इलाहाबाद। वरिष्ठ संवाददाताखंड शिक्षाधिकारियों की गलती के कारण जिले में
बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल के 12 हजार से अधिक
शिक्षकों का वेतन फंस गया है। वेतन नहीं मिलने के कारण इन शिक्षकों की होली
फीकी होनी तय है।
दरअसल, हर महीने के पहले या अधिकतम दूसरे सप्ताह तक वेतन
मिल जाता है। मार्च में आयकर आगणन के बाद वेतन मिलता है। लेकिन धनुपुर को
छोड़ दूसरे खंड शिक्षाधिकारियों ने शिक्षकों के आयकर आगणन का ब्योरा ही
नहीं भेजा। इसके चलते फरवरी महीने का वेतन अब तक नहीं मिल सका है। अब यदि
आयकर आगणन का ब्योरा वित्त एवं लेखाधिकारी कार्यालय को मिल भी जाए तो उसे
चेक करने में कम से कम दस दिन का समय लग जाएगा। ऐसे में होली से पहले फरवरी
का वेतन मिलना लगभग नामुमकिन है।
- 8 मार्च तक वेतन नहीं तो करेंगे आंदोलन
आदर्श
शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन ने जनवरी का वेतन 18 मार्च तक नहीं मिलने पर
आंदोलन का निर्णय लिया है। शिक्षक भवन साउथ मलाका में बुधवार को हुई संगठन
की बैठक में शारदा शुक्ला, अश्वनी कुमार त्रिपाठी, राजकुमार मिश्र, शमीम
टीटू, संतोष यादव आदि मौजूद थे।
आयकर आगणन फरवरी के अंत तक भेज देना चाहिए था। लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण शिक्षकों की होली फीकी रहेगी।
-दिलीप सिंहमंडलीय महामंत्री जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ
खंड शिक्षाधिकारियों की उदासीनता के कारण शिक्षकों को फरवरी का वेतन नहीं मिल पाया है। इस साल हमारी होली फीकी रहेगी।
-देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तवजिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ
आयकर आगणन समय से भेजने के लिए खंड शिक्षाधिकारियों से 30 नवम्बर 2015 से लगातार संपर्क किया जा रहा है। फिलहाल धनुपुर को छोड़कर अन्य विकास खंडों से आयकर आगणन नहीं मिला है। ब्योरा मिलने के बाद अब फरवरी का वेतन रिलीज करने में लगभग दो सप्ताह का समय लग जाएगा।
-विमलेश यादव, वित्त एवं लेखाधिकारी

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