DISTRICT WISE NEWS

अंबेडकरनगर अमरोहा अमेठी अलीगढ़ आगरा आजमगढ़ इटावा इलाहाबाद उन्नाव एटा औरैया कन्नौज कानपुर कानपुर देहात कानपुर नगर कासगंज कुशीनगर कौशांबी कौशाम्बी गाजियाबाद गाजीपुर गोंडा गोण्डा गोरखपुर गौतमबुद्ध नगर गौतमबुद्धनगर चंदौली चन्दौली चित्रकूट जालौन जौनपुर ज्योतिबा फुले नगर झाँसी झांसी देवरिया पीलीभीत फतेहपुर फर्रुखाबाद फिरोजाबाद फैजाबाद बदायूं बरेली बलरामपुर बलिया बस्ती बहराइच बागपत बाँदा बांदा बाराबंकी बिजनौर बुलंदशहर बुलन्दशहर भदोही मऊ मथुरा महराजगंज महोबा मिर्जापुर मीरजापुर मुजफ्फरनगर मुरादाबाद मेरठ मैनपुरी रामपुर रायबरेली लखनऊ लख़नऊ लखीमपुर खीरी ललितपुर वाराणसी शामली शाहजहाँपुर श्रावस्ती संतकबीरनगर संभल सहारनपुर सिद्धार्थनगर सीतापुर सुलतानपुर सुल्तानपुर सोनभद्र हमीरपुर हरदोई हाथरस हापुड़

Sunday, October 27, 2019

राज्य के विश्वविद्यालयों में नए सत्र से 70 फीसद पाठ्यक्रम होगा एक समान, दूसरे विवि में ट्रांसफर जो सकेंगे छात्र

राज्य के विश्वविद्यालयों में नए सत्र से 70 फीसद पाठ्यक्रम होगा एक समान, दूसरे विवि में ट्रांसफर जो सकेंगे छात्र।   


आशीष त्रिवेदी ’ लखनऊ
राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक में अब 70 फीसद पाठ्यक्रम एक समान पढ़ाया जाएगा। 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विश्वविद्यालय खुद निर्धारित कर सकेंगे। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से न्यूनतम एक समान पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए गठित की गई कमेटी ने 48 विषयों के पाठ्यक्रम तैयार कर लिए हैं। नए शैक्षिक सत्र 2020-21 से इन्हें लागू किया जाएगा। एक समान सिलेबस सिविल सर्विसेज सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अब विद्यार्थी दूसरे विश्वविद्यालय में आसानी से ट्रांसफर भी हो सकेंगे।

एक समान पाठ्यक्रम में भारतीय विद्वानों के योगदान व सिद्धांतों को भी शामिल किया गया है। पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे की अध्यक्षता में कमेटी गठित की गई है। कमेटी के सदस्य प्रोफेसर बीडी पांडेय ने बताया कि 48 विषयों का 70 फीसद एक समान सिलेबस तैयार है। विश्वविद्यालय 30 प्रतिशत अपनी स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार करेंगे। इसमें वह अपने शहर की ऐतिहासिकता, कला व संस्कृति आदि रखेंगे।

प्रो. बीडी पांडेय कहते हैं कि अभी विद्यार्थी के अभिभावक का एक जिले से दूसरे जिले में तबादला हो जाए तो उसे दूसरे विश्वविद्यालय में आगे की पढ़ाई करने का अवसर नहीं मिल पाता। खासकर छात्रओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। 70 फीसद तक पाठ्यक्रम एक समान होने के कारण उन्हें आसानी से दूसरे विश्वविद्यालय में ट्रांसफर किया जा सकेगा। नवंबर में कमेटी की बैठक होगी और वह इस पर अंतिम मुहर लगाएगी।

शैक्षिक गुणवत्ता को धार देंगे एकेडमिक रिसोर्स पर्सन

’>>30 प्रतिशत स्थानीय आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार होगा पाठ्यक्रम

’>>नवंबर में कमेटी की बैठक होगी, जिसमें निर्णय पर लगेगी अंतिम मुहर

No comments:
Write comments