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Saturday, December 10, 2016

इलाहाबाद : खेल-खेल में पढ़ाने का नायाब तरीका, प्राइमरी स्कूलों में इस नवाचार के सकारात्मक परिणाम

सरकारी स्कूल के शिक्षकों ने खेल-खेल में पढ़ाई का नायाब तरीका अपनाया है। जिले के दो प्राइमरी स्कूलों में इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। ये प्रयोग करने वाली शिक्षिकाओं सलोनी मेहरोत्र और श्वेता श्रीवास्तव को पिछले महीने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वयं अपने हाथों से पुरस्कृत कर हौसला आफजाई की। खेल-खेल में पढ़ाने के नवाचार को श्री अरविन्दो सोसायटी की बुकलेट में भी जगह मिली है। प्राथमिक विद्यालय जैतवारडीह की शिक्षिका श्वेता श्रीवास्तव ने सांप-सीढ़ी खेल के जरिए बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने में सफलता हासिल की है तो वहीं प्राथमिक विद्यालय सहलोलवा करछना की सलोनी मेहरोत्र ग्रिड गेम से बच्चों को पढ़ाई के प्रति आकर्षित कर रही हैं।ग्रिड गेम से कैसे पढ़ाते हैं: ग्रिड गेम बनाने के लिए चॉक से फर्श पर सीधी व क्षैतिज रेखाएं खींच कर ग्रिड बना लें। जिस विषय को छात्रों को पढ़ाना है उससे संबंधित वस्तुनिष्ठ प्रश्न बना लें और फिर इन प्रश्नों के उत्तर ग्रिड पर बने खांचों में लिखें। यह खेल व्यक्तिगत या छात्रों के समूह में खेला जा सकता है। यदि व्यक्तिगत है तो छात्रों से एक-एक करके प्रश्न पूछेंगे व उनको सही उत्तर पर खड़ा होना होगा। जैसे अगर प्रश्न है कि सबसे बड़ा ग्रह कौन सा होता है तो छात्र ग्रिड पर जहां बृहस्पति लिखा होगा, वहां खड़ा होगा। जो छात्र या समूह सबसे अधिक सही जवाब देगा वही विजेता होगा।

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