जागरण संवाददाता, संतकबीर नगर : उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मंडल और जिले स्तर के पदाधिकारियों की बैठक शुक्रवार को संगठन कार्यालय पर जिलाध्यक्षा अंबिका देवी यादव की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जिले के आठ शिक्षकों द्वारा फर्जी तौर पर खुद को पदाधिकारी बताते हुए संगठन के पैड का दुरुपयोग किए जाने के आरोप में संगठन से छह वर्ष के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही 16 मार्च को लक्ष्मण झूला मैदान में आयोजित धरने के कार्यक्रम में सभी को सामूहिक अवकाश लेकर शामिल होने का आवाहन भी किया गया।बैठक को संबोधित करते हुए संगठन के मंडलीय मंत्री राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए सभी को अपने कर्तव्यों का सम्यक रूप से निर्वहन करना चाहिए। शिक्षक संगठन के पदाधिकारी और सभी शिक्षकों को मिलकर कार्य करने की आवश्यकता है। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कुछ शिक्षकों को कथित तौर पर संगठन का जिला और क्षेत्रीय संयोजक बताते हुए पैड का दुरुपयोग किए जाने का मामला उठाते हुए कार्रवाई किए जाने की बात कही। इस पर सभी पदाधिकारियों ने सर्व सम्मति से उन्हे कार्रवाई करने का अधिकार दिया। इसके बाद उन्होंने आठ शिक्षकों को संगठन से 6 वर्ष के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया। बैठक में 16 मार्च को लखनऊ में आयोजित धरने को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षकों को सामूहिक अवकाश लेकर शामिल होने का आवाहन किया गया। इस दौरान गंगा प्रसाद यादव, जिला महामंत्री जयराम वर्मा, विजयनाथ यादव, शिवानंद मिश्र, रामनाथ यादव, जवाहरलाल गुप्त, मुरलीधर शर्मा, लालचंद्र यादव, महेंद्र सिंह, ओम प्रकाश यादव, उदय प्रताप सिंह, अजयनाथ, उदयशंकर, अरूण, आजम, हेमंत समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।1इन शिक्षकों का हुआ निष्कासन :संगठन के पैड का दुरुपयोग किए जाने को लेकर जिलाध्यक्ष द्वारा मार्कडेय राय, राजेश पांडेय, राकेश कुमार वर्मा, रामगोपाल, प्रेम प्रकाश दूबे, ज्ञानधर दूबे, रामजीत यादव, और विन्ध्यवासिनी सिंह को संगठन से 6 वर्ष के लिए निष्कासित किए जाने का फैसला सुनाया गया। जिलाध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक हितों को छोड़कर राजनैतिक दल के पदाधिकारी के रूप में व्यवहार करने वाले किसी भी पदाधिकारी को संगठन में रहने का अधिकार नही है।
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