उच्च प्राथमिक स्कूलों में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात शिक्षकों के अपने जिले में स्थानांतरित होकर जाने का सपना टूटता दिख रहा है। शासन द्वारा जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत शिक्षकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया है। ऐसे में कई शिक्षक यह सुविधा पाने से वंचित रह गए हैं। शासन द्वारा 31 मार्च 2016 तक परिषदीय स्कूलों में तीन से अधिक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर चुके शिक्षकों का अंतरजनपदीय स्थानांतरण किए जाने के लिए शासनादेश जारी किया था। इसके तहत शिक्षकों ने पांच से 12 जुलाई तक विभागीय वेबसाइट पर अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन फार्म व अपने अभिलेखों की एक फाइल संबंधित जिले के बेसिक शिक्षा विभाग में जमा किया। इस प्रक्रिया के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों ने बाद में विभाग द्वारा जिला स्तर पर कराई गई अंतर जनपदीय स्थानांतरण की काउंसिलिंग में अपने सभी शैक्षिक अभिलेखों की जांच भी कराई। इन सभी प्रक्रियाओं के बाद अब शासन द्वारा उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया से बाहर कर दिया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अरुण कुमार ने बताया कि अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए जारी की किए गए शासनादेश में उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को इस प्रक्रिया में शामिल नहीं किया गया है। ऐसे में उच्च प्राथमिक स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को यह सुविधा न मिलने की बात कही जा रही है
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