DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Monday, May 4, 2020

उच्च शिक्षा : उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर ऊहापोह की स्थिति, सत्र छोटा करने पर विचार

 उच्च शिक्षा : उत्तर प्रदेश में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर ऊहापोह की स्थिति, सत्र छोटा करने पर विचार


College Admission 2020: कोरोना महामारी को लेकर उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थान बंद हैं, दूसरी ओर आगामी जुलाई से शुरू होने वाले नए शैक्षिक सत्र को लेकर उच्च शिक्षा विभाग की उलझन बढ़ने लगी है। 


शिक्षा विभाग सत्र को नियमित करने के लिए कुछ विकल्पों पर भी विचार करने लगा है। पिछले चार साल से सत्र नियमित थे और सब कुछ सुचारू रूप से चल रहा था लेकिन कोरोना ने सब कुछ उलट पुलट कर दिया है। उच्च शिक्षा विभाग मे सत्र को छोटा करने पर भी गंभीरता से विचार किया जा रहा है।

पिछले तीन साल से सब कुछ ठीक था। समय पर छात्रों का प्रवेश, परीक्षा,रिजल्ट और दीक्षांत समारोह भी हो रहे थे लेकिन इस बार कोरोना संकट ने विश्वविद्यालय के लिए सरकार की ओर से जारी होने वाले कैलेंडर पर ग्रहण लगा दिया है। मई की शुरुआत हो गई है लेकिन अभी तक ज्यादातर परीक्षाएं नहीं हुई हैं। किसी तरह परीक्षा करा भी दी जाती है तो कापियों की जांच और रिजल्ट तैयार करने मे समय लगेगा। ऐसे मे यह तो तय माना जा  रहा है कि जुलाई से शिक्षा का नया सत्र तो शुरू ही नहीं हो पाएगा।  


आगामी शैक्षिक सत्र को छोटा करने पर विचार-
अभी चल रहे सत्र की परीक्षा का नया तरीका कैसा होगा इस पर सरकार और विश्वविद्यालय चिंतन कर रहा है। हालांकि परीक्षा तो लाकडाऊन खत्म के बाद ही होगा और ये कब समाप्त होगा अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। शिक्षकों का कहना है कि सत्र बचाने के इसे छोटा करना ही होगा। सत्र को अनियमित करना ज्यादा नुकसानदेह हो सकता है। 


विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इसके लिए कमेटी का भी गठन किया है। इस बात की पूरी संभावना है कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग सत्र को छोटा करने

No comments:
Write comments