
Saturday, December 3, 2016

कन्नौज : प्राइमरी स्कूल की दीवार ढहने के कारण हुई तीन बच्चों की मौत, पांच बच्चों की हालत गंभीर
कन्नौज के तालग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम रोहली में सड़क निर्माण के दौरान परिषदीय विद्यालय की दीवार जेसीबी की चपेट में आकर ढह गई।
इससे करीब दो दर्जन बच्चे दब गए। दीवार के मलबे में दबने से वंदना पुत्री जयसिंह, रिंकल पुत्र रूपलाल व जान्हवी पुत्री इंद्रेश ने मौके पर दम तोड़ दिया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चों को पुलिस ने सीएचसी गुरसहायगंज भिजवाया है। यहां पर पांच बच्चों की हालत गम्भीर है। फिलहाल घटनास्थल पर शिक्षा विभाग के अधिकारी और पुलिस अफसर पहुंच गए हैं। लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है।

रामपुर : बीईओ ने बच्चों को बांटे स्वेटर, सांस्कृतिक कार्यक्रम का हुआ आयोजन
मिलक। ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय भैंसोड़ी द्वितीय में शुक्रवार को स्वेटर वितरण कार्यक्रम किया गया। चमरव्वा ब्लॉक के बीईओ जीपी गौतम ने बच्चों को स्वेटर्स वितरित किए। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए। इस अवसर पर बीईओ विनोद कुमार प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष कैलाश बाबू, ब्लॉक अध्यक्ष रवेन्द्र गंगवार, उमेश राठौर, जगदीश यादव, अनिल गंगवार व तरुण पाण्डेय आदि लोग उपस्थित रहे।

इटावा : जिलाधिकारी के निर्देश पर किए गए औचक निरीक्षण में 450 शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई, 50 अध्यापकों का वेतन रोका
जनपद के बेसिक शिक्षा विभाग में नवंबर माह में जिलाधिकारी शमीम अहमद खान के निर्देश पर किए गए औचक निरीक्षण में 450 शिक्षकों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। जिसमें 50 शिक्षकों का वेतन रोक दिया गया है। तीन शिक्षकों का वेतन एक दिन का काटा गया है जबकि 396 प्रभारी अध्यापकों को चेतावनी दी गई है। एक शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी सिंह ने बताया कि यह जांच 60 जिला स्तरीय अधिकारियों द्वारा 1223 विद्यालयों में की गई थी। उन्होंने बताया कि एक न्याय पंचायत स्तर पर एक अधिकारी को लगाया गया था। यह सब शिक्षा व्यवस्था को चुस्त व दुरुस्त रखने के उद्देश्य से किया गया था।
उन्होंने सभी प्रभारी अध्यापकों को निर्देशित किया कि वे विद्यालय में व्याप्त सभी कमियों व शैक्षिक गुणवत्ता को तत्काल सही कराना सुनिश्चित करें अन्यथा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जो अध्यापक अनुपस्थित मिलेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी

वित्तविहीन शिक्षक तेज करेंगे पूर्णकालिक दर्जा की मांग, चुनावी बेला में मुखर हुए वित्त विहीन शिक्षक 1100 रुपये का मानदेय मिलने से बढ़ी नाराजगी
चुनावी बेला में वित्तविहीन शिक्षक अधिकार व सम्मान की मांग को लेकर प्रदेश सरकार के लिए मुश्किल खड़ी करने वाले हैं। सिर्फ आठ सौ से 11 सौ रुपये मानदेय मिलने से उनकी नाराजगी बढ़ गई है। ‘समान काम के लिए समान वेतनमान’ को लेकर सरकार की व्यापक घेराबंदी करने की तैयारी चल रही है, जिसमें दूसरे संगठन भी उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलेंगे।
अशासकीय स्ववित्तपोषित विद्यालय महासंघ अनिलराज मिश्र प्रधान महासचिव का कहना है कि बीते विधानसभा चुनाव में सपा ने हर वित्तविहीन शिक्षक को उचित मानदेय देने का वादा किया था। परंतु सत्ता मिलने पर मात्र 2010 नियुक्त शिक्षकों को ही मानदेय देने का शासनादेश जारी हुआ है। वहीं वित्तविहीन शिक्षकों को अंशकालिक का दर्जा दिया गया है, जो अनुचित है। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के लिए ‘समान काम के लिए समान वेतनमान’ की लड़ाई वह लड़ रहे हैं। वित्तविहीन शिक्षकों को पूर्णकालिक का दर्जा दिलाना, अप्रशिक्षितों को शिक्षामित्रों की तर्ज पर प्रशिक्षित कराना, मानदेय खातों में स्थानांतरित कराना उनका लक्ष्य है।
इसको लेकर बीते दिनों प्रमुख सचिव माध्यमिक से मिलकर मांग पत्र सौंप चुके हैं। अगर सारी मांगों का जल्द निस्तारण न हुआ तो आरपार की लड़ाई छेड़ी जाएगी। वित्त विहीन शिक्षकों के हित के लिए सड़क से शासन तक आवाज मुखर की जाएगी। जब तक उनको वाजिब हक नहीं मिलता है आंदोलन थमने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर वित्तविहीन शिक्षकों की ओर सरकार ध्यान नहीं देती है तो आगामी विधान सभा चुनाव में उसको इस अनदेखी का खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

लखीमपुर : अब बाधित नहीं होंगे परिषदीय स्कूलों के जरूरी काम, प्रबंधक की पहल पर किया गया रंगाई-पुताई व एमडीएम की धनराशि का भुगतान
नोटबंदी की घोषणा के बाद अटकी पड़ी परिषदीय स्कूलों की रंगाई पुताई का रास्ता अब साफ हो गया है। साथ ही इन स्कूलों में मिड-डे-मील बाधित होने का खतरा भी टल गया है। दरअसल यह सब संभव हुआ है। कस्बा निघासन स्थित इलाहाबाद बाद बैंक के प्रबंधक दीपांशु श्रीवास्तव की एक पहल के चलते।यहां बता दें की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और 1000 के नोट बंद किए जाने की घोषणा के बाद परिषदीय स्कूलों में होने वाले तमाम काम बाधित हो गए थे। न तो स्कूलों की रंगाई-पुताई और छोटी-मोटी मरम्मत आदि के काम हो पा रहे थे और न ही इन स्कूलों का विकास अनुदान ही निकल पा रहा था जिससे स्कूलों में टाट-पट्टी व फर्नीचर सहित अन्य जरुरी सामग्री की ही खरीद हो पा रही थी। शिक्षक भी इससे काफी परेशान थे क्योंकि विभागीय अधिकारी इसको लेकर बार-बार शिक्षकों को निर्देश जारी कर रहे थे। सबसे बड़ी बात यह कि पैसा न निकल पाने के चलते स्कूलों में मिड-डे-मील पर भी संकट पैदा हो गया था। इधर इस समस्या के सम्बन्ध में समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद बैंक निघासन के युवा प्रबंधक दीपांशु श्रीवास्तव ने शुक्रवार को अधिकांश शिक्षकों को रंगाई-पुताई के मिड-डे-मील की धनराशि का भुगतान करा दिया। बैंक के अन्य कर्मचारियों ने भी अपने प्रबंधक की इस पहल में पूरा सहयोग किया। भुगतान हो जाने से शिक्षक काफी खुश दिखे और उन्होंने प्रबंधक की इस पहल की काफी सराहना की। अब न केवल स्कूलों की रंगाई-पुताई हो सकेगी, बल्कि एमडीएम भी सुचारू रूप से जारी रह सकेगा।

देवरिया : 16 जनपदीय टीमों ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण , निरीक्षण में 6 शिक्षक निलंबित , 74 का कटा वेतन
देवरिया : 16 जनपदीय टीमों ने किया विद्यालयों का औचक निरीक्षण , निरीक्षण में 6 शिक्षक निलंबित , 74 का कटा वेतन
जागरण संवाददाता, देवरिया: शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने शुक्रवार को जनपदीय अधिकारियों की टीम बनाकर परिषदीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी भी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ निरीक्षण में निकल गईं। इस दौरान जिले के सदर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सुबिखर तथा तरकुलवा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पचरुखिया बंद मिले। दोनों विद्यालयों में कार्यरत 6 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया। वहीं विभिन्न विद्यालयों में बगैर सूचना के अनुपस्थित मिले 74 शिक्षकों एक दिन का वेतन बाधित किया गया। परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की लापरवाही को लेकर शासन प्रशासन काफी गंभीर है। जिलाधिकारी ने तड़के जिले के सभी जनपद स्तरीय अधिकारियों को बुलाकर टीम गठित की और विद्यालयों का औचक निरीक्षण का निर्देश दिया। इसमें जिलाधिकारी सहित 27 अधिकारियों की टीम जांच के लिए गठित की गयी थी। इसके तहत जिलाधिकारी अनिता श्रीवास्तव ने बैतालपुर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रूच्चापार का निरीक्षण किया। यहां पर ज्योत्सना गुप्ता अनुपस्थित मिली। इसी तरह अपर जिला मजिस्ट्रेट बच्चा लाल के निरीक्षण में देवरिया ब्लाक के अहिल्यापुर, महराजपुर, बरेजी, मुंडेरा बुजुर्ग, सोनूपार विद्यालय के 7 शिक्षक अनुपस्थित मिले। इसी तरह आईएएस प्रणय के निरीक्षण में मझगांवा में एक शिक्षक अनुपस्थित मिले। वहीं बीएसए राजीव कुमार यादव के निरीक्षण में सदर ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय सुबिखर बंद मिला। इसी तरह जिला कार्यक्रम अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह जब तरकुलवा ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय पचरुखिया पहुंचे तो यहां भी विद्यालय बंद मिला। बीएसए ने यहां कार्यरत शिक्षकों को निलंबित कर दिया। यहां पर चंचल राय प्रधानाध्यापक तथा शायदा खातुन शिक्षा मित्र तथा चंदा तिवारी सहायक शिक्षक के रूप में तैनात हैं। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बढ़या फुलवरिया, मुंडेरा, जिला विकास अधिकारी ने रामपुर पांडेय, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज ने करौदी, जिला पूर्ति अधिकारी ने भटनी के सिसवा, बरडीहा, मुख्य चिकित्साधिकारी डा.एसएन सिंह ने गौरीबाजार के चरियांव बुजुर्ग, कतौरा, जिला कार्यक्रम अधिकारी ने कंचनपुर, खुटहा पटखौली, गोपालपुर, परियोजना अधिकारी नेडा ने सुरोली, अधिशासी अभियंता पचलड़ी, सांडा, पीडी ने जोगिया, योगीराजपुर, डीबीडब्लूओ रत्नेश सिंह ने मुसैला खुर्द, तिलौली, अधिशासी अभियंता पीडब्लूडी ने बारादीक्षित, बढ़या हरदो, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने पौटवा, अधिशाषी अभियंता ने हरैया, नरहरपटी, समाज कल्याण अधिकारी ने रामपुर कारखाना, एसडीआइ भाटपाररानी ने डेहरी, भागलपुर ने परसिया अजमेर, सलेमपुर ने मेहड़ा पुरवा, भलुअनी ने अंड़िला, तेलियाकला एक, भ्टानी ने भीटा भरौली, देवरिया सदर दीनानाथ साहनी ने छितौनी, बरईपार, मत्स्य अधिकारी ने करायल शुक्ल, पुरैना, नायब तहसीलदार सलेमपुर ने कौड़िया काजी, लार ने मझवलिया, तहसीलदार सलेमपुर ने उरदौली, कृषि अधिकारी ने गड़ेर, पैना, हरनौठा, एआरटीओ ने ककवल तथा चरियांव प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण किया। इन विद्यालयों में कुल 74 शिक्षक अनुपस्थित मिले। सभी का एक-एक दिन का वेतन बाधित किया गया।
Friday, December 2, 2016

रामपुर : नवाचार के तहत कार्यक्रम आयोजित,खंड शिक्षा अधिकारी ने बिना किताबों के पढ़ाया,
खंड शिक्षाधिकारी ने गुरुवार को क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षा को लेकर जायजा लिया। बाद में खंड शिक्षाधिकारी सिद्दीक अहमद ने गांव फाजल नगला के जूनियर हाईस्कूल में नवाचार के तहत कार्यक्रम आयोजित कराया। कहा कि शिक्षण कार्य से पूर्व संबंधित विषय की तैयारी करके आया करें। बेहतर शिक्षा सिर्फ किताबों से नहीं बल्कि टीएलएम और चार्ट आदि सामने रखकर बच्चों को शिक्षा देने के गुण बताए। उन्होंने खुद भी कक्षा में बच्चों को पढ़कर दिखाया और शिक्षकों से भी उन्होंने जोर देकर कहा कि वे बच्चों को अवश्य समझाएं। बीआरपी प्रेम सिंह, शशिवाला, जितेंद्र पाल सिंह, गो¨वद सिंह, निर्देश लता, संकुलर प्रभारी तहसीन आलम, मंगल सैन, प्रेमप्रकाश गुप्ता, अजयवीर, आनंद भंडारी, धर्मपाल सिंह थे।

टेस्ट में बच्चों का जो सर्वाधिक रुख आएगा उसी के तहत तय होगा पाठ्यक्रम निर्धारित, पहली बार उत्तर प्रदेश में कराया जा रहा स्टेट लेवल अचीवमेंट सर्वे, एससीइआरटी को दिया गया जिम्मा, सात लाख बच्चों का होगा टेस्ट
परिषदीय स्कूल हो, मान्यता प्राप्त विद्यालय या फिर मदरसे। बच्चों का शैक्षिक स्तर लगातार गिरता चला जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार इसके कारण तलाशने जा रही है। इसके लिए सूबे के सात लाख बच्चों का टेस्ट लिया जाएगा और उसके बाद उन्हीं की इच्छानुरूप पाठ्यक्रम का निर्धारण होगा। बरेली में इसकी शुरूआत हो चुकी है।
यह है योजना
सरकार स्टेट लेवल एचीवमेंट सर्वे कराने जा रही है। इस सर्वे का जिम्मा राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद यानी एससीइआरटी को दिया गया है। परिषद ने यह काम जिला स्तर पर सभी डायट को सौंपा है। सर्वे में हर जनपद के हर ब्लाक से एक कक्षा के 1700 बच्चों का टेस्ट लिया जाएगा। यह काम डायट के प्रशिक्षु शिक्षक करेंगे। टेस्ट की कॉपियां मूल्यांकन के लिए एससीइआरटी को जाएंगी। वहां से जो परिणाम निकलेंगे उसके मुताबिक सरकार कक्षा एक से आठ तक का पाठ्यक्रम निर्धारित करेगी। यह सर्वे इसी शिक्षा सत्र में पूरा किया जाना है।
चार ब्लॉकों में हुआ सर्वे : बरेली के चार ब्लाकों में 10500 बच्चों का टेस्ट लिया गया है। इसमें बहेड़ी, भुता, बिथरी चैनपुर व भोजीपुरा शामिल हैं। कक्षा एक से पांच तक के विद्यार्थी इसमें शामिल किए गए हैं। यह बच्चे परिषदीय विद्यालयों के अलावा मान्यता प्राप्त, नगर निगम व नगर पालिकाओं के विद्यालय, कस्तूरबा स्कूल, मदरसों के हैं। टीम स्कूलों में जाकर उन बच्चों को टेस्ट में शामिल कर रही है जो बच्चे पढ़ने-लिखने में पीछे हैं और कुछ होशियार हैं। कक्षा एक व दो में हंिदूी, गणित व अंग्रेजी, कक्षा तीन में इन विषयों के अलावा पर्यावरण अध्यक्ष व कक्षा चार व पांच में इनके अलावा सामाजिक विज्ञान व विज्ञान विषय का अलग-अलग टेस्ट लिया जा रहा है। डायट प्रवक्ता प्रमोद ने बताया कि दूसरे चरण में कक्षा छह से आठ तक के बच्चे शामिल होंगे। छह से आठ दिसंबर तक इन कक्षाओं के बच्चों का टेस्ट लिया जाएगा। इसके बाद अन्य ब्लाकों के बच्चों को सर्वे में शामिल किया जाएगा।

कानपुर : मिडडे मील परोसने वाली संस्थाओं की रसोई में गंदगी, संस्थाओं के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मिडडे मील परोसने वाली चार संस्थाओं और एक स्कूल की रसोई में नमूना भरा। गंदगी मिलने पर संस्थाओं के संचालकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
मंडलीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी सलिल कुमार सिंह, खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय कुमार और राजेश कुमार के दस्ते ने ग्रामीण विकास सेवा संस्थान के लवकुश नगर स्थित रसोई घर में दूध, चने की दाल, सोयाबीन रिफाइंड ऑयल का नमूना भरा। किचन में साफ सफाई न होने और मक्खी होने पर संचालक नितिन वर्मा को नोटिस दिया गया। इसी तरह छत्तीसगढ़ सामाजिक सेवा संस्थान के ओमपुरवा स्थित रसोईघर में भी सफाई व्यवस्था ठीक नहीं मिली। यहां से अरहर दाल और दूध का नमूना लिया गया। संस्थान के संचालक रोहित कुमार को नोटिस दिया गया।
जनहित सेवा एवं शोध संस्थान के वायु विहार हरजेंदर नगर स्थित रसोई में भी बेहतर सफाई इंतजाम नहीं है। वहां दूध, तहरी का नमूना लेने के साथ ही संचालक प्राणनाथ द्विवेदी को नोटिस दिया गया। प्रकाश शिक्षण एवं समाजसेवी संस्थान के उजियारीपुरवा स्थित रसोई घर से दूध, दाल का नमूना लिया गया। प्राथमिक विद्यालय साढ़ में भी गंदगी मिली। वहां से दूध का नमूना लिया गया।
































