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Friday, February 21, 2025

पांच हजार रुपये रिश्वत लेते चालक गिरफ्तार, एंटी करप्शन को चकमा देकर भाग निकले बीईओ, रुका वेतन निकलवाने के नाम पर मांगे थे पांच हजार रुपये

पांच हजार रुपये रिश्वत लेते चालक गिरफ्तार, एंटी करप्शन को चकमा देकर भाग निकले बीईओ, रुका वेतन निकलवाने के नाम पर मांगे थे पांच हजार रुपये, दोनों पर रिपोर्ट

बिथरी में खंड शिक्षा अधिकारी दफ्तर के सामने एंटी करप्शन टीम ने की कार्रवाई


बरेली। बिथरी चैनपुर के खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अवनीश प्रताप सिंह के चालक वीरपाल को बृहस्पतिवार दोपहर बाद पांच हजार रुपये रिश्वत लेते हुए एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार कर लिया।

बीईओ ने प्रधानाध्यापक से रुका वेतन निकलवाने के नाम पर पांच हजार रुपये मांगे थे। टीम ने दफ्तर के बाहर रुपये लेने आए चालक को पकड़ा तो शोर सुनकर बीईओ वहां से भाग गया। बीईओ मूलतः पीलीभीत जिले के पूरनपुर का रहने वाला है। दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।

कैंट थाने के मोहनपुर गांव निवासी मोहम्मद इलियास पीएम श्री विद्यालय सैदपुर कुर्मियान के प्रधानाध्यापक हैं। इलियास ने हाल ही में एंटी करप्शन कार्यालय में सीओ यशपाल सिंह से मिलकर शिकायत दर्ज कराई थी।

बताया था कि बिथरी चैनपुर के बीईओ अवनीश प्रताप सिंह ने उनसे अप्रैल व मई 2024 का रुका वेतन निकलवाने के बदले पांच हजार रुपये मांगे हैं। वह रिश्वत नहीं देना चाहते। गोपनीय जांच में आरोप पुष्ट हुए तो कार्रवाई शुरू कर दी गई।

वीरपाल बोला- मैं बेकसूर, अफसर ने फंसाया
सीओ ने पूछताछ की तो वीरपाल ने बताया कि उसका इस घटनाक्रम से कोई लेना-देना नहीं है। वह अनुचर है और ड्राइवर का भी काम करता है। दफ्तर में अधिकारी के पास बैठा था। उनके कहने पर ही कार्यालय के बाहर यह रकम लेने आया था। एंटी करप्शन टीम उसे कोतवाली ले आई। वहां टीम की ओर से बीईओ अवनीश प्रताप सिंह व वीरपाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। वीरपाल क्योलड़िया थाना क्षेत्र के ज्योति जागीर गांव का निवासी है। टीम ने उसके घर जाकर तलाशी ली व पूछताछ की।

फोन पर बात करते रहे बीईओ, धोखे में ड्राइवर को पकड़ा
एंटी करप्शन टीम के कहने पर इलियास फोन पर लगातार बीईओ के संपर्क में थे। तय हुआ था कि बृहस्पतिवार दोपहर बाद इलियास पांच हजार रुपये बीईओ को उनके विथरी ब्लॉक स्थित कार्यालय पर देने जाएंगे। दोपहर बाद सवा तीन बजे इलियास बीईओ के दफ्तर पहुंचे। टीम के अधिकारी व गवाह भी थोड़ी दूरी पर थे। इलियास ने कॉल कर बीईओ को अपने आने की सूचना दी। तब बीईओ ने अपने चालक वीरपाल को बाहर भेज दिया। वीरपाल मूलतः अनुचर है, पर बीईओ का वाहन चलाता है। वीरपाल ने जैसे ही इलियास के हाथ से रुपये लिए, टीम ने उसे बीईओ समझकर गिरफ्तार कर लिया। उसके हाथ धुलवाए तो नोटों पर लगे केमिकल की वजह से पानी का रंग गुलाबी हो गया। टीम ने उसे गाड़ी में बैठा लिया।

कोई घूस मांगे तो तुरंत करें शिकायत
सीओ एंटीकरप्शन यशपाल सिंह ने बताया कि इस मामले में बीईओ ही असली आरोपी है। प्रधानाध्यापक से फोन पर बीईओ की बात हो रही थी, वेतन भी वही बहाल करा सकता था। वह कार्रवाई के दौरान मौके से खिसक गया। उसकी तलाश की जा रही है। कोई अफसर रिश्वत मांगे तो उनके मोबाइल नंबर 9454405475 और प्रभारी निरीक्षक के मोवाइल नंबर 9454401653 पर कॉल करके भी शिकायत कर सकते हैं


■ एंटी करप्शन को चकमा देकर भाग निकले बीईओ

■ निरीक्षण में गैरहाजिर दिखा रोका जाता है वेतन, फिर देनी होती है रिश्वत

■ ड्राइवर के माध्यम से शिक्षकों से रिश्वत लेने का आरोप


बरेली । एंटी करप्शन टीम ड्राइवर को पकड़ने के बाद खड़ी थी और इसी बीच बीईओ कमरे से निकलकर भाग निकला। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद अब उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रधानाध्यापक मोहम्मद इलियास ने बीईओ अवनीश प्रताप सिंह के ड्राइवर को रिश्वत के पांच हजार रुपये दिए। ड्राइवर ने रकम गिनकर जैसे ही अपनी जेब में रखी, एंटी करप्शन टीम ने उसे दबोच लिया। उसे पकड़ते ही वहां अफरातफरी मची और इसी बीच बीईओ अवनीश प्रताप सिंह अपने कमरे से निकलकर चला गया। टीम जब तक कुछ समझ पाती बीईओ वहां से भाग निकला। अब दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। वीरपाल को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा और बीईओ के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी।


संबद्धता का भी चलता है खेलः
बिथरी चैनपुर ब्लॉक के शिक्षकों का कहना है कि बीईओ अवनीश प्रताप सिंह निरीक्षण के दौरान दो-चार मिनट लेट होने पर भी उन्हें अनुपस्थित दिखाकर वेतन रुकवा देता है। इसके बाद रिश्वत की मांग की जाती है। रकम दिए बिना किसी का भी वेतन जारी नहीं होता। यह खेल लंबे समय से चल रहा है। इसके अलावा उसके ऑफिस में शिक्षकों की संबद्धता का खेल भी खूब चलता है। बीएसए संजय सिंह ने बताया कि रिश्वत प्रकरण में आरोपी ड्राइवर को निलंबित किया जाएगा। इसके साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ भी जल्दी ही विभागीय कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।

          फरार बीईओ अवनीश प्रताप सिंह

सेटिंग के चलते तीन साल से बिथरी में डटा रहा
शिक्षकों ने बताया कि पूर्व में बीईओ नियम विरुद्ध एक अनुदेशक जिला व्यायाम शिक्षक बना दिया था। यह मुद्दा काफी चर्चा में रहा। बिथरी के कस्तूरबा गांधी स्कूल के भोजन में गड़बड़ी मिली और महिला शिक्षकों से दुर्व्यवहार का भी उस पर आरोप था लेकिन सेटिंग के चलते वह तीन साल से बिथरी में ही डटा था।

Friday, December 13, 2024

नौकरी में सुपरमैन के नाम से मशहूर हो चुके सूबे के बेसिक शिक्षकों को अब क्रिकेट अंपायरिंग का मिला नया जिम्मा

नौकरी में सुपरमैन के नाम से मशहूर हो चुके सूबे के बेसिक शिक्षकों को अब क्रिकेट अंपायरिंग का मिला नया जिम्मा


सरकारी नौकरी में सुपरमैन के नाम से मशहूर हो चुके सूबे के बेसिक शिक्षकों को अब नया टास्क मिलने वाला है। हर फन में माहिर माने जाने वाले शिक्षकों से अब क्रिकेट मैच में अंपायरिंग भी कराने की तैयारी है। 


रुहेलखंड इलाके के एक बड़े जिले में इसका बाकायदा फरमान भी जारी हो चुका है। एसएसपी साहब के इस फरमान का पालन कराने का जिम्मा बीएसए को दिया गया है। फरमान में नौ सहायक शिक्षकों को इस काम के लिए पुलिस लाइन में आमद करानी है। 


पहले से ही पोलियो अभियान से लेकर चुनाव तक ड्यूटी के बोझ से दबे शिक्षकों में इस फरमान से खलबली मची है। अब भला पुलिस का आदेश नकार किसे क्लीन बोल्ड होना है।


Sunday, March 6, 2022

'अजीबोगरीब' फरमान, बरेली जिलें में होली के त्यौहार में शांति व्यवस्था कायम रखने को लगा दी शिक्षामित्रों की ड्यूटी, आदेश के खिलाफ़ लामबंद हुए शिक्षामित्र

'अजीबोगरीब' फरमान, बरेली जिलें में होली के त्यौहार में शांति व्यवस्था कायम रखने को लगा दी शिक्षामित्रों की ड्यूटी, आदेश के खिलाफ़ लामबंद हुए शिक्षामित्र


बरेली जिले के क्यारा विकास खंड में अजीबोगरीब मामला सामने आया है. आदेश के मुताबिक शिक्षामित्र अब पुलिसकर्मियों (Policemen) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को संभालेंगे.


लखनऊ. शिक्षामित्र क्या अब पुलिसकर्मियों (Policemen) के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति को संभालेंगे? आदेश तो ऐसा ही जारी हुआ है. ऐसा अजीबोगरीब आदेश बरेली में खंड शिक्षा अधिकारी ने किया है. जी हां, बरेली जिले के क्यारा विकास खंड में खंड शिक्षा अधिकारी ने कई शिक्षामित्रों (Shikshamitra) की ड्यूटी होली के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने में लगाई है. इस आदेश के बाद पूरे प्रदेश के शिक्षामित्रों में हड़कंप मचा है. हैरान करने वाली बात तो यह है कि जिन शिक्षामित्रों की ड्यूटी लॉ एंड आर्डर (Law and Order) को मेंटेन करने के लिए लगाई गयी है उसमें से कई महिला शिक्षामित्र हैं.

इस वजह से जारी किया आदेश
खंड शिक्षा अधिकारी ने शिक्षामित्रों की ड्यूटी सदर के एसडीएम के आदेश के अनुपालन में लगाए जाने के निर्देश जारी किए हैं. आदेश में कहा गया है कि 17 मार्च से लेकर 19 मार्च तक सभी शिक्षामित्र कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी ड्यूटी देंगे. इस अजीबोगरीब आदेश को शिक्षामित्र समझ नहीं पा रहे हैं, क्योंकि अब से पहले कानून व्यवस्था मेंटेन करने के मामले में उनकी कभी ड्यूटी नहीं लगी थी. 

शिक्षा विभाग ने किया ये खुलासा
शिक्षा विभाग के सूत्रों ने खुलासा किया है कि होली के दौरान कानून व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े इसके लिए शिक्षामित्रों की  ड्यूटी लगा दी गई है.

सिद्धार्थनगर में तो मेकअप के लिए लगाई गई थी डयूटी
इसके पहले सिद्धार्थनगर में एक ऐसा ही अजीबोगरीब मामला सामने आया था जब कुछ महिला शिक्षकों की ड्यूटी लड़कियों के मेकअप करने में लगाई गई थी. सिद्धार्थनगर में निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया था. इसमें कन्याओं का मेकअप करने के लिए जिलाधिकारी के आदेश पर महिला शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी गई थी. इस मामले पर प्रदेश में काफी हो-हल्ला मचा था.

होली पर किसी तरह का विवाद न हो, इसके लिए शिक्षामित्रों की भी ड्यूटी लगाई जाएगी। इस संबंध में बीईओ की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही शिक्षामित्रों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे गांवों के विवादों पर नजर रखेंगे। पुरानी रंजिश का भी ब्योरा उपलब्ध कराएंगे।

इस बार होली का पर्व 17 से 19 मार्च तक मुख्य रूप से मनाया जाएगा। लेकिन होली उत्सव का माहौल इसके बाद भी बना रहता है। मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रंग खेलने का कार्यक्रम कई दिन पहले ही शुरू हो जाता है। इस पर्व पर संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने की जिम्मेदारी शिक्षा मित्रों को दी गई है।

इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से पत्र जारी कर सभी शिक्षामित्रों को तीनों दिन अपने स्कूलों में ड्यूटी देने के आदेश दिए हैं। पत्र के मुताबिक तैनाती के दौरान सतर्क रहने व समस्याओं को स्वविवेक निराकरण कराने के लिए कहा गया है। साथ् ही जरूरत पड़ने पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क करके छोटी बड़ी घटनाओं की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं।

तैनाती स्थल से त्योहार को संपन्न कराने की रिपोर्ट विभाग को देने के लिए कहा गया है। इस संबध में क्यारा ब्लॉक के बीईओ मनोज राम ने बताया कि प्रशासन के निर्देश पर इस बार होली के पर्व पर क्षेत्रों में कड़ी निगरानी के लिए सभी शिक्षा मित्रों की ड्यूटी लगाई गई है।

बीईओ के आदेश के खिलाफ लामबंद हुए शिक्षामित्र
बीईओ की ओर से शिक्षा मित्रों की होली त्योहार पर ड्यूटी लगाए जाने पर शिक्षा मित्रों ने अभी से रोष व्यक्त कर विरोध करना शुरू कर दिया है। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ ने आदेश के मुताबिक त्योहार के दिनों में ड्यूटी न करने की घोषणा कर दी है। संघ के जिला अध्यक्ष कपिल यादव का कहना है कि अब से पहले कानून व्यवस्था कायम करने के मामले मे उनकी कभी ड्यूटी नही लगी थी।

शिक्षा मित्रों के मूल अधिकारों का हनन किया जा रहा है। आदेश के मुताबिक महिला शिक्षा मित्रों को भी स्कूलों में ड्यूटी देने के लिए कहा गया है। संघ के प्रदेश मंत्री कौशल कुमार सिंह ने कहा कि शिक्षामित्रों को आपसी रंजिश का शिकार न बनाया जाए। प्रशासन किसी अन्य कर्मचारी की ड्यूटी शांति व्यवस्था बनाए रखने मे लगाए, शिक्षामित्र ड्यूटी नही करेंगे।


Monday, June 28, 2021

शासन के इस फरमान से बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में मचा हड़कंप, पोर्टल पर लोड करना होगा संपत्ति का व्यौरा

शासन के फरमान से बेसिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों में मचा हड़कंप, पोर्टल पर लोड करना होगा संपत्ति का व्यौरा



बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अब अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बीएसए को पत्र लिखकर जिले में कार्यरत सभी कर्मचारियों को सूचित करने को कहा है।


बरेली । Basic Education News: बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत सभी कर्मचारियों को अब अपनी चल अचल संपत्ति का ब्योरा देना होगा। इसके लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बीएसए को पत्र लिखकर जिले में कार्यरत सभी कर्मचारियों को सूचित करने को कहा है।

जिला बेसिक शिक्षाधिकारी विनय कुमार ने बताया कि सभी खंड शिक्षाधिकारियों के साथ ही कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर उपलब्ध कराना है। इसके लिए विभाग की ओर से 20 जुलाई की तिथि को निर्धारित किया गया है। बताया कि अपनी नियुक्ति तिथि से लेकर अगले पांच साल तक की चल और अचल संपत्ति का ब्योरा देना है। निर्धारित समय तक पोर्टल पर जानकारी ने देने पर या इसमें लापरवाही करने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी

Wednesday, May 26, 2021

बरेली : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्तियों की विज्ञप्ति जारी

बरेली : कस्तूरबा विद्यालयों में रिक्तियों की विज्ञप्ति जारी




Friday, April 9, 2021

बरेली : कक्षा 12 तक के सभी स्कूल कालेज 20 अप्रैल तक बन्द

बरेली : कक्षा 12 तक के सभी स्कूल कालेज 20 अप्रैल तक बन्द


परीक्षाओं वाले स्कूल छोड़कर बाकी बंद : डीएम बरेली ने पहली से 12 तक सभी सरकारी और निजी स्कूल और शैक्षणिक संस्थानों को 20 अप्रैल तक के लिए बंद करने के निर्देश जारी किए हैं।  उन्होंने विकल्प दिया है कि जिन शैक्षणिक संस्थानों में परीक्षाएं या प्रैक्टिकल चल रहे हैं। उन्हें कोविड प्रोटोकाल का अनुपालन कराते हुए परीक्षा करानी होंगी।


Saturday, January 30, 2021

बरेली : अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के उपरान्त अध्यापक / अध्यापिकाओं को कार्यमुक्त किए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश व प्रपत्र जारी

बरेली : अन्तर्जनपदीय स्थानान्तरण के उपरान्त अध्यापक / अध्यापिकाओं को कार्यमुक्त किए जाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश  व प्रपत्र जारी।

Wednesday, January 27, 2021

बरेली : स्थानान्तरित जनपद में कार्यमुक्त किये जाने से पूर्व उसी पद अथवा पदानवत किये जाने के सम्बन्ध में जनपदों में अद्यतन तक की गयी पदोन्नति की दिनांक की जानकारी के सम्बन्ध में

बरेली : स्थानान्तरित जनपद में कार्यमुक्त किये जाने से पूर्व उसी पद अथवा पदानवत किये जाने के सम्बन्ध में जनपदों में अद्यतन तक की गयी पदोन्नति की दिनांक की जानकारी के सम्बन्ध में।

Saturday, January 23, 2021

अबकी बार दिव्यांग और महिलाओं के अलावा नवनियुक्त पुरुष शिक्षक भी चुन सकेंगे ऑनलाइन स्कूल

अबकी बार दिव्यांग और महिलाओं के अलावा नवनियुक्त पुरुष शिक्षक भी चुन सकेंगे ऑनलाइन स्कूल


बरेली: इस बार नव नियुक्त पुरुष शिक्षकों को भी ऑनलाइन स्कूल चुनने का विकल्प मिलेगा। इसके लिए शासन की ओर से आदेश जारी किए जा चुके हैं। बरेली के 452 नव नियुक्त शिक्षकों को इसका लाभ मिला था। अब 25 और 27 जनवरी को इन नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूल का आवंटन होना है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए तैयारियां तेज कर दी हैं।


प्रदेश में 69 हजार शिक्षक भर्ती के सापेक्ष हुई 31677 शिक्षक भर्ती में बरेली को 712 शिक्षक मिले थे। कोर्ट के आदेश के बाद दोबारा से 36590 शिक्षकों की भर्ती हुई। इसमें बरेली को 452 शिक्षक मिले। इन सभी को विगत पांच दिसम्बर को संजय कम्युनिटी हॉल में नियुक्ति पत्र बांटे गए थे। सात दिसम्बर को सभी शिक्षकों की बीएसए कार्यालय में ज्वाइनिंग करा दी गई। तब से इन शिक्षकों को स्कूलों का आवंटन नहीं किया गया है अब शासन ने नव नियुक्त शिक्षकों को स्कूल आवंटित करने का रास्ता खोल दिया है। इस बार सभी शिक्षकों को ऑनलाइन स्कूलों का आवंटन किया जाएगा। 


इससे पहले हुई भर्ती में सिर्फ महिला और दिव्यांग शिक्षकों को ही ऑनलाइन स्कूल चुनने का मौका मिला था जबकि सभी पुरुष शिक्षकों को रोस्टर के हिसाब से स्कूलों का आवंटन किया गया था इसे लेकर कई शिक्षक संगठनों में काफी रोष भी था। इसी से बचने के लिए अब शासन ने सभी शिक्षकों को ऑनलाइन विकल्प चुनने का मौका दिया है। 


बीएसए विनय कुमार ने बताया कि 25 और 27 जनवरी के लिए चयनित अभ्यर्थियों के लिए फरीदपुर डायट में अपने सभी दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा । बिना मास्क और सैनेटाइजर के डायट में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी कोविड- 19 की गाइडलाइन का पूरी तरह से पालन करना होगा

पांच अतिरिक्त रिक्तियां ही जोड़ी जाएंगी

बीएसए विनय कुमार ने बताया कि शासन के आदेशानुसार इस बार जनपद में आवंटित अभ्यर्थियों के सापेक्ष केवल पांच अतिरिक्त रिक्तियों को ही जोड़ा जाएगा। इसके लिए पहले शिक्षक विहीन विद्यालय, फिर एकल विद्यालयों की रिक्तियों को शामिल किया जाएगा। यदि इसके बाद  भी अभ्यर्थियों की संख्या ज्यादा होती है तो दो शिक्षक वाले उन विद्यालयों की रिक्तियों को खोला जाएगा जिनका छात्र-अध्यापक का अनुपात सर्वाधिक हो।

बरेली : यूपी के प्राइमरी स्कूलों में होगी मिनी लाइब्रेरी, प्रधानाध्‍यापक-शिक्षक और पांच छात्रों की टीम करेगी तैयार

बरेली : यूपी के प्राइमरी स्कूलों में होगी मिनी लाइब्रेरी, प्रधानाध्‍यापक-शिक्षक और पांच छात्रों की टीम करेगी तैयार 


दो सत्र से परिषदीय स्कूलों को मिनी लाइब्रेरी विकसित करने के लिए पैसा जारी हो रहा है। इसके बाद भी स्कूलों ने मिनी लाइब्रेरी तैयार नहीं की हैं। अब युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर 27 जनवरी तक स्कूलों में लाइब्रेरी कार्नर के रूप में मिनी लाइब्रेरी शुरू की जाएंगी। अभियान में छात्रों को भी सम्मिलित किया जाएगा।


बच्चों में अपने पाठ्यक्रम से इतर पढ़ने की रुचि विकसित करने के लिए स्कूलों में मिनी लाइब्रेरी खोले जाने की योजना बनी थी। प्राइमरी स्कूलों के लिए पांच हजार रुपये और जूनियर हाई स्कूलों के लिए 10 हजार रुपये भेजे गए थे। लगभग 2900 स्कूलों में से गिनती के स्कूलों ने ही अपने यहां मिनी लाइब्रेरी तैयार की। अधिकतर ने किताबें ही नहीं खरीदी। तमाम ने खरीदने के बाद उनको बक्से में बंद करके रख दिया। 


अब विभाग युद्ध स्तर पर अभियान चलाकर मिनी लाइब्रेरी को शुरू कराने जा रहा है। इसके लिए सभी एआरपी और संकुल शिक्षकों को भी जिम्मेदारी दी गई है। स्टेट रिसर्च ग्रुप के सदस्य अनिल चौबे ने बताया कि प्रधानाध्यापक और कम से कम एक सहायक अध्यापक तथा अलग-अलग कक्षाओं के पांच छात्र-छात्राओं की टीम बनाने का निर्देश दिया गया है। टीम अगले तीन दिन में स्कूल में उपलब्ध पुस्तकों की सूची तैयार करेगी।


पसंद की 10-10 किताबों की देंगे सूची
टीम का प्रत्येक सदस्य अपनी पसंद की 10-10 किताबों की सूची बनाएंगे। यह भी लिखेंगे कि उन किताबों में पांच कौन सी अच्छी बातें हैं। 25 जनवरी को चार बजे तक सभी प्रधानाध्यापक अपनी रिपोर्ट संकुल शिक्षक को सौंपेंगे। 27 जनवरी को प्रधानाध्यापक और उनकी पुस्तकालय टीम अपने विद्यालय में लाइब्रेरी कॉर्नर स्थापित करेगी। चार बजे तक सभी पुस्तकालय टीम के सदस्य अपनी फोटोग्राफ अपने संकुल शिक्षक को भेजेंगे। संकुल शिक्षक अपनी रिपोर्ट एआरपी को उपलब्ध कराएंगे।


बच्चों में पैदा करनी है पढ़ने की आदत
स्टेट रिसोर्स ग्रुप के सदस्य डॉ अनिल चौबे ने कहा कि हम लोगों को बच्चों में पढ़ाई की आदत विकसित करनी है। लाइब्रेरी में अखबार भी होंगे। उससे उन्हें सम सामायिक विषयों के बारे में भी जानकारी मिलेगी। यदि किसी स्कूल में लाइब्रेरी कॉर्नर विकसित करने में कोई दिक्कत आती है तो उनसे संपर्क किया जा सकता है।

Monday, January 11, 2021

इस बार आधी जून से ही खुल जाएंगे बेसिक स्कूल, भरी गर्मी में कक्षाएं लगवाने का विरोध

इस बार आधी जून से ही खुल जाएंगे बेसिक स्कूल, भरी गर्मी में कक्षाएं लगवाने का विरोध


★ विरोध

● नए सत्र में 20 मई से 15 जून तक ही होगी गर्मी की छुट्टी

● भरी गर्मी में कक्षाएं लगवाने का शिक्षक कर रहे विरोध


बरेली : नए शैक्षिक सत्र में बेसिक स्कूल 16 जून से ही खुल जाएंगे। इस बार शासन ने गर्मी की छुट्टियों में कटौती की है। इन की जगह सर्दियों में 15 दिन की छुट्टी की जाएगी। जून की भीषण गर्मी में कक्षाएं लगाने का परिषदीय शिक्षक विरोध कर रहे हैं। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव प्रताप सिंह बघेल ने वर्ष 2021 के लिए अवकाश तालिका जारी की है। 


इसके अनुसार गर्मी की छुट्टियां 20 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेंगी। शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक होगा। वर्ष 2020 में शीतकालीन अवकाश नहीं हुआ था। जबकि गर्मी की छुट्टियां 21 मई से शुरू होकर 30 जून तक थी। आप यह खबर प्राइमरी का मास्टर डॉट इन पर पढ़ रहे हैं। 1 अप्रैल से 30 सितंबर तक स्कूलों का समय सुबह 8 से 2 बजे तक और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक रहेगा । ग्रीष्म काल में इंटरवल 10:30 बजे से 11:00 बजे तक और शीतकाल में 12 बजे से 12:30 बजे तक होगा। हरितालिका तीज, करवा चौथ संकटाचतुर्थी, ललई छठ, अहोई अष्टमी का अवकाश सिर्फ शिक्षिकाओं और बालिकाओं के लिए ही होगा।


■ जून की गर्मी में कक्षाएं सही नहीं

प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय संगठन मंत्री हरीश बाबू शर्मा ने कहा कि पूर्व वर्षों की तुलना में अवकाश लगातार कम हो रहे हैं। ग्रीष्मकालीन स्कूलों का समय बेहद असुविधाजनक है। जून के महीने में गर्मी बहुत ज्यादा होती है। उस वक्त कक्षाएं लगाना भी सही नहीं होगा। यूटा के जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने कहा कि बेसिक स्कूल छुट्टियों के लिए बदनाम हैं। जबकि अन्य विभागों की तुलना में बेसिक में छुट्टी कम हैं।

Wednesday, July 8, 2020

बदल रहा है बेसिक : अब मास्टर साहब बोल रहे, लाइट..कैमरा..एक्शन

अब मास्टर साहब बोल रहे, लाइट..कैमरा..एक्शन

एनसीईआरटी तैयार करवा रहा है जन-जागरूकता वीडियो, स्क्रिप्ट लिखने से लेकर अभिनय तक कर रहे शिक्षक, बरेली से भी दो शिक्षकों का हुआ चयन
है। इसके लिए प्रदेश के कुल 10 शिक्षकों का चयन किया गया है। फतेहगंज ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल कुरतरा के सहायक अध्यापक अमर बेसिक के शिक्षक अब सिर्फ पढ़ाने का ही काम नहीं कर रहे। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने जागरूकता वीडियो बनवाने शुरू किए हैं। इनकी स्क्रिप्ट लिखने से अभिनय करने तक का कार्य शिक्षक ही कर रहे हैं। बरेली के दो शिक्षक भी इसमें शामिल हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने सुरक्षा एवं संरक्षा विषय पर वीडियो कुमार द्विवेदी और क्यारा ब्लॉक के प्राथमिक स्कूल चनेहटा की सहायक अध्यापक पुष्पा अरुण का नाम भी इसमें शामिल हैं। पूरे प्रदेश में कुल 140 स्क्रिप्ट लिखी गई। ज्वाईट डायरेक्टर अजय कुमार सिंह ने इनमें से 70 स्क्रिप्ट फाइनल की थी। प्रदेश में 30 वीडियो शूट हो चुके हैं। इनमें से दो बरेली में शूट किए गए हैं। इनमें से एक कोरोना जागरूकता और दूसरा निर्माण शुरू किया 112 ईमरजेंसी नम्बर को लेकर है।
हर जिम्मेदारी निभा रहे हैं शिक्षक
गांव और स्कूल में की है शूटिंग
शिक्षिका पुष्या अरुण ने बताया कि शिक्षक सिर्फ पठन पाटन नहीं बल्कि जागरूकता की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। स्क्रिप्ट लिखने के साथ हम लोग एक्टिंग भी कर रहे हैं। वीडियो तैयार हो जाने के बाद सभी स्कूलों और विभागों को दे दिए जाएंगे। इनको ज्यादा से ज्यादा प्रसारित किया जाएगा।
शिक्षक अमर कुमार द्विवेदी बताया कि कोरोना,
सड़क सुरक्षा साक्षरता मासिक धर्म, छुआूत, गंदगी, बाल अम, ऑनलाइन ठगी आदि विषयों प्र छोटे-छोटे वीडियो तैयार किए जा रहे हैं। बरेली में दो वीडियो शूट हो चुके हैं। इनकी शूटिंग हमने अपने गांव और स्कूल में ही की है।

Friday, July 3, 2020

फर्जी डिग्री प्रकरण : फैजाबाद- वाराणसी से आई फर्जी सत्यापन रिपोर्ट, फर्जी डिग्री के बाद अब फर्जी सत्यापन रिपोर्ट


बरेली : एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी के तार संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी, आगरा विवि और फैजाबाद विवि से जुड़े हुए हैं। ठगों का गैंग इतना मजबूत है कि इन विवि से विभाग को फर्जी सत्यापन रिपोर्ट तक भिजवा दी गई। जांच के बाद 45 शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई। अब भीचार शिक्षकों का सत्यापन नहीं हुआ है। सत्र 2015-16 में माध्यमिक शिक्षा के राजकीय स्कूलों में एलटी ग्रेड शिक्षकों की भर्ती हुई थी। बरेली में 252 पद भरे गए थे। वेतन जारी करने से पहले सत्यापन कराया गया। डा. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी आगरा, डा. राम मनोहर लोहिया यूनिवर्सिटी फैजाबाद और संपूर्णानंद संस्कृत विवि वाराणसी से जो सत्यापन रिपोर्ट आई वो भी संदिग्ध थी। पड़ताल में पता चला कि सत्यापन रिपोर्ट भी फर्जी है। एक-एक कर 45 शिक्षकों की फर्जी डिग्री पकड़ में आई। इनमें से दर्जन भर की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट में भी गड़बड़ी मिली थी। वहीं तीन शिक्षक ऐसे मिले जिन्होंने अमान्य बोर्ड की मार्कशीट लगाकर नौकरी पाई थी। इनमें 11 महिलाएं और 34 पुरुष शिक्षक थे। लगभग चार वर्ष बीत जाने के बाद भी अब तक आगरा विश्वविद्यालय और संपूर्णानंद विवि ने दो-दो शिक्षकों की सत्यापन रिपोर्ट नहीं भेजी है। डाक से आई सत्यापन रिपोर्ट पर भरोसा नहीं जेडी डा. प्रदीप कुमार ने बताया कि आगरा विवि और संपूर्णानंद संस्कृत विवि को कई रिमाइंडर दिए जा चुके हैं। अधिकारियों को सत्यापन रिपोर्ट लेने के लिए भेजा गया। विवि उन्हें रिपोर्ट देने में आनाकानी कर रहे हैं। डाक से आई सत्यापन रिपोर्ट पर हमारा भरोसा नहीं है। यह पहले भी फर्जी पाई गई है। 

फर्जी शिक्षकों पर शिकंजा

औरैया में केस दर्ज : फर्जी अभिलेख के जरिए बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी कर रहे छह शिक्षकों के खिलाफ गुरुवार को केस दर्ज हुआ। 

कन्नौज में एक पैन पर तीन शिक्षक: बेसिक शिक्षा विभाग में एक ही पैन कार्ड पर नौकरी करने वाले तीन शिक्षक पकड़े गए हैं। फर्जी शिक्षकों को मिले 4.38 लाख हरदोई बीएसए के निर्देश पर मानदेय का ब्योरा तलब किया गया। फर्जी अभिलेखों के सहारे कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में नौकरी पाने वाली मैनपुरी की फर्जी शिक्षिका अंजलि ने नौकरी के दौरान चार लाख 38 हजार 674 रुपये मानदेय पाए हैं। अंजली के मानदेय का खुलासा हिन्दुस्तान की खबर किया गया है। हिंदुस्तान ने गुरुवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी।

Tuesday, June 30, 2020

बरेली :एक ही नाम और दस्तावेजों पर नौकरी करते मिले दो शिक्षक


बरेली :एक ही नाम और दस्तावेजों पर नौकरी करते मिले दो शिक्षक



 बरेली : परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों के दस्तावेजों की जांच शुरू हुई तो बरेली में भी सोमवार को एक बड़ा मामला पकड़ा गया। यहां भोजीपुरा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल में जो शिक्षक तैनात है। उसी के नाम, दस्तावेजों के सहारे मुजफ्फरनगर जिले में भी एक शिक्षक प्राइमरी स्कूल में नौकरी कर रहा है। बीएसए ने शिक्षक का वेतन रोकते हुए जांच बैठा दी है। 


लखनऊ स्थित राज्य परियोजना निदेशालय से 192 संदिग्ध शिक्षकों की सूची जारी कर जांच के लिए कहा गया है। इनमें बरेली के भी चार शिक्षकों के नाम शामिल हैं। बीएसए विनय कुमार ने बताया कि इसमें भोजीपुरा ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल मुढ़िया चेतराम के प्रधानाध्यापक प्रदीप कुमार सक्सेना का नाम भी शामिल है। वह वर्ष 2005 से यहां कार्यरत है। 



जांच में पता चला कि उन्हीं के नाम, मार्कशीट, जन्म तिथि से लेकन पैनकार्ड पर दूसरा शिक्षक वर्ष 2011 से मुजफ्फरनगर के एक प्राइमरी स्कूल में तैनात है। दोनों शिक्षकों की जो मार्कशीट है, वह भी एक ही स्कूल और कॉलेज की है। सिर्फ घर का पता बदला हुआ है। शिक्षक से पूछताछ की तो उन्होंने खुद को सही बताया।

Thursday, June 25, 2020

करे कोई भरे कोई : ऑपरेशन कायाकल्प के कामों में गड़बड़ी पर हेडमास्टर निलंबित

करे कोई भरे कोई : ऑपरेशन कायाकल्प के कामों में गड़बड़ी पर हेडमास्टर निलंबित। 



बरेली  :   ऑपरेशन कायाकल्प में गड़बड़ी और लापरवाही की हिंदुस्तान की खबरों पर बुधवार को मुहर लग गई। डीएम और एसडीएम के निरीक्षण में लापरवाही पकड़ में आई। डीएम के आदेश पर एक हेड मास्टर को निलंबित कर दिया गया है। बीईओ भुता के साथ चार शिक्षकों को कठोर चेतावनी दी गई है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूलों में घटिया टाइल्स लगाने, दोयम दर्जे की ईट का इस्तेमाल करने, कम ऊंचाई की बाउंड्री वॉल बनाने जैसी शिकायतें आती रही हैं। बुधवार से इनका सत्यापन शुरू हो गया। खुद डीएम और सीडीओ ने भी भुता ब्लॉक में कई स्कूलों का निरीक्षण किया। 


प्राथमिक विद्यालय गुलाब नगर में ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत रंगाई पुताई भी ठीक से नहीं कराई गई थी। फर्श भी टूटा हुआ मिला। डीएम के निर्देश पर प्राथमिक विद्यालय गुलाब नगर के प्रधानाध्यापक फरियाद अली को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। डीएम ने बीईओ भुता को आरोप पत्र और ग्राम सचिव शेखर गुप्ता को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। सफाई कर्मी से भी स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।



रंगाई-पुताई का काम भी निम्न स्तर का
प्राथमिक स्कूल मझोआ हेतराम के प्रधानाध्यापक सतीश शर्मा, प्राथमिक स्कूल फैज नगर द्वितीय की प्रधानाध्यापिका साधना पांडे, प्राइमरी स्कूल कल्याणपुर नवीन के हेड मास्टर ठाकुरदास और जूनियर हाई स्कूल कल्याणपुर नवीन के इंचार्ज अध्यापक सुरेंद्र सिंह को नोटिस देते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इन स्कूलों में भी ऑपरेशन कायाकल्प के अंतर्गत कार्य नहीं कराए गए। स्कूलों की रंगाई पुताई, वॉल पेंटिंग आदि का काम भी निम्न स्तर का पाया गया। भुता ब्लॉक के खंड शिक्षा अधिकारी भानु शंकर गंगवार को भी कठोर चेतावनी जारी की गई है। डीएम ने ब्लॉक भुता के एपीओ को अच्छा कार्य करने पर प्रशंसा पत्र निर्गत करने के आदेश जारी किए।



धौलपुर के प्राइमरी स्कूल में न तो टाइल लगी और न ही शौचालय बना
 प्राइमरी स्कूल लालपुर में बीएसए को संतुष्टि पूर्ण कार्य नजर नहीं आया। स्कूल में अभी तक शौचालय नहीं बना था। वॉल पेंटिंग का काम भी नहीं हुआ था। स्कूल से स्पष्टीकरण मांगा गया है। प्राइमरी स्कूल लक्षा में भी बाउंड्री वाल, हैंड वास यूनिट, दिव्यांग बच्चों के लिए शौचालय का निर्माण नहीं कराया गया है। अनुपस्थित स्टाफ से जवाब तलब किया गया। जूनियर हाई स्कूल अखियां में फर्श में टाइल ही नहीं लगी है। बाउंड्री वाल भी नहीं बनी है। जूनियर हाई स्कूल भरतपुर में जानवर घूम रहे थे। प्राइमरी स्कूल भरतपुर बंद मिला। प्राइमरी व जूनियर हाई स्कूल सिंचाई भी बंद मिला। स्टाफ को नोटिस जारी किया गया है।

Thursday, March 5, 2020

शर्मनाक : मिड डे मील में दलित छात्रों से भेदभाव, ARP के रिपोर्ट से मचा हड़कंप

मिड डे मील में दलित छात्रों से भेदभाव, ARP के रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Friday, February 14, 2020

बरेली : ट्रांसफर में फर्जीवाड़ा 166 आवेदन निरस्त, अंतर्जनपदीय के लिए 697 शिक्षकों ने किया था आवेदन

Thursday, February 13, 2020

बरेली : बेसिक शिक्षकों की निष्ठा ट्रेनिंग के खाने का मैन्यू बारात के खाने को कर रहा फेल

Sunday, February 9, 2020

स्कूलों को सियासत के रंग से रंगा तो खैर नही, कंपोजिट ग्रांट के साथ शासन से गाइड लाइन जारी

स्कूलों को सियासत के रंग से रंगा तो खैर नही, कंपोजिट ग्रांट के साथ शासन से गाइड लाइन जारी

Wednesday, January 29, 2020

बरेली : बीईओ के चहेते मास्टर के पास 35 लाख की कार तो जांच से इनकार, खंड शिक्षा अधिकारी ने किये जांच से हाथ खड़े

बेसिक शिक्षा विभाग में इन दिनों एक मास्टर साहब की बड़ी चर्चा है। वे 35 लाख रुपये की लग्जरी कार से घूमते हैं। ठाठ देखकर कुछ लोगों ने उनकी आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत कर दी। बीएसए ने जांच के लिए एक खंड शिक्षा अधिकारी को नामित कर दिया। मजे की बात तो यह है कि खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच से हाथ खड़े कर दिए हैं।


शिक्षक की आय से अधिक संपत्ति की हुई शिकायत तो जांच से ही खड़े कर दिए हाथ

बरेली के हर ब्लॉक में कुछेक शिक्षक खंड शिक्षा अधिकारियों के बेहद करीबी हैं। ये वो शिक्षक हैं, जो कक्षा में पढ़ाने की जगह ब्लॉक में अधिकारियों के सिपाहसालार हैं। वेतन बिल से लेकर निरीक्षण तक के काम इन के ही जिम्मे है। साहब से कोई काम कराना हो तो बिना इन्हें खुश किए नहीं हो सकता है। ऐसे ही एक मास्टर साहब इन दिनों लग्जरी कार से रौला काट रहे हैं। कुछ संगी-साथियों ने बीएसए से शिकायत करते हुए कहा कि 50-60 हजार रुपये पगार वाला आदमी इतनी महंगी कार से कैसे घूम सकता है। शहर में तीन-तीन मकान हैं। कई प्लाट भी खरीद डाले हैं। शिकायत हुई तो जांच भी होनी थी। जांच के लिए एक खंड शिक्षा अधिकारी को नामित किया गया। मगर वो आपसी सम्बंधों की दुहाई देते हुए जांच से इंकार कर रहे हैं।

तो इसलिए कर दिया मना: खंड शिक्षा अधिकारी को जांच मिली तो वो चौंक गए। अपने ही एक साथी बीईओ के चहेते की जांच बड़ा ही टेढ़ा काम लगा। अगर सही से जांच की तो मास्टर का विकेट गिर जाएगा। सही जांच नहीं की तो शिकायत करने वाले उनके ही पीछे पड़ जाएंगे। खंड शिक्षा अधिकारी ने बीच का रास्ता निकालते हुए कह दिया कि अकेले जांच नहीं करेंगे। इसके लिए तीन अधिकारियों की कमेटी बना दी जाए, जिससे जांच के बाद अकेले उनको ही निशाने पर नहीं लिया जाए।