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Wednesday, August 9, 2023

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के सवा लाख पद रिक्त, बेसिक शिक्षा मंत्री के अनुसार शिक्षक छात्र अनुपात भी पूरा

परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के सवा लाख पद रिक्त,  बेसिक शिक्षा मंत्री के अनुसार शिक्षक छात्र अनुपात भी पूरा 


लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 1,26,490 पद रिक्त हैं। सरकार का दावा है कि प्राथमिक विद्यालयों में 30 बच्चों पर एक शिक्षक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 35 विद्यार्थियों पर एक शिक्षक का अनुपात के अनुसार छात्र- शिक्षक अनुपात पूर्ण हैं। 


सपा विधायक अनिल प्रधान, अभय सिंह और गुलाम मोहम्मद के तारांकित प्रश्न के जवाब में बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि प्रदेश में परिषद के प्राथमिक विद्यालयों में प्रधानाध्यापक और अध्यापकों के कुल 4,17,886 पदों के सापेक्ष 85,152 पद रिक्त हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 1,62,198 स्वीकृत पदों के सापेक्ष 41,338 पद रिक्त हैं। 



तबादले के बाद कार्यमुक्ति के लिए धरने पर बैठी शिक्षिकाओं का टूटा धैर्य, सीएम आवास की ओर किया कूच का प्रयास

तबादले के बाद कार्यमुक्ति के लिए धरने पर बैठी शिक्षिकाओं का टूटा धैर्य, सीएम आवास की ओर किया कूच का प्रयास

तबादले के बाद कार्यमुक्ति के लिए कर रहीं हैं आंदोलन, पुलिस ने ईको गार्डेन पहुंचाया


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में हाल में एक से दूसरे जिले में हुए तबादले के बाद कार्य मुक्ति के लिए धरना दे रही शिक्षिकाओं का धैर्य मंगलवार को जवाब दे गया। शिक्षिकाएं एससीआरटी से सीएम आवास की तरफ कूच कर गईं। हालांकि पुलिस ने उन्हें लोहिया पथ पर रोक लिया और बस से ईको गार्डेन पहुंचा दिया।


बेसिक में हाल में हुए तबादले में लगभग शिक्षिकाएं ऐसी हैं, जो 69000 शिक्षक भर्ती की हैं। 69000 शिक्षक भर्ती के आरक्षण का मामला न्यायालय में होने से विभाग ने इस भर्ती के शिक्षकों के तबादले पर रोक लगा दी है। इससे नाराज महिला शिक्षिकाएं सोमवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय पर देर शाम तक धरने पर बैठी थीं। 


मंगलवार सुबह वह एससीआरटी पहुंच गईं और फिर धरना शुरू कर दिया। उन्हें यह उम्मीद थी कि बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल यहां मिलेंगे और उनकी इस मुद्दे पर वार्ता होगी।


लेकिन दोपहर तक सचिव यहां नहीं पहुंचे। छोटे-छोटे बच्चे लेकर धरने में शामिल महिला शिक्षिकाएं नाराज होकर सीएम आवास की ओर कूच करने निकल गईं। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी बात रखेंगी।



कार्यमुक्ति के लिए बच्चे लेकर धरने पर बैठीं 69000 भर्ती की शिक्षिकाएं


अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के बाद कार्यमुक्त करने की मांग पर फिर महिला शिक्षकों ने निशातगंज स्थित बेसिक शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन किया। इसबार कई महिला शिक्षक छोटे-छोटे बच्चों के साथ धरने पर बैठीं। शाम को महिला शिक्षक परिसर स्थित राज्य शैक्षिक तकनीकी संस्थान के कार्यालय के बाहर देर शाम तक धरने पर बैठी रहीं।


 महिला शिक्षकों ने बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा जारी एक जुलाई का आदेश रद्द करने और कार्यमुक्ति पर लगी रोक हटाने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि यह रोक केवल 69 हजार शिक्षक भर्ती वाली महिला शिक्षकों पर लगाई है।


शिक्षिकाओं ने बताया कि परिषद के दो जून के आदेश पर अंतर्जनपदीय स्थानांतरण हुआ। काउंसलिंग हो गई। विद्यालय और बीआरसी से रिलीविंग हो गई। फिर परिषद के एक जुलाई को न्यायालय में विचाराधीन एक मुकदमें के आधार पर 69 हजार शिक्षक भर्ती की महिला शिक्षकों को कार्यमुक्त न किए जाने का आदेश जारी हो गया। 


अन्य ट्रांसफर हुई शिक्षिकाएं रिलीव हो गई उनको विद्यालय भी आवंटित हो गए। अब जब कभी स्थानांतरण होगा तो हम वहां जूनियर हो जाएंगे। महिला शिक्षकों का दावा है कि इस आदेश से प्रदेश भर की चार हजार अधिक शिक्षिकाएं प्रभावित हुई हैं।


मानक पूरा करने पर हुआ तबादला

महिला शिक्षकों का कहना था कि 69 हजार शिक्षक भर्ती की शिक्षिकाओं को दो वर्ष सेवा पूरी करने के बाद ही गृह जनपद में स्थानांतरण का पात्र माना गया। परिषद द्वारा पोर्टल से मानकों के आधार पर स्थानांतरण हुआ। महिला शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि कार्यमुक्त का आदेश नहीं दिया गया तो वह धरना जारी रखने को मजबूर होंगी।

एडेड कॉलेज में शिक्षकों कर्मचारियों, छात्रों की होगी बायोमीट्रिक अटेंडेंस

एडेड कॉलेज में शिक्षकों कर्मचारियों, छात्रों की होगी बायोमीट्रिक अटेंडेंस


लखनऊ। शासन ने प्रदेश के सहायता प्राप्त असाशकीय महाविद्यालय में शिक्षकों, कर्मचारियों व छात्रों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस लागू करने के निर्देश दिए हैं। 


उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. ब्रह्मदेव ने इसे लेकर निर्देश जारी किए हैं। सहायता प्राप्त असहकीय महाविद्यालय के प्रबंधक, सचिव व प्राचार्य को पत्र भेजकर उन्होंने इसे प्रभावी बनाने को कहा है।



उन्होंने कहा है कि कई प्रबंधक, सचिव की ओर से इसकी मांग की गई है। इस क्रम में उन्होंने निर्देश दिया है कि सभी महाविद्यालय अपने याह शिक्षक, कर्मचारी व छात्रों की बायोमीट्रिक अटेंडेंस लागू करना सुनिश्चित करें। इसकी जानकारी उनके साथ ही क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भी देना सुनिश्चित करेंगे। 


Tuesday, August 8, 2023

आठ साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों ने घेरा तो एक माह में कार्यवाही पूरी करने का मिला आश्वासन, बेसिक शिक्षा मंत्री नहीं मिले तो निदेशालय का किया घेराव

आठ साल से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों ने घेरा तो एक माह में कार्यवाही पूरी करने का मिला आश्वासन, बेसिक शिक्षा मंत्री नहीं मिले तो निदेशालय का किया घेराव


लखनऊ। बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षक आठ माह से पदोन्नति (प्रमोशन) प्रक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। इस साल जनवरी में प्रक्रिया शुरू भी हुई तो अब तक पूरी नहीं हो सकी। इससे नाराज शिक्षकों ने सोमवार को लखनऊ में डेरा डाल दिया। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मुलाकात नहीं हुई तो उन्होंने निदेशालय का घेराव किया। अधिकारियों ने एक माह में कार्यवाही पूरी करने का आश्वासन दिया।


शिक्षकों ने कहा कि आठ साल से उनके यहां पदोन्नति नहीं हुई। वहीं 23 जनवरी को बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रक्रिया तो शुरू की लेकिन आठ महीने में भी यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई। इससे शिक्षकों में काफी नाराजगी है। ऐसे में विभिन्न जिलों से शिक्षक सोमवार को बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मिलने उनके आवास पहुंचे। हालांकि वह नहीं मिले।


इसके बाद शिक्षक बेसिक शिक्षा निदेशालय पहुंचे। यहां उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने शिक्षकों से वार्ता की और कहा कि प्रक्रिया चल रही है। शिक्षकों की मेरिट बनाने में समय लग रहा है, एक महीने में प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद भी शिक्षक बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल से मिलने के लिए डटे रहे।


शिक्षकों का नेतृत्व कर रहे निर्भय सिंह ने कहा कि यदि जल्द पदोन्नति की प्रक्रिया नहीं पूरी की जाती तो शिक्षक आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। घेराव में सदानंद मिश्रा, अमिताभ मिश्र, शिवकुमार पाठक, रोहित शुक्ला, विद्या सिंह, अमिताभ मिश्र, अनूप श्रीवास्तव, अंजनी झा, आत्माराम, आशुतोष, जेपी नगीना राय, अनुराग आदि शामिल थे। 




लगातार लटकते जा रहे बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन, शिक्षकों का धैर्य दे रहा जवाब, छह महीने से ज्यादा बीते, तैयार नहीं हो सकी वरिष्ठता सूची


छह महीने से ज्यादा वक्त बीत गया लेकिन तब से बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया जहां की तहां अटकी है। अभी तक सभी जिलों की वरिष्ठता सूची तक पोर्टल पर अपलोड नहीं हो सकी है। अब शिक्षकों का धैर्य जवाब देने लगा है। इसको लेकर सोमवार को प्रदेशभर से शिक्षक छुट्टी लेकर लखनऊ पहुंच रहे हैं। वे शिक्षा मंत्री और विभाग के अफसरों से मिलकर स्थिति साफ करने की मांग करेंगे। 


बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया फरवरी शुरू हुई थी। उसके बाद से आवेदन और फिर में वरिष्ठता सूची जारी करने की तारीख लगातार बढ़ती रही। करीब एक दर्जन बार तारीख बढ़ने के बाद प्रक्रिया थम गई। इस बीच तबादलों के आदेश हो गए। इसमें से अंतरजनपदीय तबादले हो चुके हैं और अब तैनाती प्रक्रिया शुरू हो गई है लेकिन प्रमोशन को लेकर विभाग के अफसर अब चुप्पी साधे हैं।


 पिछले महीने एक आदेश आया था कि सभी बीएसए 24 जुलाई तक वरिष्ठता सूची को जांच लें। हकीकत यह है कि पोर्टल पर अभी तक 29 जिलों की ही अंतिम सूची अपलोड हो पाई है। तब से कोई नया आदेश नहीं आया।


बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन कई साल से नहीं हुए। अब फिर से प्रमोशन प्रक्रिया लटकने से शिक्षकों में रोष है। कई जिलों में शिक्षकों ने रविवार को अपने क्षेत्र के सांसदों और नेताओं से भी मुलाकात कर यह समस्या रखी। प्रदेशभर से शिक्षक अब छुट्टी लेकर सोमवार को लखनऊ में जुटेंगे। 


वरिष्ठता सूची को लेकर काफी आपत्तियां आई थीं। उनका निस्तारण किया जा रहा है। जल्द ही सभी जिलों की अंतिम सूची जारी कर तबादले किए जाएंगे। - विजय किरण आनंद, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा


प्रमोशन में फंस रहे ये पेच

प्रमोशन प्रक्रिया में अब भी कई पेच फंस रहे हैं। सबसे बड़ी दिक्कत वरिष्ठता सूची को लेकर है। इसमें बड़ा पेच टीईटी की अनिवार्यता को लेकर है। इसी वजह से 2018 में प्रमोशन प्रक्रिया रुक गई थी। जिन शिक्षकों का प्रमोशन होना है वे प्राइमरी के सहायक से जूनियर के सहायक अध्यापक बनेंगे। इनमें शिक्षक बनने के लिए जूनियर टीईटी अनिवार्यता को आधार बनाकर कुछ शिक्षक 2018 में कोर्ट चले गए थे। प्रदेश में कुछ शिक्षक जूनियर टीईटी पास हैं और कुछ नहीं। अभी जो 29 जिलों की वरिष्ठता सूची अपलोड हुई है, उसमें दोनों तरह के शिक्षक हैं। अधिकारी असमंजस में हैं कि बिना टीईटी वालों को शामिल करें या नहीं। इस वजह से वरिष्ठता सूची तैयार नहीं हो पा रही। प्रमोशन प्रक्रिया शुरू करने से पहले इसके लिए पूरी तैयारी नहीं की गई। शुरुआती आदेश में यह भी साफ नहीं किया गया कि कितने पद हैं और कितने पर प्रमोशन होगा। यही वजह है कि अब अधिकारी खुद असमंजस में हैं कि क्या करें ?

बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही जारी होगी छात्रवृत्ति

बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही जारी होगी छात्रवृत्ति,  अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री का निर्देश, 

सत्यापन के लिए लगेंगे शिविर संबंधित संस्था में शिविर लगाया

चार लाख से ज्यादा विद्यार्थियों को मिलना है फायदा


लखनऊ। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण व वक्फ मंत्री धर्मपाल सिंह ने केंद्रीय छात्रवृत्ति योजनाओं में आवेदन करने वाले करीब चार लाख विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति बायोमीट्रिक सत्यापन के बाद ही जारी करने के निर्देश दिए हैं। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय प्री मैट्रिक, पोस्ट मैट्रिक और मेरिट कम मीन्स छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति देता है। अब इसे स्टेट नोडल अधिकारी, डिस्ट्रिक नोडल अधिकारी, इंस्टीट्यूट नोडल अधिकारी, संस्थाध्यक्ष और आवेदक छात्र - छात्राओं के सत्यापन के बाद ही दिया जाएगा। 


अल्पसंख्यक बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए सभी जिलों में डीएम की अध्यक्षता में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। जिला स्तर पर शिविर लगाकर बायोमीट्रिक द्वारा इन्स्टीट्यूट नोडल अधिकारी और संस्थाध्यक्ष का सत्यापन होना है। सभी संस्थानों की मैपिंग कराकर जाएगा। 


इन शिविरों के माध्यम से 4,01,876 छात्र - छात्राओं का बायोमीट्रिक सत्यापन होगा। यह पूरी कार्यवाही 25 अगस्त तक पूरा करने को कहा गया है। इसके लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सभी मंडलीय उप निदेशकों और जिला कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए जा चुके हैं। 


सभी संस्थाओं के संस्थाध्यक्षों से अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने अपील की है कि निर्धारित तारीखों पर बायो- सत्यापन शिविर में अपना और छात्र-छात्राओं का सत्यापन जरूर करा लें।


75 साल से कम अवधि वाले स्कूलों को भी अब मिलेगा प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत मौका

75 साल से कम अवधि वाले स्कूलों को भी अब मिलेगा प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत मौका

प्रोजेक्ट अलंकार : जिला स्तरीय समिति कर सकती है ऐसे जर्जर स्कूलों की संस्तुति

लखनऊ। प्रोजेक्ट अलंकार को लेकर सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों की कम रुचि को देखते हुए शासन ने 75 साल की अवधि से कम वाले जर्जर स्कूलों को भी योजना में शामिल करने का फैसला किया है। गौरतलब है कि रजिस्ट्रेशन कराने वाले 1035 विद्यालयों में से 284 ने अपने आवेदन सब्मिट किए, जिसमें से मात्र 238 ने ही 25 फीसदी राशि देने पर सहमति दी है।


योजना के लिए शासन ने 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 75 साल पुराने जर्जर एडेड विद्यालयों की मरम्मत, पुनरोद्धार, पुनर्निर्माण, अवस्थापना सुविधाओं के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जिला स्तरीय कमेटी की रिपोर्ट के बाद निर्माण आदि में आने वाले खर्च का 75 फीसदी पैसा शासन और 25 फीसदी प्रबंधन को देना होता है। चूंकि योजना में विद्यालयों के आवेदन की संख्या कम होने पर शासन ने इसका दायरा बढ़ा दिया है।


47 विद्यालय ही 75 साल या अधिक वाले

माध्यमिक शिक्षा विभाग को मिले अब तक के आवेदन में मात्र 47 विद्यालय ही 75 साल या उससे अधिक की अवधि वाले हैं। इन्होंने 25 फीसदी राशि देने की सहमति दी है। इसे देखते हुए विभाग ने पूर्व में आए आवेदनों के विधिवत परीक्षण कर जिला स्तरीय समिति की संस्तुति के साथ प्रस्ताव 10 अगस्त तक उपलब्ध कराने को कहा है।


माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने कहा कि आवेदन कम होने का एक कारण 75 साल की अवधि वाले विद्यालयों का ही चयन भी है। इसके लिए निधार्रित अंतिम तारीख 20 जुलाई को बढ़ाकर 14 अगस्त तक किया गया है। इसके साथ ही डीआईओएस से कहा गया है कि 75 साल से कम अवधि वाले जर्जर स्कूलों के चयन के निर्देश दिए गए हैं।

113 पॉलीटेक्निक संस्थानों की NOC होगी निरस्त, जानिए क्यों?

113 पॉलीटेक्निक संस्थानों की NOC होगी निरस्त, जानिए क्यों?


लखनऊ : डीफार्मा कोर्स के लिए झूठा शपथपत्र दाखिल करने वाले पॉलीटेक्निक संस्थानों की एनओसी रद्द होगी। प्रदेश के 113 ऐसे संस्थानन चिह्नित किए हैं जिन्होंने झूठा शपथपत्र दायर किया था।

यह खुलासा 543 संस्थानों की जांच में हुआ है। इनमें से 19 संस्थानों के पास अपनी भूमि नहीं है तथा 94 ने तो दूसरे संस्थानों के नाम पर एनओसी हासिल कर ली थी।

फार्मेसी काउंसिल आफ इंडिया (पीसीआई) के मानकों के मुताबिक डीफार्मा कोर्स संचालित करने के लिए अलग भवन होना जरूरी है।



दोबारा हुई थी जांच

फर्जी एनओसी के मामले में एक नहीं बल्कि दो-दो बार जांच के बाद झूठा शपथ पत्र देने वाली संस्थाओं की एनओसी रद् करने का कदम उठाया जा रहा है।

सबसे पहले सभी जिलों के जिलाधिकारियों ने कॉलेजों की जांच की। जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी गई। जिसके बाद दोबारा जांच के निर्देश दिए गए। दूसरी जांच रिपोर्ट में भी झूठे शपथ पत्र से एनओसी प्राप्त करने की पुष्टि हुई।

Monday, August 7, 2023

सितंबर में लखनऊ में डेरा डालेंगे शिक्षामित्र, समान कार्य समान वेतन, मानदेय बढ़ोतरी और स्थायीकरण को लेकर शिक्षामित्र करेंगे आंदोलन

सितंबर में लखनऊ में डेरा डालेंगे शिक्षामित्र, समान कार्य समान वेतन, मानदेय बढ़ोतरी और स्थायीकरण को लेकर शिक्षामित्र करेंगे आंदोलन


लखनऊ। उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ की बैठक रविवार को दारुलशफा में हुई । बैठक में अगस्त व सितंबर में शिक्षामित्रों की समस्याओं के निस्तारण के लिए रणनीति बनाई गई। 


तय किया गया की समान कार्य समान वेतन, मानदेय बढ़ोतरी, स्थायीकरण आदि को लेकर शिक्षा मित्र आंदोलन करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला ने बताया कि इस महीने प्रदेश के सभी सांसदों से मिलकर उनके क्षेत्र के शिक्षामित्र अपनी समस्याओं को रखेंगे, निस्तारण की मांग रखेंगे। 


यदि अगस्त में शिक्षामित्रों की मांगों पर प्रदेश सरकार उचित निर्णय नहीं लेती है तो सितंबर में चरणबद्ध तरीके से संघ आंदोलन चलाएगा। इसके लिए लखनऊ में शिक्षामित्र डेरा डालेंगे।

Sunday, August 6, 2023

47 दिन से याचना और 33 दिन से उपवास कर रहे तदर्थ शिक्षक, मांगों पर अब तक कोई सुनवाई नहीं

47 दिन से याचना और 33 दिन से उपवास कर रहे तदर्थ शिक्षक, मांगों पर अब तक कोई सुनवाई नहीं



लखनऊ। माध्यमिक विद्यालयों के एडेड कॉलेजों के तदर्थ शिक्षक वेतन और समायोजन के लिए 47 दिन से याचना और 33 दिन से उपवास कर रहे हैं। निदेशालय में वह लगातार बैठे हुए हैं लेकिन विभागीय अधिकारी व सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है। वहीं, शिक्षक गांधीगीरी से अपनी बात रख रहे हैं।


तदर्थ शिक्षक संघर्ष समिति के संयोजक राजमणि सिंह ने कहा कि साल भर से वेतन न मिलने से परिवार चलना भी संभव नहीं हो पा रहा है।

क्योंकि इसी वेतन से बुजुर्ग मां-पिता की दवाइयां और बच्चों का पठन- पाठन भी होती है। हम सभी की सेवा सुरक्षित नहीं होगी तो उम्र के इस पड़ाव में हम कहीं और आवेदन भी नहीं कर सकते हैं। ऐसे में सरकार को शिक्षकों की दिक्कतों पर सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। 


शनिवार को उपवास पर राहुल सिंह सुल्तानपुर, बृजेश मिश्रा प्रतापगढ़, बृजेश सिंह प्रतापगढ़, अभिमन्यु सिंह प्रतापगढ़, राजेश्वर प्रसाद सिंह प्रतापगढ़ समेत 30 शिक्षक बैठे थे। 

हाईकोर्ट ने बीएसए बुलंदशहर के आदेश पर लगाई रोक, समकक्ष के आदेश पर नहीं कर सकते टिप्पणी, जानिए अंतर्जनपदीय तबादले से जुड़ा पूरा मामला

बीएसए को दूसरे बीएसए, बेसिक शिक्षा सचिव के फैसले पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं, अंतरजनपदीय तबादले के मामले में हाईकोर्ट की टिप्पणी

न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल ने अर्चना तालिया की याचिका पर दिया आदेश


प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बुलंदशहर को पति के दिल्ली पुलिस में केंद्रीय अधिकारी होने की वजह से याची अध्यापिका को दस अंक देकर अमेठी से बुलंदशहर स्थानांतरित करने के बीएसए अमेठी तथा सचिव बेसिक शिक्षा परिषद, प्रयागराज के फैसले पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने बीएसए बुलंदशहर को व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर यह बताने का निर्देश दिया है कि किस कानूनी प्राधिकार से उन्होंने तबादला आदेश मानने से इन्कार किया है। याचिका की अगली सुनवाई 16 अगस्त को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल ने की है। अर्चना तालिया की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।

याची का कहना है कि वह अमेठी में अध्यापिका के पद पर कार्यरत है। उसने बीएसए अमेठी से अंतरजनपदीय तबादले की मांग की। कहा, उसके पति दिल्ली पुलिस में अधिकारी हैं। बीएसए ने उसे दस अंक देकर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद के पास संस्तुति भेजी। सचिव ने याची का बुलंदशहर तबादला कर दिया। किंतु बीएसए बुलंदशहर ने याची के पति को केंद्र सरकार का अधिकारी मानने के फैसले को ग़लत करार दिया। कहा, बीएसए अमेठी ने दस अंक देकर गलती की है।


कोर्ट ने कहा, एक वीएसए को दूसरे बीएसए तथा परिषद के सचिव के निर्णय पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है। तबादले पर अमल न करने का आदेश कानून की दृष्टि में कायम रहने योग्य नहीं है। कोर्ट ने बीएसए बुलंदशहर के आदेश पर रोक लगाते हुए सफाई मांगी है कि किस अधिकार से ऐसा आदेश दिया है।


हाईकोर्ट ने बीएसए बुलंदशहर के आदेश पर लगाई रोक, समकक्ष के आदेश पर नहीं कर सकते टिप्पणी


प्रयागराज : बेसिक शिक्षा अधिकारी बुलंदशहर ने अपने ही विभाग के वरिष्ठ अधिकारी सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश को दरकिनार कर दिया। सिर्फ इतना ही नहीं उन्होंने अपने समकक्षीय अधिकारी बीएसए अमेठी के आदेश पर भी प्रतिकूल टिप्पणी कर दी। मामला हाईकोर्ट पहुंचा तो कोर्ट ने बीएसए बुलंदशहर के आदेश पर रोक लगाते हुए उनसे व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। कोर्ट ने उन्हें यह बताने को कहा है कि किस अधिकार के तहत उन्होंने इस प्रकार का आदेश किया। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल ने अर्चना तालियान की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।


याची के अधिवक्ता ऋषि श्रीवास्तव के मुताबिक याची ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण नीति के तहत अमेठी से बुलंदशहर स्थानांतरण के लिए बीएसए अमेठी को आवेदन किया था। याची ने अपने आवेदन में कहा कि उनके पति दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं इसलिए याची का स्थानांतरण दिल्ली के पास स्थित बुलंदशहर किया जाए। बीएसए अमेठी ने याची के पति के दिल्ली पुलिस में कार्यरत होने के आधार पर आवेदन पर याची को 10 अंक दिए और प्रार्थना पत्र सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को अग्रसारित कर दिया गया। विस्तृत समीक्षा के बाद सचिव बेसिक शिक्षा परिषद ने अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को मंजूरी दे दी। उसके बाद याची का स्थानांतरण अमेठी से बुलंदशहर कर दिया गया। जब याची ने बीएसए बुलंदशहर से ज्वाइन कराने के लिए संपर्क किया तो उन्होंने न सिर्फ ज्वाइन कराने से इनकार कर दिया बल्कि बीएसए अमेठी द्वारा याची के आवेदन पर आवंटित 10 अंक पर भी टिप्पणी करते हुए उनके निर्णय को गलत बताया।

इस आदेश को याचिका के माध्यम से चुनौती दी गई। कोर्ट ने कहा कि प्रथमदृष्टया बीएसए बुलंदशहर को सचिव बेसिक शिक्षा परिषद व बीएसए अमेठी के कार्य पर टिप्पणी करने का कोई क्षेत्राधिकार नहीं है। कानून की नजर में बीएसए बुलंदशहर का आदेश जारी रहने योग्य नहीं है। कोर्ट ने 15 जुलाई 2023 को जारी बीएसए बुलंदशहर के आदेश पर रोक लगा दी और बेसिक शिक्षा परिषद के अधिवक्ता से इस मामले में जानकारी तलब की है। साथ ही बीएसए बुलंदशहर को मामले में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है कि किस कानूनी प्रावधान के तहत उन्हें इस प्रकार का आदेश करने का अधिकार है।

बिना शिक्षक देखा जा रहा बच्चों को निपुण बनाने का सपना, नगर क्षेत्र के 20 प्रतिशत प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक ही नहीं

बिना शिक्षक देखा जा रहा बच्चों को निपुण बनाने का सपना, नगर क्षेत्र के 20 प्रतिशत प्राइमरी स्कूलों में शिक्षक ही नहीं

शिक्षामित्र और अनुदेशक करवा रहे हैं पढ़ाई, कई विद्यालय एक शिक्षक के भरोसे चल रहे


लखनऊ। राजधानी में बगैर संसाधनों और शिक्षकों के प्राइमरी स्कूल के बच्चों को निपुण बनाने का सपना देखा जा रहा है। हकीकत यह है कि नगर क्षेत्र के कुल परिषदीय विद्यालयों में से 20 फीसदी में एक भी नियमित शिक्षक नहीं है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम में सिर्फ नियमित शिक्षकों को ही मानक के अनुरूप माना जाता है। इसके बावजूद ये स्कूल सिर्फ शिक्षामित्र और अनुदेशकों के भरोसे चल रहे हैं।


लखनऊ के नगर क्षेत्र में 252 विद्यालय हैं। इनमें से 195 प्राथमिक व 57 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इन स्कूलों में से 50 से ज्यादा ऐसे हैं, जहां एक भी नियमत शिक्षक की तैनाती नहीं है। उधर, प्राथमिक विद्यालय कैविनटगंज, उदयगंज, कंधार बाजार, भेडीमण्डी, लऊआखेड़ा व बड़ी जुगीली सहित कई ऐसे विद्यालय हैं, जो सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।


निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अनुसार प्राथमिक स्कूलों में 30 छात्रों पर कम से कम एक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 35 छात्रों पर एक शिक्षक का होना जरुरी है। यह मानक पूरे करना तो दूर प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की तैनाती ही नहीं है।


2011 से नहीं हुआ स्नानांतरण

नगर क्षेत्र में साल 2011 से अभी तक किसी भी शिक्षक का स्थानांतरण नहीं हुआ। लंबे समय से शिक्षकों का अभाव है। बिना शिक्षकों के निपुण का लक्ष्य कैसे पूरा किया जाएगा। शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर शासन को कई बार पत्र भेजा या, पर अभी तक मांग पर अमल नहीं किया गया। संदीप कुमार, यूपी प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ


नगर क्षेत्र के स्कूलों में पोस्टिंग पर लगी है रोक नगर क्षेत्र के स्कूलों में पोस्टिंग और प्रमोशन पर फिलहाल रोक लगी हुई है। इन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, लेकिन शिक्षामित्र और अनुदेशकों के सहारे पढ़ाई चल रही है। अरुण कुमार, बीएसए, लखनऊ



नगर क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त, शिक्षकों को संबद्ध कर किसी तरह चला रहे काम, सैकड़ों विद्यालय हुए शिक्षक विहीन


लखनऊ : वर्ष 2011 से ग्रामीण क्षेत्र से नगर क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के समायोजन नहीं होने से प्रदेश के शहरी क्षेत्र के प्राइमरी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने की कगार पर पहुंच चुकी है। हालत यह है कि कई क्षेत्रों में दूसरे विद्यालयों के शिक्षकों को अटैच कर किसी प्रकार स्कूलों को संचालित किया जा रहा है। इतना ही नहीं, समायोजन नहीं होने से प्रदेश के सैकड़ों विद्यालय शिक्षक विहीन हो चुके हैं जबकि सैकड़ों स्कूल ऐसे हैं जो शिक्षामित्रों के भरोसे हैं।


अकेले लखनऊ में शहरी क्षेत्र के 55 विद्यालय ऐसे हैं, जो शिक्षक विहीन हैं। कानपुर में ऐसे स्कूलों की संख्या 137 से अधिक है। करीब 12 वर्षों से ग्रामीण क्षेत्र से नगर क्षेत्र में समायोजन न होने से प्राइमरी स्कूल शिक्षक विहीन होते जा रहे हैं, जिसका असर इन स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।


 राजधानी लखनऊ को ही लें तो यहां नगर क्षेत्र में 252 प्राइमरी विद्यालय हैं, इनमें से 195 प्राथमिक और 57 उच्च प्राथमिक स्कूल है। इनमें से 55 विद्यालय शिक्षक विहीन हो चुके हैं। जिनमें 37 प्राथमिक विद्यालय और 18 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।


एक शिक्षक के हवाले 13 किताबें जिन विद्यालयों में पास के स्कूल से एक-एक शिक्षक अटैच किये गये हैं, वहां भी बुरी तरह पढ़ाई प्रभावित है। शिक्षक कई कक्षाओं के छात्रों को एक साथ पढ़ाते हैं, प्राथमिक विद्यालय में एक कक्षा में 5 किताबें जबकि उच्च प्राथमिक में 13 किताबें हैं।

जिले स्कूलों की संख्या

गौतमबुद्धनगर 61
गाजियाबाद 58
वाराणसी 50
मेरठ 67
बरेली 69
प्रयागराज 70
गोरखपुर 53
अयोध्या 62


इस सम्बन्ध में शासन को पत्र भेजा जा चुका है, जल्द ही ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के अतिरिक्त शिक्षकों को प्रतिनियुक्ति पर शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात किया जाएगा ताकि यह समस्या दूर हो सके। -विजय किरन आनंद, महानिदेशक, स्कूल शिक्षा, उत्तर प्रदेश

Saturday, August 5, 2023

’चालाक' अभिभावकों से निपटना बेसिक शिक्षकों के लिए बनी चुनौती, सरकारी व प्राइवेट दोनों जगह नामांकन कराने की चल रहे चालें, सरकारी में डीबीटी की धनराशि लेकर प्राइवेट स्कूल पर करते खर्च

’चालाक' अभिभावकों से निपटना बेसिक शिक्षकों के लिए बनी चुनौती

■ सरकारी व प्राइवेट दोनों जगह नामांकन कराने की चल रहे चालें
■ सरकारी में डीबीटी की धनराशि लेकर प्राइवेट स्कूल पर करते खर्च



परिषदीय स्कूलों के शिक्षक इन दिनों नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह चुनौती उन 'चालाक' अभिभावकों से निपटने की है, जिन्होंने अपने बच्चों का नामांकन उनके विद्यालय के साथ प्राइवेट स्कूलों में भी करा रखा है। विडंबना यह भी है कि एक बार वेरीफाई करने के बाद प्रेरणा पोर्टल पर ऐसे बच्चों का नाम हटाने के लिए डिलीट का विकल्प भी नहीं आता है।


अप्रैल में नए सत्र की शुरुआत होते ही बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी शिक्षकों पर दबाव डालते हैं कि अगली कक्षा में गए बच्चों को तत्काल वेरीफाई किया जाए। वह शिक्षकों को यह पता लगाने का भी मौका नहीं देते कि नवीन सत्र में कितने बच्चे दूसरे स्कूलों में जाने वाले हैं। अप्रैल में ही छात्रों के वेरीफिकेशन के बाद डिलीट का आप्शन समाप्त हो जाता है। 


नई मुसीबत तब आती है जब तमाम अभिभावक अप्रैल की बजाए जुलाई में अपने बच्चों का नामांकन प्राइवेट स्कूलों में करा देते हैं। पता चलने के बावजूद शिक्षक इन बच्चों को प्रेरणा पोर्टल से डिलीट नहीं कर पाते हैं।


बनाते हैं बहाने

कई शिक्षक बताते हैं कि दूसरे स्कूलों में नामांकन कराने वाले बच्चों की जानकारी दूसरे स्रोतों से मिलने पर जब अभिभावक से इन बच्चों के बारे में पूछा जाता है तो वे झूठ बोलते हैं। कभी कहते हैं कि नानी के घर गया है तो कभी कहते हैं कि बीमार है। | ऐसा करके वे काफी दिन व्यतीत कर देते हैं।


हर समय रहना चाहिए डिलीट का विकल्प

शिक्षकों की मांग है कि शिक्षकों के पास दूसरे स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों का नाम अपने स्कूल से डिलीट करने का विकल्प हमेशा उपलब्ध रहना चाहिए। ऐसा न होने का फायदा अभिभावक उठा रहे हैं और शिक्षक कुछ नहीं कर पा रहे हैं।

ड्रेस से भोजन तक सब फ्री, बच्चे को स्कूल ले जाएं : सीएम योगी की अभिभावकों को नसीहत

ड्रेस से भोजन तक सब फ्री, बच्चे को स्कूल ले जाएं : सीएम योगी की अभिभावकों को नसीहत 


लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि बच्चों को स्कूल न भेजने वाले जो माता- पिता ये कहें कि हम गरीब हैं और पढ़ा नहीं सकते, उनसे पूछिए कि क्या अपने बच्चे को भी जिंदगी भर गरीबी ही देना चाहते हैं। 


आकांक्षात्मक विकास खंडों में कार्य करने वाले 100 सीएम शोधार्थियों से योगी ने कहा कि मां-बाप को बताएं कि स्कूल ड्रेस से लेकर भोजन तक फ्री है। ये बताकर हाथ पकड़कर बच्चे को स्कूल ले जाएं। 


मुख्यमंत्री ने ग्रामीण इलाकों में स्कूल न जाने वाले बच्चों को 'स्कूल 'चलो' अभियान से जोड़ने का आह्वान किया। लोकभवन में आयोजित मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आकांक्षात्मक विकासखण्डों की प्रगति पुस्तिका का विमोचन किया। साथ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले पांच आकांक्षात्मक विकासखण्डों को पांच करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी। 

CBSE : 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा में 47 प्रतिशत छात्र पास

CBSE : 10वीं की कंपार्टमेंट परीक्षा में 47 प्रतिशत छात्र पास

45,323 छात्रों ने प्राप्त किए 33 से 40 फीसदी के बीच अंक


नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की दसवीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा में  47.40 फीसदी छात्र सफल रहे हैं। सीबीएसई ने बारहवीं के बाद शुक्रवार को दसवीं के कंपार्टमेंट व इम्प्रूवमेंट परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए। छात्र सीबीएसई की वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं। परीक्षा 17 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित की गई थी। अब छात्रों के अंकों के सत्यापन की प्रक्रिया सात जुलाई से शुरू होगी। इसके संबंध में जल्द ही अलग से सकुर्लर जारी किया जाएगा।


कंपार्टमेंट की परीक्षा में कुल 1,31,385 छात्र पंजीकृत हुए थे। इनमें से 1,27, 622 छात्र-छात्राओं ने परीक्षा दी, जबकि 3763 अनुपस्थित रहे। परीक्षा में कुल 60,551 छात्र छात्राओं को पास घोषित किया गया है। इस तरह से परीक्षा का पास प्रतिशत 47.40 फीसदी रहा है। एक बार फिर छात्राओं का रिजल्ट छात्रों के मुकाबले में बेहतर रहा है। छात्राओं का पास प्रतिशत 49.90 फीसदी व छात्रों का पास प्रतिशत 46 फीसदी रहा है।


इस परीक्षा में कुल 66, 808 की फिर कंपार्टमेंट आई है। परीक्षा में 257 छात्र व छात्राओं को फेल घोषित किया गया है। परीक्षा में 33- 40 फीसदी के बीच अंक प्राप्त करने वालों की संख्या सर्वाधिक 45, 323 है।



CBSE Compartment Result 2023 : सीबीएसई 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का रिजल्ट जारी, ऐसे चेक करें स्कोरकार्ड

CBSE Compartment Result 2023: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल छात्र बोर्ड की वेबसाइटों cbseresults.nic.in और results.cbse.nic.in पर जाकर इसे चेक कर सकते हैं।



CBSE Class 12th Compartment Result 2023 Out: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। परीक्षा में शामिल छात्र बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइटों cbseresults.nic.in और results.cbse.nic.in पर जाकर इसे चेक कर सकते हैं। स्कोरकार्ड डाउनलोड करने के लिए उन्हें रोल नंबर, स्कूल नंबर और एडमिट कार्ड आईडी का उपयोग करना होगा।

सीबीएसई 10वीं, 12वीं की पूरक परीक्षाएं 2023 17 जुलाई से शुरू हुईं। जबकि कक्षा 12 की पूरक परीक्षाएं केवल एक ही दिन, 17 जुलाई को आयोजित की गई थी, जबकि कक्षा 10वीं की पूरक परीक्षाएं 22 जुलाई तक आयोजित की गईं। दोनों कक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं 06 जुलाई से 22 जुलाई तक आयोजित की गई थी।
बता दें कि बोर्ड परीक्षा 2023 में एक या अधिक विषयों में फेल होने वाले छात्रों के लिए सीबीएसई पूरक परीक्षा 2023 आयोजित की गई थी। कक्षा 12 में कुल 1,25,705 छात्रों को कंपार्टमेंट में रखा गया था। परिणाम घोषित होने के बाद, छात्रों को समेकित मार्कशीट मिलेंगी। 

ऐसे करें चेक
सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या cbseresults.nic.in पर जाएं।

कक्षा 10वीं, 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा परिणाम के लिंक पर क्लिक करें।

अब लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें।

सीबीएसई 10वीं, 12वीं कंपार्टमेंट परीक्षा परिणाम स्क्रीन पर प्रदर्शित होंगे।

भविष्य के संदर्भ के लिए स्कोर कार्ड डाउनलोड करें

नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर एडेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का निदेशालय पर प्रदर्शन

नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर एडेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों का निदेशालय पर प्रदर्शन


लखनऊ। एडेड शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर शुक्रवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रर्दशनकारियों व पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। 


अभ्यर्थियों ने बताया कि अशासकीय सहायक प्राप्त जूनियर हाईस्कूल प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापक पद की भर्ती की अक्तूबर 2021 में लिखित परीक्षा व नवंबर 2021 में परिणाम जारी हुआ। इसमें 1544 अभ्यर्थी सफल हुए थे, लेकिन अब तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है।


अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी कि जल्द नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया तो अनिश्चितकालीन धरना शुरू करेंगे। देर तक चले प्रदर्शन के बाद अभ्यर्थियों का प्रतिनिधिल ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा महेंद्र देव सिंह से मुलाकात की। 


निदेशक ने महाअधिवक्ता से इस संबंध में मुलाकात करने का आश्वासन दिया और मामले का निस्तारण करने की बात कही। इसके बाद अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया।

स्कूलों में बच्चों को सिखाएंगे बाल संवारने का सलीका, सीआईएससीई ने कक्षा नौ और 10 के लिए जारी किए पांच वोकेशनल कोर्स

स्कूलों में बच्चों को सिखाएंगे बाल संवारने का सलीका, सीआईएससीई ने कक्षा नौ और 10 के लिए जारी किए पांच वोकेशनल कोर्स

लखनऊ :  स्कूली स्तर से लेकर उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) लागू होने के बाद कई बदलाव हुए हैं। इसमें एक बड़ा बदलाव विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा देना है। इसी को देखते हुए हर स्तर पर नए-नए पाठ्यक्रम तैयार किए जा रहे हैं। काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) के तहत संचालित स्कूलों में अब छात्र पढ़ाई के साथ हेयर स्टाइलिंग यानी बालों को संवारने और सुरक्षित रखने के तरीके भी सीख सकेंगे।


सीआईएससीई ने कक्षा नौ और 10 के लिए पांच वोकेशनल कोर्स जारी किए हैं। जिनमें असिस्टेंट हेयर स्टाइलिस्ट, असिस्टेंट थेरेपिस्ट, बेसिक डाटा ऑपरेटर, डायटेटिक एड, कैशियर विषयों के सम्बंधित पढ़ाई होगी। अनएडेड प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने कहा कि पढ़ाई के साथ वोकेशनल कोर्स छात्रों की रुचि को देखते हुए तैयार किए गए हैं। जिस क्षेत्र में छात्र को रुचि होगी वह उससे सम्बंधित कोर्स कर सकता है। स्कूलों को चाहिए सिर्फ उतने ही कोर्स का संचालन करें जितने कोर्स सारी सुविधाओं के साथ छात्रों को कराएं जा सकें। प्रत्येक कोर्स में पचास अंक थ्योरी और पचास अंक प्रैक्टिकल के होंगे।

ये नए कोर्स शुरू होंगे

● असिस्टेंट हेयर स्टाइलिस्ट

छात्रों को बालो की बुनियादी देखभाल, शैम्पू, बाल काटने, डिजाइनिंग का प्रशिक्षण मिलेगा

● असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट

विद्यार्थी को सौंदर्य चिकित्सा की मूल बातें से परिचित कराया जाएगा।

● बेसिक डाटा इंट्री ऑपरेटर

कम्प्यूटर डेटाबेस में डेटा दर्ज करने और टाइपिंग करना सिखाया जाएगा

● डायटेटिक एड

भोजन बनाने से लेकर परोसने के तरीके सिखाएं जाएंगे।

● कैशियर

बार कोड, कैश रजिस्ट्रर तैयार करना

असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट

बेसिक डाटा इंट्री ऑपरेटर

डायटेटिक एड

कैशियर

Friday, August 4, 2023

स्कूल-कॉलेज परिसर में चल रही कोचिंगों पर लगाम लगाने को क्या कदम उठाए, हाईकोर्ट ने कहा सरकार बताए

स्कूल-कॉलेज परिसर में चल रही कोचिंगों पर लगाम लगाने को क्या कदम उठाए, हाईकोर्ट ने कहा सरकार बताए


प्रयागराज  । इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सीबीएसई और उत्तर प्रदेश सरकार से राज्यभर में स्कूल-कॉलेज भवनों में चल रहे कोचिंग संस्थानों के खतरे को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मांगी है। यह आदेश न्यायमूर्ति महेश चंद्र त्रिपाठी एवं न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार की खंडपीठ ने मनीष कुमार मिश्र की याचिका पर दिया है। 


याचिका में यूपी कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 और सीबीएसई परिपत्र (अगस्त 2019 ) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देने की मांग की गई है। याचिका में कहा गया कि याची जानकी ट्रस्ट का सदस्य है, जो सीबीएसई से संबद्ध एक स्कूल चला रहा है।


उसका कहना है कि उनके संस्थान के आसपास सीबीएसई से संबद्ध कई संस्थान और स्कूल / कॉलेज भवनों के परिसर में कोचिंग संस्थान चल रहे हैं, जो सीबीएसई के साथ यूपी कोचिंग विनियमन अधिनियम 2002 की नीति के विपरीत है।


 कहा गया दी गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 14 अगस्त की तारीख लगाई है। याचिका के अनुसार सीबीएसई के 2019 परिपत्र के साथ राज्य के 2002 अधिनियम में स्कूल / कॉलेज भवनों, परिसर के भीतर कोचिंग संस्थान चलाने पर रोक है। सीबीएसई ने संबद्ध स्कूलों को अपने परिसर से व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक लगा रखी है।

19 हजार सीटों पर आरक्षण के मुद्दे पर सुनवाई 22 अगस्त को, 69 हजार शिक्षक भर्ती मामला

19 हजार सीटों पर आरक्षण के मुद्दे पर सुनवाई 22 अगस्त को, 69 हजार शिक्षक भर्ती मामला


🆕 Update 
04 AUG 2023
लखनऊ। 69 हजार सहायक शिक्षक भर्ती मामले से जुड़े 19 हजार सीटों पर चयन में  एकल पीठ के फैसले को आरक्षण के मुद्दे पर चुनौती देने वाली विशेष अपीलों पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। कोर्ट ने इन अपीलों को 22 अगस्त को प्राथमिकता पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। 



03 AUG 2023
19 हजार सीटों पर आरक्षण के मुद्दे पर अपील की हाईकोर्ट में सुनवाई आज, 69000 शिक्षक भर्ती का मामला


लखनऊ। 69 हजार शिक्षक भर्ती मामले से जुड़े 19 हजार सीटों पर हुए चयन में एकल पीठ के फैसले को आरक्षण के मुद्दे पर चुनौती देने वाली विशेष अपील पर हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी।


खुद को आरक्षण पीड़ित बताने वाले 13 अभ्यर्थियों ने दो न्यायाधीशों की खंडपीठ के समक्ष विशेष अपील दायर कर इस मामले में एकल पीठ के बीते 13 मार्च के फैसले को चुनौती दी है। 

इनका कहना है कि इस भर्ती में लगभग 19 हजार सीटों पर आरक्षण का घोटाला हुआ है। बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन कर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की इस भर्ती में ठीक तरह से ओवरलैपिंग नहीं कराई गई है, जो पूरी तरह से गलत है।

निजी मेडिकल व डेंटल कालेजों की फीस इस वर्ष भी नहीं बढ़ेगी, स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों को राहत, लगातार दूसरे वर्ष नहीं की गई फीस में कोई बढोतरी

निजी मेडिकल व डेंटल कालेजों की फीस इस वर्ष भी नहीं बढ़ेगी, स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के छात्रों को राहत, लगातार दूसरे वर्ष नहीं की गई फीस में कोई बढोतरी

लखनऊ : निजी मेडिकल व डेंटल कालेजों में इस वर्ष भी स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी । यह लगातार दूसरा वर्ष है, जब फीस नहीं बढ़ाई जा रही है। शैक्षिक सत्र 2023-24 में एमबीबीएस, बीडीएस, एमडी व एमएस इत्यादि कोर्सेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों से वर्ष 2021- 22 में निर्धारित की गई फीस ही ली जाएगी। सरकार ने लगातार दूसरे वर्ष विद्यार्थियों को राहत दी है।


चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से गुरुवार को फीस न बढ़ाए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। निजी मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस कोर्स में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को से ट्यूशन फीस अलग-अलग कालेजों में 10.77 लाख रुपये से अधिकतम 13.73 लाख रुपये होगी। इसके अलावा प्रति वर्ष डेढ़ लाख रुपये हास्टल शुल्क के देने होंगे और 85,600 रुपये विविध शुल्क भी देना होगा। एक बार तीन लाख रुपये सिक्योरिटी मनी भी दाखिले के समय जमा कराई जाएगी।

मेडिकल कालेजों में एमडी व एमएस के क्लीनिकल कोर्स के विद्यार्थियों की प्रति वर्ष ट्यूशन फीस 14.43 लाख रुपये से अधिकतम 25.09 लाख रुपये तक, पैथोलाजी से जुड़े कोर्स के विद्यार्थियों की 10.80 लाख से अधिकतम 13.68 लाख रुपये और नान क्लीनिक के छात्रों की आठ लाख से अधिकतम 9.77 लाख रुपये देने होंगे। प्रति वर्ष 1.75 लाख रुपये से तीन लाख रुपये तक हास्टल शुल्क और 1.28 लाख रुपये विविध शुल्क के होंगे। वहीं दाखिले के समय एक बार पांच लाख रुपये सिक्योरिटी मनी भी ली जाएगी।

प्राइवेट डेंटल कालेजों में बीडीएस कोर्स की प्रति वर्ष ट्यूशन फीस 2.93 लाख रुपये से अधिकतम 3.84 लाख रुपये लिए जाएंगे। 85 हजार से 1.05 लाख रुपये प्रति वर्ष हास्टल शुल्क और 40 हजार रुपये विविध शुल्क लिया जाएगा। वहीं दाखिले के समय एक बार तीन लाख रुपये सिक्योरिटी मनी के जमा करने होंगे। वहीं एमडीएस कोर्स की ट्यूशन फीस 5.42 लाख रुपये से अधिकतम 8.59 लाख रुपये ली जाएगी। वहीं 87 हजार रुपये से डेढ़ लाख रुपये प्रति वर्ष हास्टल शुल्क व एक लाख विविध शुल्क देना होगा। वहीं तीन लाख रुपये सिक्योरिटी मनी दाखिले के समय जमा कराई जाएगी।

Thursday, August 3, 2023

पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय बहाल

पूर्व माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार पांडेय बहाल


लखनऊ। विभागीय व माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के काम में लापरवाही व न्यायालय के प्रकरणों में बिना परीक्षण आख्या भेजने आदि के मामलों में निलंबित किए गए माध्यमिक शिक्षा के पूर्व निदेशक विनय कुमार पांडेय को शासन ने बहाल कर दिया है। शासन ने अप्रैल 2022 में उनके खिलाफ गठित जांच कमेटी की अनुशासनिक कार्यवाही को परिनिंदा का दंड देते हुए समाप्त कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के अनुसार विनय को बहाल करते हुए महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय से संबद्ध किया गया है। 


10 अगस्त से नौंवी - दसवीं के स्कॉलरशिप फार्म भरें

10 अगस्त से नौंवी - दसवीं के स्कॉलरशिप फार्म भरें


लखनऊ। प्रदेश के अनुसूचित जाति, जनजाति, निर्धन सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग के कक्षा नौ व दस के छात्र-छात्राएं आगामी 10 अगस्त से छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। समाज कल्याण विभाग के शैक्षिक सत्र 2023-24 के लिए समय सारिणी जारी कर दी है।


इस समय सारिणी के अनुसार कक्षा नौ व दस के छात्र - छात्राएं आगामी 10 अगस्त से 10 अक्तूबर के दरम्यान छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। अभी तक इन छात्र - छात्राओं में से प्रत्येक को 3000 रुपये वार्षिक की छात्रवृत्ति मिलती है। अब प्रदेश सरकार से इस राशि में पांच सौ रुपये की बढ़ोत्तरी का आग्रह किया गया है।



दस अगस्त से किए जाएंगे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन, कक्षा नौ और दस के विद्यार्थियों के लिए दस अक्टूबर तक है मौका


पूर्व दशम कक्षाओं के लिए छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि घोषित कर दी गई है। 10 अगस्त से कक्षा नौ और दस के विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तिथि दस अक्तूबर निर्धारित की गई है।



हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों में कक्षा नौ व 10 के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथियां घोषित कर दी गई हैं, मगर दशमोत्तर के विद्यार्थियों को अभी कुछ दिन और इंतजार करना होगा। पूर्व दशम छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि ऑनलाइन दस अगस्त से दस अक्तूबर निर्धारित की गई है।


छात्र-छात्राएं वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यदि कोई त्रुटि हो जाती है, तो सुधार के लिए एक से छह नवंबर तक का मौका मिलेगा। शैक्षिक सत्र 2023-24 में छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के लिए मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को सात अगस्त से आठ सितंबर तक मास्टर डाटा में अपडेट करना होगा। 



सत्र 2023-24 हेतु पूर्वदशम कक्षाओं के लिए 10 अगस्त से शुरू होंगे छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन, क्लिक करके देखें समय-सारिणी


पूर्वदशम कक्षाओं के लिए छात्रवृत्ति आवेदन की तिथि घोषित कर दी गई है। 10 अगस्त से 9वीं व 10वीं के छात्रवृत्ति का आनलाइन आवेदन शुरू होगा। जिसकी अंतिम तारीख 10 अक्टूबर निर्धारित की गई है।




जिलाधिकारी कृतिका शर्मा ने बताया कि कक्षा नौ व 10 के छात्रों की छात्रवृत्ति के लिए आनलाइन आवेदन की तिथियां घोषित हो गयी हैं। पूर्व दशम छात्रवृत्ति का आनलाइन आवेदन 10 अगस्त से 10 अक्टूबर तक जारी रहेगा। इच्छुक अभ्यर्थी विभागीय वेबसाइट पर 10 अगस्त से आवेदन कर सकते हैं। आनलाइन के बाद यदि आवेदन में कोई त्रुटि हो जाती है तो सुधार के लिए एक नवंबर से छह नवंबर तक का मौका मिलेगा जिसमें त्रुटियों को संशोधन कर सुधारा जा सकेगा। इसके अलावा शैक्षिक सत्र 2023-24 में छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्ति के लिए मान्यता प्राप्त शिक्षण संस्थानों को सात अगस्त आठ सितम्बर तक मास्टर डाटा में अपडेट करना होगा। छात्रवृत्ति आवेदन की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी डा. अमरनाथ यति ने बताया कि कक्षा नौ व 10 में अध्ययनरत सामान्य वर्ग, पिछड़ा वर्ग व अल्पसंख्यक वर्ग जिनके अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख है तथा अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख पचास हजार तक है तो वे आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय छात्र - छात्राओं को अपने आधार को बैंक खाते के साथ व मोबाइल नम्बर के साथ लिंक करना आवश्यक है।

16 अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई इसी माह शुरू करने की तैयारी

16 अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ाई इसी माह शुरू करने की तैयारी 


लखनऊ। प्रदेश के गरीब, अनाथ और श्रमिकों के होनहार बच्चों को बेहतरीन सुविधाओं से युक्त आवासीय स्कूलों में पढ़ाने के लिए सरकार अंतिम रूप देने में जुटी है। प्रदेश के 18 जिलों में अटल आवासीय विद्यालयों का संचालन होना है। इनमें भी 16 जिलों में भवन निर्माण का काम लगभग पूरा हो चुका है।



तैयारी है कि अगस्त के अंत तक कक्षा छह के लिए इनमें पठन-पाठन भी शुरू कर दिया जाए। विद्यालयों में मुफ्त हॉस्टल की सुविधा भी होगी। कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, मैथमेटिक्स लैब, सोशल साइंस लैब और एक्सपेरिमेंटल लैब की भी सुविधा यहां होगी।


 प्रदेश में कुल 18 स्थानों आजमगढ़, बस्ती, लखनऊ, अयोध्या, बुलंदशहर (मेरठ), गोंडा, गोरखपुर, ललितपुर (झांसी), प्रयागराज, सोनभद्र (मिर्जापुर), मुजफ्फरनगर (सहारनपुर), बांदा, अलीगढ़, आगरा, वाराणसी, कानपुर, बरेली और मुरादाबाद में अटल आवासीय विद्यालय का संचालन होना है।


 अटल आवासीय विद्यालय के महानिदेशक निशा अनंत ने बताया बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया । प्रयास है कि अगस्त के अंत तक हम 18 में से 16 विद्यालयों में कक्षा 6 में पठन-पाठन का कार्य शुरू करा दें। बाकी बचे दो विद्यालयों में भी इस साल के अंत तक कक्षा 6 में पढ़ाई शुरू कराने के प्रयास हैं। 


टीचिंग और नॉन टीचिंग कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया भी लगभग पूरी: अटल आवासीय विद्यालयों के लिए टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया को भी करीब करीब पूरा कर लिया गया है। इनमें प्राचार्यों की नियुक्ति 5 अप्रैल तक पूरी हो चुकी है, जबकि प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति की प्रक्रिया को 22 जून को पूरा कर लिया गया है। इसी प्रकार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को 26 जून को पूरा कर लिया गया है। वहीं नॉन टीचिंग स्टाफ के लिए इंटरव्यू प्रक्रिया जारी है।


इन सुविधाओं से लैस होंगे ये स्कूल

लखनऊ। प्रदेश में स्थापित होने जा रहे 18 अटल आवासीय विद्यालयों में जहां मुफ्त हॉस्टल की सुविधा होगी, वहीं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सेंट्रल एकेडमिक टीम की ओर से यूनिक एकेडमिक करिकुलम भी डिजाइन किया गया है। साथ ही कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, मैथेमेटिक्स लैब, सोशल साइंस लैब, अटल थिंकरिंग लैब और एक्सपेरिमेंटल लैब की भी सुविधा यहां होगी। विद्यालय परिसर पूरी तरह से हरियाली से परिपूर्ण होंगे। महानिदेशक, अटल आवासीय विद्यालय निशा अनंत के मुताबिक प्रदेश के सभी जिलों से बच्चों के प्रवेश की प्रक्रिया को पूरा कर लिया गया है। हमारा प्रयास है कि अगस्त माह के अंत तक हम 18 में से 16 विद्यालयों में कक्षा 6 में पठन-पाठन का कार्य शुरूकरा दें। बाकी बचे दो विद्यालयों में भी इस साल के अंत तक कक्षा 6 में पढ़ाई शुरू हो, इसके लिए विभाग तेज गति से कार्य कर रहा है। जोकि अंतिम चरण में है। साथ ही सभी स्कूलों के लिए फर्चीनर, मेस सर्विस, फैकल्टी मैनेजमेंट, यूनिफॉर्म और अन्य एसेसिरीज की उपलब्धता को भी जल्द से जल्द पूरी हो जाएगी।

डीएलएड प्रशिक्षण में दाखिले के लिए एक बार फिर मौका मिलने की उम्मीद, खाली सीटें भरने की कवायद में शासन को भेजा गया प्रस्ताव

डीएलएड प्रशिक्षण में दाखिले के लिए एक बार फिर मौका मिलने की उम्मीद, 


खाली सीटें भरने की कवायद में शासन को भेजा गया प्रस्ताव


प्रयागराज। डीएलएड प्रशिक्षण 2023 में दाखिले के लिए ऑनलाइन पंजीकरण में एक बार फिर से मौका मिलने की उम्मीद है। 


परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने आवेदन की तिथि एक बार फिर से बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। 


डीएलएड प्रशिक्षण 2023 में प्रवेश के लिए ऑनलाइन पंजीकरण के लिए एक बार और मौका मिलने की उम्मीद है। एक बार आवेदन तिथि बढ़ाने के बावजूद कुल 233350 सीटों में से 133603 सीटें खाली रह गई हैं। अभी लखनऊ और पूर्वाचल विश्वविद्यालय समेत कुछ अन्य विश्वविद्यालय के स्नातक का परिणाम घोषित नहीं हुआ है। 


ऐसे में परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय के सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने आवेदन की तिथि एक बार और बढ़ाने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। आवेदन की अंतिम तिथि 28 जुलाई तक 121246 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था जिनमें से 99747 अभ्यर्थियों ने फीस जमा करते हुए प्रवेश की दूसरी औपचारिकताएं पूरी की थीं। इस बार प्रदेश के 67 जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) व सीटीई की 10600 और 2974 निजी कॉलेजों की 222750 कुल 233350 सीटों पर प्रवेश होना है।

राजकीय इंटर कॉलेजों में पदोन्नति के बाद ऑनलाइन होगी तैनाती

राजकीय इंटर कॉलेजों में पदोन्नति के बाद ऑनलाइन होगी तैनाती


लखनऊ। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में उप प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति पाने वाले शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया ऑनलाइन की जाएगी। तीन से सात अगस्त तक मानव संपदा पोर्टल से ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। 


विभाग ने पिछले महीने राजकीय इंटर कॉलेज के प्रवक्ता व सहायक अध्यापकों (पुरुष) को उप प्रधानाचार्य व प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की थी। 


माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने बताया कि एनआईसी की ओर से मानव संपदा पोर्टल पर दिए गए लिंक पर शिक्षक आवेदन करेंगे। आवेदन पत्र किसी अन्य माध्यम से स्वीकार नहीं किया जाएगा। निदेशक ने बताया कि पदोन्नति प्राप्त शिक्षकों को ऑनलाइन प्रक्रिया में भाग न लेने पर कोई अन्य अवसर नहीं दिया जाएगा। 


आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने पर शिक्षकों को तैनाती दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आवेदन करने में किसी तरह की दिक्कत होने पर ईमेल onlineteachertransfer2023@gmail.com व व्हाट्सअप नंबर 8317054632 पर संपर्क कर सकते हैं। 

दाखिले से पहले ध्यान दें छात्र, देश में 20 विश्वविद्यालय फर्जी, यूजीसी ने जारी की फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची

दाखिले से पहले ध्यान दें छात्र, देश में 20 विश्वविद्यालय फर्जी

यूजीसी ने जारी की फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची,  यूपी के चार


नई दिल्ली। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 में दाखिले लेने से पहले छात्रों को शिक्षण संस्थानों की मान्यता जांचने का आग्रह किया है। यूजीसी ने देश के 20 फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी की है। इनमें से चार विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के हैं। जबकि देश की राजधानी दिल्ली में सबसे अधिक आठ विश्वविद्यालय फर्जी हैं।


यूजीसी सचिव प्रोफेसर मनीष जोशी ने बुधवार को फर्जी विश्वविद्यालयों की सूची जारी करते हुए लिखा है कि 'छात्रों और आम लोगों को सूचित किया जाता है कि देश के विभिन्न हिस्सों में 20 स्वयंभू और गैर पंजीकृत संस्थान यूजीसी अधिनियम का उल्लंघन कर रहे हैं। इनमें सबसे ज्यादा आठ विश्वविद्यालय दिल्ली में हैं। इसके अलावा केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय हैं।


फर्जी विश्वविद्यालय : यूपी में गांधी हिंदू विद्यापीठ (प्रयाग) इलाहाबाद, नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कम्प्लेक्स होम्योपैथी (कानपुर), नेताजी सुभाष चंद्र बोस मुक्त विश्वविद्यालय (अलीगढ़), भारतीय शिक्षा परिषद ( भारत भवन) लखनऊ। दिल्ली में कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड दरियांगज, ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंसेज (एआईआईपीएचएस) स्टेट गवर्नमेंट यूनिवर्सिटी अलीपुर, यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी, वोकेशनल यूनिवर्सिटी, एडीआर- सेंट्रिक ज्यूरिस्डिकल यूनिवर्सिटी का नाम है।


Wednesday, August 2, 2023

IGNOU : दाखिले के लिए 10 अगस्त तक भरे जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदन

IGNOU : दाखिले के लिए 10 अगस्त तक भरे जा सकेंगे ऑनलाइन आवेदन


नई दिल्ली। इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) ने शैक्षणिक सत्र 2023-24 के तहत जुलाई सत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन की तिथि 10 अगस्त तक बढ़ा दी है। छात्रों की मांग पर ऑनलाइन आवेदन पत्र की तिथि को आगे बढ़ाया गया है।


 इसके अलावा पुराने छात्रों को भी दोबारा दाखिले के लिए पंजीकरण करना अनिवार्य है। पुराने छात्र भी 10 अगस्त तक ऑनलाइन दोबारा पंजीकरण कर सकते हैं। 


इग्नू के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, स्नातक, स्नातकोत्तर समेत अन्य कोर्स में दाखिले के इच्छुक उम्मीदवार 10 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। छात्रों के पास विभिन्न डिग्री प्रोग्राम में डिस्टेंस लर्निंग मोड और ऑनलाइन डिग्री प्रोग्राम से पढ़ाई करने का विकल्प होगा।

सीएम योगी ने ली शिक्षा विभाग के सभी महकमों की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता सुधार पर रहा जोर, दिए कई निर्देश

सीएम योगी ने ली शिक्षा विभाग के सभी महकमों की समीक्षा बैठक, गुणवत्ता सुधार पर रहा जोर, दिए कई निर्देश
 

मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग में संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

विद्यालयों की गुणवत्ता सुधारने को स्कूल मानक प्राधिकरण बनेः योगी



लखनऊ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में स्कूल स्टैण्डर्ड अथॉरिटी (मानक प्राधिकरण) का गठन किया जाए, जिसके द्वारा सभी विद्यालयों में गुणवत्ता मानक स्थापित किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि भारतीय ज्ञान, स्थानीय प्रथाएं, इतिहास का समावेश करते हुए स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क भी गठित किया जाए।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संबंध में उच्च शिक्षा, माध्यमिक व बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने निर्देश हैं कि छात्रों को लर्निंग बाय डूइंग के माध्यम से वोकेशनल कोर्सेज का परिचय कराया जाए। इसके अलावा उन्हें कैरियर परामर्श भी उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि छात्रों के लिए हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड बनाया जाए। डिजिटल लाइब्रेरी के साथ ही बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण और स्पेशल इक्विटी प्रोजेक्ट्स का निर्धारण किया जाए।


लखनऊ

➡️ CM योगी ने उच्च, माध्यमिक, बेसिक शिक्षा की समीक्षा की

➡️ सीएम योगी ने स्कूलों की गुणवत्ता सुधार के दिए निर्देश

➡️ सुधार के लिए स्कूल स्टैण्डर्ड अथॉरिटी का गठन हो-CM

➡️ स्टेट करिकुलम फ्रेमवर्क का भी हो गठन-सीएम योगी



➡️ राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर कार्यशाला हो-सीएम

➡️ खेल और शारीरिक शिक्षा की गतिविधियां हो-सीएम

➡️ बच्चों का वोकेशनल कोर्सेज से कराया जाए परिचय-सीएम

➡️ छात्रों के लिए हॉलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड बनाया जाए-सीएम

➡️ बालिकाओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण की व्यवस्था हो-CM


शिक्षामित्रों ने राज्यपाल को सुनाई पीड़ा, समान वेतन की उठाई मांग

शिक्षामित्रों ने राज्यपाल को सुनाई पीड़ा, समान वेतन की उठाई मांग


लखनऊ। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मुलाकात की। उन्होंने शिक्षामित्रों को समान कार्य समान वेतन देने, स्थायीकरण, टेट पास शिक्षामित्रों को नियमों में शिथिलता देने, मूल विद्यालय में वापसी आदि की समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया। 


राज्यपाल ने केंद्र व राज्य सरकार से पत्राचार कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष शिवकुमार शुक्ला, सुशील कुमार यादव, रमेश मिश्रा, हरिनाम सिंह, मीना यादव शामिल थीं। 


उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने बताया कि इसी क्रम में संगठन ने छह अगस्त को प्रदेश / मंडल / जिला पदाधिकारियों की बैठक लखनऊ में बुलाई है, जिसमें शिक्षामित्रों के मामले में आगे की रणनीति तय की जाएगी।


CBSE CTET 2023 : इस दिन जारी होगा सीबीएसई सीटेट का एडमिट कार्ड, ऐसे कर सकेंगे डाउनलोड, परीक्षा तिथि और शहर (प्री एडमिट कार्ड) की जानकारी जारी, ऐसे देखें

सीटेट 2023 का प्री एडमिट कार्ड जारी

प्रयागराज केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी सीटीईटी 2023 की प्री-एडमिट कार्ड जारी कर दिया गया है। सीटेट अगस्त 2023 में शामिल अभ्यर्थी अपना प्री एडमिट कार्ड सीटेट की आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। सीबीएसई की तरफ से सीटेट 2023 का आयोजन 20 अगस्त 2023 को किया जाना है। प्री एडमिट कार्ड में अभ्यर्थियों के परीक्षा शहर से जुड़ी जानकारी दी गई है


CBSE CTET 2023 : इस दिन जारी होगा सीबीएसई सीटेट का एडमिट कार्ड, ऐसे कर सकेंगे डाउनलोड, परीक्षा तिथि और शहर (प्री एडमिट कार्ड) की जानकारी जारी, ऐसे देखें 




CBSE CTET 2023 City Pre-Admit Card: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सीटीईटी अगस्त-2023 के लिए परीक्षा तिथि और शहर (प्री एडमिट कार्ड) की जानकारी दी है।


CBSE CTET 2023 City Pre-Admit Card: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सीटीईटी अगस्त-2023 के लिए परीक्षा तिथि और शहर (प्री एडमिट कार्ड) की जानकारी दी है। उम्मीदवार जो सीटीईटी अगस्त 2023 परीक्षा के लिए पंजीकृत हैं, वे आधिकारिक वेबसाइट ctet.nic.in से अपना प्री-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। यह फाइनल एडमिट कार्ड नहीं है।

एडमिट कार्ड और परीक्षा तिथि

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सीटीईटी परीक्षा के लिए 18 अगस्त को फाइनल एडमिट कार्ड जारी करेगा। शेड्यूल के मुताबिक, CTET 2023 परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की जाएगी। सीबीएसई बोर्ड ने यह भी कहा कि परीक्षा उन उम्मीदवारों के लिए भी ऑनलाइन मोड में आयोजित की जाएगी, जिन्होंने पहले ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प चुना था। इसमें आगे कहा गया है कि उम्मीदवारों को उनके निवास पते से निकटतम शहर में परीक्षा केंद्र आवंटित किए गए हैं।


दो पालियों में होगी परीक्षा

सीटीईटी 2023 के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया 27 अप्रैल से शुरू हुई और 26 मई को बंद हो गई। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन सुधार विंडो 29 मई से 02 जून तक खुली थी। परीक्षा दो पालियों में आयोजित की जाएगी - पहली पाली सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2.30 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित की जाएगी।



CBSE CTET 2023 73 शहरों में होगी परीक्षा

इस साल, CTET 2023 परीक्षा लगभग 32.45 लाख उम्मीदवारों के लिए आयोजित की जा रही है। CTET परीक्षा 2023 73 शहरों के 211 केंद्रों पर आयोजित की जानी है, जिसके लिए पूरी जानकारी उम्मीदवार के संबंधित CTET 2023 एडमिट कार्ड पर दी गई है।

 
CBSE CTET 2023 ऐसे करें डाउनलोड

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट- ctet.nic.in पर जाएं।

होमपेज पर CTET 2023 एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें।

आवश्यक लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें।

सीटीईटी एडमिट कार्ड 2023 स्क्रीन पर दिखाई देगा।

एडमिट कार्ड जांचें और डाउनलोड करें।

अब इसका प्रिंटआउट ले लें।


बेसिक शिक्षा : लापरवाह 18 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस, कोर्ट केस, आईजीआरएस संदर्भ तथा ग्रेच्युटी मामले में शिथिलता बरतना पड़ा भारी

बेसिक शिक्षा : लापरवाह 18 अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस,  कोर्ट केस, आईजीआरएस संदर्भ तथा ग्रेच्युटी मामले में शिथिलता बरतना पड़ा भारी



लखनऊ । कोर्ट केस, आईजीआरएस संदर्भ तथा ग्रेच्युटी मामले में शिथिलता बरतने वाले 10 बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा आठ मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशकों को शासन ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दो दिनों में जवाब मांगा है। देर रात जारी इस नोटिस में अलीगढ़, चित्रकूट, वाराणसी, आगरा, आजमगढ़, मथुरा गोरखपुर तथा झांसी के मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशकों के अलावा बुलंदशहर, मिर्जापुर, कुशीनगर, आजमगढ़, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर, सम्भल, सीतापुर, हमीरपुर, मथुरा के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को नाम एवं पदनाम से नोटिसें दी गई हैं।


नोटिस में कहा गया है कि बीते चार जुलाई को वाट्सएप ग्रुप के साथ-साथ ईमेल के माध्यम से बेसिक शिक्षा के विशेष सचिव की ओर से समीक्षा बैठक की सूचना दी गई थी। इसके बादजूद दोनों समीक्षा बैठकों में उपर्युक्त मण्डलों के मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक तथा जिलों के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों ने भाग नहीं लिया। समीक्षा के दौरान इन सभी मण्डलों व जिलों में कोर्ट केस व आईजीआरएस के मामले लम्बित पाये गये।

Tuesday, August 1, 2023

माध्यमिक विद्यालयों में होगा मानक क्लब का गठन, गुणवत्ता और मानकीकरण की अवधारणा से अवगत होंगे छात्र

माध्यमिक विद्यालयों में होगा मानक क्लब का गठन

● विज्ञान की पढ़ाई कराने वाले स्कूलों को डीआइओएस ने लिखा पत्र

● गुणवत्ता और मानकीकरण की अवधारणा से अवगत होंगे छात्र


प्रयागराज : ऐसे माध्यमिक विद्यालय जहां विज्ञान विषय की पढ़ाई होती है, वहां भारतीय मानक ब्यूरो मानक क्लब का गठन किया जाएगा। इसके जरिए विद्यार्थियों को मानकीकरण और गुणवत्ता की अवधारणाएं बताई जाएंगी। वर्ष 2021-22 में देशभर में 1037 मानक क्लबों की स्थापना की गई थी। वर्तमान सत्र में 10,000 क्लब बनाने का लक्ष्य है। राष्ट्रीय मानक निकाय- भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) का उद्देश्य इन मानक क्लबों के माध्यम से कक्षा नौ और उससे ऊपर की कक्षाओं के विद्यार्थियों को छात्र केंद्रित गतिविधियों की मदद से गुणवत्ता और मानकीकरण की अवधारणा से अवगत कराना है।

प्रत्येक मानक क्लब में एक विज्ञान शिक्षक सलाहकार के रूप में और इसके सदस्यों के रूप में कम से कम 15 विद्यार्थी शामिल होंगे। स्कूलों में क्लब के माध्यम से प्रश्नोत्तरी, मानक लेखन प्रतियोगिता, निबंध लेखन जैसी गतिविधियां कराई जाएंगी। विद्यार्थी छोटे वीडियो, स्क्रिप्ट, इंस्टाग्राम पेज भी बनाएंगे जो मानकों और इसकी व्यावहारिकता को बढ़ावा देंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक पीएन सिंह के अनुसार बीआईएस मानक क्लब के सलाहकारों के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण भी कराया जाएगा। इसकी तिथियों की घोषणा बाद में होगी।

डीएलएड स्क्रूटनी में उत्तीर्ण की उत्तरपुस्तिका देखेंगे सचिव

डीएलएड स्क्रूटनी में उत्तीर्ण की उत्तरपुस्तिका देखेंगे सचिव



प्रयागराज : डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) प्रशिक्षुओं की अप्रैल में हुई सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित होने के बाद करीब 30,000 प्रशिक्षुओं ने स्क्रूटनी के लिए आवेदन किया।


 उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (पीएनपी) सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने आवेदकों की उत्तरपुस्तिकाओं को कार्यालय में मंगाया है। 


उन्होंने परीक्षण में लगे प्रवक्ताओं से कहा कि स्क्रूटनी में उत्तीर्ण हो रहे प्रशिक्षुओं की उत्तरपुस्तिकाओं को स्वयं देखेंगे कि कहीं अंकों में जानबूझकर हेर-फेर तो नहीं किया गया है। डीएलएड सेमेस्टर परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया तो बड़ी संख्या में प्रशिक्षु अनुत्तीर्ण हो गए। स्क्रूटनी में उत्तरपुस्तिकाओं को प्रवक्ता देख रहे हैं।

शिक्षामित्रों का मानदेय ₹2500 बढ़ाने की तैयारी

शिक्षामित्रों का मानदेय 2500 बढ़ाने की तैयारी

शिक्षामित्रों का भी मानदेय बढ़ाने की तैयारी में यूपी सरकार, जानिये कितना फायदा हो सकता है हर महीने


यूपी की योगी सरकार शिक्षा मित्रों को बड़ी सौगात देने जा रही है। शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। मानदेय को 10 हजार से 25 प्रतिशत बढ़ाकर 12500 रुपये करने पर विचार किया जा रहा है।


यूपी की योगी सरकार शिक्षा मित्रों को बड़ी सौगात देने जा  रही है। शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाया जाएगा। मानदेय को 10 हजार से बढ़ाकर 12500 रुपये करने पर विचार किया जा रहा है। यानी 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने जा रही है। उच्च स्तर पर इसको लेकर सहमति बन गई है। सूत्रों का कहना है कि अनुपूरक बजट में इसके लिए प्रावधान किया जा रहा है। प्रदेश में 1.48 लाख शिक्षा मित्र मौजूदा समय परिषदीय स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।


शिक्षा मित्र सालों से मानदेय बढ़ाने की मांग करते चले आ रहे हैं। इनका मानदेय अगस्त 2017 में 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपये किया गया। इनको यह मानदेय भी कभी तय समय पर नही मिल पता है। शासन द्वारा जून माह का मानदेय बीते छह जून को ही जारी किया, जो अभी तक इनके खातों में नहीं पहुंचा है। मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में कुछ शिक्षा मित्र इन समस्याओं को लेकर गए थे। मुख्यमंत्री ने शीघ्र इनकी समस्याओं के समाधान का निर्देश अधिकारियों को दिया था।


मुख्यमंत्री ने मानदेय में वृद्धि का भी उस समय आश्वासन दिया था। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर बेसिक शिक्षा विभाग ने इस दिशा में काम शुरू किया है। अनुपूरक बजट में इसके लिए व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री को इसे भेजा जाएगा। उनकी अनुमति के बाद बजट में शामिल कराया जाए। बजट की मंजूरी मिलने के बाद शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाया जाएगा।

अब बादल को घिरते नहीं 'देख' सकेंगे छात्र-छात्राएं, यूपी बोर्ड ने नौवीं, दसवीं के पाठ्यक्रम से कई पाठों को हटाया, कुछ को किया छोटा

ऊर्जा संरक्षण का नियम नहीं पढ़ सकेंगे 11वीं के विद्यार्थी, 
यूपी बोर्ड ने 11वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम में की कटौती


प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने कई विषयों के पाठ्यक्रम में कटौती कर दी है। 11वीं में अध्याय छह से कार्य ऊर्जा और शक्ति ऊर्जा के विभिन्न रूप ऊर्जा संरक्षण का नियम पुस्तक से हटा दिया गया है।

अध्याय सात से कणों के निकाय तथा घूर्णी गति, लंबवत एवं समानांतर अक्षरों के प्रमेय, लोटनिक गति को भी हटा दिया गया है। वहीं, अध्याय आठ से गुरुत्वाकर्षण में तुल्यकाली व ध्रुवीय उपग्रह एवं भारहीनता विषय हटाया गया है।

बोर्ड ने 11वीं के भौतिक विज्ञान में भौतिक जगत का पूरा पाठ ही हटा दिया है। अध्याय दो के मात्रक और मापन में लंबाई का मापन, द्रव्यमान का मापन, समय का मापन, यथार्थता यंत्रों की परिशुद्धता एवं मापन में त्रुटि को हटाया गया है। अध्याय तीन से सरल रेखा एवं गति में स्थिति, पथ लंबाई एवं विस्थापन, औसत वेग और औसत चाल, आपेक्षिक वेग को हटाया गया। समतल में गति और अध्याय चार से विमाओं में आपेक्षिक वेग भी अब विद्यार्थी नहीं पढ़ सकेंगे।


इसी तरह कक्षा 11 के भौतिक विज्ञान भाग दो के अध्याय नौ से 'ठोसों के यांत्रिक गुण आशो का प्रत्यास्थ व्यवहार' किसी तार के द्रव्य के यंग गुणांक का मापन, तरलों के यांत्रिक गुण, वेंदुरी मापी, उष्मागतिकी उष्मा इंजन समेत कई अन्य विषय हटाएं गए हैं। कक्षा 11 और 12 के भूगोल का पूरा-पूरा अध्याय ही समाप्त कर दिया गया है।

कक्षा 11 भूगोल से खनिज एवं शैल और मृदा को हटाया गया है। कक्षा 12 के भूगोल से जनसंख्या संगठन, मानव बस्ती, प्रवास, मानव विकास, भारत के प्रमुख उद्योग को अब छात्र नहीं पढ़ सकेंगे। 11वीं के नागरिक शास्त्र से शांति, विकास अध्याय हटाया गया है।

कक्षा 12वीं में शीतयुद्ध का दौर, समकालीन विश्व में अमेरिका वर्चस्व, एक दल के प्रभुत्व का दौर, जन आंदोलन का उदय, जीव विज्ञान का अध्याय हटाया गया। 11वीं से पौधों में परिवहन, खनिज पोषण, पाचन एवं अवशोषण का अध्याय हटाया गया है।


अब बादल को घिरते नहीं 'देख' सकेंगे छात्र-छात्राएं, यूपी बोर्ड ने नौवीं, दसवीं के पाठ्यक्रम से कई पाठों को हटाया, कुछ को किया छोटा

प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने 9वीं और 10वीं के गणित, संस्कृत, हिंदी और सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में कटौती की है। गणित व हिंदी में कुछ पाठों को हटा दिया है, वहीं संस्कृत और सामाजिक विज्ञान में कुछ पाठों को छोटा कर दिया है। यूपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पाठ्यक्रम कम होने से विद्यार्थियों को अभ्यास का अधिक समय मिलेगा। इससे बोर्ड परीक्षा में उनका परिणाम बेहतर होगा। नौवीं कक्षा के गणित विषय से समांतर चतुर्भुजों और त्रिभुजों के क्षेत्रफल, रचनाएं व प्रायिकता (प्रोबेबिलिटी) पाठ को हटा दिया गया है। वहीं, दसवीं में अब बच्चे 'रचनाएं' नहीं सीख सकेंगे।


कक्षा नौ संस्कृत विषय में पद्म पीयूषम के पहले पाठ 'रामस्य पितृ भक्ति' में पहले 26 श्लोक थे, उन्हें कम करके 14 कर दिया गया है दूसरे पाठ 'सुभाषितानी' में पहले 15 श्लोक थे, जो अब 10 रह गए हैं।

तीसरे पाठ 'सूक्ति सुधा' में नौ श्लोक को कम करते हुए सात कर दिया गया है। कक्षा दस की पद्य पीयूषम के 'पहले पाठ 'लक्ष्य वेध' में पहले 21 श्लोक थे, उसे 14 कर दिया गया है। इसी प्रकार अन्य पाठ और गद्य में भी बदलाव किया गया है।

गायब हुआ ठेले पर हिमालयः नौवीं के हिंदी में ठेले पर हिमालय, तोता, बादल को घिरते देखा, अच्छा होता सितार संगीत की रात को हटा दिया गया है। कक्षा 10 में हिंदी से पानी में चंदा और चांद पर आदमी, युवा जंगल भाषा एकमात्र अनंत है को हटाया गया है।

इसी प्रकार सामाजिक विज्ञान से लोकतंत्र और विविधता, जन संघर्ष और आंदोलन, लोकतंत्र की चुनौतियां पाठ को छोटा कर दिया गया है।

यूपी बोर्ड ने नौवीं, 10वीं के पाठ्यक्रम से कई पाठ हटाए

प्रयागराज : यूपी बोर्ड ने 9वीं और 10वीं के गणित, संस्कृति, हिंदी और सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में कटौती की है। गणित व हिंदी में कुछ पाठों को हटा दिया है, वहीं संस्कृत और सामाजिक विज्ञान में कुछ पाठों को छोटा कर दिया है।

यूपी बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि पाठ्यक्रम कम होने से विद्यार्थियों को अभ्यास का अधिक समय मिलेगा। इससे बोर्ड परीक्षा में उनका परिणाम बेहतर होगा। नौवीं कक्षा के गणित विषय से समांतर चतुर्भुजों और त्रिभुजों के क्षेत्रफल, रचनाएं व प्रायिकता पाठ को हटा दिया गया है। वहीं, दसवीं में अब बच्चे 'रचनाएं' नहीं सीख सकेंगे। कक्षा नौ संस्कृत विषय में पद्य पीयूषम के पहले पाठ रामस्य पितृ भक्ति' में पहले 26 श्लोक थे, उन्हें कम करके 14 कर दिया गया है। दूसरे पाठ 'सुभाषितानी' में पहले 15 श्लोक थे, जो अब 10 रह गए हैं।



संस्कृत की पढ़ाई में लगे मन, छोटे किए गए पाठ, कक्षा नौ और दस की किताब में श्लोक कम किए, गद्य भारती के बोझिल पाठ से अंश घटाए

● इस साल यूपी बोर्ड ने छपवाई हैं संस्कृत की किताबें

● 2023 में हाईस्कूल में 3.33 लाख ने ली थी संस्कृत


प्रयागराज : संस्कृत की ओर बच्चों का रुझान बढ़ाने के उद्देश्य से यूपी बोर्ड के विशेषज्ञों ने कक्षा नौ और दस की किताब में काफी बदलाव किया है। बोर्ड ने इस साल विशेषज्ञों की सहायता से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुसार संस्कृत की किताबों को नए सिरे से तैयार करवाया है। हाईस्कूल संस्कृत में गद्य, पद्य, नाटक और व्याकरण चार भाग हैं। जिनमें से गद्य और पद्य के बोझिल और बड़े पाठ के अंश को कम किया गया है।


कक्षा नौ की पद्य पीयूषम के पहले पाठ रामस्य पितृभक्ति में पहले 26 श्लोक हुआ करते थे जिसे अब कम करके 14 कर दिया गया है। दूसरे पाठ सुभाषितानि में पहले 15 श्लोक थे जो अब 10 रह गए हैं। तीसरे पाठ सूक्ति सुधा में नौ श्लोक को कम करके सात कर दिया गया है। कक्षा दस की पद्य पीयूषम के पहले पाठ लक्ष्य वेध परीक्षा में पहले 21 श्लोक थे जो 14 रह गए हैं। इसी प्रकार अन्य पाठ और गद्य में भी काफी हिस्से को कम किया गया है। यूपी बोर्ड के सचिव दिब्यकांत शुक्ल की देखरेख में अनावश्यक और कठिन हिस्से को हटाया गया है ताकि अधिक से अधिक बच्चे संस्कृत भाषा की पढ़ाई करें। गौरतलब है कि 2023 की हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में 3,33,348 ने संस्कृत ली थी।


सरल संस्कृत में पूछे गए पाठ के प्रश्न

यही नहीं किताब में पाठों के प्रश्न सरल संस्कृत में पूछे गए हैं। पहले हिन्दी और संस्कृत मिलाकर प्रश्न पूछे जाते थे, लेकिन इस बार बदलाव किया गया है। आवश्यकता के अनुसार विभिन्न पाठों में तस्वीरों का भी उपयोग किया गया है ताकि किताब को इंटरेक्टिव बनाया जा सके।

पहली बार बोर्ड ने छपवाई किताबें

बोर्ड ने पहली बार हिन्दी, संस्कृत और उर्दू की किताबों को स्वयं प्रकाशित करवाया है। पिछले साल तक इन तीनों विषयों का पाठ्यक्रम तो बोर्ड निर्धारित करता था लेकिन किताबों के प्रकाशन पर नियंत्रण नहीं था। यानि कोई भी प्रकाशक इन्हें छाप सकता था। इसका सबसे अधिक नुकसान यह होता था कि कई बार निजी प्रकाशक गलत तथ्य भी छाप देते थे।