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Sunday, June 21, 2026

शिक्षक आत्महत्या में बीएसए की गिरफ्तारी के बाद लिपिक ने भी किया सरेंडर, 25 हजार का इनाम संजीव सिंह पर घोषित था, चार माह से चल रही थी तलाश

शिक्षक आत्महत्या में बीएसए की गिरफ्तारी के बाद लिपिक ने भी किया सरेंडर, 25 हजार का इनाम संजीव सिंह पर घोषित था, चार माह से चल रही थी तलाश

इसी मामले में निलंबित बीएसए शालिनी 16 जून को दिल्ली से हुई थी गिरफ्तार

21 जून 2026

गोरखपुर : शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या प्रकरण में वांछित चल रहे देवरिया बीएसए कार्यालय के निलंबित लिपिक संजीव सिंह ने शनिवार को न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) अभिषेक चतुर्वेदी की अदालत में हाजिर होने के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। उसकी गिरफ्तारी पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। साथ ही उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई की तैयारी चल रही थी। 


शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या मामले में नामजद आरोपित संजीव सिंह देवरिया जिले के रामनाथ कालोनी का रहने वाला है। 22 फरवरी 2026 को गुलरिहा थाने में दर्ज मुकदमे के बाद से वह फरार चल रहा था। मामला 21 फरवरी 2026 को शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़ा है। अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर प्रताड़ित करने, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने तथा मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया था। शिकायत में कहा था कि लगातार प्रताड़ना से आहत होकर कृष्ण मोहन सिंह ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली पुलिस जांच में यह भी आरोप सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह समेत तीन शिक्षकों से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप यह भी था कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को कार्यालय बुलाकर अपमानित किया गया था। इसके अगले दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली।


 पुलिस को उनकी जेब से चार पन्नों का सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें शालिनी श्रीवास्तव और संजीव सिंह को मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इस मामले में मुख्य आरोपित देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को गुलरिहा पुलिस ने 16 जून को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया था। इसी मामले में आरोपित बनाए गए देवरिया, गौरीबाजार के अर्जुनडीहा निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पुलिस ने घटना के 10 दिन बाद ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि फरार चल रहे लिपिक संजीव सिंह के सरेंडर के बाद अब मामले के सभी आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।



शिक्षक कृष्ण मोहन की आत्महत्या मामले में अभियुक्त हैं निलंबित बीएसए शालिनी

गिरफ्तार निलंबित बीएसए को जेल भेजा गया, लिपिक के घर की कुर्की की taiyaari

नामजद आरोपी लिपिक संजीव सिंह के घर चस्पा हो चुका है नोटिस, अब कुर्की की तैयारी

जांच के दौरान भ्रष्टाचार का मामला आने पर पूर्व प्रधानाध्यक को भेजा जा चुका है जेल

19 जून 2026

गोरखपुर । गुलरिहा इलाके में बर्खास्त शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या मामले में नामजद आरोपी व 25 हजार की इनामी देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को बुधवार को जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी शालिनी को दिल्ली से गिरफ्तार किया था और फिर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर बुधवार को गोरखपुर पहुंची। पूछताछ के बाद बीएसए को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेजा गया। उधर, मामले में नामजद फरार आरोपी निलंबित लिपिक संजीव सिंह के घर की कुर्की की तैयारी शुरू कर दी गई है।

शालिनी श्रीवास्तव पत्नी सौरभकुमार सिन्हा मूल रूप से बलिया जिले के कोतवाली क्षेत्र स्थित आनंद नगर, बड़ी काली मंदिर की निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक, 21 फरवरी 2026 को शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने खुदकुशी कर ली थी। अगले दिन उनकी पत्नी गुड़िया सिंह ने गुलरिहा थाने में तहरीर देकर तत्कालीन बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। आरोप था कि दोनों ने शिक्षक को लगातार प्रताड़ित किया, झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और मानसिक दबाव बनाया, जिससे आहत होकर उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया।

तहरीर के आधार पर गुलरिहा थाने में आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने, धमकी देने, साक्ष्य मिटाने तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान यह भी आरोप सामने आया कि हाईकोर्ट के आदेश का अनुपालन कराने के नाम पर शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह, ओमकार सिंह और अपर्णा तिवारी से 16-16 लाख रुपये की मांग की गई थी। आरोप है कि 20 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह को कार्यालय बुलाकर अपमानित भी किया गया था। इसके अगले दिन उन्होंने आत्महत्या कर ली।

जांच के दौरान एक रिटायर प्रधानाध्यक अनिरुद्ध का नाम आया, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। वहीं, मुकदमा दर्ज होने के बाद से शालिनी व लिपिक संजीव फरार चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कराने के साथ 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। शालिनी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए न्यायालय की शरण भी ली थी, लेकिन राहत नहीं मिल सकी। अब उन्हें जेल भेजा गया।

गुलरिहा थाने में दर्ज केस मैं आरोपी निलंबित बीएसए को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया। लिपिक की तलाश की जा रही है। उसके खिलाफ कुर्की का नोटिस जारी हो चुका है। अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है। - निमिष पाटील, एसपी सिटी



शिक्षक की आत्महत्या मामले में देवरिया की फरार निलम्बित बीएसए दिल्ली से गिरफ्तार, लिपिक अभी भी फरार


शिक्षक आत्महत्या मामले में चल रहीं थीं शालिनी श्रीवास्तव फरार

16 जून 2026

गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह आत्महत्या कांड में चार महीने से फरार चल रहीं बीएसए शालिनी श्रीवास्तव को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बीएसए और लिपिक की गिरफ्तारी के लिए 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी था।

गिरफ्तारी से बचने के लिए बीएसए शालिनी श्रीवास्तव ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी दी थी लेकिन कोर्ट ने खारिज कर दिया था। वहीं लिपिक संजीव सिंह अभी भी फरार है। कुशीनगर के रहने वाले और देवरिया में तैनात शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की पत्नी गुड़िया सिंह ने 22 फरवरी 2026 को गुलरिहा थाने में केस दर्ज कराया था।



शिक्षक की आत्महत्या के मामले में फरार चल रहे देवरिया के बीएसए और लिपिक भगोड़ा घोषित होंगे

27 अप्रैल 2026

गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में फरार चल रहे देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद दोनों के अदालत में पेश न होने पर अब पुलिस उन्हें भगोड़ा घोषित कराने के लिए कोर्ट में आवेदन करेगी। भगोड़ा घोषित होने के बाद उनके घर 82 का नोटिस चस्पा किया जाएगा और फिर संपत्ति कुर्क कराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।


कुशीनगर जिले के हरैया बुजुर्ग निवासी 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरी बाजार स्थित एक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। वेतन बहाल न होने और कथित प्रताड़ना से परेशान होकर उन्होंने 21 फरवरी को गुलरिहा स्थित अपने आवास में फंदे से लटक आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद सरगर्मी मची थी।

कृष्ण मोहन सिंह ने सुसाइड नोट और वीडियो में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए गए थे। पुलिस ने इस मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बीएसए और लिपिक अब भी फरार हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर पहले 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे बढ़ाकर 25-25 हजार रुपये कर दिया गया है।


देवरिया की निलंबित बीएसए और लिपिक अब तक फरार, 10 हजार के घोषित इनाम को बढ़ाकर 25 हजार किया गया


अपडेट 19 मार्च 2026
निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी कराया

16 मार्च 2026
गोरखपुर। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में फरार चल रहीं देवरिया की निलंबित बीएस शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह के खिलाफ गुलरिहा पुलिस ने कोर्ट से गैरजमानती वारंट जारी कराया है। इससे अब दोनों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है। अगर वे सरेंडर नहीं करते हैं तो फिर कुर्की की कार्रवाई भी हो सकती है। इनके खिलाफ पहले से 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित है, जिसे बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की तैयारी है।

पुलिस की टीमें लखनऊ, प्रयागराज, देवरिया और बलिया के अलावा दूसरे प्रदेशों में भी दबिश दे रही है। निलंबित बीएसए शालिनी के करीबियों और परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है, मगर वे भी जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं।

वहीं घटना के बाद से ही लिपिक संजीव सिंह ने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है। पुलिस को उसका भी कोई सुराग नहीं मिला है। दोनों ने प्रयागराज में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी लेकिन गिरफ्तारी के डर से कोर्ट में भी दाखिल नहीं हुए।

यह है मामला
कुशीनगर के मूल निवासी कृष्ण मोहन सिंह ने गुलरिहा इलाके के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के मकान में 20 फरवरी की रात में आत्महत्या कर ली थी। मौत से पहले सुसाइड नोट लिखकर देवरिया बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह सहित अन्य को इसके लिए जिम्मेदार बताया था। कृष्ण मोहन सिंह ने सुसाइड नोट में पैसे का जिक्र करते हुए साथी अध्यापक अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह के बारे में भी बताया था। 

इनका बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेजवा चुकी है। अनिरुद्ध पर आरोप था कि उसने कृष्ण मोहन सिंह का परिचय लिपिक संजीव सिंह से कराया था और बहाली कराने के लिए 16-16 लाख रुपये की रकम तय कराई थी। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने जब इनकी तलाश शुरू की तो यह फरार हो गए।



फरार बीएसए और लिपिक अग्रिम जमानत के प्रयास में पहुंचे हाईकोर्ट, मामले में मिली अगली तारीख 

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के केस में दोनों की तलाश में जुटी पुलिस

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के केस में दोनों की तलाश में जुटी पुलिस 

09 मार्च 2026
गोरखपुर। शिक्षक खुदकुशी कांड में फरार चल रही देवरिया की निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट पहुंच गए हैं। सोमवार को बीएसए की अर्जी पर सुनवाई होनी थी लेकिन किन्हीं वजहों से अगली तारीख पड़ गई वहीं, लिपिक की अर्जी पर अब मंगलवार को सुनवाई होनी है। इस मामले में पुलिस भी अपना पक्ष रखने के प्रयास में जुट गई। इसके साथ दोनों की गिरफ्तारी के लिए एक टीम ने प्रयागराज में डेरा डाला है।गुलरिहा थाना क्षेत्र के शिवपुर, सहबाजगंज निवासी शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने उत्पीड़न और नियुक्ति बहाली के नाम पर 16 लाख रुपये की मांग के चलते 20 फरवरी की रात में आत्महत्या कर ली थी।

इस मामले में निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर केस दर्ज किया गया है। दोनों फरार हैं उनकी गिरफ्तारी के लिए एसएसपी गोरखपुर ने दस-दस हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। दोनों की तलाश में पुलिस की चार टीमें लगी है इस बीच उनकी तरफ से अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई है। पुलिस को जब इस बारे में जानकारी हुई तो एक टीम ने प्रयागराज में डेरा डाल दिया। आरोपितों की तलाश में पुलिस की घेराबंदी रही।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि सुनवाई न होने के कारण आरोपी कोर्ट नहीं पहुंचे और पुलिस को इंतजार करना पड़ा। पुलिस ने आरोपी बीएसए और लिपिक के अग्रिम जमानत को रद्द करने के लिए फाइल तैयार की है। सोमवार को बीएसए की अग्रिम जमानत पर सुनवाई तय थी, लेकिन विभिन्न कारणों से यह टल गई। अब अगली सुनवाई एक सप्ताह बाद होगी। जबकि लिपिक की सुनवाई मंगलवार को होगी।

बलिया जिले के हैं बीएसए और लिपिक
मुख्य आरोपित संजीव सिंह बलिया जिले का मूल निवासी है, उसने देवरिया के रामनाथ कॉलोनी में भी मकान बनवाया है। निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव भी बलिया की निवासी हैं। पुलिस की चार टीमें बलिया, देवरिया, लखनऊ और प्रयागराज में लगातार दबिश दे रही हैं और संभावित ठिकानों की तलाश में जुटी हैं। संजीव सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने उसके चचेरे भाई और साले को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। इससे पहले आरोपी बीएसए और लिपिक के परिवार से पूछताछ भी की जा चुकी है, लेकिन तब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला था।



शिक्षक आत्महत्या मामले में निलंबित बीएसए की याचिका पर आज होगी हाईकोर्ट में सुनवाई, मामले में एक और लिपिक निलंबित, फरार बीएसए की तलाश अभी भी जारी

देवरिया। शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की खुदकुशी मामले में आरोपी निलंबित बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस मामले में सुनवाई नौ मार्च को होगी। इसके बाद निलंबित बीएसए के मामले में पुलिस की कार्रवाई आगे बढ़ने के आसार हैं। निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और उनके पटल सहायक संजीव सिंह के खिलाफ गोरखपुर जिले के गुलरिया थाने में शिक्षक कृष्णमोहन सिंह की आत्महत्या से जुड़े मामले में प्राथमिक की दर्ज है।

देवरिया के शिक्षक कृष्णमोहन सिंह खुदकुशी प्रकरण में बीएसए कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक तनुज श्रीवास्तव को शासन ने निलंबित कर दिया है। शनिवार की देर शाम को निलंबन की कार्रवाई होने के बाद से बीएसए कार्यालय में खलबली मच गई है। इस मामले में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में केस दर्ज होने के बाद बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। घटना के बाद से दोनों फरार हैं और उन पर 10 हजार इनाम भी घोषित हो चुका है।



देवरिया की फरार बीएसए व लिपिक पर पुलिस ने घोषित किया 10–10 हजार रुपए का इनाम

गोरखपुरः बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पर गोरखपुर पुलिस ने 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या मामले में दोनों पर गुलरिहा थाने में मुकदमा दर्ज है और वे फरार हैं। पुलिस की चार टीमें देवरिया, बलिया, लखनऊ और प्रयागराज में दबिश दे रही हैं। देवरिया के गौरीबाजार स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में 37 वर्षीय सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह ने 21 फरवरी की सुबह फंदे पर लटककर जान दे दी थी। सुसाइड नोट में बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह व सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह पर 16 लाख रुपये की मांग और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे।



फरार बीएसए देवरिया और लिपिक का एक सप्ताह बाद भी पुलिस नहीं लगा सकी सुराग, पुलिस ने बीएसए के सरकारी आवास से डीवीआर किया बरामद, साक्ष्य मिटाने जाने की आशंका

गोरखपुर। वरिष्ठ संवाददाता शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में निलंबित बीएसए देवरिया शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह पुलिस को एक सप्ताह से चकमा दे रहे हैं। दोनों के लखनऊ, प्रयागराज, देवरिया और बलिया जिले में स्थित संभावित ठिकानों पर पुलिस की चार टीमें दबिश दे रही हैं। शालिनी के करीबियों और परिवार वालों से पूछताछ की जा रही है। लेकिन वे भी कोई जानकारी देने से इनकार कर रहे हैं। वहीं घटना के बाद से ही लिपिक संजीव सिंह ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

21 फरवरी को कृष्ण मोहन सिंह के आत्महत्या करने और सुसाइड नोट मिलने के बाद से निलंबित बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह फरार हैं। संजीव का मोबाइल फोन बंद होने की वजह से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। हालांकि, पुलिस ने हाल ही में शालिनी के सरकारी आवास से वह डीवीआर बरामद कर लिया है, जिसके गायब होने से साक्ष्य मिटाने की आशंका जताई जा रही थी। इस डीवीआर में 20 फरवरी का फुटेज होने की संभावना है, जिसमें कृष्ण मोहन सिंह, अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह बीएसए कार्यालय में दिखे थे। 

पुलिस इस फुटेज की फोरेंसिक जांच कराएगी। इस मामले में सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक अनिरुद्ध सिंह को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भेज चुकी है। अनिरुद्ध पर आरोप है कि उसने कृष्ण मोहन सिंह का परिचय लिपिक संजीव सिंह से कराया था इसके अलावा शिक्षक अपर्णा तिवारी और ओंकार सिंह से भी पूछताछ की जा चुकी है। दोनों ने बताया था कि उनसे भी पैसे की मांग की गई थी। ओंकार सिंह ने गोल्ड लोन लेकर नौ लाख रुपये देने की बात स्वीकार की है। वहीं कृष्ण मोहन सिंह ने 14 लाख रुपये ओंकार के जरिए भेजवाए थे, जो अनिरुद्ध के माध्यम से संजीव को दिए गए। 

आरोपितों की तलाश के साथ ही बीएसए, लिपिक, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक के अलावा अपर्णा तिवारी, ओंकार सिंह और मृतक कृष्ण मोहन सिंह के बैंक खातों की जांच जा रही है। यह विवरण मिलने की उम्मीद है, जिससे वित्तीय लेन-देन की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सकेगी।


बीएसए और लिपिक की तलाश में चार जिलों में छापेमारी

उधर, शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के मामले में आरोपित शालिनी श्रीवास्तव और लिपिक संजीव सिंह की तलाश में पुलिस ने दबिश तेज कर दी है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर चार जिलों में छापेमारी की जा रही है। वहीं पुलिस ने आरोपितों के साथ ही पीड़ितों के खातों का डिटेल बैंक से मांगी गई है। इससे लेनदेन का सुराग जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपित बीएसए और लिपिक की तलाश में पुलिस की टीमें बलिया, लखनऊ, प्रयागराज और देवरिया में चिह्नित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।




शिक्षक की आत्महत्या के मामले में बीएसए देवरिया निलंबित, शासन ने बैठाई जांच

हाईकोर्ट के आदेश का एक साल में नहीं करा पाईं अनुपालन

शिक्षक की आत्महत्या प्रकरण में की गई कड़ी कार्रवाई

लखनऊ। कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या मामले में अंततः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव पर कार्रवाई की गई। शासन ने उन्हें निलंबित करते हुए संयुक्त शिक्षा निदेशक, गोरखपुर मंडल को जांच अधिकारी नामित किया है।

बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि डीएम देवरिया द्वारा गठित जांच समिति की आख्या शासन को मिली है। इसमें पाया गया है कि उच्च न्यायालय में  दाखिल रिट याचिका में 13 फरवरी में पारित आदेश में बीएसए को स्पीकिंग ऑर्डर जारी करना चाहिए था या आदेश का अनुपालन करना चाहिए था।

किंतु लगभग एक साल बीतने के बाद भी बीएसए कार्यालय द्वारा हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में कार्यवाही न कर अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन न करने और शासकीय कार्यों में लापरवाही बरतने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। उन्होंने संयुक्त शिक्षा निदेशक गोरखपुर मंडल को जांच अधिकारी नामित करते हुए शालिनी श्रीवास्तव को बेसिक शिक्षा निदेशक कार्यालय से संबद्ध किया है।

बता दें कि शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने अपनी बहाली के लिए विभाग के बाबुओं लाखों रुपये लेने और उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। उनकी आत्महत्या के बाद बीएसए समेत कई लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई थी। वहीं संबंधित बाबू पर पहले ही कार्यवाही की जा चुकी है। डीएम की रिपोर्ट के बाद अब बीएसए को भी निलंबित कर दिया गया है। जबकि विभाग की ओर से गठित कमेटी ने भी अपनी जांच रिपोर्ट शासन को दे दी है।



शिक्षक की खुदकुशी में बीएसए देवरिया के निलंबन की संस्तुति

देवरिया। देवरिया जिले के गौरीबाजार के मदरसन विद्यालय के सहायक अध्यापक की खुदकुशी के प्रकरण में सोमवार को लखनऊ और जिला स्तर पर गठित जांच कमेटी ने संयुक्त रूप से बीएसए कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू कर दी। सीडीओ की अध्यक्षता में गठित जिला कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर डीएम ने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी है। 

कुशीनगर जिले के कुबेरस्थान थाना क्षेत्र के हरैया बुजुर्ग के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय, मदरसन में सहायक अध्यापक थे। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। गत 20 फरवरी की रात उन्होंने फंदा लगाकर जान दे दी थी। उन्होंने बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह समेत अन्य लोगों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए सुसाइड नोट और वीडियो भी जारी किया था।

इस मामले में गोरखपुर के गुलरिहा थाने में बीएसए, लिपिक और अन्य पर केस दर्ज है। प्रकरण में जांच के लिए डीएम द्वारा गठित टीम सीडीओ राजेश कुमार सिंह के नेतृत्व में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, एडीआईओएस नीलेश पांडेय सुबह बीएसए कार्यालय जांच करने पहुंचे थे। इस बीच स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा गठित जांच टीम में शामिल संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. पवन सचान, उप शिक्षा निदेशक (प्राइमरी) संजय कुमार उपाध्याय और मण्डलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) संगीता सिंह भी आ गईं। एक घंटे के बाद बीएसए को भी कार्यालय बुलाया गया और जांच कमेटी ने एक-एक बिंदु पर देर रात तक जांच की। डीएम दिव्या मित्तल ने भी पहुंचकर जांच कमेटी से जानकारी ली। जांच कमेटी के सवालों से बीएसए असहज नजर आईं।

जिला स्तर पर गठित कमेटी द्वारा देर रात डीएम को सौंपी गई जांच आख्या में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बावजूद लगभग एक वर्ष तक बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जांच में यह भी उल्लेखित किया गया कि आदेश के अनुपालन में विलंब एवं उदासीनता के कारण परिस्थितियां प्रतिकूल बनीं, जिससे यह अप्रिय घटना हुई।

शिक्षक की आत्महत्या के मामले की दो कमेटियां जांच कर रही थीं। मैंने सीडीओ की अध्यक्षता में टीम गठित की थी। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर बीएसए के निलंबन और विभागीय कार्रवाई की संस्तुति शासन को भेजी गई है। –दिव्या मित्तल, डीएम, देवरिया



बेसिक शिक्षा विभाग की समिति पहुंची देवरिया, जुटाए तथ्य, शिक्षक के आत्महत्या मामले में बनाई गई है जांच कमेटी

लखनऊ। कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार देवरिया के शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या मामले ने बेसिक शिक्षा विभाग के जिलों में स्थित कार्यालयों की एक बार फिर पोल खोल दी है। हालांकि, महानिदेशालय ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के लिए एक चार सदस्यीय कमेटी बनाई है जिसने सोमवार को मौके पर जाकर तथ्य जुटाए हैं।

शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह ने अपनी बहाली के लिए विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों पर लाखों रुपये घूस लेने का आरोप लगाया था। बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा के निर्देश पर महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने चार सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया था। साथ ही तत्काल भ्रमण कर जांच आख्या मांगी है। 

इस समिति में उप शिक्षा निदेशक प्राइमरी संजय कुमार उपाध्याय, संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. पवन सचान, एसडीएम व मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, गोरखपुर मंडल शामिल हैं। शासन के कड़े निर्देश पर समिति सोमवार को देवरिया पहुंची और बीएसए कार्यालय में इस घटना से जुड़े कागजात देखे और उसकी कॉपी भी अपने साथ ले आए हैं। साथ ही विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से इस मामले में पूछताछ भी की। जल्द ही यह समिति अपनी रिपोर्ट देगी। 

इसके आधार पर विभाग अपने स्तर से इस मामले में कार्रवाई व विभागीय कार्यालयों में कामकाज को लेकर निर्देश जारी करेगा। वहीं दूसरी तरफ इस मामले में जिला प्रशासन की ओर से भी जांच कराई जा रही है। इसकी रिपोर्ट भी विभागीय अधिकारियों को दी जाएगी। 



शिक्षक को आत्महत्या के लिए उकसाने और लेनदेन के मामले में देवरिया बीएसए समेत तीन पर मुकदमा, मामले की गंभीरता को देखते हुए DGSE ने चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की 16 लाख देने पर भी नहीं हुआ था वेतन का भुगतान, पढ़ें पूरा मामला  


गोरखपुर: शिक्षक कृष्ण मोहन सिंह की आत्महत्या के बाद पत्नी गुड़िया की तहरीर पर गोरखपुर पुलिस ने बलिया निवासी व देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शालिनी श्रीवास्तव, उनके कार्यालय में तैनात लिपिक संजीव सिंह और एक अन्य के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने सहित धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है। डीएम देवरिया के निर्देश पर बीएसए ने संजीव सिंह को निलंबित कर दिया है। सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी ने भी उप शिक्षा निदेशक प्राइमरी, संजय कुमार उपाध्याय की अगुवाई में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है।

कुशीनगर के मूल निवासी कृष्ण मोहन सिंह परिवार के साथ गोरखपुर के गुलरिहा में रहते थे। वह कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन, गौरी बाजार (देवरिया) में सहायक अध्यापक थे। पत्नी गुड़िया सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में तत्कालीन बीएसए की ओर से कराई गई जांच के बाद कई शिक्षकों पर एफआइआर हुई। इसके बाद वह लोग हाई कोर्ट चले गए। 13 फरवरी, 2025 को उनके पक्ष में आदेश आया। हाई कोर्ट के आदेश के अनुपालन के लिए जब वह बीएसए कार्यालय पहुंचे तो उन्हें नया संकट झेलना पड़ा। 

तहरीर के अनुसार, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव और बाबू संजीव सिंह ने कृष्ण मोहन से 16 लाख रुपये मांगे। रकम देने के बाद और रुपये मांगे गए। बात न मानने पर फर्जी मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दी गई। 20 फरवरी, 2026 को कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय बुलाया गया। वहां उनके साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया और जेल भेजने की धमकी दी गई। शाम को घर लौटकर उन्होंने ये बातें उनसे बताई थीं। अगली सुबह उनका शव फंदे से लटका मिला। मरने से पहले उन्होंने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा था, जिसमें पूरे घटनाक्रम का जिक्र है। 



शिक्षक खुदकुशी मामले में बीएसए समेत तीन पर केस

गोरखपुर/देवरिया। सहायक अध्यापक कृष्ण मोहन सिंह की खुदकुशी के मामले में रविवार को गुलरिहा पुलिस ने देवरिया की बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव, लिपिक संजीव सिंह और एक अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। शिक्षक की पत्नी गुड़िया सिंह की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है। वहीं देवरिया की डीएम ने बीएसए कार्यालय के लिपिक को निलंबित करते हुए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है।

मूल रूप से कुशीनगर के रहने वाले कृष्ण मोहन सिंह की देवरिया के गौरीबाजार ब्लॉक स्थित कृषक लघु मावि, मदरसन में सहायक अध्यापक पद पर तैनाती हुई थी। वह गोरखपुर के गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज में अपने भाई के यहां रहते थे। उनकी पत्नी गुड़िया सिंह द्वारा गुलरिहा थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक गत 20 फरवरी को उनके कृष्ण मोहन सिंह को बीएसए कार्यालय में बुलाकर अपमानित किया गया और फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। शाम को घर लौटने पर उन्होंने पूरी घटना बताई। वह अत्यंत व्यथित दिखाई दिए। उसी रात उन्होंने घर के निचले कमरे में पंखे से लटककर आत्महत्या कर ली। सुबह जब वह कमरे में पहुंचीं तो उन्हें फांसी पर लटकते हुए पाया। मोहन सिंह की जेब से चार पेज का सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने पूरे घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे।



विभागीय प्रताड़ना से त्रस्त शिक्षक ने जान दी, देवरिया के स्कूल में तैनात था कुशीनगर का शिक्षक

सुसाइड नोट व वीडियो में बाबू पर प्रताड़ना व रुपये लेने का आरोप

गोरखपुर/देवरिया। देवरिया के एक शिक्षक ने गुलरिहा क्षेत्र के शिवपुर सहबाजगंज नहर रोड स्थित आवास पर शनिवार की सुबह फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। आत्महत्या से पहले शिक्षक ने चार पेज का सुसाइड नोट लिखा और एक वीडियो भी बनाया, जिसमें देवरिया के शिक्षा विभाग के एक लिपिक पर प्रताड़ित करने और 16 लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

मूल रूप से कुशीनगर के कुबेरस्थान क्षेत्र के हरैया गांव निवासी 37 वर्षीय कृष्ण मोहन सिंह देवरिया के गौरीबाजार विकास खंड के कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में शिक्षक थे। वह शिवपुर सहबाजगंज में बड़े भाई अवधेश सिंह के यहां परिवार के साथ रहते थे। शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे उन्होंने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आरोप है कि शुक्रवार को देवरिया में संबंधित बाबू ने उन्हें बुलाकर रुपये को लेकर अपमानित किया था, जिससे वह आहत थे।

16 लाख देने पर भी नहीं हुआ वेतन का भुगतान

कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन में 2016 में जिन शिक्षकों की नियुक्ति हुई थी, उनका वेतन 2022 में बाधित कर दिया गया था। इसमें कृष्ण मोहन भी शामिल थे। हाईकोर्ट ने वेतन भुगतान का आदेश दिया था। कृष्णमोहन के पास से मिले सुसाइड नोट के अनुसार बीएसए कार्यालय के एक बाबू ने 20 लाख रुपये मांगे। उसने कर्ज लेकर 16 लाख रुपये दिए। इसके बाद भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया।

Friday, January 12, 2024

फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी कर रहे 382 शिक्षक किए जाएंगे बर्खास्त, 48 जिलों के बीएसए को STF ने जांच के बाद लिखा पत्र

फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी कर रहे 382 शिक्षक किए जाएंगे बर्खास्त, 48 जिलों के बीएसए को STF ने जांच के बाद लिखा पत्र


लखनऊ : परिषदीय स्कूलों में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी करने वाले 382 शिक्षकों को बर्खास्त करने की संस्तुति यूपी एसटीएफ की ओर से की गई है। सबसे ज्यादा 52 शिक्षक देवरिया के हैं। मथुरा के 43 और सिद्धार्थनगर के 29 फर्जी शिक्षक इसमें शामिल हैं। बीते करीब पांच वर्षों से एसटीएफ फर्जी मार्कशीट व प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी कर रहे शिक्षकों की जांच कर रही थी। बर्खास्तगी के बाद फर्जी शिक्षकों को दिए गए वेतन की वसूली भी की जाएगी।

परिषदीय स्कूलों में शिक्षक पद पर वर्ष 2006 से वर्ष 2016 तक भर्तियां हुई थीं। बीते दिनों देवरिया के 85 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अब इस जिले में 52 और फर्जी शिक्षक सामने आ गए हैं। जिन 382 फर्जी शिक्षकों को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है वे 48 जिलों के हैं। इन जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दे दी गई है। शिक्षक भर्ती के पूरे डाटाबेस की गहन जांच की जा रही है।



एसटीएफ की जांच के फर्जी दस्तावेजों पर नौकरी कर रहे 382 बेसिक शिक्षक होंगे बर्खास्त, सबसे ज्यादा देवरिया और मथुरा जिले के


फर्जी दस्तावेज लगाकर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले प्रदेश के 382 शिक्षकों को जल्द बर्खास्त किया जा सकता है। यूपी एसटीएफ ने जांच के बाद दोषी पाए गए शिक्षकों को बर्खास्त करने के लिए 48 जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। इन सभी की जांच बीते करीब साढ़े तीन वर्षों के दौरान की गयी है।




बता दें कि एसटीएफ बीते करीब पांच वर्ष से फर्जी दस्तावेज लगाकर शिक्षक की नौकरी हासिल करने के मामले की जांच कर रही है। एसटीएफ के अनुमान के मुताबिक प्रदेश में इस तरह के करीब 50 हजार शिक्षक हैं, जिन्होंने दूसरे की मार्कशीट लगाकर नौकरी हासिल की और सालों से काम कर रहे हैं। हाल ही में एसटीएफ ने ऐसे 382 शिक्षकों के खिलाफ जांच पूरी कर उनको बर्खास्त करने की संस्तुति की है। इनमें सर्वाधिक 52 शिक्षक देवरिया के हैं। इसके अलावा मथुरा के 43, सिद्धार्थनगर के 29 शिक्षक हैं। बाकी जिलों के शिक्षकों की सूची जल्द अपडेट हो जाएगी। 



2006 से 2016 तक हुए भर्ती

एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक ये भर्तियां वर्ष 2006 से 2016 के बीच हुई थी। एसटीएफ और जिला पुलिस की जांच के बाद देवरिया में बीते दिनों 85 शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। अब एसटीएफ मुख्यालय यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि किस तरह जालसाजों ने सरकारी सिस्टम को धता बताकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल की थी। इसके लिए बेसिक शिक्षा विभाग के डाटाबेस की गहनता से पड़ताल जारी है।

Tuesday, January 9, 2024

यूपी के देवरिया में 85 प्राथमिक शिक्षकों से होगी 125 करोड़ रुपये की वसूली

यूपी के देवरिया में 85 प्राथमिक शिक्षकों से होगी 125 करोड़ रुपये की वसूली


देवरिया जिले के प्राथमिक विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने वाले 85 शिक्षकों के खिलाफ आरसी जारी की गई है। इन शिक्षकों से 125 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। इन सभी शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है। इन लोगों ने वेतन और अन्य मदों में 125 करोड़ रुपये की धनराशी विभाग से मिली थी।


देवरिया: देवरिया के प्राथमिक विद्यालयों से बर्खास्त 85 शिक्षकों से 125 करोड़ रुपये की वसूली की जाएगी। बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वसूली के लिए आरसी जारी कर दी गई है। ये सभी शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के सहारे प्राथमिक विद्यालयों में नौकरी कर रहे थे। एसटीएफ और बेसिक शिक्षा विभाग की संयुक्त जांच में सभी के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर वेतन और अन्य मदों में ली गई धनराशि वसूली का निर्देश जारी किया गया था। अब इनके खिलाफ आरसी जारी की गई है।


देवरिया जिले में सन 1999 के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में भर्ती हुए दर्जनों शिक्षकों के खिलाफ फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी पाने की शिकायत की गई थी। एसटीएफ और बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा की गई जांच में 85 शिक्षकों के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। बेसिक शिक्षा विभाग सभी शिक्षकों को बर्खास्त कर उनके खिलाफ फिर दर्ज कराया गया था। यही नहीं इन शिक्षकों द्वारा वेतन और अन्य मदों में ली गई धनराशि जमा करने का निर्देश दिया गया था। मगर किसी ने भी धनराशि जमा नहीं किया।


विभिन्न विद्यालयों में तैनात थे सभी शिक्षकये सभी शिक्षक जिले के विभिन्न विद्यालयों में तैनात थे। विभाग द्वारा की गई जांच में इन सभी शिक्षकों द्वारा लगभग 125 करोड़ रुपये की धनराशि वेतन और अन्य मदों में ली गई है। ऐसे में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वसूली के लिए सभी के खिलाफ आरसी जारी की गई है। विभाग के मुताबिक पैसा न जमा करने पर आरोपी शिक्षको की जमीने नीलाम कर वसूली की जाएगी।


इन शिक्षकों से से होगी वसूली
जिन शिक्षकों से वसूली की जानी है। इनमें सलेमपुर रोड निवासी राम लखन से 63.86 लाख, ठाकुर नगर वार्ड के राम भरोसा से 87.60 लाख, सलाहाबाद वार्ड निवासी वीना रानी से 72.69 लाख, टीचर्स कॉलोनी के सुशील कुमार सिंह से 48.24 लाख, हरैंया के आलोक कुमार से 11. 90 लाख, गौरव कुमार से 10.37 लाख, स्वाति तिवारी से 37.6 5 लाख, विराजभार के वेद प्रकाश तिवारी से 22.62 लाख, गुलाबचंद से 22.62 लाख, बरसी पार के राजेश कुमार से 34.79 लाख रुपए वसूले जाने हैं।

इसी तरह दीनानाथ तिवारी से 85.17 लाख ,बिरजानंद यादव से 54.15 लाख , कसिली की रीता मिश्रा से 77 . 51 लाख, बरसी पार की रेनू बाला से 63.86 लाख, प्रियंका से 46. 50 लाख, रेवली के हरेंद्र यादव से 96 लाख, मझवलिया गांव के वृंदा लाल गौतम से 54.42 लाख , रंगोली के चंद्रभूषण यादव से 43.50 लाख, बतरौली के सरोज यादव से 37. 93 लाख, भागलपुर के संजय कुमार से 68.50 लाख समेत तिवारीपुर के अभिषेक तिवारी से 9.65 लाख रुपये की वसूली होनी है।


 बेसिक शिक्षा अधिकारी शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि देवरिया जिले के 85 शिक्षकों के खिलाफ वसूली के लिए आरसी जारी की गई है। इन सभी के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे।

Sunday, July 11, 2021

फर्जी नियुक्ति में 17 पर मुकदमा तीन शिक्षक समेत पांच गिरफ्तार, बीएसए के फर्जी हस्ताक्षर से हुआ करोड़ों का भुगतान

फर्जी नियुक्ति में 17 पर मुकदमा तीन शिक्षक समेत पांच गिरफ्तार, बीएसए के फर्जी हस्ताक्षर से हुआ करोड़ों का भुगतान
 
बैक डेट से नियुक्ति दिखाकर शिक्षकों का वेतन एरियर दिलाने वाले 5 गिरफ्तार


लखनऊ : यूपी एसटीएफ ने देवरिया में शिक्षा विभाग में चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया हैं। बैक डेट से शिक्षकों की नियुक्ति दिखाकर वित्त एवं लेखाधिकारी की मदद से उनका वेतन व एरियर दिलाने वाले गैंग के पांच सदस्यों को यूपी एसटीएफ ने देवरिया से गिरफ्तार किया है। फर्जीवाड़े के खेल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की बड़ी भूमिका सामने आई है। ये अधिकारी और कर्मचारी इस फर्जीवाड़े के लिए शिक्षक से लाखों का कमिशन ले रहे थे। आरोपितों से पूछताछ में पता चला है कि देवरिया के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने भी बड़ी रकम घूस ली है।

एसटीएफ के मुताबिक गिरफ्तार सदस्यों में देवरिया के बरियारपुर का ओम प्रकाश मिश्रा, कोतवालो का मुन्ना यादव, राज कुमार मणि त्रिपाठी, संजय कुमार और गोरखपुर का अजीत उपाध्याय शामिल हैं। इनके पास से तमाम फर्जी दस्तावेज एमजी हेक्टर गाड़ी, देवरिया के बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को मुहर बरामद हुई है। सिद्धार्थनगर के जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नारायण मौर्य ने इस फर्जीवाड़े के बारे में एसटीएफ को जानकारी दी थी। उन्होंने बताया कि अशासकीय सहायता प्राप्त पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अनियमित एवं फर्जी रूप से नियुक्त कार्यरत शिक्षकों को वेतन दिया जा रहा है।

 एसटीएफ की जांच में सामने आया कि एक गिरोह है, जो सहायता प्राप्त विद्यालयों में स्थायी तौर पर शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए फर्जी अनुमोदन-पत्र व अन्य फर्जी दस्तावेज तैयार करता है। मामले में एसटीएफ की तरफ से विभिन्न विद्यालयों में शिक्षक पद पर फर्जी अनुमोदन पत्र के आधार पर नियुक्त शिक्षकों और वित्त एवं लेखाधिकारी, वैसिक, देवरिया सहित 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया। बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रति शिक्षक दो लाख लिए यह भी खुलासा हुआ है कि कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय मदरसन देवरिया के सात शिक्षकों को बचाने के लिए बीएसए कार्यालय के बाबू जयशंकर श्रीवास्तव के जरिए वर्तमान बेसिक शिक्षा अधिकारी को प्रति शिक्षक दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं। अब तक की जांच से 19 शिक्षकों का फर्जी तरीके से अनुमोदन पत्र तैयार कराकर नियुक्ति करवाए जाने का पता चला है। एसटीएफ मामले की और कड़ियां जोड़ रही है।

ऐसे करते थे फर्जीवाड़ा 
पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह लोग सहायता प्राप्त विद्यालयों में स्थायी तौर पर नियुक्ति के लिए संबंधित अधिकारी के हस्ताक्षर स्कैन करके फर्जी तरीके से शिक्षक के पद का अनुमोदन पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी तैयार करते हैं। यह लोग बैक डेट से नियुक्ति दिखाकर एरियर का भी भुगतान करा देते हैं। पूरे गठजोड़ में देवरिया के वित्त एवं लेखाधिकारी, बेसिक जगदीश लाल श्रीवास्तव भी शामिल है। वह आरोपितो के साथ रहकर फर्जी अनुमोदन-पत्र तैयार करवाता है। अजित उपाध्याय ने इसी तरह से फर्जी अनुमोदन पत्र तैयार कराकर भाई दिलीप को शिक्षक के पद पर नियुक्त करवाया। पेशे से ठेकेदार राजकुमार मणि, जगदीश के साथ रहता है उसने भी पत्नी कुमारी रजना को सहायक अध्यापक के पद पर सहदेव बालिका, पूर्व माध्यमिक विद्यालय, बाबू, बभनी, देवरिया में नियुक्त करवाया है।

वित्त एवं लेखाधिकारी को दिए ₹40 लाख

आरोपित ओमप्रकाश मिश्र शिक्षक है, जो वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय में अटैच है। ओमप्रकाश ने अपनी रिश्तेदार श्वेता मिश्रा को भी फर्जी अनुमोदन पत्र के आधार पर शिक्षक पद पर नियुक्त करवाया है। श्वेता की बैक डेट से नियुक्ति के बाद एरियर में मिली पैसे और अन्य रकम मिलाकर करीब ₹40 लाख राजकुमार मणि एवं वित्त एवं लेखाधिकारी, जगदीश लाल श्रीवास्तव को दिए गए अभियुक्त जनार्दन उपाध्याय पूर्व में वित्त एव लेखाधिकारी के कार्यकाल में क्लर्क के पद पर था, जो इस समय रिटायर्ड है, लेकिन यह भी फर्जी दस्तावेज बनाने में शामिल है। संजय कुमार बीएसए कार्यालय देवरिया में चपरासी है, जो डिस्पैच रजिस्टर में हेरफेर, रजिस्टर के पेज फाड़ना और अन्य फर्जीवाड़ा करता है। 

अभियुक्त मुन्ना यादव के घर से एक ही विद्यालय के एक ही शिक्षक के एक से अधिक विभिन्न पत्रांक पर फर्जी अनुमोदन पत्र बरामद हुआ है। इसमें कुमारी रंजना, श्वेता मिश्रा एवं मुन्ना के बेटे विनय कुमार सहित आठ शिक्षकों का अनुमोदन था जगदीश लाल श्रीवास्तव बिना किसी सत्यापन के स्वयं फर्जी अनुमोदन पत्र तैयार कराने में सहयोग कर वेतन एवं एरियर जारी कर देता है। इसके एवज में प्रति अभ्यर्थी के हिसाब से पैसा लेता है।


देवरिया: दो अनुदानित विद्यालयों में शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति व उन्हें करोड़ों रुपये के एरियर भुगतान के मामले में गोरखपुर की एसटीएफ ने देवरिया के बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी समेत 17 लोगों के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। तीन शिक्षकों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनके पास से 13,660 रुपये, 11 मोबाइल, पैन कार्ड आदि बरामद किया है।



सिद्धार्थनगर के डीआइओएस (तत्कालीन बीएसए देवरिया) एएन मौर्य ने देवरिया के अनुदानित विद्यालयों में फर्जी तरीके से शिक्षकों की नियुक्ति और उन्हें करोड़ों रुपये के एरियर भुगतान की शिकायत की जानकारी एसटीएफ को दी थी। जांच में गौरीबाजार के मदरसन स्थित कृषक लघु माध्यमिक विद्यालय में चार व सहदेव लघु माध्यमिक विद्यालय बाबू बभनी में आठ फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति और उन्हें करीब 40-40 लाख रुपये के एरियर भुगतान की पुष्टि हुई। 

यह भी पता चला कि फर्जी नियुक्ति में पूरा गिरोह सक्रिय है। एसटीएफ प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह ने शुक्रवार रात सदर कोतवाली में वित्त एवं लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव, बीएसए कार्यालय से संबंद्ध शिक्षक ओमप्रकाश मिश्र, सेवानिवृत्त लिपिक जर्नादन उपाध्याय, गोरखपुर के खोराबार में तैनात शिक्षक अजीत कुमार उपाध्याय और लेखाधिकारी के करीबी राजकुमार मणि के साथ 12 फर्जी शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। एसटीएफ ने अजीत उपाध्याय, ओमप्रकाश मिश्र, नियुक्ति पाए शिक्षक मुन्ना यादव, राजकुमार मणि और जांच में तथ्य मिलने पर बीएसए कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संजय आर्य को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी नियुक्ति के आरोपित शिक्षक : दिलीप कुमार उपाध्याय, राघवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव, विमल कुमार शुक्ला, ब्रजेंद्र सिंह, विनय कुमार, कुमारी अंजना, सुरेंद्र यादव, जगदीश यादव, कुमारी विमला यादव, नीतू रस्तोगी, श्वेता मिश्र, रंजना कुमारी।


फर्जी नियुक्ति कराने वाले गिरोह के 17 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर पांच को गिरफ्तार किया गया है। अन्य अनुदानित विद्यालयों में भी फर्जी शिक्षकों की नियुक्ति की जांच की जा रही है। -सत्यप्रकाश सिंह, इंस्पेक्टर, एसटीएफ गोरखपुर

Wednesday, June 23, 2021

देवरिया में प्रोत्साहन के नाम पर शिक्षकों की ऑनलाइन परीक्षा का विरोध, बहिष्कार का एलान

देवरिया में प्रोत्साहन के नाम पर शिक्षकों की ऑनलाइन परीक्षा का विरोध, बहिष्कार का एलान



उत्तर प्रदेश जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ ने  बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय को ज्ञापन सौंपा। इसमें मिशन प्रेरणा की पुस्तकों पर आधारित ऑनलाइन परीक्षा का विरोध करते हुए परीक्षा न देने का ऐलान किया।

देवरिया । डीएम के निर्देश के पर जनपद के परिषदीय शिक्षकों की होने वाली आनलाइन परीक्षा का बहिष्कार प्राथमिक शिक्षक संघ कर रहा है। संघ के पदाधिकारियों ने जिलाबेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर परीक्षा को स्थगित करने का अनुरोध किया है।

प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र तथा अनुदेशकों की आनलाइन परीक्षा 30 जून को आयोजित होनी है। मंगलवार को डीएम कार्यालय से जारी किए गए पत्र में इसकी जानकारी दी गयी है। मिशन प्रेरणा के तहत तैयार किए गए माड्यूल शिक्षण संग्रह, आधार शिला तथा ध्यानाकर्षण से 50 प्रश्नों की परीक्षा आनलाइन कराने की योजना बनी है। इस परीक्षा का विरोध प्राथमिक शिक्षक संघ ने किया है। 

प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार भारती तथा जिलामंत्री विजय कुमार सिंह ने मंगलवार को बीएसए देवरिया संतोष कुमार राय से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने सौंपे गए पत्रक में लिखा है कि सोशल मीडिया के जरिए शिक्षकों की परीक्षा की जानकारी हुई है। जिलाप्रशासन अपने स्तर से ऐसी परीक्षाओं का आयोजन कराने की योजना बना रहा है। जबकि प्रदेश स्तर पर ऐसी किसी भी परीक्षा की व्यवस्था नहीं हुई है। यह परीक्षा परिषदीय शिक्षकों का मनोबल बढ़ाने की बजाय उनको अपमानित करेगा। 

प्रदेश के जिलों में जिला अधिकारियों द्वारा मनमाने तरीके से विना पूर्व सूचना के अचानक शिक्षको ,शिक्षा मित्रों, व अनुदेशकों का ऑनलाइन परीक्षा का आदेश जारी कर शिक्षको ,शिक्षा मित्रों व अनुदेशकों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है,जब बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा ऐसा कोई आदेश निर्गत नही है ,और ना ही शिक्षक नियमावली में वर्णित है, की शिक्षको से चयन उपरांत समय समय पर परीक्षा ली जाए।


जिला प्रशासन द्वारा किसके आदेश पर परीक्षा कराने के आदेश जारी हो रहें है। प्रदेश के शिक्षको का परीक्षा करना न्याय संगत नही है, शिक्षकों का उत्पीड़िन बन्द कराए सरकार । प्रदेश में जिला प्रशासन,द्वारा किये जा रहे परीक्षा कराने के तुगली फ़रमान को तुरंत वापस कराए सरकार, ऐसे आदेश से प्रदेश के शिक्षक समुदाय में आक्रोश व असंतोष व्याप्त हैं।ऐसे आयोजनों को पूरे प्रदेश के शिक्षक, शिक्षा मित्र, व अनुदेशक वहिष्कार करते हैं।- अनिल यादव, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ


देवरिया : जनपद के समस्त परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अध्यापकों / अनुदेशकों / शिक्षा मित्रों के शैक्षिक गुणवत्ता प्रोत्साहन योजना (देवरिया मॉडल) के सम्बन्ध में

Saturday, June 12, 2021

सरकार जून में शिक्षामित्रों से करवा रही बेगारी, शिक्षामित्रों को मिल रहा 11 महीने का ही मानदेय

जून में शिक्षामित्रों से बिना वेतन काम ले रहा विभाग

सरकार जून में शिक्षामित्रों से करवा रही बेगारी,  शिक्षामित्रों को मिल रहा 11 महीने का ही मानदेय


प्रयागराज। प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत शिक्षामित्रों से सरकार कोरोना महामारी के दौरान जून माह में बिना मानदेय के काम ले रही है। शिक्षामित्रों को 26 मई 1999 में नियुक्ति के समय से ही सालभर में 11 महीने का ही मानदेय दिया जाता रहा है। 


परिषदीय विद्यालयों में जून माह में अवकाश होने के चलते उन्हें इस अवधि का मानदेय नहीं दिया जाता है। शिक्षामित्र समय-समय पर पूरे बर्ष मानदेय देने की मांग उठाते रहे हैं, सरकार जून में विद्यालय बंद होने की बात कहकर मानदेय देने से बचती रही है। 


2020 और 2021 में कोरोना के चलते सरकार की ओर से कोबिड सर्वे के लिए शिक्षामित्रों की ड्यूटी लगा दी है। अब पूरे जून शिक्षामित्र बिना किसी मानदेय के जान जोखिम में डालकर कोविड सर्वे का काम कर रहे हैं।


 उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ ने शिक्षमित्रों से जून महीने में बिना वेतन काम लेने को लेकर सवाल उठाया है। संघ ने सरकार पर शिक्षामित्रों से बेगारी कराने का आरोप लगाया है। संघ का “ कहना है कि सरकार शिक्षामित्रों को स्कूल बंद होने की अवधि में जून के वेतन का भुगतान नहीं करती है। शिक्षामित्रों को कोविड कंट्रोल में लगा दिया गया। 


उत्तर प्रदेश शिक्षामित्र संघ के संतोष शुक्ला का कहना है कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में डेढ़ लाख से अधिक शिक्षामित्र ऑनलाइन शिक्षण, कोविड कंट्रोल सहित दूसरे विभागीय कार्यों में लगाए गए हैं। उन्हें इस कार्य का कोई भुगतान नहीं किया जा रहा है। इससे शिक्षामित्र निराश हैं, उनका मनोबल दूट रहा है। 


11 महीने का मानदेय देकर 12 महीने काम लेना गलत है। उन्होंने सरकार से चुनाव ड्यूटी के बाद जान गंबाने बाले शिक्षकों के समान ही शिक्षामित्रों को सहायता एवं नौकरी की मांग की हैं। सरकार शिक्षामित्रों को जून का मानदेय उपलब्ध करवाए।



देवरिया | उत्तर प्रदेश दूरस्थ बीटीसी शिक्षक संघ ने शिक्षमित्रों से जून महीने में काम लेने को लेकर सवाल उठाया है। सरकार पर शिक्षामित्रो से बेगारी कराने का आरोप लगाया है।


प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार यादव ने कहा है कि प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख अठावन हजार शिक्षामित्रों से जून में आन लाइन शिक्षण कार्य व अन्य विभागीय व प्रशासनिक कार्य लिए जा रहे हैं। उन्हें इसके लिए कोई भुगतान नहीं मिल रहा है। इससे शिक्षामित्रों का मनोबल अब टूट रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रो को मात्र 11 माह का ही मानदेय मिलता है। ऐसे में 12 महीने का काम लेना गलत है। 


बिना मानदेय के एक महीने काम लेना मानवता के खिलाफ है। उन्होंने सरकार से जून में कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों को एक माह का मानदेय देने की मांग की।

Tuesday, June 1, 2021

देवरिया : कस्तूरबा में रिक्त पदों पर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी

देवरिया : कस्तूरबा में रिक्त पदों पर भर्ती हेतु विज्ञप्ति जारी




Wednesday, February 3, 2021

देवरिया के वित्त एवं लेखाधिकारी (बेसिक) के खिलाफ जमानती वारंट

देवरिया के वित्त एवं लेखाधिकारी  (बेसिक) के खिलाफ जमानती वारंट


प्रयागराज : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने देवरिया बीएसए कार्यालय के वित्त-लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने यह आदेश अवमानना आरोप निर्मित करने के लिए बुलाए जाने पर कोई प्रतिक्रिया न देने पर दिया है।


Thursday, January 28, 2021

देवरिया : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण अंतर्गत कार्यमुक्ति संबंधी विज्ञप्ति, दिशा निर्देश व अधिकृत प्रपत्र जारी

देवरिया  : अंतर्जनपदीय स्थानांतरण अंतर्गत कार्यमुक्ति संबंधी विज्ञप्ति, दिशा निर्देश व अधिकृत प्रपत्र जारी


Tuesday, January 26, 2021

देवरिया : 69000 शिक्षक भर्ती के सापेक्ष नवनियुक्त शिक्षकों के स्कूल आवंटन हेतु आदेश / विज्ञप्ति जारी

देवरिया :  69000 शिक्षक भर्ती के सापेक्ष नवनियुक्त शिक्षकों के स्कूल आवंटन हेतु आदेश / विज्ञप्ति जारी




Thursday, September 10, 2020

देवरिया : स्‍कूल खुलने का इंतजार किए बगैर प्रधानाध्‍यापक ने शुरू करा दी पढ़ाई, सस्‍पेंड

देवरिया:स्‍कूल खुलने का इंतजार किए बगैर प्रधानाध्‍यापक ने शुरू करा दी पढ़ाई, सस्‍पेंड 

कोरोना संक्रमण के चलते स्‍कूलों की बंदी अभी जारी है लेकिन देवरिया के एक प्रधानाध्‍यापक ने बच्‍चों को बुलाकर पढ़ाई शुरू करा दी। प्रधानाध्‍यापक को सस्‍पेंड कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है। बीईओ ने प्रधानाध्यापक के निलंबन की संस्तुति के साथ ही सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।
देवरिया के देसही क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय शामपुर में कोविड-19 में प्रतिबंध के बावजूद बच्चों को बुलाकर पढ़ाने का फोटो वायरल हो गया। जानकारी होने पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) ज्ञानचंद्र मिश्र ने बुधवार को विद्यालय का निरीक्षण किया। 12:48 मिनट पर विद्यालय का गेट बंद मिला। मौके पर मिले ग्रामीणों से बीईओ ने पूछताछ की तो स्कूल में बच्‍चों को बुला कर कक्षाएं चलाने का मामला सही पाया गया। एक ग्रामीण ने बताया कि उसके घर के पांच बच्चे पढ़ने आते हैं, जिसमें से तीन बच्चे बुधवार को भी स्कूल गए थे लेकिन एमडीएम का भोजन नहीं मिलता है।


इस पर बीईओ ने प्रधानाध्यापक को फोन कर मौके पर बुलाया। विद्यालय खुलने के बाद उपस्थिति पंजिका के निरीक्षण में विद्यालय से जाने के समय का हस्ताक्षर बना पाया गया। गांववालों ने बताया कि विद्यालय 11:30 बजे तक खुलता है। बीईओ के सवाल पर प्रधानाध्यापक प्रतिबंध के बावजूद बच्चों को बुलाकर पढ़ाने का स्पष्ट कारण नहीं दे सके। सहायक अध्यापक ने खंड शिक्षा अधिकारी से कहा कि बच्‍चों को प्रधानाध्यापक बुलाते हैं। बीईओ ने प्रतिबंध में बच्चों को बुलाने और विद्यालय की उपस्थिति पंजिका में अग्रिम हस्ताक्षर बनाने के आरोप में प्रधानाध्यापक जुल्फेकार खां को निलंबित करने की संस्‍तुति की। इसके साथ ही सहायक अध्‍यापक और शिक्षामित्र जमीर आलम सिद्दिकी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया।
प्राथमिक विद्यालय शामपुर में बच्चों को पढ़ाने की फोटो वायरल हुई थी। मौके पर 12:48 पहुंचा तो विद्यालय बंद मिला। ग्रामीणों से जानकारी मिली कि स्कूल में रोज बच्चे पढ़ने आते हैं। कोविड-19 में स्कूल खोलने पर अभी प्रतिबंध है। यह एक गंभीर मामला है। नियमों का उल्लघंन करने पर प्रधानाध्यापक के निलंबन की संस्तुति बीएसए स्‍तर से की जा रही है। सहायक अध्यापक और शिक्षामित्र को नोटिस जारी किया जा रहा है।

Tuesday, August 18, 2020

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी

देवरिया में दो फर्जी शिक्षिकाएं बर्खास्त, अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की खतरे में नौकरी।

देवरिया : :  दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहीं दो शिक्षकों को बीएसए ने सोमवार को बर्खास्त कर दिया। महानिदेशक स्कूल शिक्षा की जांच में मामला पकड़ में आने पर हुई जांच के बाद दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई हुई। दोनों शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराकर वेतन रिकवरी के निर्देश बीएसए ने दिए हैं।

महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय की जांच में जून में प्रदेशभर में एक ही पैन पर दो लोगों के नौकरी करने के 192 मामले मिले थे इनमें से सात मामले देवरिया के थे। इसकी जांच के दौरान प्राथमिक विद्यालय मुसैला खुर्द की प्रधानाध्यापक रेनूबाला और प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट की प्रधानाध्यापक सीमा सिंह मोबाइल बंद कर गायब हो गई। सलेमपुर के खंड शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीनारायण ने एक जुलाई को दोनों शिक्षकों को जरूरी कागज के साथ उपस्थित होने के लिए फोन करना चाहा तो दोनों का मोबाइल बंद मिला। इसके बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने एक जुलाई को ही दोनों विद्यालयों का दौरा किया। इसमें सीमा सिंह अपने तैनातीस्थल प्राथमिक विद्यालय नदावर घाट में नहीं मिलीं। विद्यालय बंद मिला। वहीं मुसैला खुर्द प्राथमिक विद्यालय से प्रधानाध्यापिका रेनूबाला बिना सूचना के गायब मिलीं। इसकी सूचना खंड शिक्षा अधिकारी ने बीएसए को दी। बीएसए ने वेतन बाधित करते हुए दोनों शिक्षकों के पते पर नोटिस भेजकर जरूरी दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने को कहा था।




अमेठी में पांच परिषदीय शिक्षकों की नौकरी खतरे में

अमेठी : अनामिका शुक्ला प्रकरण के बाद जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जीवाड़े का एक और मामला प्रकाश में आया है। जहां विभिन्न ब्लॉकों में तैनात पांच शिक्षकों के अभिलेख पर जनपद फिरोजाबाद में भी पांच शिक्षकों द्वारा नौकरी पाए जाने का आरोप है। मामले में बीएसए ने इन सभी शिक्षकों का वेतन रोकते हुए उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा है। साथ ही फिरोजाबाद बीएसए को पत्र लिखकर वहां तैनात शिक्षकों का वेरिफिकेशन कर उनकी अभिलेखों की छाया प्रति मांगी है। बेसिक शिक्षा विभाग में अलग-अलग ब्लॉकों के परिषदीय विद्यालय में कार्यरत 5 शिक्षकों के अभिलेखों पर किसी व्यक्ति ने बीएसए से फोन पर शिकायत की थी।


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Monday, August 10, 2020

देवरिया : दो फर्जी शिक्षक जल्द होंगे बर्खास्त, बीएसए के नोटिस का नहीं दिया जवाब

देवरिया : दो फर्जी शिक्षक जल्द होंगे बर्खास्त, बीएसए के नोटिस का नहीं दिया जवाब।

देवरिया :: परिषदीय विद्यालय में फर्जी मिले दो शिक्षक, शीघ्र ही बर्खास्त होंगे। यह शिक्षक जांच शुरू होने के बाद से ही फरार चल रहे हैं। इन शिक्षकों ने बीएसए की नोटिसों का जवाब नहीं दिया है। परिषदीय विद्यालयों में फर्जी शिक्षकों की जांच तेजी से चल रही है। अब तक 41 शिक्षकों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई हो चुकी है। इनमें से एक दर्जन से अधिक के खिलाफ केस दर्ज कराया जा चुका है। इसमें पुलिस जांच कर रही है।




दूसरी तरफ अन्य फर्जी शिक्षक भी सामने आ रहे हैं। ताजा मामला एक समान पैन कार्ड पर कार्यरत मिले शिक्षकों से जुड़ा है। बीएसए ने समान पैन कार्ड पर कार्यरत मिले सभी सभी शिक्षकों को नोटिस देकर पक्ष रखने को कहा था। इसमें से दो शिक्षकों ने नोटिस का जवाबनहीं दिया। बीएसएफ की तरफ से दूसरी और तीसरी नोटिस भेजी गयी पर दोनों शिक्षकों ने जवाब नहीं दिया। अब प्रेस विज्ञप्ति प्रकाशित कर सूचना दी गयी है। सूत्रों का कहना है कि दोनो शिक्षक जांच में फर्जी पाए गए हैं। इसके चलते नोटिस पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं।

● जांच शुरू होने के बाद से विद्यालय से हैं फरार

• बीएसए के नोटिस का भी नहीं दिया जवाब

जिले में अब तक हो चुकी है 41 शिक्षकों की बर्खास्तगी।

कस्तूरबा के शिक्षकों के खिलाफ हो रही है जांच : फर्जी शिक्षकों के मामले में जिले के कस्तूरबा आवासीय विद्यालय प्रदेश में अव्वल हैं। राज्य परियोजना में हुई जांच में 14 शिक्षक फर्जी मिले। इन्हें बीएसए ने बर्खास्त कर दिया है। 11 शिक्षकों के खिलाफ जांच चल रही है। प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जा रहा है। फर्जी मिलने पर इनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। एक वार्डेन को किसी व्यक्ति की शिकायत पर बर्खास्त किया जा चुका था।


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Thursday, July 16, 2020

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे KGBV के 14 शिक्षक बर्खास्त

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे KGBV के 14 शिक्षक बर्खास्त।

देवरिया : फर्जी और कूटरचित प्रमाण पत्रों पर नौकरी कर रहे कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की 14 शिक्षक बुधवार को बर्खास्त कर दिए गए। इनमें एक वार्डेन, आठ पूर्णकालिक, चार अंशकालिक और एक उर्दू शिक्षक शामिल हैं। यह कार्रवाई पांच सदस्यीय कमेटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई है। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में फर्जी प्रमाण पत्रों पर बड़ी संख्या में नियुक्ति की शिकायत किसी ने शासन से की थी। इसी बीच  अनामिका प्रकरण सामने आने के बाद इसमें तेजी आ गई।





राज्य परियोजना कार्यालय के निर्देश पर मामले की जांच शुरूहुई। पांच सदस्यीय कमेटी गठित गई थी। जांच कमेटी में रामपुर कारखाना के बीईओ विनोद तिवारी, पथरदेवा के बीईओ डीएन चंद, सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी डॉ.उपेंद्र मणि त्रिपाठी, डीसी प्रशिक्षण स्वप्निल कुमार मंगलम व डीसी बालिका त्रिभुवन नाथ पाण्डेय शामिल थे। 16 व 17 जून को शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की मूल प्रति, आधार नंबर को बीएसए कार्यालय में जमा करा कर उनका सत्यापन शुरू किया गया।


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Wednesday, July 8, 2020

एक नाम, पैन नंबर से देवरिया व लखनऊ में नौकरी कर रही शिक्षिका, वेतन रोका

लखनऊ। लखनऊ और देवरिया में एक ही नाम, जन्मतिथि और पैन नंबर का मामला सामने आने के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने संबंधित शिक्षिका का वेतन रोक दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार का कहना है कि जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। तब तक की अवधि में शिक्षिका का वेतन रुका रहेगा। बीएसए दिनेश कुमार ने बताया कि पूर्व माध्यमिक विद्यालय सेवरिया में तैनात शिक्षिका और देवरिया में तैनात शिक्षिका के नाम, जन्मतिथि व पैन नंबर एक जैसे पाए गए हैं। लखनऊ की शिक्षिका के सभी दस्तावेजों की जांच की जा चुकी है। अब देवरिया के दस्तावेज जांचे जाने हैं। देवरिया के शिक्षा अधिकारियों के अनुसार शिक्षिका को प्रमाणपत्रों की जांच कराने के लिए मंगलवार तक का समय दिया गया था। जांच पूरी होने तक की अवधि में शिक्षिका का वेतन रोक दिया गया है। सत्यापन के लिये उपस्थित न होने से गहराया शक संबंधित शिक्षिका के मामले में सब कुछ सामान्य होने की उम्मीद काफी कम दिख रही है। एक नाम की दो शिक्षिकाएं होना तो संभव है पर पैन नंबर व जन्मतिथि भी एक हो जाए ऐसा व्यवहारिक नहीं है। देवरिया में तैनात शिक्षिका सत्यापन के लिए भी उपस्थित भी नहीं हो रही। इससे शक और बढ़ गया है। शुरुआती तौर पर तो यह एक ही प्रमाण पत्र पर दो जगह नौकरी करने का मामला नजर आ रहा है। बहरहाल पूरी स्थिति जांच के बाद ही साफ हो पाएगी

 

Thursday, June 25, 2020

देवरिया : फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी कर रही वार्डन बर्खास्त

देवरिया : फर्जी प्रमाणपत्र से नौकरी कर रही वार्डन बर्खास्त।

फर्जी प्रमाण से नौकरी कर रही वार्डन बर्खास्त

देवरिया। फर्जी प्रमाण पत्र पर नौकरी कर रही एक कस्तूरबा आवासीय विद्यालय की वार्डन को बुधवार को बर्खास्त कर दिया गया। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ अब तक प्राप्त वेतन की वसूली की कार्रवाई भी की जाएगी। एक व्यक्ति की शिकायत पर हुई जांच में यह मामला सामने आया था।






 कस्तूरबा आवासीय विद्यालय लार की वार्डन रिचा वर्मा के फर्जी प्रमाण पर नौकरी करने की शिकायत एक व्यक्ति ने पिछले वर्ष राज्य परियोजना निदेशक (एसपीडी) सर्व शिक्षा अभियान से की थी। एसपी के निर्देश पर बीएसए ने तीन खंड शिक्षा अधिकारियों की समिति गठित कर जांच सौंपी थी।


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Wednesday, June 10, 2020

देवरिया के कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्ति का रेकॉर्ड ही गायब

देवरिया के कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्ति का रेकॉर्ड ही गायब

विभाग के पास सिर्फ मेरिट लिस्ट, पूर्व कर्मचारियों पर फोड़ा जा रहा ठीकरा


करतूरबा विद्यालयों में हुई नियुक्तियों के रेकॉर्ड गायब हैं। सिर्फ शिक्षकों-कर्मचारियों की मेरिट लिस्ट ही मौजूद है। -प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, बीएसए

 देवरिया : एक नाम पर प्रदेश के कई कस्तूरबा विद्यालयों में नौकरी के मामले में तमाम जिलों में जांच के डर से हड़कंप मचा है। इस बीच देवरिया जिले में तो कस्तूरबा आवासीय विद्यालयों में हुई नियुक्तियों के सारे रेकॉर्ड ही गायब हो गए हैं। बीएसए दफ्तर में शिक्षकों व कर्मचारियों के रेकॉर्ड के नाम पर सिर्फ मेरिट लिस्ट भर मौजूद है। रेकॉर्ड संभालने की जिम्मेदारी जिन कर्मचारियों पर है, अब वे पूर्व में तैनात रहे कर्मचारियों के सिर ठीकरा फोड़ने में जुट गए हैं। मामला सामने आने के बाद बीएसए ने जांच की बात कही है।

देवरिया में 13 कस्तूरबा आवासीय विद्यालय हैं। इन विद्यालयों में कक्षा एक से आठवीं तक गरीब बच्चों की मुफ्त पढ़ाई होती है। यहां वॉर्डन के 13 पदों के सापेक्ष 11, पूर्णकालिक शिक्षक के 52 पदों के सापेक्ष 45 और अंशकालिक शिक्षक के 39 पदों के सापेक्ष 32 तैनातियां हैं। इसके अलावा 13 अकाउंटेंट, 39 रसोइये, और 13-13 चपरासी और चौकीदारों की नियुक्ति है। हैरत की बात यह है कि इन कर्मचारियों की नियुक्ति का कोई रेकॉर्ड जिला बेसिक शिक्षा विभाग के पास नहीं है। इस मामले का खुलासा तब हुआ, जब फरवरी में सलेमपुर क्षेत्र के एक कस्तूरबा विद्यालय में वॉर्डन की नियुक्ति से संबंधित शिकायत एसटीएफ से की गई थी।


एसटीएफ को भी नहीं मिली थी पूरी पत्रावली: फरवरी में नियुक्ति को लेकर हुई शिकायत के बाद एडी बेसिक ऑफिस ने कस्तूरबा विद्यालयों में नियुक्ति का ब्योरा मांगा गया था, लेकिन रेकॉर्ड नहीं मिला। वहीं, एसटीएफ को भी पूरे कागजात नहीं मिल पाए थे।

Wednesday, March 4, 2020

देवरिया : महिला शिक्षामित्र ने दुष्कर्म मारपीट और धमकी का दर्ज कराया केस, दुष्कर्म का आरोपी शिक्षक बीआरसी से गिरफ्तार

देवरिया : महिला शिक्षामित्र ने दुष्कर्म मारपीट और धमकी का दर्ज कराया केस, दुष्कर्म का आरोपी शिक्षक बीआरसी से गिरफ्तार

Friday, February 28, 2020

देवरिया : निष्ठा प्रशिक्षण : तय मेन्यू के अनुसार नही बन रहा भोजन, प्रशिक्षण के दौरान भोजन को लेकर भड़के शिक्षक

देवरिया : निष्ठा प्रशिक्षण : तय मेन्यू के अनुसार नही बन रहा भोजन, प्रशिक्षण के दौरान भोजन को लेकर भड़के शिक्षक

Wednesday, February 5, 2020

शिक्षामित्र की सेवानिवृत्ति को लेकर फंस गया पेंच,62 वर्षीय शिक्षामित्र भी कर रही कार्य

शिक्षामित्र की सेवानिवृत्ति को लेकर फंस गया पेंच,62 वर्षीय शिक्षामित्र भी कर रही कार्य