएसई ने रविवार को कहा कि उसके सेवा प्रदाता के ऑनमार्क पोर्टल में सामने आई खामियों को ठीक कर लिया गया है। विशेषज्ञ इसमें आ रही अन्य समस्याएं दूर करने के प्रयासों में जुटे हैं।

बोर्ड ने खामियों के दावों को पहले खारिज कर दिया था। बोर्ड के रुख में यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब 12वीं के दो छात्रों ने सीबीएसई क्लाउड स्टोरेज मैनेजमेंट पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। 12वीं की परीक्षा की कॉपियों की ऑनलाइन मार्किंग में गड़बड़ियों पर लगातार विवाद बना हुआ है। 

सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, हम ऑनमार्क पोर्टल में खामियों की गहन निगरानी कर रहे हैं। इन प्रणालियों को मजबूत करने के लिए पिछले कुछ दिनों में सरकार के विभिन्न विभागों के साथ आईआईटी से साइबर सुरक्षा पेशेवरों की विशेषज्ञ टीम को तैनात किया गया है, ताकि प्रणाली को और दुरुस्त किया जा सके। 

सार्वजनिक डोमेन में तकनीकी चूक की खबरें आने के तुरंत बाद सरकार और देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों ने मिलकर इस काम को शुरू कर दिया, जिसके बाद अब खतरे को पूरी तरह टाल दिया गया है। हालांकि, अन्य शिकायतों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

एथिकल हैकर का जताया आभार
सीबीएसई ने सतर्क नागरिकों और हैकर का आभार जताया, जिन्होंने ऐसी खामियों की ओर ध्यान दिलाया। अधिकारियों ने बताया कि वे इनमें से कई साइबर विशेषज्ञों के साथ सीधे संपर्क में हैं और उनकी मदद ले रहे हैं। बोर्ड ने कहा, कोई भी जानकारी देने के लिए लोगों से हमारी सुरक्षा टीम से संपर्क करने का अनुरोध है। किसी भी तकनीकी इनपुट या सुरक्षा संबंधी जानकारी को साझा करने के लिए secy-cbse@nic.in पर मेल करने को कहा गया है।


सवाल दर सवाल : स्कैनिंग से ऑन स्क्रीन मार्किंग तक

🔴 एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने 25-26 मई को दावा कि ओएसएम पर तकनीकी खामियों का पता लगाकर उसने साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन को जानकारी भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

🔴 निसर्ग ने मास्टर पासवर्ड मिलने का दावा भी किया...कहा, वह कॉपियों के नंबर तक बदल सकता है। हालांकि, सीबीएसई ने कहा-जिस पोर्टल के हैक का दावा है, वह सिर्फ परीक्षण व समीक्षा के लिए बनाई सैंपल साइट थी।

🔴 पुनर्मूल्यांकन भुगतान में भी पोर्टल में गड़बड़ियां आईं। एचडीएफसी पेमेंट गेटवे में तकनीकी सेंधमारी हुई। इससे 50 छात्र प्रभावित हुए।

🔴 छात्र सार्थक सिद्धांत ने उत्तर पुस्तिकाएं साझा कर सवाल उठाया-क्या इन कॉपियों को वास्तव में उच्च क्वालिटी के स्कैनर से स्कैन किया है। कॉपियों में परछाईं व मुड़े पन्ने क्यों दिख रहे हैं। स्कैनर से स्कैन किए गए दस्तावेज में ऐसा नहीं होता।

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