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Wednesday, June 3, 2026

छात्रों के गुस्से के आगे झुकी सरकार, CBSE चेयरमैन और सचिव हटाए गए, OSM टेंडर की जांच के लिए समिति गठित

छात्रों के गुस्से के आगे झुकी सरकार, CBSE चेयरमैन और सचिव हटाए गए, OSM टेंडर की जांच के लिए समिति गठित

12वीं के नतीजों के 21 दिन बाद कार्रवाई, ओएसएम टेंडर की जांच के लिए राधा चौहान की अध्यक्षता में समिति गठित, एक माह में देगी रिपोर्ट

02 जून 2026
नई दिल्ली। 12वीं कक्षा के मूल्यांकन में मचे हाहाकार और निविदा आवंटन में अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों में भारी गुस्से के बीच केंद्र सरकार ने आखिरकार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के चेयरमैन राहुल सिंह व सचिव हिमांशु गुप्ता को हटा दिया। साथ ही, ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रक्रिया के लिए टेंडर जारी करने में गड़बड़ियों की जांच के लिए उच्चस्तरीय एक-सदस्यीय समिति का गठन किया है। क्षमता निर्माण आयोग की अध्यक्ष व आईएएस अधिकारी राधा चौहान की अध्यक्षता वाली इस समिति को एक महीने में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।

सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अफसर और केंद्रीय गृह मंत्रालय में संयुक्त सचिव लोखंडे प्रशांत सीताराम को सीबीएसई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। वह राहुल सिंह की जगह लेंगे, जिन्हें कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बनाया गया है। सीबीएसई के सचिव पद से हटाए गए हिमांशु गुप्ता की जगह यहभीजिम्मेदारी अब वरिष्ठ अधिकारी वरुण भारद्वाज को सौंपी गई है।

कैबिनेट सचिवालय की ओर से गठित जांच समिति मुख्य रूप से तीन गंभीर पहलुओं पर गौर करेगी। जांच की जाएगी कि क्या विशिष्ट तकनीकी प्रमाणन और टर्नओवर की शर्तों को सिर्फ खास कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर कमजोर किया गया? यह भी देखा जाएगा कि दागी कंपनी को तरजीह क्यों मिली।

 टेंडर के मूल नियमों में बदलाव कर पहले से विवादित या काली सूची में डाले जाने योग्य कंपनी को इतना संवेदनशील काम किन अफसरों की मिलीभगत से दिया गया। समिति यह भी जांच करेगी कि इस डिजिटल सिस्टम का पहले कोई पायलट टेस्ट किया गया था या इसे पूर्व परीक्षण के बिना ही लागू कर दिया गया। साथ ही, इसे इतनी जल्दबाजी में क्यों लागू किया गया।

गंभीर आरोप... ओएसएम का ठेका हैदराबाद की कंपनी कोएम्प्ट एडुटेक को देने के लिए सीबीएसई ने नियमों और शर्तों में फेरबदल किए। यह कंपनी पहले ग्लोबारेना के नाम से काम करती थी। 2019 में तेलंगाना बोर्ड के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के आरोप लगे थे।


जांच के बाद होगी आपराधिक कार्रवाई
समिति की अध्यक्ष राधा चौहान को जांच में पूरी स्वायत्तता दी गई है। वह जांच के लिए जरूरत पड़ने पर किसी भी अन्य सरकारी विभाग से सक्षम अधिकारियों की सेवाएं भी ले सकती हैं। समिति की रिपोर्ट के आधार पर घोटाले में संलिप्त अधिकारियों और निजी वेंडर पर आपराधिक मुकदमे दर्ज करने के बाद परीक्षा कराने वाली कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।

सार्थक ने संसदीय समिति के समक्ष दी प्रस्तुति
12वीं कक्षा के छात्र सार्थक सिद्धांत (17) ने मंगलवार को संसदीय समिति के सामने पेश होकर ओएसएम से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं पर प्रस्तुति दी। उसने समिति को अपनी पड़ताल के बारे में सात पन्नों में प्रक्रिया की खामियां बताईं। झारखंड निवासी सार्थक ने बोर्ड की पूरी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति ने बैठक में सीबीएसई अधिकारियों से कहा, आपसे अच्छा रिसर्च का काम तो इस छात्र ने किया है।




CBSE ने माना-ऑनलाइन मार्किंग पोर्टल में हुई चूक, खामियां करेंगे दूर, बोर्ड ने पहले दावों को किया था खारिज, अब कहा-व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ले रहे आईआईटी और साइबर सुरक्षा पेशेवरों की मदद

31 मई 2026
नई दिल्ली। लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों के मानसिक उत्पीड़न के बाद आखिरकार केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) पोर्टल में चूक स्वीकार कर ली है। ओएसएम पोर्टल दो बार हैक होने के बाद सीबीएसई ने रविवार को कहा कि उसके सेवा प्रदाता के ऑनमार्क पोर्टल में सामने आई खामियों को ठीक कर लिया गया है। विशेषज्ञ इसमें आ रही अन्य समस्याएं दूर करने के प्रयासों में जुटे हैं।

बोर्ड ने खामियों के दावों को पहले खारिज कर दिया था। बोर्ड के रुख में यह बदलाव ऐसे समय आया है, जब 12वीं के दो छात्रों ने सीबीएसई क्लाउड स्टोरेज मैनेजमेंट पर कई गंभीर सवाल उठाए हैं। 12वीं की परीक्षा की कॉपियों की ऑनलाइन मार्किंग में गड़बड़ियों पर लगातार विवाद बना हुआ है। 

सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, हम ऑनमार्क पोर्टल में खामियों की गहन निगरानी कर रहे हैं। इन प्रणालियों को मजबूत करने के लिए पिछले कुछ दिनों में सरकार के विभिन्न विभागों के साथ आईआईटी से साइबर सुरक्षा पेशेवरों की विशेषज्ञ टीम को तैनात किया गया है, ताकि प्रणाली को और दुरुस्त किया जा सके। 

सार्वजनिक डोमेन में तकनीकी चूक की खबरें आने के तुरंत बाद सरकार और देश के शीर्ष तकनीकी संस्थानों ने मिलकर इस काम को शुरू कर दिया, जिसके बाद अब खतरे को पूरी तरह टाल दिया गया है। हालांकि, अन्य शिकायतों को दूर करने की कोशिश की जा रही है।

एथिकल हैकर का जताया आभार
सीबीएसई ने सतर्क नागरिकों और हैकर का आभार जताया, जिन्होंने ऐसी खामियों की ओर ध्यान दिलाया। अधिकारियों ने बताया कि वे इनमें से कई साइबर विशेषज्ञों के साथ सीधे संपर्क में हैं और उनकी मदद ले रहे हैं। बोर्ड ने कहा, कोई भी जानकारी देने के लिए लोगों से हमारी सुरक्षा टीम से संपर्क करने का अनुरोध है। किसी भी तकनीकी इनपुट या सुरक्षा संबंधी जानकारी को साझा करने के लिए secy-cbse@nic.in पर मेल करने को कहा गया है।


सवाल दर सवाल : स्कैनिंग से ऑन स्क्रीन मार्किंग तक

🔴 एथिकल हैकर निसर्ग अधिकारी ने 25-26 मई को दावा कि ओएसएम पर तकनीकी खामियों का पता लगाकर उसने साइबर सुरक्षा एजेंसी सर्ट-इन को जानकारी भेजी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

🔴 निसर्ग ने मास्टर पासवर्ड मिलने का दावा भी किया...कहा, वह कॉपियों के नंबर तक बदल सकता है। हालांकि, सीबीएसई ने कहा-जिस पोर्टल के हैक का दावा है, वह सिर्फ परीक्षण व समीक्षा के लिए बनाई सैंपल साइट थी।

🔴 पुनर्मूल्यांकन भुगतान में भी पोर्टल में गड़बड़ियां आईं। एचडीएफसी पेमेंट गेटवे में तकनीकी सेंधमारी हुई। इससे 50 छात्र प्रभावित हुए।

🔴 छात्र सार्थक सिद्धांत ने उत्तर पुस्तिकाएं साझा कर सवाल उठाया-क्या इन कॉपियों को वास्तव में उच्च क्वालिटी के स्कैनर से स्कैन किया है। कॉपियों में परछाईं व मुड़े पन्ने क्यों दिख रहे हैं। स्कैनर से स्कैन किए गए दस्तावेज में ऐसा नहीं होता।

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