
Monday, April 3, 2017


लखनऊ : हर दिन बीस से अधिक टीचर अर्जी लेकर पहुंच रहे, 400 से अधिक टीचर पहले ही छुट्टी पर
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी इन दिनों छुट्टी मांगने वाले शिक्षकों से परेशान है। क्योंकि यहां हर दिन 20 से 25 शिक्षक छुट्टी मांगने के लिए आ रहे हैं। वहीं एक अप्रैल से स्कूलों ने नया सत्र शुरू हो गया है।
अब ऐसे में अधिकारी परेशान हैं कि शिक्षकों को छुट्टी देंगे तो स्कूलों में पढ़ाई कैसे होगी। पहले से ही 400 से 500 शिक्षक छुट्टी पर हैं। ऐसे में सभी शिक्षकों को आश्वासन दिया जा रहा है कि छुट्टी पर गए हुए शिक्षकों के वापस आने के बाद उन्हें छुट्टी दे दी जाएगी।
सीसीएल से
परेशान अधिकारी
दरअसल बच्चों के लिए शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव (सीसीएल) मिलती है। यह ज्यादातर एग्जाम के समय या बच्चों की बीमारी में शिक्षकों को दी जाती है। बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण मणि त्रिपाठी ने बताया कि शहर के ढाई हजार स्कूलों में लगभग 6000 शिक्षक कार्य कर रहे हैं।
इसमें बोर्ड परीक्षा की शुरुआत के समय चार सौ से अधिक शिक्षक छुट्टी पर चले गए। इसके बाद भी शिक्षकों के छुट्टी मांगने का सिलसिला जारी है। सभी को अगर हम छुट्टी दे दें तो आधे से ज्यादा स्कूल खाली हो जाएंगे। ऐसे में सभी की फाइलें रखी हुई हैं। एक अनुपात से अधिक हम भी शिक्षकों को छुट्टी नहीं दे सकते। ऐसे में जो छुट्टी पर गए है उनके वापस आने का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद दूसरे टीचरों को छुट्टी दे दी जाएगी।
पढ़ाने की जगह छुट्टी के लिए चक्कर लगा रहे टीचर
भ्रष्टाचार मिटाओ, शिक्षा बचाओ अभियान चलाएंगे•एनबीटी, लखनऊ: माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षक 3 से 8 अप्रैल तक शिक्षक भ्रष्टाचार मिटाओ, शिक्षा भवन बचाओ अभियान चलाएंगे। इसमें शिक्षक अधिकारियों की पोल खोलेंगे और साक्ष्य समेत माध्यमिक शिक्षा मंत्री दिनेश शर्मा को ज्ञापन देंगे।

बहराइच : उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एवं प्राथमिक शिक्षक संघ की संयुक्त कार्य समिति की बैठक, शिक्षकों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं करेगा संगठन
बहराइच। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ एवं प्राथमिक शिक्षक संघ क्षेत्र चित्तौरा की संयुक्त कार्य समिति की बैठक शिक्षक भवन बड़ी हाट पर की गई। बैठक की अध्यक्षता विद्या विलास पाठक ने की। संचालन मंत्री भूपेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव ने किया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शासन के मंशानुरुप शिक्षक गुणवत्तायुक्त शिक्षण कर शासन का सहयोग करेगे। समिति ने मुख्यमंत्री योगी को बहराइच विधानसभा की विधायक व बेसिक शिक्षा मंत्री स्वतंत्र प्रभार बनाये जाने का स्वागत किया और निर्णय लिया कि इस विधानसभा को हम सभी आदर्श बनायेगे। बैठक में क्षेत्र के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं को पहचान पत्र उपलब्ध कराने, लेखा पर्ची दिये जाने, सर्विस बुक अद्यतन किये जाने, ऐरियर भुुगतान कराने, सेवानिवृत्त शिक्षकों को पेंशन दिलाने का निर्णय लिया गया। प्राथमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष संजय कुमार त्रिपाठी एवं मंत्री विश्वनाथ पाठक ने प्रस्ताव किया कि सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह संयुक्त रुप से किया जाये। सभी सदस्यों ने इसका स्वागत किया। जूनियर संघ महामंत्री ने कहा कि क्षेत्र स्तर पर हम एक साथ कार्य करेगे। अध्यक्षीय सम्बोधन में विद्या विलास पाठक ने कहा कि शासन की मंशा सही है। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारी शासन को बदनाम करना चाहते है। वह शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे है। शिक्षकों का उत्पीड़न संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा।

शिक्षामंत्री को शिक्षा प्रेरकों व अनुदेशकों ने सौंपा ज्ञापन, प्रेरकों ने की सेवा विस्तार की मांग
शिक्षा प्रेरकों ने एकत्रित होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पीडब्लूडी डाक बंगला पहुंचकर शिक्षामंत्री अनुपमा जायसवाल को ज्ञापन सौंपा। शिक्षा प्रेरक नई सरकार बनने पर अहलादित थे और बधाई के साथ मांग पत्र देने पहुंचे थे। शिक्षा प्रेरको को सम्बोधित करते हुए शिक्षामंत्री अनुपमा जायसवाल ने कहा भाजपा सरकार सभी संविदाकर्मियों के साथ है। शिक्षा प्रेरको को सम्बोधित करते हुए शिक्षा प्रेरक पंकज कुमार गिरि ने कहा कि प्रेरक के ऊपर सेवा समाप्ति की तलवार लटक रही है और हम शिक्षा प्रेरक इससे बेसुध है। प्रदेश अध्यक्ष सत्येन्द्र यादव के नेतृत्व में प्रदेश भर के प्रेरक संवर्ग के लोग लामबंद है और संघर्षों के बल पर ही इन्हें सेवा विस्तार मिलेगा। ब्लाक अध्यक्ष बलहा आमान खां ने कहा कि लगभग तीन वर्ष से काम कर रहे शिक्षा प्रेरकों ने साक्षर भारत मिशन अभियान में प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया है इसलिए सर्व शिक्षा अभियान के तहत किसी न किसी रुप में सरकार शिक्षा प्रेरकों से काम लेती रहे। ब्लाक अध्यक्ष मिहींपुरवा चन्द्रदेव सिंह ने कहा कि नई सरकार के प्रति शिक्षा प्रेरक आशान्वित है। ब्लाक अध्यक्ष फखरपुर उदयराज मिश्र ने कहा कि शिक्षा प्रेरकों के मानदेय वृद्धि हो और उन्हें शिक्षणेत्तर कर्मचारी पद पर समायोजित करने की प्रक्रिया प्रांतीय सरकार शुरु करे। महिलाप्रभारी वंदना यादव ने कहा कि 70 प्रतिशत प्रेरक महिला होने के बावजूद अभी तक प्रेरको के लिए प्रसूति अवकाश की घोषणा नहीं की गई है। बैठक में संजय मिश्र, सूर्य नरायन शर्मा, यज्ञराम पाण्डेय, इबरार, पवन भारती, दयानंद तिवारी, सूरत मिश्र, शकील खां, विनोद कुमार, अश्वनी त्रिपाठी, महेन्द्र वर्मा, रिजवान खां, रमेश तिवारी, मनीष सिंह, रुप नरायन, मीरा देवी, अनीता देवी, आरती प्रजापति, मधु तिवारी सहित तमाम शिक्षा प्रेरक मौजूद रहे।
बहराइच। उच्च प्राथमिक अनुदेशक शिक्षक वेलफेयर एशो.के तत्वावधान में अनुदेशकों ने समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन बेसिक शिक्षा मंत्री अनुपमा जायसवाल को सौंपा। जिसमें राज्य सरकार द्वारा अनुदेशक मानदेय में भारी कटौती का विरोध दर्ज कराया गया। जिसमें मंत्री से निवेदन किया गया कि 27 मार्च को दिल्ली में प्रोजेक्ट एप्रूबल बार्ड में केन्द्र द्वारा 1700 रुपये प्रतिमाह मानदेय प्रस्ताव की मंजूरी हो गई थी लेकिन राज्य सरकार का सहयोग न मिलने के कारण अनुदेशकों के प्रस्ताव में भारी कटौती की गई। इस समस्या को मंत्री ने संज्ञान लिया और उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे प्रमुख सचिव बेसिक से जल्द वार्ता होगी। जिससे उम्मीद है कि प्रदेश में कार्यरत लगभग 33000 अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय सम्बन्धी प्रस्ताव में कोई कटौती नहीं होगी। इस दौरान प्रदेश सचिव विशाल श्रीवास्तव, जिलाध्यक्ष अखिलेश यादव, महामंत्री आशीष सिंह, कोषाध्यक्ष रवि श्रीवास्तव, जिला प्रवक्ता कुलेन्द्र सिंह राना, आशुतोष मेहता, शशांक अवस्थी, अभिषेक त्रिपाठी, श्वेता मिश्रा, धीरेन्द्र सिंह सहित अन्य अनुदेशक मौजूद रहे।

बदलाव की बयार, अगले सत्र से यूपी बोर्ड कोर्स एनसीईआरटी की तर्ज पर
अगले शैक्षिक सत्र से यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की तर्ज पर होगा। यूपी बोर्ड से मान्यताप्राप्त स्कूलों में पढ़ाई के लिए भी एनसीईआरटी की किताबों का इस्तेमाल होगा। शासन स्तर पर इस बारे में सहमति बन जाने के बाद माध्यमिक शिक्षा विभाग इस दिशा में कदम बढ़ाने जा रहा है।
एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को अपनाने के पीछे मकसद यह है कि प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्रएं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सक्षम हो सकें। साथ ही, यदि किसी छात्र-छात्र को उसके अभिभावक के तबादले के कारण अन्य प्रदेश में पढ़ाई के लिए जाना पड़े तो उसका नुकसान न हो क्योंकि एनसीईआरटी पैटर्न पर चलने वाले सीबीएसई बोर्ड से मान्यताप्राप्त स्कूल दूसरे राज्यों में भी हैं। प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार ने बताया कि एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम को लागू करने का एक परिणाम यह होगा कि इंटरमीडिएट स्तर पर किसी एक विषय में दो की बजाय सिर्फ एक प्रश्नपत्र होगा। इससे परीक्षाएं जल्दी समाप्त होंगी। रिजल्ट भी जल्दी घोषित होगा।

शिक्षक संघ ने जारी की घूसखोरी की रेट लिस्ट, हर पद पर नियुक्ति और हर कार्य के अलग-अलग दाम
लखनऊ : उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने शिक्षा विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ पोल-खोल अभियान शुरू कर दिया है। रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में संघ ने राजधानी में नकल उद्योग, गलत ढंग से हुई शिक्षकों की भर्ती में की गई धन उगाही का खुलासा किया। साथ ही आरोप लगाया कि यूपी स्तर पर ट्रांसफर-पोस्टिंग में नॉन डिस्टर्बेस व डिजायर्ड पोस्टिंग के नाम पर 30 से 60 लाख रुपये तक वसूली की जा रही है। फिलहाल अब आठ अप्रैल तक हर दिन शिक्षक संघ भ्रष्ट अधिकारियों को हटाने की मांग करेगा।
रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री व प्रवक्ता डॉ. आरपी मिश्र ने कहा कि सूबे के नए सीएम योगी आदित्यनाथ ने भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए अभियान छेड़ा है और यह जारी रहेगा।
⚫ किस काम का कितना रेट
● फर्जी छात्रों के पंजीकरण को मान्यता देने में 200 रुपये प्रति छात्र
● फर्जी छात्रों के पंजीकरण को मान्यता के लिए अतिरिक्त सेक्शन को मान्यता देने में एक लाख रुपये
● फर्जी छात्रों के परीक्षा फार्मो के अग्रसारण के लिए 200 रुपये प्रति छात्र
● परीक्षा केंद्र बनाने के लिए प्रति केंद्र दो लाख रुपये से पांच लाख रुपये तक
● योग्यता के अतिरिक्त मनचाहे कक्ष निरीक्षक के लिए प्रति शिक्षक परिचय पत्र के लिए 500 से एक हजार रुपये
● मनचाहे परीक्षा केंद्र में परीक्षार्थी भेजने के लिए प्रति छात्र 200 रुपये’ मृतक आश्रित की नियुक्ति के लिए तीन लाख से पांच लाख रुपये
● संबद्ध प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के लिए 12 लाख से 15 लाख रुपये
● माध्यमिक विद्यालय (अल्पसंख्यक) में शिक्षक पद के लिए 15 लाख से 20 लाख रुपये
● चयन बोर्ड से चयनित शिक्षकों के तबादले के लिए प्रबंधक स्तर पर एक लाख रुपये व जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर दो लाख रुपये
● जीपीएफ से अग्रिम भुगतान लेने के लिए 15 प्रतिशत घूस देनी पड़ती है
● चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नियुक्ति के लिए तीन लाख रुपये
● लिपिक की नियुक्ति के लिए पांच लाख रुपये घूस देनी पड़ती है
● नव नियुक्त और स्थानांतरित शिक्षकों को पहला वेतन लेने के लिए 50 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक घूस देनी पड़ती है।

कुशीनगर : केजीबीवी में तैनात 19 शिक्षक-शिक्षणोत्तर कर्मचारियों की सेवा समाप्त, राज्य परियोजना कार्यालय की संस्तुति पर बीएसए ने जारी किया आदेश
जागरण संवाददाता, पडरौना, कुशीनगर: कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में तैनात 19 शिक्षक-शिक्षणोत्तर कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। राज्य परियोजना कार्यालय की संस्तुति पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इस आशय का रविवार को जारी कर दिया। सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जद में आए संबंधित शिक्षक-शिक्षणोत्तर कर्मचारियों का कार्य व्यवहार संतोषजनक नहीं था।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय दुदही में फुलटाइम टीचर माया वर्मा का कार्य-व्यवहार खंड शिक्षा अधिकारी की जांच में संतोषजनक नहीं मिला। इनमें कार्य के प्रति उदासीनता पाई गई। इसी तरह खड्डा में सहायक रसोइया बासमती देवी व चौकीदार धनंजय पांडेय का कार्य व्यवहार असंतोषजनक पाया गया, तो मोतीचक में फुलटाइम टीचर सुमन सोनी, पार्ट टाइम टीचर अशोक कुमार गुप्ता के वर्षों से अनुपस्थित होने की बात सामने आई।
रामकोला में फुलटाइम टीचर शांति कुशवाहा, रेनू दूबे व कंचना शुक्ला तथा सहायक रसोइया सीमा शुक्ला व सोनी वर्मा भी जांच में अनुपस्थित पाए गए। सेवरही में लेखाकार पूजा सिंह के अनुपस्थित रहने, विशुनपुरा में फुलटाइम टीचर शशि प्रभा, प्रभा श्रीवास्तव, पार्ट टाइम टीचर सत्यप्रकाश राय व सहायक रसोइया गायत्री का कार्य संतोषजनक न होने तथा परिसर में राजनीति करने, कप्तानगंज में पार्ट टाइम टीचर कृष्ण मोहन तिवारी के छह माह से अधिक समय से अनुपस्थित रहने, कसया में फुलटाइम टीचर गरिमा तिवारी के बिना सूचना अनुपस्थित रहने व पार्ट टाइम टीचर सुनील कुमार दूबे के हस्ताक्षर कर गायब रहने तथा पडरौना में फुलटाइम टीचर मधु वर्मा के नियम के अनुसार शिक्षण कार्य नहीं करने तथा उपस्थिति पंजिका पर सीएल अंकित किए जाने के बाद भी जबरदस्ती हस्ताक्षर बनाने की बात उजागर हुई। शिक्षकों व शिक्षणोत्तर कर्मचारियों के इस कार्य-व्यवहार को देखते हुए तथा राज्य परियोजना कार्यालय की संस्तुति पर विभाग द्वारा इनकी सेवा समाप्त कर दी गई है।राज्य परियोजना कार्यालय की संस्तुति पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने जारी किया है।
Sunday, April 2, 2017

रामपुर : शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर किया शिक्षण कार्य, पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के सदस्यों ने पुरानी पेंशन बंद होने पर काला दिवस मनाया। इसको लेकर शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर कार्य किया। शिक्षकों ने जिलाध्यक्ष जगदीश पटेल ने बताया कि पुरानी पेंशन आज ही के दिन बंद हुई थी। तभी से शिक्षक इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाते हैं। वर्ष 2005 में लागू हुई नई एनपीएस योजना को लेकर प्रदेश के बारह लाख शिक्षकों में आक्रोश है। कहा कि चार वर्ष पूर्व शिक्षकों से मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को भी इसकी जानकारी दी थी, जिस पर उन्होंने सांसद रहते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पुरानी पेंशन योजना बहाल करने के लिए पत्र भी लिखा था। अब वह केंद्र व प्रदेश में दोनों ही स्थानों पर भाजपा का कब्जा है। ऐसे में शिक्षकों की मांग को गंभीरता से लेते हुए पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए। काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करने वालों में दंगल सिंह, धर्मपाल सिंह, अतुल शर्मा, ज्योत्सना, फूल सिंह, रामप्रताप, केशव कुमार, मुजफ्फर अली, संजय कुमार, प्रेमपाल सिंह, राजेश कुमार, विवेक कुमार आदि शामिल रहे।
एक नजर

माध्यमिक विद्यालयों का सत्र शुरू नहीं, हो सकती है बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
पहली अप्रैल से माध्यमिक स्कूलों में भी नया सत्र प्रारंभ होना था। मगर नहीं हो सका। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संयोजक आर पी मिश्र का कहना है कि बोर्ड परीक्षा के चलते सत्र पहली अप्रैल से सत्र नहीं शुरू हो सका। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। सामान्य तौर पर पहली अप्रैल से नया सत्र शुरू होना था।

बिजनौर : एसएमसी ट्रेनिंग को भ्रष्टाचार का दीमक, एक साल बीतने के बाद भी नहीं शुरू हुई ट्रेनिंग, दूसरा शैक्षिक सत्र एक अप्रैल से शुरू, ट्रेनिंग का पता नहीं
बिजनौर : बेसिक शिक्षा विभाग में योजनाओं व प्रशिक्षण की धनराशि को भ्रष्टाचार की दीमक लगी हुई है। विद्यालय प्रबंधक समिति का गठन हुए एक साल बीत गया, लेकिन समिति के सदस्यों को अभी तक प्रशिक्षण नहीं दिया गया। ऐसा नहीं कि प्रशिक्षण का बजट शासन से नहीं आया, बल्कि अधिकारी धनराशि को गोलमाल करने के लिए साल भर से दबाए बैठे हैं। समिति का दूसरा साल अप्रैल से आरंभ हो जाएगा। अब शिक्षा विभाग के अधिकारियों का दावा है कि धनराशि एनपीआरसी के खातों में भेज दी गई है, लेकिन अधिकांश एनपीआरसी का कहना है कि उन्हें प्रशिक्षण से संबंधित कोई धनराशि नहीं मिली है।
बेसिक शिक्षा विभाग का नया सत्र एक अप्रैल से आरंभ हो रहा है। तमाम योजनाओं के संचालन के लिए विद्यालय में एसएमसी अर्थात विद्यालय प्रबंध समिति का गठन किया जाता है। इसका कार्यकाल दो साल को होता है। जिले में गत शैक्षिक सत्र में विद्यालय प्रबंध समिति का गठन हुआ था। उन्हें कार्यकुशल बनाने के लिए प्रशिक्षण दिया जाने का नियम है। विद्यालय प्रबंधक समिति में शामिल लोगों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रत्येक विद्यालय को करीब 1800 रुपये दिए जाने की व्यवस्था है, जो एनपीआरसी स्तर पर दिया जाता है। शैक्षिक सत्र पूरा बीत गया, लेकिन सदस्यों को प्रशिक्षण नहीं दिया गया और बिना प्रशिक्षण के उन्होंने पूरा कार्यकाल बिता दिया। यह है एसएमसी : बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 21 के तहत प्रत्येक विद्यालय में एक विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) गठित होती है। इसका कार्यकाल दो साल का होता है। समिति के कुल सदस्यों में से कम से कम 50 प्रतिशत महिलाएं होती हैं। यह है एसएमसी का कार्यकाल विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यकाल दो वर्ष का होगा। दो वर्ष बाद पुन: इस समिति का पुनर्गठन किया जाएगा। प्रत्येक वर्ष जुलाई में विद्यालय प्रबंध समिति के अभिभावक सदस्यों को अद्यतन किया जाएगा।
विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष बदलने की स्थिति में अथवा प्रधानाध्यापक के स्थानांतरण की स्थिति में खाता संचालन में यथा आवश्यक संशोधन बीएसए की अनुमति से किया जाएगा।
बोले अफसर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी महेशचंद्र का कहना है कि प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी कराकर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। प्रशिक्षण की धनराशि जल्द से जल्द भिजवाई जाएगी

रायबरेली : रायबरेली में शिक्षकों की न्यू पेंशन स्कीम शुरू, सॉफ्टवेयर खराब होने से नहीं हो सकी जनवरी की कटौती
बताया जाता है कि साफ्टवेयल खराब होने से जनवरी माह की कटौती नहीं हो सकी। फरवारी माह के लिए 300 शिक्षकों की 8 लाख 37 हजार 460 रुपए की कटौती हो चुकी है। वहीं धनराशि को विभाग ने जमा करा दिया है। इसका लेखाजोखा प्रतिमाह शिक्षक के ईमेल पर आता रहेगा।
बेसिक शिक्षकों को 14 साल बाद न्यू पेंशन स्कीम का तोहफा मिल गया है। बेसिक शिक्षा परिषद इलाहाबाद वित्त नियंत्रक के आदेश पर अब बेसिक शिक्षकों के फंड की कटौती की जाएगी। अभी भी शिक्षक बिना फंड काटे ही नौकरी कर रहे थे।
वर्ष 2005 में शिक्षकों व कर्मचारियों पर लागू पुरानी पेंशन स्कीम को खत्म कर न्यू पेंशन योजना को लागू कर दिया गया था। लेकिन इस आदेश का पालन नहीं हो रहा था। इसे लेकर शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त था। मामले को कई बार उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। बीएड, बीटीसी डिग्री होल्डर शिक्षक बिना फंड के नौकरी कर रहे थे। मामले में वित्त नियंत्रक इलाहाबाद के आदेश पर बहुप्रशिक्षित एनपीएस कटौती को शुरू कर दिया गया है। फरवरी माह के वेतन से यह स्कीम लागू होगी। मीडिया प्रभारी डा. विवेकानंद त्रिपाठी ने बताया कि 2013 से शिक्षक तेजी से संघर्ष कर रहे थे। फार्म भरवाकर संघर्ष किया जा रहा था। इसी कारण यह सफलता मिली है

पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग को लेकर अटेवा पेंशन बचाओ मंच मनाया विरोध दिवस, काली पट्टी बांध किया काम
पुरानी पेंशन नीति लागू करने की मांग को लेकर ऑल टीचर्स एम्प्लाइज वेलफेयर असोसिएशन (अटेवा) पेंशन बचाओ मंच ने शनिवार को विरोध दिवस मनाया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने काली पट्टी बांधकर काम किया। संगठन के मीडिया प्रभारी राजेश यादव के अनुसार एक अप्रैल 2005 को लागू की गई नई पेंशन नीति का लगातार विरोध किया जा रहा है। कर्मचािरयों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार ने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई। इस दौरान केजीएमयू, लोहिया अस्पताल और संस्थान के साथ ही माध्यमिक विद्यालयों, लखनऊ विवि समेत अन्य जगह भी कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप काली पट्टी बांधकर
काम किया।
नई पेंशन नीति का किया विरोध












