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Sunday, October 23, 2016

किताबें बच्चों को बनाएं रचनात्मक नागरिक : राज्य शिक्षा संस्थान में बोले एनसीईआरटी नई दिल्ली के एलीमेंट्री एजूकेशन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डा.अनूप राजपूत

इलाहाबाद : मौजूदा दौर तकनीक का है। इसलिए हमारी पाठ्य पुस्तकों में इसके विविध उपयोग के अवसर हर हाल में उपलब्ध होने चाहिए। इनके माध्यम से बच्चों में क्रिएटिव के साथ ही क्रिटिकल थिंकिंग का विकास किया जाना चाहिए, ताकि हर बच्चा देश का रचनात्मक नागरिक बन सके। यह बात एनसीईआरटी नई दिल्ली के एलीमेंट्री एजूकेशन डिपार्टमेंट के अध्यक्ष डा.अनूप राजपूत ने कही। 


वह राज्य शिक्षा संस्थान उप्र इलाहाबाद में आयोजित पाठ्य पुस्तक समीक्षा कार्यशाला में शनिवार को विशेषज्ञों को संबोधित कर रहे थे। डा. राजपूत ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि तकनीक व सतत व्यापक मूल्यांकन के तरीकों को महत्व देना चाहिए। इससे बच्चों को शारीरिक व मानसिक रूप से सक्रिय रहने के अवसर मिलेंगे। साथ ही विषय वस्तु में परस्पर संबंध भी होना चाहिए। 


उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर गणित की पाठ्य पुस्तकों में जोड़, घटाना, गुणा और भाग आदि से संबंधित विषय वस्तु को अधिक रोचक व चित्रंकन के जरिए पढ़ाने पर जोर दिया। 


संस्थान के प्राचार्य दिव्य कांत शुक्ल ने कहा कि हमारी तैयारी है कि पुस्तकें सिर्फ जानकारी का एकमात्र स्रोत न बनकर बच्चों को उन सूचनाओं का व्यावहारिक प्रयोग करने में पारंगत बनाया जाए।

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