बलिया : राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोइया फ्रंट के नेतृत्व में जनपद भर की रसोइयों ने विभिन्न मांगों के समर्थन में शनिवार को टाउन हाल बापू भवन से रैली निकाल कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। हाथों में छोलनी, छनवटा व बेलन लेकर सड़कों पर उतरीं रसोइयों ने नगर भर में एक हजार में दम नहीं, छह हजार से कम नहीं के नारे भी लगाए। इस दौरान उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से 12 सूत्रीय ज्ञापन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भी प्रेषित किया। कलेक्ट्रेट में आयोजित सभा में राष्ट्रीय महासचिव जुल्फेकार अली ने कहा कि वर्तमान समय में रसोइयों की स्थिति बंधुआ मजदूर से भी बदतर हो गई है। मध्याह्न भोजना योजना के तहत कार्य करने के बाद भी न तो इनके काम की सुरक्षा है और न ही जीने लायक पारिश्रमिक ही मिल रहा है। विद्यालयों में इनको आज भी मनमाने ढंग से ही तैनात किया जाता तो जब मन किया बाहर का रास्ता दिखा देते हैं। प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों को नियमित करने के बाद दैनिक वेतन भोगियों के बारे में भी सोच रही है लेकिन रसोइयों की ओर किसी का कोई ध्यान नहीं है। सरकार जाने-अनजाने रसाइयों का आर्थिक, सामाजिक व मानसिक शोषण ही किया जा रहा है। पूरे दिन काम लेने के बाद भी उन्हें दैनिक मजदूरी 27 रुपये ही दी जा रही है। ग्राम प्रधान व प्रधानाध्यापक हमेशा हटाने की धमकी देकर मानसिक शोषण कर रहे हैं। ऐसे में जब उनका हक नहीं मिल जाता संगठन चैन से नहीं बैठेगा। जिलाध्यक्ष चमेली सिंह ने कहा कि देश के सभी नागरिक को गरिमा पूर्वक जीने का अधिकार मिला हुआ है लेकिन यहां इसका कोई मायने नहीं है। कहा रसोइयों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया तो 10 मार्च को दिल्ली जंतर-मंतर पर बेमियादी आंदोलन होगा। अध्यक्षता सरस्वती कुंवर व संचालन बिहार प्रदेश की अध्यक्ष सुनैना मांझी ने किया।
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