पुरानी पेंशन योजना लागू करने व अन्य मांगों को लेकर लखनऊ में प्रदर्शन कर रहे कुशीनगर के शिक्षक की मौत के बाद शिक्षा जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। शिक्षक संगठनों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए कड़े शब्दों में कार्रवाई की निंदा की है।
शिक्षको ने प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों पर लाठी चार्ज की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात कहने का पूरा अधिकार है। शिक्षक इसी अधिकार के तहत पुरानी पेंशन योजना की बहाली को लेकर लखनऊ में धरना देने गए थे। इसकी सूचना पहले से ही शासन और प्रशासन को दे दी गई थी। इसके बाद भी लाठीचार्ज कर दी गई।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने बैठक कर शोक संवेदना व्यक्त की। संघ ने शासन से मृतक शिक्षक के परिजनों को 20 लाख रुपये सहायता देने की मांग की है। बैठक में संघ के जिलाध्यक्ष भक्तराजराम त्रिपाठी, मंत्री श्रीधर मिश्र, ज्ञानेंद्र ओझा, राजेश धर दूबे, योगेश शुक्ल, गोविन्द राय, राकेश दूबे, डा. सीबी तिवारी, अभय राय, अरविन्द चन्द आदि मौजूद थे।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ ने बैठक कर दिवंगत की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। इस मौके पर श्रीनाथ दीक्षित, ज्ञानेश राय, मुरलीधर त्रिपाठी और रमाशंकर सिंह आदि पदाधिकारी मौजूद थे। इसीक्रम में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने सेंट एंड्रयूज इंटर कालेज में शोक सभा आयोजित की।
इस मौके पर प्रांतीय महामंत्री जगदीश पांडेय, रामदीन दूबे, रीता श्रीवास्तव, गंगेश्वर पांडेय, राधेश्याम श्रीवास्तव, धनराज सिंह और डा. धनराज सिंह आदि मौजूद थे।
वहीं अटेवा के सदस्य रमेश मणि त्रिपाठी, धनेश सिंह, शिव प्रसाद शर्मा, रणधीर शाही, पंकज पांडेय, अजीत यादव, डा. टीएन दूबे और दिग्विजय दूबे आदि शिक्षकों ने भी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है।
व्यर्थ नहीं जाएगा शिक्षक का बलिदान: ध्रुव त्रिपाठी
शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हक के लिए संघर्ष कर रहे शिक्षक-कर्मचारियों पर लाठी चार्ज के दौरान पुलिसिया बर्बरता के शिकार हुए शिक्षक का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। शिक्षक रामअशीष सिंह की मौत का नतीजा उत्तर-प्रदेश सरकार को भुगतना होगा। विधायक ने कहा कि दु:ख के इस मुश्किल घड़ी में वह पीड़ित परिवार के साथ हैं।
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के जिला मंत्री राजेश कुमार शुक्ल ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि शिक्षक-कर्मचारियों पर लाठी चार्ज की घटना सरकार के तानाशाही फैसले का नतीजा है।गोरखपुर : पुरानी पेंशन नीति की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर विधान सभा के समक्ष धरना-प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों व कर्मचारियों पर लाठीचार्ज करना बर्बरता की पराकाष्ठा है। गांधीवादी तरीके से हो रहे आंदोलन को कुचलने का यह कुत्सित प्रयास है, लाठीचार्ज के दौरान घायल दो शिक्षकों की मौत हो गई। समस्त शिक्षक समुदाय इससे आक्रोशित है। इसकी जितनी निंदा की जाए, कम है। यह बातें डा. संजयन त्रिपाठी ने कही। वह स्नातक अधिकार मंच के तत्वावधान में बुधवार को नवलायन बेतियाहाता में आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। अध्यक्षता माध्यमिक शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष (शर्मा गुट) श्रीनाथ दीक्षित ने किया। इस अवसर पर दो मिनट का मौन रखकर मृत शिक्षकों के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बैठक में अजय सिंह, संतोष मणि त्रिपाठी, राम मनोहर, अनिल व जेबी सिंह सहित अनेक लोग उपस्थित थे।
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