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Monday, May 4, 2020

यूपी बोर्ड परीक्षा : विरोध के बाद केवल ग्रीन जोन में होगा मूल्यांकन, रेड और ऑरेंज जोन में मूल्यांकन कार्य स्थगित, आदेश जारी

यूपी बोर्ड परीक्षा : विरोध के बाद केवल ग्रीन जोन में होगा मूल्यांकन, रेड और ऑरेंज जोन में मूल्यांकन कार्य स्थगित, आदेश जारी। 


यूपी बोर्ड: आज से सिर्फ ग्रीन जोन में होगा उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन, ऑरेंज और रेड जोन में नहीं


कोरोना वायरस के सर्वाधिक प्रकोप वाले रेड और ऑरेंज जोन के जिलों में माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2020 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर रोक लगा दी गई है।
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5 मई से केवल ग्रीन जोन वाले 20 जिलों में ही मूल्यांकन कार्य शुरू किया जाएगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने सोमवार को शासनादेश जारी किया।
दरअसल, प्रदेश के सभी जिलों में बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 5 मई से शुरू होना था। केंद्र सरकार ने लॉकडाउन की अवधि 17 मई तक बढ़ा दी है। केंद्र और राज्य सरकार की गाइडलाइन में रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में अलग-अलग तरह की रियायत दी गई है। मूल्यांकन केंद्रों पर 50 से अधिक लोग जुटने की संभावना बनी रहती है।

ऐसे में विभाग ने गाइडलाइन का अध्ययन करने के बाद रेड और ऑरेंज जोन में मूल्यांकन कार्य नहीं कराने का निर्णय किया है। इन जिलों में मूल्यांकन शुरू कराने के लिए बाद में आदेश जारी किया जाएगा।

इन जिलों में शुरू होगा मूल्यांकन : बाराबंकी, अमेठी, अंबेडकरनगर, लखीमपुर खीरी, हाथरस, महराजगंज, शाहजहांपुर, बलिया, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फर्रुखाबाद, फतेहपुर, हमीरपुर, कानपुर देहात, कुशीनगर, ललितपुर, महोबा, सिद्धार्थननगर, सोनभद्र।



हाथरस : सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों एवं कार्यरत शिक्षकों की विभिन्न मांगों के निस्तारण के सम्बन्ध में

हाथरस : सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों एवं कार्यरत शिक्षकों की विभिन्न मांगों के निस्तारण के सम्बन्ध में


फतेहपुर : समस्याओं से घिरी बेसिक शिक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई

समस्याओं से घिरी बेसिक शिक्षा की ऑनलाइन पढ़ाई।

बेसिक शिक्षा - फतेहपुर

कुल परिषदीय स्कूल- 2142

 गुप संचालित करने वाले स्कूल- 1085

कुल पंजीकृत छात्र- 2,15,970

कुल लाभान्तित वच्चे- 1,01,345


फतेहपुर : कोविड-19 के जिले में भी लॉकडाउन चल हा है। लॉकडाउन में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसके लिए ऑनलाइन पढ़ाई कराने के निर्देश बेसिक शिक्षा के महानिदेशक विजय किरण आनंद ने दिए गए हैं। निर्देश के पालन में बेसिक शिक्षा विभाग को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

बेसिक शिक्षा के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को वाट्सएप ग्रुप के माध्यम से आडियो, वीडियो और टेक्स्ट से पढ़ाई करना मुश्किल इसलिए हो हा है कि अभिभावकों के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है। एंड्रायड मोबाइल है तो रोजगार बंद हैं तो रिचार्ज की दिक्कत आ रही है। ऐसी दशा में जिले के 2142 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में 1085 विद्यालयों में इस हाईटेक पद्धति से पढ़ाई शुरू है। बीएसए शिवेंद्र प्रताप सिंह कहते हैं कि दिक्कतें तो हैं, उनसे हमें हार नहीं माननी है। इस कारण 1085 स्कूलों को इससे जोड़ा है।


स्कूल में 78 बच्चे पंजीकृत हैं जिसमें 38 को गुप से जोड़ा जा चुका है, प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। हिंदी, अंग्रेजी, गणित, सामान्य ज्ञान की पढ़ाई करवाई जा ही है। मॉनिटरिंग | वीईओ पुष्पराज पटेल करते हैं। सर्वेश कुमार अवस्थी, प्राथमिक स्कूल बाबूपुर, अमौली

वक्त की जरूरत ऑनलाइन पढ़ाई है। 71 में 35 बच्चे जुड़ चुके हैं। प्रधानाध्यापक गीता यादव के साथ जागरूक अभिभावकों की मदद से विषम परिस्थितियों में सफलता की डोर बढ़ती जा रही है।

आराधना, प्राथमिक स्कूल मुरारपुर, देवमई


ऑनलाइन पढ़ाई की शासन की मंशा बहुत ही महत्वपूर्ण रूप से कारगर है। ऑनलाइन गुप से जुड़ने वाले बच्चों में बहुत उत्साह दिखाई दे रहा है। जो बच्चे ऑनलाइन के गुप से नहीं जुड़े हैं। उन बच्चों को फोन कॉल करके पढ़ाया जा रहा है।

चंपा शर्मा, आदर्श विद्यालय, मस्तानी, नगर क्षेत्र

ऑनलाइन पढ़ाई में वीडियो, आडियो, टेक्स्ट मैसेज से ऑनलाइन पढ़ाई हो रही है। टप हुई पढ़ाई को प्रयासों के बाद से गति मिली है। अभिभावकों की मदद कारगर साबित हो रही है। आसिया फारूकी, प्राथमिक विद्यालय आरती. नगर क्षेत्र




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शिक्षिकाओं के लिए मुसीबत बनी ऑनलाइन टीचिंग, वाट्सएप्प ग्रुप में नंबर सार्वजनिक होने से आने लगी आपत्तिजनक कॉल

शिक्षिकाओं के लिए मुसीबत बनी ऑनलाइन टीचिंग, वाट्सएप्प ग्रुप में नंबर सार्वजनिक होने से आने लगी आपत्तिजनक कॉल।





उच्च शिक्षा : ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए संसाधन अनिवार्य

ऑनलाइन परीक्षा कराने के लिए संसाधन अनिवार्य


लखनऊ : विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा देश के सभी विवि को परीक्षा आयोजित करने के लिए जारी किए गए निर्देश राजधानी के विश्वविद्यालयों व्यावहारिक नहीं है। ऑनलाइन क्लास के लिए न तो साधन हैं और न ही संसाधन। इसके अलावा हर विवि की एक बड़ी छात्र संख्या ऑनलाइन परीक्षा के लिए चुनौती है। ऐसे में लोग लॉकडाउन खुलने के बाद ही लिखित परीक्षा संभव है। लविवि के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बताया कि सिर्फ विवि तक सीमित होने पर भी ऑनलाइन परीक्षा के लिए एक बार सोचा जा सकता था, मगर विवि से संबंध करीब 170 डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब सवा लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा ऑनलाइन कराना आसान नहीं है। उनका दावा है कि लॉकडाउन से पूर्व ही विवि प्रशासन द्वारा परीक्षाएं शुरू कराई जा चुकी थी। परीक्षा को लेकर तैयारियां पूरी हैं। लॉकडाउन के बाद परीक्षाएं कराई जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि वह बिना परीक्षा बच्चों को पास किये जाने के पक्षधर नहीं हैं। बच्चों ने साल भर पढ़ाई की है तो परीक्षा भी जरूरी है। डॉ एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विवि के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक का कहना है कि गांव में रह रहे बच्चों के लिए ऑनलाइन परीक्षा संभव नहीं है। ऑनलाइन परीक्षा के लिए बड़े और हाईटेक व इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है।।






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उच्च शिक्षा : उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर ऊहापोह की स्थिति, सत्र छोटा करने पर विचार

 उच्च शिक्षा : उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर ऊहापोह की स्थिति, सत्र छोटा करने पर विचार


College Admission 2020: कोरोना महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं, दूसरी ओर आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र को लेकर उच्च शिक्षा विभाग की उलझन बढ़ने लगी है। 


शिक्षा विभाग सत्र को नियमित करने के लिए कुछ विकल्पों पर भी विचार करने लगा है। पिछले चार साल से सत्र नियमित थे और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था लेकिन कोरोना ने सब कुछ उलट पुलट कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग मे सत्र को छोटा करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

पिछले तीन साल से सब कुछ ठीक था। समय पर छात्रों का प्रवेश, परीक्षा,रिजल्ट और दीक्षांत समारोह भी हो रहे थे लेकिन इस बार कोरोना संकट ने विश्वविद्यालय के लिए सरकार की ओर से जारी होने वाले कैलेंडर पर ग्रहण लगा दिया है। मई की शुरुआत हो गई है लेकिन अभी तक ज्यादातर परीक्षाएं नहीं हुई हैं। किसी तरह परीक्षा करा भी दी जाती है तो कापियों की जांच और रिजल्ट तैयार करने मे समय लगेगा। ऐसे मे यह तो तय माना जा  रहा है कि जुलाई से शिक्षा का नया सत्र तो शुरू ही नहीं हो पाएगा।  


आगामी शैक्षिक सत्र को छोटा करने पर विचार-
अभी चल रहे सत्र की परीक्षा का नया तरीका कैसा होगा इस पर सरकार और विश्वविद्यालय चिंतन कर रहा है। हालांकि परीक्षा तो लाकडाऊन खत्म के बाद ही होगा और ये कब समाप्त होगा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। शिक्षकों का कहना है कि सत्र बचाने के इसे छोटा करना ही होगा। सत्र को अनियमित करना ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है। 


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसके लिए कमेटी का भी गठन किया है। इस बात की पूरी संभावना है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सत्र को छोटा करने

Sunday, May 3, 2020

NCERT ने जारी किया 9वीं से 12वीं का वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर, जानें शेड्यूल

NCERT ने जारी किया 9वीं से 12वीं का वैकल्पिक अकादमिक कैलेंडर, जानें शेड्यूल

एनसीईआरटी ने ऑनलाइन कक्षाओं के मुताबिक बनाया कक्षा 9 से 12 तक का एकेडमिक कैलेंडर 


एनसीईआरटी ने ऑनलाइन कक्षाओं के मुताबिक बनाया कक्षा 9 से 12 तक का एकेडमिक कैलेंडर मानव संसाधन विकास मंत्री ने कहा, इसकी मदद से छात्र लॉकडाउन में भी घर बैठे कर सकेंगे पढ़ाई

कैलेंडर की खास बातें साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा जारी सिलेबस के अनुसार विषयों को बनाया गया है रुचिकर

नई दिल्ली। एनसीईआरटी की तरफ से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के लिए तैयार किया गया एकेडमिक कैलेंडर शनिवार को जारी कर किया गया। लॉकडाउन में ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ने के तरीके, तकनीक आदि को शामिल करते हुए तैयार कैलेंडर को मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने जारी किया। विशेषज्ञों ने यह कैलेंडर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से लिए गए सुझावों के आधार पर तैयार किया है। इससे पहले एनसीईआरटी कक्षा-1 से 5वीं कक्षा तक और छठी से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए भी वैकल्पिक एकेडमिक कैलेंडर बनाया था इन कैलेंडरों को दूरदर्शन, मंत्रालय के स्वयंप्रभा चैनल से लेकर सभी

अनुभव आधारित शिक्षा में कला और शारीरिक शिक्षा के साथ साथ योग भी शामिल

* तनाव और चिंता को दूर करने के तरीके लेटर में कैलेंडर चार भाषाओं संस्कृत, उर्दू, हिंदी और अंग्रेजी में किया गया है जारी विशेष छात्रों के लिए भी ऑडियो बक्स, रेडियो कार्यक्रमों आदि से होगी पढ़ाई। टीवी चैनलों पर प्रसारित कराया जाएगा इस कैलेंडर के आधार पर ही एससीईआरटी , राज्य

स्कूल शिक्षा विभाग, स्कूल शिक्षा बोर्ड, केंद्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति आदि संस्थान अपनी गतिविधियां संचालित करते हैं। कैलेंडर जारी करते समय निशंक ने कहा, इसकी मदद से जहां अध्यापक विभिन्न तकनीकों और सोशल मीडिया प्लेटफार्म के जरिये घर से ही बच्चों को अभिभावकों की देखरेख में पढ़ा सकते हैं। इसके तहत शिक्षक, अभिभावक और बच्चे व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर, टेलीग्राम, गूगल मेल और गूगल हैंगऑउट जैसी एप्लिकेशनों के जरिये एक-दूसरे से जुड़कर घर बैठकर ही क्लासरूम की तर्ज पर पढ़ाई कर सकते है। वहीं कुछ लोगों के पास मोबाइल, इंटरनेट की सुविधा नहीं होने को ध्यान में रखकर इसे टीवी से भी जोड़ा जा रहा है।

In this period of Covid-19, which is declared as a global pandemic, our teachers, parents, and students have to remain at homes to prevent its spread in the community. In this situation, it is our responsibility to provide them with multiple alternative ways of learning at home through interesting activities. It is necessary because in the present environment of stress we have to not only keep our children busy but also to maintain continuity of their learning in their new classes. In this context, NCERT has developed an Alternative Academic Calendar for all the stages of school education.

AlternativeAcademicCalendar



 
 

यूपी बोर्ड मूल्यांकन केंद्र पर कॉपी जांचने नहीं जाएंगे शिक्षक

यूपी बोर्ड : ग्रीन और ऑरेंज जोन में होगा मूल्यांकन, शिक्षक नेताओं ने शुरू किया विरोध


यूपी बोर्ड मूल्यांकन केंद्र पर कॉपी जांचने नहीं जाएंगे शिक्षक 
लखनऊ : यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन पांच मई से शुरू होना है लेकिन शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्र पर जाकर कापियां जांचने की बजाय उन्हें घर पर भेजने की मांग की है। कहना है कि बढ़ते संक्रमण के चलते लॉक डाउन का तीसरा चरण शुरू हो चुका है और हर दिन मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है इसके बावजूद शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए बुलाया जा रहा है। राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष पारसनाथ पांडेय का कहना है कि मूल्यांकन केंद्र पर जाकर कॉपी जांचना जोखिम भरा होगा।सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह बन्द रहेगा।

 
मूल्यांकन के पहले ही विरोध जागरण संवाददाता, प्रयागराज : उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) से हुई हाईस्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षाओं की कॉपियों का मूल्यांकन पांच मई से शुरू करने के आदेश पर उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ ने रोष जताया है। संघ ने कहा है कि देश में संक्रमण का प्रभाव बढ़ रहा है। केंद्र ने लॉकडाउन 17 मई तक कर दिया है। ऐसे में उप्र में मूल्यांकन पांच मई से शुरू करें का आदेश व्यावहारिक, एकपक्षीय है। संघ के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी ने डिप्टी सीएम के नाम पत्र भेजकर अपना आक्रोश जताया है।

ग्रीन, ऑरेंज जोन में होगा मूल्यांकन यूपी बोर्ड

यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन ग्रीन जोन वाले जिलों में शुरू हो सकता है। शुक्रवार को लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से पहले ही प्रदेश सरकार ने 5 मई से मूल्यांकन शुरू करने का आदेश जारी कर दियाथा। हालांकि लॉकडाउन बढ़ने के कारण असहज स्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी 5 मई से उन जिलों में कॉपियों का मूल्यांकन कराने पर विचार कर रहे हैं जिन्हें ग्रीन या ऑरेंज जोन में रखा गया है। यहां बहुत अधिक प्रतिबंध नहीं है। माध्यमिक शिक्षक संघ ठकुराई गुट के मूल्यांकन शुरू करने का विरोध किया है। संगठन के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि 17 मार्च को जब मूल्यांकन स्थगित किया गया तो

प्रदेश में 13 कोरोना संक्रमित थे, आज यह संख्या 2300 तक पहुंच चुकी है। ऐसे में मूल्यांकन का निर्णय अव्यावहारिक और परिस्थितियों के विपरीत है। गौरतलब है कि हाईस्कूल और इंटर की 3 करोड़ से अधिक कॉपियों के मूल्यांकन के लिए सभी 75 जिलों में 275 केंद्र बनाए गए हैं।

यूपी बोर्ड : ग्रीन और ऑरेंज जोन में होगा मूल्यांकन, शिक्षक नेताओं से शुरू किया विरोध। 


यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन ग्रीन जोन वाले जिलों में शुरू हो सकता है। शुक्रवार को लॉकडाउन की अवधि बढ़ने से पहले ही प्रदेश सरकार ने 5 मई से मूल्यांकन शुरूकरने का आदेश जारी कर दियाथा। हालांकि लॉकडाउन बढ़ने के कारण असहजस्थिति पैदा हो गई है। ऐसे में बोर्ड के अधिकारी और कर्मचारी 5 मई से उन जिलों में कॉपियों का

शिक्षक नेताओं ने मूल्यांकन शुरू करने का किया विरोध प्रयागराज। शिक्षक विधायक सुरेश त्रिपाठी ने 5 मई से मूल्यांकन शुरू करने का विरोध किया है। सचिव यूपी बोर्ड को पत्र भेजकर उन्होंने कहा है कि कई जिले रेड जोन में हैं। वहां शिक्षकों के आने-जाने में बाधा होगी। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश महामंत्री रवि भूषण ने भी बोर्ड सचिव को पत्र लिखकर लॉकडाउन तक मूल्यांकन स्थगित रखने की मांग की है। मूल्यांकन कराने पर विचार कर रहे हैं जिन्हें ग्रीन या ऑरेंज जोन में रखा गया है। यहां बहुत अधिक प्रतिबंध नहीं है। माध्यमिक शिक्षक संघठकुराई गुट के मूल्यांकन शुरू करने का विरोध किया है। संगठन के प्रदेश महामंत्री लालमणि द्विवेदी का कहना है कि 17 मार्च को जब मूल्यांकन स्थगित किया गया तो


प्रदेश में 13 कोरोना संक्रमित थे, आज यह संख्या 2300 तक पहुंच चुकी है। ऐसे में मूल्यांकन का निर्णय अव्यावहारिक और परिस्थितियों के विपरीत है। गौरतलब है कि हाईस्कूल और इंटर की 3 करोड़ से अधिक कॉपियों के मूल्यांकन के लिए सभी 75 जिलों में 275 केंद्र बनाए गए हैं।


CISCE : 10वीं व 12वीं के स्थगित विषयों की परीक्षाओं की तिथि आयोजन से 8 दिन पहले होगी घोषित

CISCE : 10वीं व 12वीं के स्थगित विषयों की परीक्षाओं की तिथि आयोजन से 8 दिन पहले होगी घोषित।

CISCE : 14 विषयों की ही करवाएगा बोर्ड परीक्षा




ICSE ICS Board Exam 2020: 10वीं और 12वीं के बचे पेपर जल्द होंगे आयोजित, लॉक डाउन के बाद जारी होगी डेट शीट

परीक्षाओं के आरंभ होने की तिथि से 6 से 8 दिनों के भीतर ही सम्पन्न कराये जाएंगे इनमें शनिवार और रविवार भी हो सकते हैं।...


आईसीएसई की कक्षा 10 और 12 की बची हुई परीक्षाओं को लेकर जारी नये अपडेट के अनुसार परीक्षाओं का आयोजन जल्द ही किया जा सकता है और परीक्षाओं के शुरु किये जाने की निर्धारित तिथि से 8 दिन पूर्व सूचना उपलब्ध करायी जाएगी। जबकि, परीक्षा के लिए डेट शीट लॉक डाउन के बाद जारी किये जा सकते हैं। वहीं, परीक्षाओं के परिणामों की घोषणा परीक्षाओं के आयोजन के 6-8 हफ्ते के भीतर किये जाएंगे। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस यानि आईसीएसई ने 1 मई 2020 को विज्ञप्ति जारी करते हुए ये परीक्षाओं के सम्बन्ध में ये जानकारियां दीं।

वर्ष 2020 के लिए आईसीएसई की छह विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं, जिनमें ज्योग्राफी एचसीजी पेपर 2, बॉयोलॉजी – साइंस पेपर 3, इकनॉमिक्स, ग्रुप 3 इलेक्टिव, हिंदी और आर्ट पेपर 4 शामिल हैं।


वहीं, आईएससी 2020 के लिए आठ विषयों की परीक्षाएं आयोजित की जानी हैं। जिन विषयों के पेपर होने हैं, वे बॉयोलॉजी पेपर 1, बिजनेस स्टडीज, ज्योग्राफी, सोशियोलॉजी, साइक्लॉजी, होम साइंस पेपर 1, इलेक्टिव इंग्लिश, और आर्ट पेपर 5 हैं।

काउंसिल ने अपनी विज्ञप्ति में परीक्षाओं के आरंभ होने की तिथि से 6 से 8 दिनों के भीतर ही सम्पन्न कराने की घोषणा की है, इनमें शनिवार और रविवार भी हो सकते हैं।


आईसीएसई और आईएससी 2020 की बचे पेपरों की डेट को लेकर सूचना काउंसिल द्वारा सभी सम्बद्ध स्कूलों के हेड को ईमेल के जरिए भेजी जाएगी। साथ ही, आधिकारिक रूप से आईसीएसई के कैरियर पोर्टल पर भी जारी की जाएगी।


काउंसिल ने सभी सम्बद्ध स्कूलों को निर्देश दिया है कि इस बीच वे 11वीं कक्षा में आईसीएसई के छात्रों को प्रोविजिनल आधार पर एडमिशन दे सकते हैं और उनके लिए ऑनलाइन क्लासेस शुरु कर सकते हैं। दूसरी तरफ, आईएससी के छात्र भी इस बीच विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश परीक्षाओं के लिए तैयारी जारी रख सकते हैं।


सीआईएससीई 14 विषयों की करवाई बोर्ड परीक्षा

10वीं में छह और 12वीं में आठ विषय की होगी परीक्षा

काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) अब बची हुई बोर्ड परीक्षाओं में केवल 14 विषयों की परीक्षा करवाएगा। जिसमें सीबीएसई (10वीं) में छह और आईएससी (12वीं) में आठ विषय की परीक्षा होगी। ये सभी परीक्षा 8 दिन में करवाई जाएंगी। इस बीच शनिवार व रविवार को भी परीक्षा होगी। लॉकडाउन की स्थिति स्पष्ट होने पर डेटशीट जारी होगी। काउंसिल ने शुक्रवार को विज्ञापन जारी कर इसकी सूचना दी है। 10वीं के छह विषयों में एचसीजी पेपर-2, बायोलॉजी, इकोनॉमिक्स, हिंदी, आर्ट पेपर-4 हैं। वहीं बीएससी में बायोलॉजी पेपर-1, बिजनेस स्टडीजी, ज्योग्राफी, सोसियोलॉजी, साइकोलॉजी, होम साइंस पेपर-1, इलेक्टिव इंग्लिश और आर्ट पेपर-5 होंगे। स्कूलों को तैयारी के लिए 8 दिन का समय मिलेगा। वहीं, परीक्षा होने के 8 सप्ताह में रिजल्ट जारी कर दिया जाएगा। काउंसिल ने स्कूलों को प्रोविजनल एडमिशन देकर छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने को कहा है।








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मदरसों में भी शुरू होगी ऑनलाइन पढ़ाई

मदरसों में भी शुरू होगी ऑनलाइन पढ़ाई।




 प्रदेश के मदरसों में भी ऑनलाइन पढ़ाई शुरू होगी इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को तैयारी के निर्देश दिए हैं। अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने अपने कार्यालय में विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि अरबी-फारसी मदरसों में अध्ययनरत कक्षा-1 से कक्षा-11 तक के बच्चों को स्वतः प्रोन्नत करें। मदरसों में ऑनलाइन पढ़ाई के लिए अन्य बोडों से तालमेल कर मदरसा शिक्षा बोर्ड सभी जरूरी कदम उठाए। अरबी-फारसी मदरसों में नियुक्त शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों और अनुदेशकों को समय से वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराएं। ब्यूरो



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Saturday, May 2, 2020

हाथरस : बीएड सत्र 2004-05 के परिणामो में फ़र्ज़ी / टेम्पर्ड अंकतालिकाओं के आधार पर नियुक्ति प्राप्त अध्यापकों को पक्ष प्रस्तुत करने के सम्बन्ध में

हाथरस : बीएड सत्र 2004-05 के परिणामो में फ़र्ज़ी / टेम्पर्ड अंकतालिकाओं के आधार पर नियुक्ति प्राप्त अध्यापकों को पक्ष प्रस्तुत करने के सम्बन्ध में

हाथरस : परिषदीय प्राथमिक / उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्र0अ0 / स0अ0 की वार्षिक गोपनीय आख्या की व्यवस्था के सम्बन्ध में

हाथरस : परिषदीय प्राथमिक / उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत प्र0अ0 / स0अ0 की वार्षिक गोपनीय आख्या की व्यवस्था के सम्बन्ध में

फर्जी शिक्षक प्रकरण : 120 पर लटकी कार्रवाई की तलवार

फर्जी शिक्षक प्रकरण : 120 पर लटकी कार्रवाई की तलवार

लॉकडाउन हटने के बाद ही केंद्रीय विद्यालय सहित सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में शुरू हो सकेगी प्रवेश प्रक्रिया, 17 मई तक करना होगा इंतजार, मंत्रालय जारी करेगा गाइड लाइन

लॉकडाउन हटने के बाद ही केंद्रीय विद्यालय सहित सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में शुरू हो सकेगी प्रवेश प्रक्रिया, 17 मई तक करना होगा इंतजार, मंत्रालय जारी करेगा गाइड लाइन।






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यूपी बोर्ड : विषयवार कराया जाए मूल्यांकन, केंद्रों पर न लगे भीड़

यूपी बोर्ड : विषयवार कराया जाए मूल्यांकन, केंद्रों पर न लगे भीड़

हाईकोर्ट से आया निर्णय, फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए कार्रवाई फिर शुरू

हाईकोर्ट से आया निर्णय, फर्जी शिक्षकों की बर्खास्तगी के लिए कार्रवाई फिर शुरू

टीजीटी 2004 भर्ती में पुरानी पेंशन की मांग खारिज, हाईकोर्ट का याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार

टीजीटी 2004 भर्ती में पुरानी पेंशन की मांग खारिज, हाईकोर्ट का याचिका पर हस्तक्षेप करने से इनकार

कोर्ट : टीईटी में धांधली के आरोपी को नहीं मिली बेल, जमानत अर्जी खारिज

कोर्ट : टीईटी में धांधली के आरोपी को नहीं मिली बेल, जमानत अर्जी खारिज।









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Friday, May 1, 2020

हाथरस : मा0 उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बीएड सत्र 2004-05 के फ़र्ज़ी/टेम्पर्ड अंकतालिका वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान अवरुद्ध करने के सम्बन्ध में

हाथरस : मा0 उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में बीएड सत्र 2004-05 के फ़र्ज़ी/टेम्पर्ड अंकतालिका वाले शिक्षकों का वेतन भुगतान अवरुद्ध करने के सम्बन्ध में





शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षण करने में आ रही कठिनाइयों को दृष्टिगत रख उoप्रoप्राoशिo संघ गोरखपुर ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन, देखें

शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन शिक्षण करने में आ रही कठिनाइयों को दृष्टिगत रख उoप्रoप्राoशिo संघ गोरखपुर ने बीएसए को सौंपा ज्ञापन, देखें

मांग : आर्थिक संकट से उबारने के लिए NPS को पुरानी पेंशन में बदले सरकार

आर्थिक संकट से उबारने के लिए NPS को पुरानी पेंशन में बदले सरकार 

बाराबंकी : रायबरेली : बेसिक शिक्षा का बाबू क्वारन्टीन, कर्मचारियों में मचा हड़कंप, दहशत

बाराबंकी : रायबरेली : बेसिक शिक्षा का बाबू क्वारन्टीन, कर्मचारियों में मचा हड़कंप, दहशत

ऑनलाइन क्लासेज : ऑल इज नॉट वेल स्कूलों के दावे के उलट अधिकतर बच्चों तक नहीं है पहुंच

ऑनलाइन क्लासेज : ऑल इज नॉट वेल स्कूलों के दावे के उलट अधिकतर बच्चों तक नहीं है पहुंच। 
 

प्राइवेट स्कूलों व कॉलेजों ने सरकार से शुल्क प्रतिपूर्ति और राहत पैकेज मांगा

प्राइवेट स्कूलों व कॉलेजों ने सरकार से शुल्क प्रतिपूर्ति और राहत पैकेज  मांगा

प्रयागराज : स्कूलों ने माना शासन का निर्देश, कम कर दी बढ़ी फीस

प्रयागराज : स्कूलों ने माना शासन का निर्देश, कम कर दी बढ़ी फीस।





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यूपी बोर्ड : वर्ष 2020 की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 05 मई से प्रारंभ कराए जाने के संबंध में आदेश जारी

यूपी बोर्ड : वर्ष 2020 की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य 05 मई से प्रारंभ कराए जाने के संबंध में आदेश जारी





यूपी बोर्ड : बीमार व बुजुर्ग शिक्षक नहीं करेंगे मूल्यांकन, मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश से पहले थर्मल स्कैनिंग, प्रमुख सचिव ने जारी किए दिशा निर्देश।

कॉपी जांचने के दौरान 2 - 2 मीटर दूर बैठाए जाएंगे शिक्षक,

शिक्षक बीमार व बुजुर्ग शिक्षक मूल्यांकन नहीं करेंगे।

मूल्यांकन केंद्र में प्रवेश के पहले थर्मल स्कैनिंग

प्रमुख सचिव आराधना शुक्ला ने जारी किए दिशा निर्देश

5 मई से शुरू हो रहे यूपी बोर्ड की कॉपियों के मूल्यांकन से बीमार, अशक्त और बुजुर्ग शिक्षकों को दूर रखा जाएगा। सचिव नीना श्रीवास्तव ने शनिवार को सभी मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक और जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजे गए पत्र में निर्देश दिया गया है कि जो अध्यापक शारीरिक रूप से अशक्त या अस्वस्थ्य हों या 65 साल से अधिक उम्र के हों उनसे मूल्यांकन न कराया जाए। बोर्ड ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की लगभग तीन करोड़ नौ लाख कॉपियों को जांचने के लिए 146755 शिक्षकों की ड्यूटी लगाई है। इनमें से 3257 शिक्षक ऐसे हैं जिनकी आयु 65 वर्ष या इससे अधिक है। नई गाइडलाइन के अनुसार ये तीन हजार से अधिक शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य में नहीं लगाया जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों के प्रधानाचार्यों के साथ की बैठक जिला विद्यालय निरीक्षक आरएन विश्वकर्मा ने रविवार को मूल्यांकन केंद्रों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक की। कहा कि हर हाल में 5 मई से मूल्यांकन शुरू होना है। सत्र नियमित रखने और बच्चों का परिणाम समय से देने के लिए शासन से निर्देश मिले हैं। कुछ प्रधानाचार्यों ने केंद्रों पर मास्क, ग्लव्स आदि का इंतजाम नहीं होने की बात उठाई। इसके लिए शासन से कोई बजट भी नहीं मिला है।

कुछ मूल्यांकन केंद्र बने हैं क्वांटिन सेंटर

प्रदेशभर के 75 जिलों में बनाए गए 275 मूल्यांकन केंद्रों में से कुछ में मूल्यांकन होना मुश्किल लग रहा है। इनमें या तो पीएसी की बटालियन ठहरी है या क्वारंटीन सेंटर बना दिए गए हैं। उदाहरण के तौर पर प्रयागराज में ही अग्रसेन इंटर कॉलेज में 25 मार्च से पीएसी ठहरी है। वहां के प्रधानाचार्य डॉ.आद्या प्रसाद मिश्र ने डीआईओएस आरएन विश्वकर्मा को पत्र लिखकर कहा है कि स्कूल में मूल्यांकन करना संभव नहीं है।

शिक्षकों को घर पर ही कॉपी जांचने की दें अनुमति

शिक्षक विधायक सुरेश कुमार त्रिपाठी ने उपमुख्यमंत्री और माध्यमिक शिक्षा मंत्री को रविवार को मूल्यांकन के सम्बन्ध में पत्र लिखा। उनका कहना है कि वर्तमान परिस्थिति में मूल्यांकन का एक ही रास्ता बचता है कि उत्तर पुस्तिकाएं निश्चित समय के लिए परीक्षकों को दे दी जाए तथा वह घर पर ही मूल्यांकन करें। इससे शिक्षक महामारी से भी बच जाएंगे और मूल्यांकन का कार्य भी हो जाएगा। यह छात्र, शिक्षक तथा समाज सभी के हित में होगा।



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